bahan ki chudai ग़लत रिश्ता ( भाई बहन का )
01-09-2019, 01:02 PM,
#1
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ग़लत रिश्ता ( भाई बहन का )

लेखक -आशु
दोस्तो ये कहानी आशु ने लिखी है मैं इसे इस फोरम पर पोस्ट कर रहा हूँ आप सब इस कहानी को ज़रूर एंजाय करेंगे
सोनू अपने स्कूल से घर जाते हुए आज कुछ ज़्यादा ही एक्साइटेड था...होता भी क्यों नहीं, आज उसकी बहन सोनिया जो आ रही थी हॉस्टल से..

सोनू और सोनिया जुड़वां भाई-बहन थे, दोनो अभी 12th क्लास में थे... 

2 साल पहले 10th के बाद उनके पेरेंट्स ने सोनिया को देहरादून के एक हॉस्टिल में पढ़ने के लिए भेज दिया था.

कारण था उसका 10th में फैल हो जाना... 

सोनू अपनी बहन के मुक़ाबले पढ़ाई में होशियार था, पर सोनिया का मन शुरू से ही पढ़ाई में नही लगता था... 9th तक तो वो किसी तरह पास होती रही... पर 10th में बोर्ड के एग्जाम्स थे, इसलिए उसकी कमज़ोरी सबके सामने आ गयी और वो फैल हो गयी... उसके पापा ने तुरंत उसे हॉस्टिल भेजने का इंतज़ाम कर दिया... वो बहुत गिड़गिड़ाई पर पापा का दिल नहीं पसीजा, सोनू भी बहुत रोया जब उसकी बहन जा रही थी... पर वो कुछ नही कर सकता था... पापा का गुस्सा सभी जानते थे... इसलिए उनकी मम्मी भी कुछ नही बोली.

और पिछले 2 सालो में सोनिया में आए बदलाव देखकर सभी को ये संतोष था की उसे हॉस्टिल भेजने का फ़ैसला सही था..

वो पढ़ाई में काफ़ी होशियार हो चुकी थी.

पर उसके घर वालो को ये बात पता नही थी की वो और भी चीज़ो में होशियार हो चुकी है...और वो किन-2 मामलों में होशियार हुई है, ये आपको धीरे-2 पता चल ही जाएगा.

खैर, सोनू जब घर पहुचा तो दरवाजा उसकी बहन ने ही खोला और दोनो एक दूसरे को देखकर चिल्लाते हुए गले लग गये...

''ऊऊऊऊ मेरा बच्चू ...... मेरे सोनू ........ मेरी जान........ ''

सोनिया ने जब उसे ये कहते हुए अपनी बाहों में भींचा तो छोड़ने का नाम ही नही लिया... 

पहले तो सोनू खुशी के मारे कुछ रिएक्ट ही नही कर पाया पर कुछ देर बाद उसे एहसास हुआ तो वो झेंप सा गया... उसकी बहन ने उसे ज़ोर से भींचा हुआ था...सोनू के सीने से सोनिया की ब्रेस्ट बुरी तरह से रगड़ खा रही थी.

सोनू के लिए ये पहला मौका था जब वो किसी लड़की की ब्रेस्ट को इस तरह से महसूस कर पा रहा था... 

उसे अच्छा तो बहुत लग रहा था,पर वो उसकी बहन थी..

उसके अंतरमन से एक आवाज़ आई.. 'ये क्या कर रहा है सोनू... ये तेरी सग़ी बहन है... छोड़ इसे .... ये ग़लत है'

वो तुरंत उसकी पकड़ से छूट गया...

और उसे देखते हुए बोला : "वाव सोनीया........ पूरे 8 महीने बाद आई है इस बार.... आई एम सो हैप्पी टू सी यू ... और तू कितनी बदल गयी है ....... शायद पहले से ज़्यादा मोटी भी हो गयी है...''

सोनू उसे उपर से नीचे तक देखते हुए बोला.

और सोनू का ये कहना बिल्कुल सही था.. बदलने का मतलब उसके कपड़ो से था...

हमेशा शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने वाली सोनिया ने इस वक़्त एक स्लीवलेस टॉप और निक्कर ही पहनी हुई थी... ऐसे फंकी कपड़ो में सोनू ने उसे आज तक नही देखा था... 



और उसे मोटी उसने इसलिए कहा क्योंकि उसकी मोटी-2 टांगे उसने पहली बार देखी थी...
और वो मोटी और चिकनी टांगे किसी फिल्मी हेरोइन से कम नही लग रही थी..और टाइट टॉप की वजह से उसकी छातियाँ भी ज़रूरत से ज़्यादा बाहर निकल कर चमक रही थी... आज से पहले सोनू ने उसकी ब्रेस्ट का साइज नोट नहीं किया था पर ऐसे कपड़ों में वो उन्हें नरअंदाज भी नही कर सकता था 

और कुछ देर पहले सोनू ने जिस तरह से उसके गुदाजपन को महसूस किया था, उसके हिसाब से तो उन छातियों में काफ़ी माल भरा हुआ था.

पर इन गंदे ख्यालों के एक बार फिर से दिमाग़ में आते ही उसने उन्हे झटक दिया... ये कहते हुए... 'ये ग़लत है'.

दोनो अंदर आ गये और बैठकर काफ़ी देर तक एक दूसरे से बात की..

सोनू नोट कर रहा था की सोनिया भी उसे देखकर उतनी ही एक्साइटेड है जितना की वो... 

इस बार वो कई महीनों के बाद वापिस आई थी... और वो भी पूरे 2 महीने के लिए...

वो दोनो बाते कर रहे थे और उनकी मॉम, वाणी अंदर आई और उन्हे खाने की टेबल पर आने को कहा...

वाणी ने भी अपने आप को काफी मेंटेन करके रख हुआ था वाणी एक डॉक्टर थी 

आज घर मे सब कुछ सोनिया की पसंद का ही बना था... वैसे एक ख़ास बात थी, शुरू से ही जो सोनू को पसंद आता था,वही सोनिया को भी पसंद आता था.. इसलिए ये कहना ग़लत होगा की आज सब कुछ सिर्फ़ सोनिया की पसंद का बना था...सोनू को भी ये सब उतना ही पसंद था जितना उसकी बहन को..यानी राजमा-चावल, आलू का रायता, आलू पालक की सब्जी संग परांठे और मीठे में मलाई वाली खीर.

सबने मिलकर खाना खाया और एक बार फिर से दोनो भाई-बहन अपने रूम में जाकर गप्पे मारने लगे..

और अंदर जाते ही सबसे पहला सवाल जो सोनिया ने किया, उसे सुनकर सोनू की सिट्टी पिट्टी गुम हो गयी

वो बोली : "और सुना ब्रो.... तूने साक्षी के साथ कुछ किया क्या... किस्स-विस्स करी क्या उसको...''

साक्षी दरअसल सोनू की क्लास में ही थी... पिछली बार जब सोनिया घर आई थी तो साक्षी उसकी नोटबुक लेने घर आई थी... देखने में वो काफ़ी एट्रेक्टिव सी थी, बिल्कुल रिया सैन जैसी शक्ल थी उसकी... 

उसके चले जाने के बाद सोनिया काफ़ी देर तक सोनू को साक्षी का नाम लेकर छेड़ती रही थी.... और अंत में उसने सोनू से ये बात उगलवा ही ली की वो वन साइडेड उसको लाइक करता है. 

और आज वो ये जानना चाहती थी की सोनू ने उसे किस्स किया या नही.... WTF 

ये कैसी बाते करने लगी है सोनिया एक दम से... इतनी फ्रेंक तो वो पहले कभी नही थी... सपनों को खुद ही शर्म आई की उसकी बहन उससे ये कैसा प्रश्न पूछ रही है... वो झेंप सा गया...

पर सोनिया ने उसका पीछा नही छोड़ा.... वो बार -2 उसकी ही बात करके सोनू को छेड़ती रही...

अंत में सोनू ने उससे पीछा छुड़वाने के लिए बोल ही दिया

''देखो सोनिया.... उसके और मेरे बीच की बात कहाँ तक पहुँची है,इससे तुम्हारा कोई मतलब नही होना चाहिए... मैने तो आज तक तुमसे तुम्हारी लाइफ के बारे में कुछ नही पूछा... तो तुम क्यो पूछ रही हो..''

वो बड़े ही कैज़ुअल तरीके से बोली : "अरे, तो इसमे क्या प्राब्लम है.... तू भी पूछ ले.... मेरी लाइफ के बारे में ...''

उसने ये बात आँख मारते हुए कही....
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01-09-2019, 01:03 PM,
#2
RE: bahan ki chudai ग़लत रिश्ता ( भाई बहन का )
सोनू को थोड़ा अजीब सा लगा उसका ये तरीका...अपने भाई को आँख मारना.

फिर भी उसने दिल कड़ा करके पूछ ही लिया : "अच्छा तो बता तू.... ते.... तेरा कोई बी एफ है क्या वहां पर....''

उसने बड़े ही कूल तरीके से जवाब दिया : "हाँ .... है..''

सोनू की तो दिमाग़ की नसें फूल गयी ये सुनकर...

उसने अपने गुस्से पर कंट्रोल करके पूछा : "और....तूने..... कभी उसे.... आई मीन ....उसके साथ ...''

वो समझ गयी की सोनू उससे वो सवाल पूछने में घबरा रहा है , इसलिए उसने खुद ही उसका सवाल पूरा कर दिया और उसका जवाब भी दे दिया..

''यही ना की मैने उसके साथ किस्सी विस्सी की है या नही..... हाँ किया है... एन्ड आई रियली एंजोएड इट...''

इतना कहते हुए उसने एक बार फिर से उसे आँख मार दी.

सोनू की समझ में नही आ रहा था की वो क्या करे... 

गुस्सा तो बहुत आ रहा था... मन कर रहा था की उसे एक थप्पड़ लगा दे ... 
या मॉम डेड को जाकर बोल दे ... पर वो सब विचार और गुस्सा उसके अंदर ही रह गया...

वो कुछ देर तक उसे देखती रही और बोली : "चिल यार.... इतना टेंशन मत ले.... ऐसा कुछ नही है... मज़ाक कर रही थी...''

इतना कहकर वो बाथरूम में चेंज करने चली गयी.

पर सोनू को पता चल चूका था की वो मज़ाक नही था.... जिस अंदाज से वो बता रही थी, और जिस तरह से उसने किस्स वाली बात को एंजाय करके बताया था, उससे सॉफ पता चल रहा था की वो सच था.

यानी उसकी बहन...इस टीनेज उम्र में , किसी के साथ वो सब करती है..... किस्स करती है... क्या वो कुछ और भी करते होंगे... क्या उस लड़के ने उसके बूब्स भी दबाएँ होंगे....

छी .....ये मैं क्या-2 सोचने लगा.... वो मेरी बहन है.... .... मुझे ऐसा नही सोचना चाहिए... ये ग़लत है.

वैसे भी उसने बाद में बोला था की वो सब मज़ाक था... 

शायद वो सही हो...

मुझे सताने के लिए ऐसा बोल रही हो..

सोनू ने वो सब विचार झटक दिए और अपना नाइट सूट लेकर वो बाथरूम की तरफ चल दिया...

और अंदर घुसते हुए सोनू को इतना भी ध्यान नही रहा की सोनिया अभी कुछ देर पहले ही अंदर गयी है... और उपर से उसकी फूटी किस्मत तो देखो, वो अंदर से दराजा बंद करना भी भूल गयी थी.

सोनू अपनी ही सोच में अंदर घुसा और अंदर का नज़ारा देखकर मेरी आँखे फटी रह गयी.

वो वाश्बेसन पर खड़ी होकर ब्रश कर रही थी... अपनी टी शर्ट उतार चुकी थी और सिर्फ़ ब्रा पहनी हुई थी उसने... और नीचे वही ब्लू कलर की निक्कर...

मुझे अंदर आता देखकर वो एकदम से मेरी तरफ घूमी और बोली : "ओह्ह शिटट्ट , मैं दरवाजा बंद करना ही भूल गयी...आई एम सॉरी सोनू... ''


इतना कहकर उसने किल्ली पर टंगा टावल उठाया और अपने सीने पर चुन्नी की तरह रखकर उसे ढक लिया. और वो भी उसने इसलिए किया ताकि सोनू उसे इस तरह हैरानी से देखना बंद कर दे..
पर तब तक जो नज़ारा सोनू को दिख चुका था, उसका क्या.

वो बेचारा शर्मिंदा सा होकर वापिस बाहर जाने लगा...तो सोनिया ने उसे टोका 

''अरे भाई.... कहाँ चल दिया.... तू आजा,मैं बाहर जाकर चेंज कर लूँगी... मुझे तो इस तरहा ब्रा में नही सोया जाता...और हाँ , इस बार मैं बाहर से बंद कर रही हूँ .... कोई शरारत नही...''

इतना कहकर वो मुस्कुराती हुई बाहर निकल गयी और जाते -2 उसने एक बार फिर से आँख भी मारी.

सोनू की तो कुछ समझ में नही आ रहा था की ये हो क्या रहा है.... इतने कैज़ुअल तरीके से वो क्यों बात कर रही है... वो भी उन टॉपिक्स पर जिनके बारे में उन दोनो ने पहले कभी बात नही की....

पहले वो किस्स वाली बात... और अब ये ब्रा उतारकर सोने वाली बात... वो उसे क्यों बता रही है..

कही वो..... मुझे ..... नही 

नही... नही...

ऐसा नही हो सकता....

एक बार फिर से उसने अपना तकिया कलाम दोहराया.

''ये सब मेरा वहम है... ऐसा नही सोचना चाहिए... ये ग़लत है.''

पर ना चाहते हुए भी उसका ध्यान दूसरी तरफ जा ही नही रहा था... बार-2 अपनी बहन का वो ब्रा वाला सीन उसकी आँखो के सामने आ रहा था.

पता नही और क्या-2 होने वाला था उसके साथ.
सोनू ने अपने कपड़े उतार कर एक निक्कर पहन ली.... अपनी अप्पर बॉडी को वो शीशे में देखकर पोज़ बनाने लगा... कुछ टाइम से उसे जिम जाने का शोंक चढ़ आया था... और आजकल वो बेंच प्रेस वाली एक्सरसाइज काफ़ी करता था... इसलिए उसकी बॉडी में कटाव से नज़र आने लगे थे... वो ये कर ही रहा था की बाहर से सोनिया की आवाज़ आई

"ओ मजनू.... तेरी लैला का मैसेज आया है... बोल रही है की कल उसकी बुक ज़रूर लेता आइयो''

सोनू समझ चुका था की वो साक्षी के मैसेज की बात कर रही थी...

सोनू का दिमाग़ ठनक गया ये सुनकर.... यानी सोनिया ने उसके मोबाइल के मैसेज पढ़ने शुरू कर दिए थे... 

वो तुरंत बाहर आने लगा पर उसने तो बाहर से लॉक किया हुआ था...

सोनिया के हँसने की आवाज़ आई : "हा हा ..... बेचारा..... कैसे तड़प रहा है उसका मैसेज पढ़ने के लिए.... ''

वो अंदर से बड़ी ही बेसब्री भरी आवाज़ में बोला : "देखो दी.... ऐसे किसी के मैसेज पढ़ना ग़लत बात है....''

सोनिया : "अच्छा , बड़ी जल्दी भूल गया तू तो, लास्ट टाइम तूने भी तो मेरे सारे मैसेज पढ़ डाले थे... मेरी और मेरी सहेली की चैट पढ़कर तुझे भी तो बहुत मज़ा मिला था.... और एक को तो तूने रिप्लाइ भी कर दिया था...''
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01-09-2019, 01:03 PM,
#3
RE: bahan ki chudai ग़लत रिश्ता ( भाई बहन का )
सोनू को याद आ गया की उसे छेड़ने के लिए पिछली बार उसने सोनिया के मोबाइल मे सारे मैसेज पढ़ डाले थे... और व्हाटसएप की डी पी देखकर एक दो लड़कियो को कमेंट भी कर दिया था...आज सोनिया उसका पूरा बदला लेने के मूड में थी शायद..

वो गिड़गिडाया : "प्लीज़ सोनिया.....दरवाजा खोलो.... आई एम सॉरी... प्लीज़ खोलो...''

उसे डर था की कहीं सोनिया उसके 'नॉटी बॉयज' ग्रूप के मैसेज ना पढ़ ले... उसका तो आडमिन भी वही था... और उसमें हर तरह के नॉन वेज जोक्स और लड़कियों की न्यूड पिक्स थी ...

सोनिया : "रुक जा ... रुक जा.... थोड़ा मज़ा तो लेने दे पहले तेरी लैला से....''

वो घबरा गया... पिछले कई समय से उसके मन में भी साक्षी के लिए एक सॉफ्ट कॉर्नर था...कही कुछ ग़लत ना लिख कर भेज दे वो उसको...वरना रही सही रेप्युटेशन जो उसने बनाई है, वो भी चली जाएगी...

सोनू (गुस्से में ) : "प्लीज़ यार..... कुछ रिप्लाइ मत करना उसे.... ओपन द डोर...''
बाहर से कोई आवाज़ नही आई.... वो समझ गया की ज़रूर वो अपनी शरारतों को अंजाम देने में लगी है... पर बेचारा अंदर खड़ा हुआ कुछ कर ही नही सकता था...

सोनिया बाहर उसके मोबाइल से मैसेज करने में लगी रही 



और करीब 2 मिनट के बाद दरवाजा खुला तो सोनू लपककर बाहर निकला... और वो सोनिया को धक्का देते हुए उससे अपना मोबाइल छीनने की कोशिश करने लगा... और उस छीना झपटी में दोनो के जिस्म कई बार छुए पर इस वक़्त सोनू को उन सबसे कोई मतलब नही था... वो बस अपना मोबाइल वापिस पाना चाहता था...

और आख़िरकार उसने मोबाइल ले ही लिया...

सोनिया हंस-हंसकर पागल हुए जा रही थी उसका उतावलापन देखकर....

सोनू ने तुरंत साक्षी वाली चैट खोलकर देखी .... सोनिया ने तो अच्छी ख़ासी बातचीत कर ली थी उसके साथ (सोनू बनकर)

सोनिया : "घबरा मत ..... तेरी सेटिंग करवा रही थी... मैने सोचा तुझसे तो होगा नही, इसलिए मैने ही हेल्प कर दी तेरी... अब देखना कल तुझे देखकर क्या बोलेगी....''

सोनू उसे गुस्से से देखता हुआ कमरे से बाहर आया... अपनी टी शर्ट पहन कर वो बाहर निकल गया और घर के सामने बने पार्क में पहुँच गया... और वहाँ जाकर उसने मोबाइल के मैसेज पढ़ने शुरू किए 

साक्षी : "हाय .... कल मेरी बुक याद से ले आना.... 2 दिन से भूल रहा है....''

सोनू (यानी सोनिया) : "ओके .... ले आऊंगा .... उसके लास्ट पेज पर एक लेटर भी होगा... वो भी पढ़ लेना ...''

साक्षी : "लेटर ? कैसा लेटर ?"

सोनू : "लव लेटर ''

साक्षी : "आर यू सीरीयस ?''

सोनू : "यस आई एम ....''

साक्षी : "और मुझे लगा की तुम कभी बोलॉगे ही नही...''

सोनू : "इट मीन्स.. की तुम भी .. वाव...... पर कब से...''

साक्षी : "डफर ..... ऐसे नहीं .... कल मिल ज़रा स्कूल में , बताती हूँ तुझे ... बाय...''

और लास्ट वाली लाइन के बाद उसकी तरफ से एक धड़कता हुआ दिल भी आ चुका था...

यानी जो काम वो पिछले एक साल से करना चाह रहा था वो सोनिया ने 5 मिनट में ही कर दिया.... और वो उसे कितना बुरा भला कह रहा था..

वो तुरंत घर की तरफ चल दिया... उसे अपनी सिस्टर को थेंक्स जो कहना था... जाते हुए उसने उसकी फ़ेवरेट चॉक्लेट कोन वाली आइस्क्रीम भी ले ली..

दरवाजा उसी ने खोला.... और दोनो के चेहरे पर एक ब्रॉड वाली स्माइल थी...
और हंसते-2 सोनिया ने आगे बढ़कर अपने भाई को गले से लगा लिया...



सोनू भी मुस्कुराता हुआ उसके कंधे पर सिर रखकर बोला : "थेंक्स दी.... एन्ड सॉरी ऑल्सो.... मैने बेकार में आपको बुरा भला कहा...''

वैसे तो वो दोनो जुड़वा थे, पर कभी भी सोनिया अच्छा काम करती थी तो सोनू के मुँह से उसके लिए 'दी' निकल ही जाता था...और रिस्पेक्ट भी...

सोनिया ने उसे और ज़ोर से भींचते हुए कहा : "मैने तो पहले ही कहा था की मैने तेरी सेट्टिंग करा दी है... तू ही बेकार में गुस्सा हो रहा था उस वक़्त...''

और इस बार सोनू को एहसास हुआ की उसके साथ क्या हो रहा है... 

वो अपनी बहन के गले से लगा हुआ था जिसने बिना ब्रा के टी शर्ट पहनी हुई थी... और उसने सॉफ महसूस किया की उसकी ब्रेस्ट के निप्पल उसे चुभ रहे है... 

वो हड़बड़ा सा गया... उसकी समझ मे नही आ रहा था की क्या करे और क्या नही... उसने अपनी तरफ से पकड़ ढीली कर दी ताकि वो भी छोड़ दे...पर सोनिया ने और ज़ोर से जकड़ लिया उसे...और उसकी आँखो में देखती हुई बोली : "वैसे मुझे भी तुझे सॉरी बोलना चाहिए...मैने तेरा मोबाइल बिना तेरी इजाज़त के देखा''

सोनू : "अरे नही दी.... इट्स ओके .... ''

वो देखती नहीं तो इतना बड़ा काम होता कैसे 

सोनिया के चेहरे पर शरारती मुस्कान आ गयी और अपने होंठों को तिरछा करते हुए बोली : "पर मैने तेरे 'नॉटी बाय्स' वाले मैसेज भी देख लिए हैं ...''

इतना कहकर वो अंदर भागती चली गयी...और जाते-2 उसने सोनू के हाथ से अपनी चॉकलेट कोन भी झपट ली...

वो भी उसके पीछे भागा पर उसने रूम में जाकर दरवाजा अंदर से लॉक कर लिया , वो बेचारा अपना सिर पकड़कर वही बैठ गया... उसकी समझ में नही आ रहा था की वो अब क्या करे... गुस्सा करे या शर्मिंदा होकर एक कोने में बैठ जाए...

लेकिन जो भी था, आज सोनिया ने वो सारे मैसेज देखकर उसकी प्राइवेट लाइफ को पूरा ख़त्म सा कर दिया था.
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01-09-2019, 01:03 PM,
#4
RE: bahan ki chudai ग़लत रिश्ता ( भाई बहन का )
आगे चलकर वो ना जाने क्या-2 करेगी, ये सोचकर उसे डर लग रहा था.
वो ज़मीन पर बैठा सोच ही रहा था की उसकी मॉम वहां से निकलते हुए बोली : "अर्रे सोनू.... ऐसे नीचे क्यों बैठा है....अंदर जाओ... इट्स टाइम तो स्लीप ....''

सोनू : "मॉम .... वो ..... सोनिया..... अंदर....''

माँ : "ओफफो..... तुम दोनो ने पहले दिन ही लड़ाई शुरू कर दी....''

इतना कहकर वो आगे आई और दरवाजा खड़काकर बोली : "सोनिया.... सोनिया..... ओपन द डोर.....''

उन्हे ज़्यादा कहने की ज़रूरत नही पड़ी.... सोनिया ने तुरंत दरवाजा खोल दिया...और मॉम कुछ बोल पाती,उसने बड़ा ही भोला सा चेहरा बना लिया और बोली : "मॉम .... सोनू मुझे मार रहा था....इसलिए मैने डोर बंद कर लिया...''

सोनू तो उसकी चालाकी देखकर दंग सा रह गया....उसने तो सोचा भी नही था की उसकी बहन चालक भी बन चुकी है... पर वो बेचारा कुछ बोल ही नही पाया...उसे डर था की वो माँ को वो नॉटी बाय्स वाले मैसेज का सच ना बता दे...इसलिए मम्मी की फटकार सुनकर वो चुपचाप अंदर आ गया..

यहाँ मैं आपको बता दूँ की सोनू और सोनिया दोनो एक ही रूम में सोते थे.... ग्राउंड फ्लोर पर मॉम डेड का रूम था, ड्रॉयिंग और किचन भी...और एक गेस्ट रूम था जिसे मॉम ने क्लिनिक़ बना रखा था...अक्सर कई पेशेंट्स वो वहां देख लेती थी...वरना मार्केट में बने एक नर्सिंग होम में वो रैगुलर डॉक्टर थी...

सोनू चुपचाप अंदर आ गया और अपने बेड पर लेट गया...उसने अपना चेहरा दूसरी तरफ कर लिया...सोनिया भी दरवाजा लॉक करके दूसरे बेड पर जाकर लेट गयी...

सोनू के मन में अपनी बहन का ज़्यादा डर नही था, डर था तो बस इस बात का की कल साक्षी क्या बात करेगी उससे, कैसे करेगी.... वो कैसे जवाब दे पाएगा... वगेरह-2..

वो ये सोच ही रहा था की पीछे से आकर सोनिया उसके बेड पर लेट गयी और उसकी पीठ से चिपक कर बड़े ही प्यार से बोली : "सॉरी भाई.... वो क्या था ना की मुझे पिछली बार वाली बात याद आई तो मैने सारे मैसेज देख डाले...''

उसके कहने का तरीका ही इतना मासूमियत से भरा था की सोनू का दिल पिघल गया..

पर साथ ही उसकी हालत भी खराब होने लगी... सोनिया जिस तरह उसकी पीठ पर अपना सीना दबा कर लेटी हुई थी उससे सोनू को 'कुछ-कुछ' हो रहा था..

क्योंकि गौरतलब बात ये थी की दोनो ने सिर्फ़ एक कॉटन की टी शर्ट ही पहनी हुई थी...इस वजह से उसके नन्हे उरोजों पर लगे भाले की नोक जैसे निप्पल उसे पीठ पर सॉफ महसूस हो रहे थे...उसका पूरा शरीर काँप सा गया..

वो शायद समझ चुकी थी, इसलिए शरारती टोन में उसने पूछा : "क्या हुआ... कुछ प्राब्लम है क्या...''

वो जान बूझकर अपनी दबिश उसकी पीठ पर ज़्यादा कर रही थी.... सोनू की तो समझ में नही आ रहा था की वो ऐसा क्यों कर रही है... क्या उसकी बहन उसे रिझाने की कोशिश कर रही है.... पर ये तो ग़लत है ना..

वो तुरंत बोला : "नही...कुछ भी तो नही... चल अब सो जा... गुड नाइट.... मुझे मॉर्निंग में जल्दी उठना है...''

सोनिया बेमन से उठी और जाते-2 बोली : "ठीक है ठीक है... लगता है साक्षी से मिलने की कुछ ज़्यादा ही जल्दी है...''

अब वो बेचारा उसे क्या बोलता...की साक्षी से मिलने की नही बल्कि अपना उभार छुपाने की उसे जल्दी है...
अगली सुबह जब सोनू स्कूल पहुँचा तो उसकी नज़रें साक्षी को ही ढूँढ रही थी...

और जल्द ही उसे वो दिख भी गयी..

वो आज स्कूल ड्रेस में नही थी....आज उसकी बेडमींटन क्लास थी, इसलिए कैजुअल में आई थी वो.. दोनो की नज़रें मिली और दोनो ही मुस्कुरा दिए...



सोनू उसके पास पहुँचा और बड़े ही प्यार से उसे गुड मॉर्निंग कहा.... उसने भी मुस्कुरा कर अपना हाथ आगे करते हुए उसे विश किया..

सोनू वही बेंच पर उसके साथ बैठ गया... उसकी तो हिम्मत ही नही हो रही थी उससे कुछ कहने की...

साक्षी : "मुझे पता था,की तुम सामने आते ही ऐसे हो जाओगे...''

सोनू : "मैं...कैसा ??"

साक्षी ने उसका हाथ पकड़ लिया और उसे दबाते हुए बोली : "अरे बुद्धू , कब सीखोगे....आजकल के लोग कितने फास्ट है...और तुम हो की कुछ समझते ही नही...''

बेचारे सोनू का बुरा हाल था.... साक्षी ने खुले आम उसका हाथ पकड़ा हुआ था... और बोले जा रही थी...उसे डर सा लग रहा था की स्कूल मे दूसरे लोग उसे देखेंगे तो क्या सोचेंगे...उसके दोस्त तो उसकी टाँग खींचना पूरे साल नही छोड़ेंगे...

पर वहां कोई नही था...और होता भी तो उनके स्कूल में तो ये आम बात थी...लगभग हर लड़की का कोई ना कोई बाय्फ्रेंड था...सिर्फ़ सोनू ही ऐसा था जिसकी कोई जी एफ नही थी..

अचानक साक्षी बोली : "वो देखो.....रेणु को....वो अभी हमसे एक क्लास पीछे है...लेकिन बाकी के हर मामले में आगे निकल चुकी है...''
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01-09-2019, 01:03 PM,
#5
RE: bahan ki chudai ग़लत रिश्ता ( भाई बहन का )
रेणु काफ़ी एट्रेक्टिव थी...हर कोई उसे एक बार चलते हुए देख लेता तो आहें भरकर रह जाता...वो अपने छोटे-2 कूल्हे कुछ ज़्यादा ही मटका कर चलती थी...उन्होने देखा की वो अपने बी एफ के साथ जल्दी-2 चलती हुई स्कूल के पीछे वाले एरिया में जा रही है...ये एक ऐसा हिस्सा था जहाँ दो बिल्डिंगो के बीच काफ़ी पेड़ थे, और उनके बीच छुपकर अक्सर प्रेमी लड़के-लड़किया मज़े लिया करती थी...सोनू ने एक दो बार छुप कर वहां के नज़ारे देखे थे, पर बाद में कभी हिम्मत नही हुई उसकी...

साक्षी ने उसका हाथ पकड़ा और उसे लगभग घसीटती हुई उस तरफ ले गयी

''चलो ना.....देखते है,वो आख़िर रोज वहां क्या -2 करते है...''

सोनू का दिल भी धड़क रहा था, वो उसके पीछे चलता चला गया.

बिल्डिंग के पीछे जाकर उन्होने देखा की रेणु और उसका बी एफ एक दूसरे को चूम रहे है...

साक्षी की आँखे गुलाबी हो गयी वो देखकर....उसके हाथ का दबाव सोनू पर बढ़ सा गया...दोनो छुपकर उन्हे देखने लगे..

लड़के ने रेणु के बूब्स प्रेस करे..उसके उपर के 3 बटन खोलकर , उसकी ब्रा को नीचे करके उसने रेणु की नन्ही ब्रेस्ट को सक किया....वो सब देखकर सोनू का तो बुरा हाल था ही, साक्षी के दिल की धड़कने बुरी तहर से धड़क रही थी...

अचानक वो बोली : "तू....तुमने जो कल फोन पर कहा था.... उस...उसका जवाब सुनना चाहते हो....''

सोनू का दिल भी धड़क उठा....वो उसके थरथराते हुए होंठों को देखकर बोला : "हाँ .....बोलो...''
सोनू का इतना कहना था की वो किसी लोमड़ी की तरह उसपर झपटी और अपने गर्म होंठ उसने सोनू के होंठों पर रख दिए और उन्हे जोरों से पीसती हुई बुदबुदाई : "उम्म्म.....आई लव यु .....आई लव यु सोनू.....आई लव यु ....''



और उसने सोनू का हाथ पकड़कर खुद ही अपनी छाती पर रख दिया...और सिसक उठी 

एक तो सोनू की जिंदगी का पहला चुम्मा और उपर से पहली बार वो किसी की ब्रेस्ट को पकड़ रहा था...

एक ही दिन में उसकी जवान होती जिंदगी में 2 झटके लग चुके थे...और वो भी उस लड़की के द्वारा जिसके बारे में सोच सोचकर उसने ना जाने कितनी बार मुठ मारी थी....आज वो खुद ही अपने आप को उसके उपर उड़ेल सी रही थी...साक्षी का मदमस्त शरीर अपनी बाहों में लेकर वो भी फूला नही समा रहा था...और ख़ासकर उसके मोटे-2 मुम्मों पर हाथ रखकर तो उसे मज़ा ही आ गया था....आज उसे पता चला था की ये मम्मे कितने मुलायम होते है...उन्हे दबाने में उसे सच में काफ़ी मज़ा आ रहा था...

अचानक स्कूल की घंटी बज गयी....पहला पीरियड स्टार्ट हो चुका था....रेणु और उसका बी एफ भी वापिस आने लगे...और ये दोनो भी अपनी क्लास में आ गये...

उसके बाद पूरा दिन दोनो एक दूसरे के साथ ही बैठे रहे...साक्षी तो उससे चिपक कर ऐसे बैठी थी जैसे उसके सिवा किसी और का हक ही नही रह गया सोनू पर...

इसी तरह पूरा टाइम बीत गया और स्कूल के बाद खुशी-2 सोनू वापिस घर आ गया...

इस वक़्त घर पर मॉम तो होती नही थी, पापा भी ऑफीस में थे....सोनू के पास शुरू से ही घर की चाबी रहती थी 
वो बेग लेकर अपने रूम में आया तो उसके बाथरूम से शावर की आवाज़ आ रही थी...यानि उसकी बहन नहा रही थी

पर कमरे के फर्श पर बिखरे कपड़ों को देखकर उसका दिमाग़ भन्ने गया...

सोनिया के बिस्तर से लेकर बाथरूम तक उसके कपड़े बिखरे पड़े थे....उसकी शॉर्ट, टी शर्ट और लास्ट में उसकी पेंटी...



और उसके पहनने वाले कपड़े और टावल वहीं उसके बिस्तर पर पड़ा था....यानी वो अंदर नंगी गयी थी और उसे वो सब लेने के लिए बाहर ऐसे ही आना पड़ेगा...एक ही मिनट में सोनू के दिमाग़ में सब बातें घूम गयी...

एक तो वैसे ही साक्षी की वजह से उसका लंड सुबह से अब तक बैठने का नाम नही ले रहा था, उपर से ये सब देखकर उसके दिमाग़ में शैतान ने सिर उठाना शुरू कर दिया...

पर अगले ही पल उसने वो सब विचार अपने दिमाग़ से झटक डाले और कमरे से बाहर निकलता हुआ बोला : "नही...नही...ये ग़लत है...ये ग़लत है...''

वो दरवाजा बंद करके जैसे ही बाहर निकला तो उसे शावर बंद होने की आवाज़ आई...और साथ ही दरवाजा खुलने और सोनिया के गुनगुनाने की आवाज़ भी आई...

उसके पैर वहीँ जम कर रह गये...और वो जाते-2 वापिस पलट गया..
उसके माथे पर पसीना छलक रहा था...उसके दिल की धड़कनें इतनी ज़ोर से धड़क रही थी की उसे डर था की कहीं उसकी आवाज़ सोनिया ना सुन ले...उसका हाथ अभी तक दरवाजे के हेंडल पर था...दरवाजा अभी तक थोड़ा सा खुला हुआ था...

अंदर से आ रही भीनी-2 शेंपू और पानी की महक ने उसे मदहोश सा कर दिया... उसके कदम वहीं जम कर रह गये....

अंदर से उसके गुनगुनाने की आवाज़ आ रही थी..

''मेरे ख्वाबों में जो आए, आके मुझे छेड़ जाए, उससे कहो कभी सामने तो आए....''

उसकी मीठी आवाज सुनकर उसे कुछ - २ हो रहा था , सोनू को आज महसूस हो रहा था की उसके अंदर भी एक शैतान है.... वो शैतान जिसने उसे अपनी बहन के रूम के बाहर अभी तक रोक कर रखा हुआ था... कोई और भाई होता तो कब का नीचे जा चुका होता, पर ये सोनू के अंदर का वो शैतान ही था जो उसे नीचे जाने ही नही दे रहा था...आज सोनू का अपने शरीर पर कोई कंट्रोल ही नही रह गया था..

उसके होंठ तो अभी तक बुदबुदा रहे थे 'ये ग़लत है...ये ग़लत है...'
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01-09-2019, 01:03 PM,
#6
RE: bahan ki chudai ग़लत रिश्ता ( भाई बहन का )
पर उस शैतान को वो शब्द तो जैसे सुनाई ही नही दे रहे थे.... और अंदर से ज़ोर लगा कर उस शैतान ने सोनू के सिर को दरवाजे की झिर्री की तरफ धकेल दिया...

सोनू ने अपनी आँखे बंद कर ली...
उसके होंठ काँप से रहे थे....
और अचानक उसे महसूस हुआ की उसके लंड ने अंगड़ाई लेनी शुरू कर दी है.... 
अभी तो उसने कुछ देखा भी नही .... 
सिर्फ़ अपनी बहन को नंगा देखने की कल्पना मात्र से उसका लंड खड़ा हो चुका था...उसने अपना हाथ नीचे लेजाकर उसे अपनी पेंट के साइड में से घसीट कर सीधा किया....

उसके अंदर से एक आवाज़ आई : 'आँखे खोल सोनू...आँखे खोल....'

सोनू (मन ही मन में) : 'नही.....वो मेरी बहन है....ये ग़लत है...'

अंदर का शैतान गुर्राया : 'क्या ग़लत है....कुछ भी ग़लत नही है.... अभी कुछ साल पहले तक तो तुम दोनो एक दूसरे के साथ एकसाथ नहाया करते थे.... बिना कपड़ों के घूमते रहते थे.... तब क्या वो तेरी बहन नही थी... वो ग़लत नही था क्या.... समय बदला है, तू और सोनिया तो पहले भी ऐसे थे और आज भी ऐसे ही है.... इसलिए कुछ ग़लत नही है...'

सोनू की जैसे अपने खुद के जमीर के साथ बहस चल रही थी.... 
पर असल बात ये थी की सवाल भी वो कर रहा था और जवाब भी वो खुद दे रहा था...

सोनू ने एक और बार कोशिश की : 'पर....समाज की नज़रों में तो ये सब पाप माना जाता है....किसी को पता चल गया तो क्या होगा..'

अंदर से एक और मंझा हुआ सा जवाब आया : 'समाज को कैसे पता चलेगा की इस वक़्त तू क्या कर रहा है... जब तक ये काम छुप कर किए जाए कुछ ग़लत नही है....एक बार देख तो ले की इतने सालो में उसकी बॉडी में क्या-2 बदलाव आए है...'

और आख़िरकार उस 'शैतान' की बातों में आकर उसने अपनी आँखे खोल ही दी..

और जो नज़ारा उन आँखो ने देखा, उसे देखकर तो सोनू का पूरा शरीर काँप उठा...बदन ठंडा सा पढ़ गया अंदर का गर्म नज़ारा देखकर...
अंदर सोनिया ड्रेसिंग टेबल के शीशे के आगे खड़ी होकर पोज़ मार रही थी..

वो पूरी नंगी थी...गीले बालों से निकल रहा पानी उसके बदन पर बूंदे बनकर फिसल रहा था..

उसकी नन्ही मुन्नी सी ब्रेस्ट देखकर सोनू के तो होंठ ही सूख गये...
अपनी जीभ से उन्हे तर करना चाहा पर जीभ भी लक्कड़ बन चुकी थी...
सामने का नज़ारा ही ऐसा था...

सोनू ने उपर से नीचे तक अपनी बहन के शरीर को नाप डाला.... 
बड़े ही क्यूट सी ब्रैस्ट थी उसकी और उतने ही क्यूट से चूतड़ थे उसके.... 
छोटे-2 और गोल मटोल... 
पूरा शरीर एक दम गोरा चिट्टा ....
और छूट पर हल्के फुल्के रोँये थे बस...

सोनू को तो ऐसा लगा जैसे कमरे से निकल रही भीनी खुश्बू उसकी चूत से ही आ रही है...
वो अपनी बहन को हर एंगल से देखता रहा...और देखता भी क्यो नही, वो पोज़ ही ऐसे बना रही थी की उसके शरीर का हर हिस्सा ना चाहते हुए भी देख लिया उसने...
सोनिया के शरीर का पानी तो सूख ही चुका था...उसने गुनगुनाते हुए बेड पर पड़ी पेंटी उठाई और पहन ली...

वो एक सफेद रंग का बॉक्सर टाइप का उंडरवीयर था...जिसमें उसकी नन्ही गांड पूरी समा गयी....

उसने घूम-2 कर अपनी गांड पर कसी हुई पेंटी को शीशे में निहारा... और मुस्कुरा दी.... शायद अपनी फिटिंग देखकर उसे खुद ही मज़ा आ रहा था..
सोनू की नज़रें कभी उसकी कसी हुई गांड पर तो कभी उसके कसावदार मुम्मों पर जा रही थी.... ऐसा नज़ारा उसने आज तक नही देखा था... उसे इस तरह मस्ती में भरकर अपनी बहन को निहारते देखकर अंदर बैठा शैतान भी हंस दिया..

'मैने कहा था ना... कुछ ग़लत नही है.... ऐसा रूप अगर ना देखा तो वो ग़लत होता है... '

अपने 'शैतान' की बात सुनकर उसने भी हाँ में हाँ मिला दी...
अब उसके अंदर की झिझक, शर्म और दुविधा दूर तक दिखाई नही दे रही थी...

पर एक प्राब्लम हो रही थी उसे.... 
उसका लंड फटने जैसी हालत में पहुँच चुका था... ऐसा लग रहा था जैसे उसमें से लावा फूटकर बाहर आ जाएगा...कुछ देर अगर वो और खड़ा रहा तो अपनी पेंट उसने गीली कर देनी थी..

खड़ा तो वो और भी देर तक होना चाहता था...पर उसके लंड के प्रेशर ने उसके कदम हिला दिए....और वो ना चाहते हुए भी नीचे बने बाथरूम की तरफ चल दिया....और वहाँ पहुँचकर उसने अफ़रा तफ़री में अपनी पेंट खोली, अंडरवीयर नीचे किया और अपने अकड़े हुए नागराज को पकड़कर जोरों से मसलने लगा...और जो प्रेशर उसके लंड में काफ़ी देर से बना हुआ था,वो किसी ज्वालामुखी की तरह फट गया...ढेर सारे पेशाब के बाद सफेद रंग का माल निकलकर ज़मीन पर गिरने लगा...हर बूँद के साथ उसके शरीर में मस्ती भरा एहसास दौड़ जाता...उसकी आँखे बंद थी...और बंद आँखो के पीछे उसने लाख कोशिश कर ली की सुबह स्कूल वाली किस्स याद करे इस वक़्त, पर उसकी सोच पर उसका कोई ज़ोर ही नही रह गया था... बार-2 उसकी आँखो के सामने उसकी बहन ही आ रही थी..और आख़िरकार उसके मुँह से निकल ही गया

''ओह...... सोनिया..........उम्म्म्मममम''

सब कुछ शांत होने के बाद उसे खुद पर शर्म आ रही थी...उसने जल्दी-2 अपने कपड़े ठीक किए और पानी डालकर अपने गुनाहों को सॉफ किया..

बाहर आया तो उसकी लाइफ का और भी बड़ा झटका उसका इंतजार कर रहा था..
सोनिया नीचे आ चुकी थी...और वो सिर्फ़ एक शर्ट में थी...

शर्ट में यानी, सिर्फ़ शर्ट में ....

नीचे कुछ नही पहना हुआ था उसने... 

उसकी गोरी-2 टांगे हिप्स तक नंगी होकर अपनी छटा चारों तरफ बिखेर रही थी... इधर-उधर चलने से उसे उसके अंडरवीयर की झलक मिल रही थी जिसे पहन कर अभी कुछ देर पहले तक वो अपने कमरे में पोज़ बना रही थी...और उपर जो शर्ट पहनी हुई थी, उसके नीचे भी उसने कुछ नही पहना था...उसकी नन्ही ब्रेस्ट के उपर चमकते हुए निप्पल सॉफ देख पा रहा था वो...और वो बड़ी ही बेफिक्री से किचन के काउंटर पर खड़े होकर जूस पी रही थी..



हालाँकि अभी एक मिनट पहले ही सोनू ने अपनी बहन को पूरा नंगा देखा था...और उसी को याद करके वो अभी बाथरूम में मुठ्ठ मारकर निकला था... पर बाहर निकलने के बाद उसे इस सैक्सी अंदाज में देखकर उसके अभी-2 झड़े लंड में फिर से कसावट का एहसास होने लगा...

वो अपने लंड को अपने हाथ से दबा कर फुसफुसाया : "ये लड़की तो मरवाएगी मुझे...''

वो ऐसा कर ही रहा था की सोनिया की नज़र उसपर पड़ी....और वो जूस पीते-2 रुक गयी.... उसने तो सोचा भी नही था की सोनू घर आ चुका है...उसे शायद डुप्लीकेट चाबी वाली बात नही पता थी..इसलिए शायद इतनी बेफिक्री से और ऐसे कपड़ों में आराम से पूरे घर में डोलती फ़िर रही थी..

पर एक पल के लिए आए उसके चेहरे के एक्शप्रेशन अगले ही पल गायब भी हो गये और उसने मुस्कुराते हुए सोनू से कहा : "अरे भाई....तू कब आया.... पता ही नही चला....''

वो तो ऐसे बात कर रही थी जैसे उसे कुछ फ़र्क ही नही पड़ रहा था... पर उसे क्या पता था की उसे ऐसी हालत में देखकर सोनू पर क्या बीत रही है....या शायद पता था !
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01-09-2019, 01:03 PM,
#7
RE: bahan ki chudai ग़लत रिश्ता ( भाई बहन का )
सोनू झिझकता हुआ सा किचन की तरफ आया और वहां पड़ी एक चेयर पर बैठ गया...सोनिया ने उसके लिए भी जूस डाल दिया..सोनू भी जूस पीते हुए अपनी बहन को और करीब से देखने लगा..
वो बड़े ही इत्मीनान से अपना जूस पी रही थी.
पर उसकी नज़रें सोनू पर भी थी, वो अपने भाई की नज़रों की चुभन को सॉफ महसूस कर पा रही थी और ऐसा करते हुए उसके चेहरे पर एक शरारती स्माइल भी थी..

"क्या देख रहे हो सोनू....सब ठीक है ना....''

सोनिया की ये बात सुनकर वो हड़बड़ा सा गया...उसके मुँह में गया जूस एकदम से बाहर निकल आया... सोनिया ने जैसे उसकी चोरी पकड़ ली थी , उसकी ऐसी हालत देखकर सोनिया की हँसी निकल गयी और वो खिलखिलाकर हंस पड़ी..

सोनू की समझ में नही आ रहा था की उसे हुआ क्या है...

कुछ देर बाद जब वो हंसी थमी तो वो बोली : "ओह्ह्ह माय गॉड ....आई कांट बिलिव इट.... मेरा भाई मुझे चेक आउट कर रहा था..... हा हा ''

सोनू एकदम से बौखला सा गया....वो बोला : "अर्रे.... न.... नही तो.... ऐसा कुछ नही है.... वो तो मैं बस......आई वाज़ जस्ट....''

बेचारे से बोला ही नही गया....और उसे ऐसे हकलाता हुआ देखकर वो एक बार फिर से हंस पड़ी..

''हा हा .... ओ मेरे भोले भाई...... तुमसे तो झूट भी नही बोला जाता....''

और फिर अचानक उसके चेहरे पर गम्भीरता वाले एक्शप्रेशन आ गये और वो ग्लास को काउंटर पर रखकर उसके पास आकर खड़ी हो गयी....सिर्फ़ 2 फुट की दूरी पर...अब तो सोनू और भी करीब से उसके उठे हुए निप्पल के इंप्रेशन देख पा रहा था...और उसकी टाँगो की चिकनाई देखकर ऐसा एहसास हो रहा था जैसे वो काँच की बनी है...एकदम स्मूथ और गोरी-गोरी...

सोनिया : "तुम्हारे कहने का मतलब ये है की तुम मुझे नही देख रहे थे....क्या मैं हॉट नही हूँ .... ऐसे देखकर तुम्हे कुछ नही हो रहा क्या....''

एकदम से अपने उपर ऐसा प्रहार होता देखकर उसकी तो सिट्टी पिटी गुम हो गयी.... ये कैसा सवाल पूछ रही है उसकी बहन... जिसका जवाब वो ना तो हाँ में दे सकता है और न ही ना में ..

सोनू : "पर...पर ये तुम मुझसे क्यो पूछ रही हो..... और ऐसी ड्रेस में ... क्यो.... तुम घूम रही हो घर में ...''

उसने बोल तो दिया पर अंदर ही अंदर वो जानता था की अपनी बहन को ऐसी ड्रेस में देखकर उसे कितना मज़ा आ रहा है...
वो उसके और करीब आई और सिप लेकर उसकी आँखो में झांकती हुई बोली : "क्यों .... इसमें क्या प्राब्लम क्या है....''



वो फिर से हकला गया...उसका गला चॉक हो गया 

"देखो....दी....ये...मेरा मतलब... मॉम या डेड देखेंगे तो वो क्या बोलेंगे....''

सोनिया : "और तुम.... तुम्हे तो बुरा नही लग रहा ना...''

सोनू : "वो...मैं ..... आई मीन..... मुझे क्यों ....''

वो मुस्कुरा दी और बोली : "वही तो.....देखो भाई, मुझे तो अपने होस्टल में ऐसे ही रहने की आदत है... ज़्यादा कपड़ो में ना तो मैं घूम सकती हूँ और ना ही सो सकती हूँ .... इंफेक्ट वहां तो मैं न्यूड ही सोया करती थी....वो तो तुम्हारी वजह से मुझे यहाँ थोड़ा डिसेंट होकर रहना पड़ रहा है....वरना...''

उसने बात अधूरी छोड़ दी...पर जितनी बात कही थी,उसे सुनकर सोनू का मुँह खुला का खुला रह गया..

सोनिया तो उसके बाद शुरू ही हो गयी बोलना

''देखो यार... तुम्हारे और मेरे बीच में ये सब फॉरमेलिटीस नही होनी चाहिए...आई मीन भाई बहन टाइप की.... जस्ट बी माय फ्रेंड.... मेरे दोस्त बनकर रहो ना... ऐसे हर बात पर , हमारे रिश्ते की, सोसायटी की या मॉम डेड की दुहाई देना बंद करो.... उन सबसे मुझे कोई मतलब नही है.... तुम मेरे भाई हो... मेरी लाइफ के सबसे करीब तुम हो .... और तुम्हारे साथ मैं वैसे ही रहना चाहती हूँ जैसे मैं खुद के साथ रहती हूँ .... वो सब बाते , जो मैं अंदर ही अंदर खुद से किया करती हूँ ,मैं चाहती हूँ की तुम उन्हे सुनो... अपनी सुनाओ... तुम्हारे और मेरे बीच किसी भी बात को लेकर ना लड़ाई हो, ना मनमुटाव हो और ना ही परदा हो...''

उसकी ऐसी बातें सुनकर वो अचंभित सा रह गया.... वो इस वक़्त ऐसी बातें कर रही थी जैसे कोई प्रवचन दे रही हो... और अंदर ही अंदर वो सब सोनू को बहुत अच्छा लग रहा था..

पर फिर भी सोनू ने कहा : "पर....ये ... ये ग़लत है दी...''

वो एकदम बिफर सी गयी 'ये ग़लत है' सुनकर....

वो लगभग चिल्लाती हुई बोली : "क्या ग़लत है... बोलो.... हम बचपन मे एक दूसरे के साथ ऐसे ही रहा करते थे ना, तब ठीक था, अब ग़लत क्यों ?..सिर्फ़ बॉडी से ऐसे रिश्ते होते है क्या...हमारी बॉडी अब वैसी नही रही तो हमारे नज़रिए फ़र्क में आ जाएगा क्या ?... वो ग़लत नही है क्या ??.... अपने भाई को एक दोस्त मानने की बात कर रही हूँ , ये ग़लत है क्या ?... डेम इट ... हम सैक्स नही कर रहे और अगर कर भी रहे होते तो दुनिया में किसी से डरने की ज़रूरत नही है हमें...''

सोनू फटी आँखो से उसे देखता रह गया...

सोनिया : "ओह....आई एम सॉरी... ये लास्ट वाली लाइन के लिए, आई थिंक ये कुछ ज्यादा हो गया .... बट ट्राइ टू अंडरस्टॅंड सोनू.... इन खोखले रीति रिवाजों और रिश्तों के जंजाल में फंसकर अपनी लाइफ को हेल मत बनाओ.... मैने देखी है ओपन लाइफ... हॉस्टिल लाइफ.... वो जिंदगी जीने के बाद इस तरह घुटन भरी जिंदगी मुझसे नही जी जाएगी....''
इतना कहकर वो एकदम चुप सी हो गयी....और चेयर पर बैठकर उसने अपना सिर काउंटर पर रख दिया और अपना चेहरा छुपा लिया... सोनू को लगा की वो रो रही है... लेकिन जब उसके करीब गया तो वो कुछ सोच रही थी...
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01-09-2019, 01:03 PM,
#8
RE: bahan ki chudai ग़लत रिश्ता ( भाई बहन का )
उसके मासूम से चेहरे को देखकर और उसके अंदर चल रहे अंतर्द्वंद को समझकर सोनू का दिल पसीज गया.... वो उसके साथ वाली चेयर पर बैठ गया और अपनी एक बाजू उसके पीछे से लेजाकर उसे अपनी तरफ खींच लिया और उसे अपने सीने में समेट कर हग कर लिया... और बोला : "आई एम सॉरी दी.... आई थिंक तुम सही कह रही हो.... हमें इन सब बातों की चिंता नही करनी चाहिए...''

उसकी बात सुनकर सोनिया का चेहरा खिल उठा...वो उछल पड़ी और बोली : "सच.... वाउ .... मुझे खुशी है की तू मेरी बात समझता है...''

सोनू : "यस ... मैं तो समझ गया ... पर माँ - पापा .... उनके सामने भी क्या तुम ऐसे ही ...''

सोनिया : "पागल है क्या..... मुझे माँ का लेक्चर नही सुनना, वरना वो तो मुझे कल ही वापिस बुला लेंगी.... और मैने तो अभी कॉलेज लाइफ भी देखनी है वहाँ की....''

वो जैसे कहीं खो सी गयी.... सोनू समझ गया की वो इस वक़्त खुली आँखो से आने वाली लाइफ के सपने देख रही है...

और सपने तो सोनू भी देखने लग गया... जो बातें सोनिया ने कही थी, उनके बारे में सोचकर उसके दिल मे गुदगुदी सी हो रही थी... और वो जानता था की अब उसकी लाइफ में बहुत कुछ बदलने वाला है...
कुछ ही देर में दोनो अपने-2 बेड पर जाकर सो गये... सोनिया को हमेशा से ही लाइट बंद करके सोने की आदत थी और सोनू को लाइट जलाकर..इसलिए अक्सर दोनो मे बहस होती थी... 
पर इस बार जब से सोनिया वापिस आई थी, सोनू उस बात को लेकर झगड़ा ही नही...

सोनिया ने लाइट ऑफ की और उछलकर अपने बिस्तर में घुस गयी... 
सोनू उसकी तरफ करवट लेकर सोया हुआ था, खिड़की से आ रही हल्की चाँदनी में उसे अपनी बहन का उठता-गिरता सीना सॉफ नज़र आ रहा था...उसने अपने दिल को लाख समझाया पर उसकी नज़रें वहां से हटी ही नही... 
हल्की चाँदनी में उसका मासूम सा चेहरा कितना प्यारा लग रहा था... 



अगर वो उसकी बगल में सो रही होती तो वो उसके माथे को चूम लेता.... 
या शायद होंठों को....... 

उसके होंठों को चूमने का ख्याल आते ही उसने अपने सिर को झटका दिया.... और मन ही मन बड़बड़ाया 'नही नही... वो मेरी बहन है... ऐसे कैसे मैं उसके लिप्स पर किस्स कर सकता हूँ .... ये तो बिल्कुल ग़लत है...'

और शायद इस बार उसने कड़ा दिल करके ये बात कही थी, इसलिए उसकी नज़रें उसकी बात मानकर नीचे झुक गयी....बंद हो गयी...

वो सोने की कोशिश करने लगा... पर कुछ ही देर में सोनिया को उसके बिस्तर में कसमसाते देखकर वो एक बार फिर से टकटकी लगाकर देखने लगा... उसे लगा था की वो सो चुकी है...पर वो जाग रही थी.

उसकी नज़रें सोनू की तरफ ही थी... सोनू के बेड पर घुप्प अंधेरा था... पर फिर भी सोनू ने अपनी आँखे भींच कर इतनी बंद कर ली की वो दिख भी रहा होता तो सोया हुआ ही लगता...वो सोनू को ही देख रही थी,शायद ये देखने की कोशिश थी की वो सो गया है या नही...

कुछ देर तक उसे देखते रहने के बाद सोनिया का हाथ चादर के अंदर चला गया...और फिर धीरे-2 उसका पूरा शरीर लहराने लगा... जैसे समुंदर में लहरे उठती है,ठीक वैसे ही...

एक पल के लिए तो सोनू को लगा जैसे उसकी तबीयत खराब हो रही है... वो काँप सी रही थी... उसके मुँह से अजीब सी आवाज़ें निकल रही थी.... वो उठकर उसके करीब जाने ही वाला था की उसके मुँह से एक तेज सिसकारी निकली...

''सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स..... आआआहह.....''

और ये ठंडी सी सिसकारी ऐसी थी की उसे सुनकर सोनू समझ गया की वो क्या कर रही है...

वो मास्टरबेट कर रही थी...

यानी उसकी बहन, उसी के सामने अपनी चूत में उंगलियाँ डालकर मुठ्ठ मार रही थी...
उसके मास्टरबेशन की कल्पना मात्र से ही सोनू का शरीर काँप उठा.... वो एकदम ठंडा सा पड़ गया... उसके दिल की धड़कने इतनी ज़ोर-2 से चलने लगी मानो वो सीना फाड़कर बाहर आ जाएँगी...

सोनू ने ज़ोर से अपनी आँखे मूंद ली, पर उसकी बहन की एक और सिसकारी ने उसे आँख खोलने पर मजबूर कर दिया... वो पूरे उन्माद में आकर अपनी चूत को मसल रही थी....
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01-09-2019, 01:03 PM,
#9
RE: bahan ki chudai ग़लत रिश्ता ( भाई बहन का )
अचानक उसने एक जोरदार झटके से अपनी चादर उतार फेंकी... और हल्की रोशनी में उसकी कमर के नीचे का हिस्सा देखकर सोनू की रही सही हिम्मत भी जवाब दे गयी... वो नीचे से पूरी नंगी थी... चादर के नीचे उसने कब अपना लोवर निकाला,कब नीचे से नंगी हुई,वो जान ही नही पाया...

चाँद की हल्की रोशनी में उसकी चमकती हुई जाँघ और गांड वाला हिस्सा ऐसे लग रहा था मानो कोई चिकना तरबूज हो... और उसकी स्मूथ टाँगो को होले -2 मचलते देखकर उसका लंड कब खड़ा हो गया , उसे भी पता नही चला..

उसके भैय्या-वादी दिल ने एक आख़िरी कोशिश की : 'पलट कर दूसरी तरफ सो जा सोनू, वो तेरी बहन है... अपनी बहन को ऐसी हालत में देखना पाप है... वो अगर बेवकूफी कर रही है तो तू अपनी समझदारी से काम ले.. दूसरी तरफ घूम जा और उसे अपना काम करने दे.. तू सो जा सोनू, तू सो जा... ये ग़लत है ...'

कुछ देर तक वो सोचता रहा पर फिर उसके दिमाग़ ने वही रटा - रटाया जवाब अपने दिल को सुना दिया जो अभी कुछ देर पहले उसकी बहन ने उसे सुनाया था... वो बचपन में साथ खेलने वाला.... बॉडी में ही तो फ़र्क आया है, रिश्ते में नही.... वेगेरह -2 ..

उस दलील को सुनकर तो सोनू पहले भी शांत हो गया था और अब फिर से शांत हो गया...

और रही - सही कसर सोनिया ने पूरी कर दी

सोनिया ने एक झटके में अपनी टी शर्ट को निकाल फेंका... और फिर से अपने काम में जुट गयी... अब वो पूरी नंगी होकर अपनी चूत में उंगलबाजी कर रही थी..



उसे ऐसी हालत में देखकर उसके दिमाग़ के शैतानी हिस्से में नये-2 प्लान आने लगे...

की ऐसे में अगर वो लाइट जला दे तो उसे चादर पहनने का भी टाइम नही मिलेगा... 
वो उसके सामने नंगी पड़ी होगी, और उसके बाद वो उसे ब्लेकमेल करके कुछ भी करवा सकता था...कुछ भी..
पर अगले ही पल वो खुद ही बोल पड़ा, नही यार, इतना भी कमीना नही हूँ मैं ... ये सब अलग बातें है, पर अपनी बहन के साथ मैं ऐसा हरगीज़ नही कर सकता...

और इस बात ने उसके दिल को एकदम बदल सा दिया... वो भावुक सा हो गया और वो करवट बदलकर दूसरी तरफ होने लगा... 

पर जैसे ही वो थोड़ा सा हिला, सोनिया एकदम से चौकन्नी हो गयी ... उसने चादर से अपने शरीर को ढक लिया और कुछ देर तक सोनू की बॉडी में जब कोई और हरकत नही हुई तो वो धीरे से बोली : "सोनू..... ओ सोनू..... सो गया क्या....''

सोनू बेचारे की समझ में नही आ रहा था की क्या करे... वो कुछ नही बोला... बस आँखे बंद करके सोने का नाटक करता रहा...

अचानक सोनिया अपने बेड से उठ खड़ी हुई...और सोनू की तरफ आने लगी..उसने चादर लपेट ली थी अब. 

उसने बड़ी मुश्किल से अपने जज्बातों पर काबू किया और आँखे बंद करके नॉर्मल तरीके से सोने का नाटक करने लगा..

वो उसके करीब तक आई, नीचे झुककर उसके चेहरे को देखा, और अपना हाथ उसके गाल पर रखकर उसे थपथपाया और होले से फुसफुसाई : "मेरा डार्लिंग भाई.... गुड नाइट....'' 

और इतना कहकर वो उठकर चली गयी...

सोनू ने तुरंत अपनी आँखे खोली, और उसने जो देखा,उसे देखकर एक इंसान का अपने उपर काबू रखे रखना बड़ी मुश्किल का काम होता है...

उसने देखा की उसके चेहरे से सिर्फ़ एक फुट की दूरी पर जाकर सोनिया ने वो चादर , जो उसने अपने बदन पर लपेट रखी थी, उसे नीचे गिरा दिया.... और उसके संगमरमर जैसी गोरी-2 गांड ठीक उसके चेहरे के सामने उजागर हो गयी... 



और उपर से , सोने पर सुहागा ये था की, खिड़की की रोशनी ठीक उनपर पड़ रही थी, उस चाँद की चाँदनी में नहाकार ,ये चाँद भी दमक उठा था...

उसकी दोनो टाँगो के बीच हल्का सा गेप था, जिसके दूसरी तरफ उसे सोनिया की चूत के कसे हुए होंठ तक नज़र आ रहे थे... कमाल का एंगल था उस वक़्त...

पर एक पल के लिए मिले इस नज़ारे को देखकर सोनू का लंड बुरी तरह से अकड़ गया... उसने लाख कोशिश करके उसे नीचे बिठाया पर वो किसी तंबू की तरह चादर में खड़ा रहा... ऐसे में अगर सोनिया लाइट जलाकर उसके लंड वाले हिस्से को देख लेती तो उसका झूट-मूठ सोने का नाटक अभी ख़त्म हो जाता...
सोनिया ऐसे ही नंगी चलती हुई अपनी अलमारी तक गयी 



और उसने उसे खोलकर अपने बेग की अंदर वाली जीप से कुछ निकाला और फिर वापिस आकर बेड पर लेट गयी...

सोनू बड़े ही ध्यान से उसे देख रहा था... 
उसके हाथ में रिमोट जितना लंबा सा कुछ था... 
वो कुछ समझ पता, इससे पहले ही उसे हल्की गररर्रर की आवाज़ सुनाई दी... 
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01-09-2019, 01:04 PM,
#10
RE: bahan ki chudai ग़लत रिश्ता ( भाई बहन का )
उस रिमोट जैसी चीज़ में शायद एक मोटर थी... 
और वो रिमोट नही था... 
एक डिल्डो था... 
यानी प्लास्टिक का लंड...

डिल्डो की कल्पना मात्र से ही सोनू का शरीर पसीने-2 हो गया.... 
उसकी कमसिन बहन के पास ये कहाँ से आया... 
शायद हॉस्टल में किसी लड़की ने दिया होगा.... पर इतनी कच्ची उम्र में वो अपनी चूत के अंदर इतने लंबे डिल्डो को कैसे लेती होगी.... इस कल्पना मात्र से ही उसके पसीने छूट गये.. यानी उसकी बहन वर्जिन नही है... उसने इस प्लास्टिक के लंड को अंदर डालकर अपनी सील तोड़ ली है...

पर जैसा उसने सोचा था, वैसा कुछ था नही... जब वो बेड पर लेटी और उसने वो लंबा सा डिल्डो अपनी चूत के मुहाने पर रखा तो उससे आगे वो गया ही नही.... उसकी चूत थी ही इतनी टाइट... यानि वो उसे चूत के मुहाने पर घिसकर ही मजे ले रही थी.
उसकी बहन की सील अभी तक सलामत है, ये सोचकर ना जाने क्यों उसे अंदर ही अंदर थोड़ा सकून मिला । 

भले ही कमरे में अंधेरा था, पर हल्की चाँदनी में वो उसकी चूत के कसे हुए लिप्स और उसके दरवाजे पर घिसाई करता हुआ डिल्डो सॉफ देख पा रहा था... वो अपनी चूत के अधखुले होंठों के मुहाने पर उस मोटर वाले डिल्डो से घिसाई कर रही थी... और अंदर से आ रही वाइब्रेशन को अपनी चूत पर महसूस करके, उसकी तरंगो पर किसी जल बिन मछली की तरह मचल रही थी..एक हाथ से वो अपना मुम्मा दबा रही थी और दूसरे से डिल्डो को अपनी चूत पर रगड़ रही थी 



सोनू सोच रहा था की काश वो इस सीन को मोबाइल पर रेकॉर्ड कर पाता...
पर ऐसा घटिया विचार आते ही उसे खुद से घृणा होने लगी.... 
एक तो वो अपनी बहन को मास्टरबेट करते हुए देख रहा था, जो एकदम नेचुरल प्रोसेस होती है, उपर से उसके बारे में गंदा सोचते हुए, उसकी फिल्म बनाने की भी सोच रहा था... इतना घटिया वो कब हो गया... ये सोचकर उसने एक बार फिर से पलट कर सो जाने की सोची...

पर...

तभी उसे सोनिया के बुदबुदाने की आवाज़ें सुनाई दी...
'ओह....... उम्म्म्ममममममममममम..... एसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स.... लिकक्ककककक इट....... ज़ोर से........ अहह मेरा बच्चा ....... उम्म्म्ममम माय बैबी .....''
अब वो डिल्डो को साइड में रखकर अपनी उँगलियों से ही अपनी चूत के दाने को रगड़ रही थी 



सोनू समझ गया की हो ना हो वो इस वक़्त ज़रूर अपने किसी बाय्फ्रेंड को याद करके ऐसा बोल रही है.... 
उसने भी अक्सर साक्षी के बारे में सोचकर मूठ मारी थी... और वो भी जब झड़ने लगता था तो साक्षी का नाम लेकर, उसे गालियाँ देकर झड़ने में उसे बहुत मज़ा आता था.

पर आगे जो सोनिया ने कहा, उसे सुनकर तो सोनू का दिमाग़ एकदम से सुन्न सा हो गया.

वो कसमसाते हुए फुसफुसाई...

''ओह मेरा बच्चा ..... सोनू......... माय डार्लिंग....... मेरे भाई ....लीक इट...... ज़ोर से..... अहह अहह ऑफ़फ़फ़फ़ उम्म्म्मममम सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स.....''



और इसके साथ ही उसका शरीर बेड पर किसी कमान की तरह तिरछा हुआ...और फिर धड़ाम से उसकी गद्देदार गांड बिस्तर पर आ गिरी....

सोनू दूर लेटा देख पा रहा था की उसके पूरे शरीर पर पसीने की बूंदे चमक रही थी...



पर उन बूँदों से ज़्यादा उसे इस बात की चिंता थी की उसकी बहन ने आख़िर उसका नाम क्यों लिया... यानी वो उसके बारे में सोच रही थी... 

वो ये सोचता रह गया और सोनिया चादर तान कर ऐसे ही नंगी, बेड पर सो गयी..

पर सोनू काफ़ी देर तक उस बारे में सोचता रहा... हर तरह की अटकले लगाता रहा... और आख़िर में उसने निशचय कर लिया की कल वो सोनिया से इस बारे में खुलकर बात करके रहेगा... वरना वो कभी भी चैन से सो नही पाएगा...

अगली सुबह सोनू के स्कूल की छुट्टी थी...वाल्मीकि जयंती की..इसलिए वो 9 बजे तक सोता रहा...और सोनिया तो थी ही एक नंबर की आलसन, वो भी बेसुध सी होकर सोई पड़ी थी..

सोनू की मॉम कमरे में आई और दोनो को आवाज़ लगाकर उठने को कहा..
सोनिया तो सोई रही पर सोनू को नीचे उठकर जाना पड़ा, वो क्लिनिक के लिए निकल रही थी...
दरवाजा बंद करके वो वापिस आकर सो गया..पर अब उसे नींद नही आ रही थी...
उसके दिमाग़ मे रात वाली बातें एक बार फिर से ताज़ा हो गयी की कैसे उसने अपनी बहन को मास्टरबेट करते हुए देखा...
उसके नंगे जिस्म को इतने करीब से देखा उसने...
उसे डिल्डो का इस्तेमाल करके झड़ते हुए देखा...
और अंत मे जब उसने उसका नाम लेकर वो सिसकारी मारी थी, उसे याद करके सोनू का लंड एकदम तन्ना सा गया... वैसे भी रोज सुबह उसका लंड खड़ा रहता था, पर आज तो कुछ ज़्यादा ही था.

अब उसके दिमाग़ में सिर्फ़ एक ही बात चल रही थी की उस बात को कैसे पूछा जाए...

कुछ देर में वो भी उठ गयी....और गुड मॉर्निंग बोलकर अपनी आँखे मलती हुई बाथरूम में घुस गयी...

वो फ़ौरन उठा और भागकर उसके बिस्तर तक गया.... और जैसा उसने सोचा था, उसके पिल्लो के नीचे उसे वो वाइब्रेटर मिल ही गया...

उसने वो उठा लिया... उसे छूकर और इस कल्पना मात्र से ही की वो उसकी बहन की चूत को ना जाने कितनी बार घिस चुका है, उसके लंड का पारा उपर तक जा पहुँचा...

ना चाहते हुए भी उसके हाथ से डिल्डो का बटन ऑन हो गया...और एक सुरीली सी आवाज़ के साथ वो उसके हाथ में फड़फड़ाने लगा...

उसमे से निकल रही वाइब्रेशन को महसूस करके उसका शरीर गुनगुना उठा.... 
वो अंदाज़ा लगाने की कोशिश करने लगा की इसे चूत पर लगाकर कैसा फील करती होंगी लड़कियाँ...

पर वो ये सोच ही रहा था की अपने मुँह में ब्रश डाले सोनिया बाथरूम से बाहर निकल आई....
और सोनू के हाथ में अपनी पर्सनल प्रॉपर्टी देखकर वहीं के वहीं जम कर रह गयी...

दोनो की नज़रें मिली, पर कोई कुछ ना बोला.... पूरे कमरे में सिर्फ़ मोटर की गुर्र्रर गर की आवाज़ आ रही थी.

थोड़ी देर बाद जैसे सोनिया को होश सा आया.... 
वो भागकर बाथरूम में गयी और कुल्ला करके वापिस आई और लपककर उसने वो डिल्डो पकड़ लिया... 
पर सोनू भी तैयार था... उसने वो छोड़ा ही नही... 
डिल्डो का उपर वाला हिस्सा सोनिया के और नीचे वाला सोनू के हाथ में था... 
और उसमे से निकल रही तरंगे दोनो के शरीर को झनझना रही थी..

कुछ देर तक पूरी सिचुएशन को अच्छी तरह से समझने के बाद सोनिया थोड़ी कॉन्फिडेंट सी हो गयी और ऐसी स्थिति में अपने भाई के साथ खड़ी होने के कारण उसकी हंसी निकल गयी.
सोनिया के मुँह से जब हँसी निकली to वो मुस्कुराते हुए बोली : "ओ पागल... पता भी है ये क्या है... बेकार में मेरी चीज़ों पर नज़र ना रखा कर...''

सोनू : "अच्छी तरह से पता है मुझे की ये क्या है....मैं अब बच्चा नही रहा..''

सोनिया का चेहरा थोड़ा शरारती हो उठा... 
वो अपनी कमर को मटकाती हुई बड़े ही सेंशुअल स्टाइल में आगे आई और बोली : "अच्छा जी... तो मेरा भाई जवान हो गया है.... उसे सब पता है.... अच्छा तो बताओ... क्या है ये... और क्या यूज़ है इसका...''

वो मज़े लेने के मूड में आ चुकी थी.... 
उसे अब इस बात की ज़रा भी चिंता नही रह गयी थी की उसके भाई ने इतनी निजी चीज़ पकड़ ली है उसकी... 
बल्कि वो अब इस सिचुएशन को एंजाय कर रही थी...
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