Desi Porn Kahani कहीं वो सब सपना तो नही
07-10-2019, 03:21 PM,
#11
RE: Desi Porn Kahani कहीं वो सब सपना तो नही
तभी बुआ रुक गयी,,,,मुझे लगा की शायद बुआ का हो गया लेकिन बुआ ने मुझे हैरान
कर दिया उनके हाथ मे एक पिंक कलर का नलकी लंड था उन्होने उस लंड को अपने मूह मे
ले लिया ओर चूसने लगी ओर साथ-2 अपनी चूत पे उंगली करने लगी,, मुझे नई पता था
की मेरी बुआ एसी है जो नकली लंड से मज़ा लेती है तभी तो वो अपने रूम को लॉक
करके जाती थी हमेशा,,,बुआ को देख कर इधर मैने भी अपना लंड अपने हाथ मे ले
लिया ओर आयिल लगा कर मालिश करने लगा ,,बुआ ने नकली लंड को मूह से निकाला लंड
पूरी तरह थूक से भीगा हुआ था,,बुआ ने अपनी एक टाँग उठा कर फिर से टाय्लेट
सीट पे रखी ओर लंड को चूत मे गुस्सा लिया ,आहह हयीईईई
उउउहह उउउम्म्म्ममममममममममममममम आआआआआआआआअहह बुआ
एक हाथ से लंड पेल रही थी ओर एक से अपने बूब्स को मसल रही थी इधर मैं भी
पूरी मस्ती से लंड को मसल रहा था,,,मैं यही सोच राह था की बुआ की चूत मे
नकली लंड नही मेरा ये असली मूसल लंड है,,क्या माल लग रही थी मेरी बुआ एक
दम मस्त ,,2 मिंट चूत मे लंड पेलने क बाद बुआ ने लंड को चूत से निकल कर मूह
मे ले लिया ओर चूसने लगी फिर बुआ टाय्लेट सीट पे हाथ रखके आगे की ओर झुक गयी
ओर लंड को अपनी गंद मे लेने लगी लेकिन लंड गंद मे नही गुस्सा ,,बुआ ने दोबारा ट्राइ
किया पर बात नही बनी फिर बुआ ने पास ही पड़ी हुई बॉडी लोशन की बॉटल उठाई
ओर थोडा सा बॉडी लोशन नलकी लंड पे ओर थोड़ा अपनी गंद पे लगाया ओर फिर से ट्राइ
किया इस बार आधा लंड गंद मे चला गया बुआ आधा लंड ही अंडर बाहर करने लगी
2 मिनिट बाद बुआ ने पूरा लंड गंद मे ले लिया ओर तेज तेज पेलने लगी अहह
उूुुुुुुुुुुुुुुउऊहह बुआ के हाथ की स्पीड भूत तेज थी जैसे कोई
मर्द उनकी गंद मे लंड पेल रहा हो,,,इधर मेरे हाथ की स्पीड भी तेज होने लगी,
कुछ ही देर बाद फिर बुआ ने अपनी तंग टाय्लेट सीट पे रखी रो लंड को चूत
मे ले लिया ओर एक हाथ से बूब्स को मसालने लगी आआअहहाआआआआआआहह
ऊऊऊऊऊओह हहयययययययययययययईईईईईईईई ईएहह
हमम्म्मममममममममममममममममममममममममममममम ऊऊऊहह
लंड पूरी स्पीड से अंदर बाहर हो रहा था अब बुआ की आवाज़ तेज होने लगी ,,मैं
समझ गया बुआ झड़ने वाली नही मैने भी अपने हाथ को लंड पे ते कर दिया 2 मिनिट
बाद मैं भी बुआ क साथ झड़ गया,,,,बुआ ने अपने कपड़े पहने ओर लाइट ऑफ करके
बाहर चली गयी,,मैने भी लंड को सॉफ किया शावर लिया ओर बाहर जाके सो गया,,,


नेक्स्ट डे सनडे था सभी लोग घर पे होते है इस दिन कुछ ख़ास नही हुआ,,,,मंडे
को मैं कालेज गया ओर आज भी पूरा दिन कालेज मे बोर होता रहा घर वापिस आके भी
वही रोज का काम वीडियो गेम,,,,,,,अब तो मुझे रात का इंतज़ार था ,,,,डिन्नर करके
मैं रूम मे आ गया ओर 10:30 बजने की वेट करने लगा ,,,10:30 बजे ओर मैं बाथरूम
घुस गया शावर आन करके कपड़े उतारे ओर लाइट ऑफ कर दी,,,बॉक्स खोल कर होल से काग़ज़
निकाला ओर बुआ के बाथरूम मे देखने लगा आज भी मैं पूरे टाइम पे था बुआ नहा
रही थी आज भी मैने बुआ को देखा ओर मुठ मारी,,,,,,,अगले 2-3 दिन यही होता रहा
मों को देखना चाहता था पर कालेज जाना ज़रूरी था इसलिए रात को बुआ को देखता
था ओर मुठ मरता था,,


आज रात मैं फिर बाथरूम मे गया ओर बॉक्स खोल कर बुआ को देखने लगा पर आज तो
कुछ ओर ही हो गया ,,,आज बुआ नही थी बाथरूम मे ,,,शोभा दीदी थी मेरी किस्मत
बड़ी अच्छी होने लगी थी दिन ब दिन,,,,,शोभा दीदी भी मों जैसी गोरी चिटी थी
बूब्स भी थोड़े बड़े थे बुआ से बड़े थे पर मों से छोटे ओर शरीर भी मों के
जैसे थोड़ा भारी था मोटी नही थी बस भरा हुआ शरीर था,,मेरी तो हालत
खराब थी मेरी बड़ी सिस मेरे सामने नंगी थी वो अपनी बॉडी पे लगे हुए साबुन को
निकाल रही थी मुझे लगा शायद इसका नहाना ख़तम हो गया है ,,मैं उदास हो गया
पर मुझे उमीद थी की अब बुआ तो आएगी ही,,शोभा ना सही बुआ सही,,मुझे तो चूत
देखनी है ओर मुठ मारनी है,,ओर वैसे भी बुआ कॉन्सा शोभा से कम थी,,अपनी-अपनी
जगह पेर दोनो बला की खूबसूरत थी,,,फ़र्क यही था की बुआ साँवली थी ओर शोभा
दीदी गोर्री चिटी ,,,,,मुझे लगा की शोभा दीदी बाहर जाने लगी है क्यूकी शावर
से हटके साइड हो गयी थी मुझे वो नज़र नही आ रही थी,,उस छोटे होल से पूरा
बाथरूम नज़र नही आता था,,,ये तो मेरी किस्मत थी की शावर वाला हिस्सा नज़र आ
था,,,,पर तभी शोभा दीदी वापिस आ गयी मैं उनको देख कर हैरान था क्यूकी उनके
हाथ मे वही पिंक कलर का नकली लंड था जो बुआ अपनी चूत मे लेती थी,,इसका
मतलब दीदी भी नकली लंड से एंजाय करती है दीदी ने भी लंड को मूह मे लिया ओर
चूसने लगी ओर हाथ से अपनी चूत को सहलाने लगी इधर मैने भी अपना काम

कर दिया था आज तो मुझे कुछ ज़्यादा ही मस्ती चड़ी हुई थी क्यूकी मेरी जवान बहन
मेरे सामने नंगी थी,,दीदी ने लंड को मूह से निकाला ओर ज़मीन पर लेट गयी ओर लंड
को चूत मे ले लिया ओर पेलने लगी ओर एक हाथ से बूब को मसल्ने लगी मुझे बड़ा मज़ा
आ रहा था मुझे लगा जैसे मैं अपनी बहन के उपर लेट के उसको चोद रहा हूँ,,दीदी
ने भी स्पीड तेज रखी अपनी ओर मैने भी आज तो लंड मे कुछ न्या जोश महसूस हो
रहा था मुझे मेरी भी स्पीड तेज थी दीदी चूत मे लंड लेते टाइम ज़मीन पर एसे
तड़प रही थी जैसे बिना पानी के मछली फिर दीदी ने लंड बाहर निकाला ओर मूह मे ले
लिया कुछ देर चूसने क बाद दीदी ने अपनी टाँगों को मूड कर अपने सर की तरफ कर
लिया ओर लंड को गंद मे डालने लगी ओर एक हाथ से चूत को सहलाने लगी,,,क्या मस्त
लग रही थी मेरी दीदी दिल करता था की दीवार तोड़के उसके पास चला जाउन ओर चूत ओर
गंद को फाड़ के रख डून,,करीब 2-4 मिंट बाद दीदी ने तेज चीख मारी ओर झड़ गयी
पर मेरा पानी नही निकला अभी,,,मैं सोच रहा था की दीदी वापिस उठकर शावर लेने
लगे ,,अगर वो बाहर चली गई तो मुझे अपना पानी निकलना मुश्किल हो जाएगा पर दीदी
ने उठ कर कपड़े पहने ओर बाहर चली गयी,,,,मैं उदास हो गया,,मैने सोचा चलो
कोई बात नही आब बुआ को देखके मूठ मार लूँगा,,,,,,मैं 15 मिनिट वेट करता रहा
लेकिन बुआ नही आई,,,मुझे बड़ी निराशा हुई मुठ मारने का दिल भी नही किया ओर मैं
कपड़े पहन कर बाहर चला गया ओर बेड पे लेट गया,,


मुठ पूरी नही लगा सका इसलिए नींद भी नही आ रही थी अब मैं सोचने लगा की
किसको चोदा जाए,,,बुआ को,,,,,,,,,,,,,पर वो तो सारा दिन बुटीक पे रहती है...
मों को,,,,,,,नही मों क पास जाना मेरे बस की बात नही बहुत डर लगता है मुझे,,
तो फिर क्या शोभा दीदी को,,,,,,पर वो भी तो घर पे नही रहती कभी,, कालेज से
सीधा बुआ के पास चली जाती है,,अब मैं करू भी तो क्या करू,,मैं सोच ही रहा
था की मेरी नज़र सोनिया पे पड़ी उसने स्काइ ब्लू कुर्ता ओर साथ मे माचिंग स्कर्ट पहनी
हुई थी,,वो रात को अक्सर एस ही कपड़े पहन कर सोती थी,,रूम मे हल्की सी रोशनी
थी हम लोग रात को एक छोटी लाइट जला कर सोते थे क्यूकी सोनिया को बचपन से ही
लाइट जला कर सोने की आदत थी,,उसका कुर्ता उसके पेट से थोड़ा उपर उठा हुआ था
उसकी गोरी कमर हल्की लाइट मे भी चाँदी जैसी चमक रही थी,,उसकी स्कर्ट उसके
घुटनो से काफ़ी उपर थी उसकी दोनो टाँगे भी बहुत सेक्सी लग रही थी छोटे-छोटे बूब्स
उसकी सांस क साथ उपर नीचे हो रहे थे,अभी-अभी जवान हुई थी,,मेरी जुड़वा ही थी
वो 18 कमसिन जवानी,,मुझे अपने आप पे बड़ा गुस्सा आया के मैं मों बुआ ओर
शोभा को चोदने के बारे मे सोच रहा हूँ जो मेरे साथ ज़्यादा वक़्त नही गुज़ारती इधर
इतना अच्छा माल है जो हमेशा मेरे साथ होता है कालेज भी ओर घर पर भी उसके
बारे मे मैने कभी सोचा ही नही,,अब तो इसी को चोदना है पर कैसे,,,अगर इसने
डेड को बता दिया ,,क्यूकी ये है भी गुस्से वाली,,इसको ज़रा संभाल कर पिटारी मे बंद
करना होगा ,,,बहुत ज़हरीली है ये,,तो मैं सोचने लगा की कैसे इस जंगली बिल्ली को
अपने क़ाबू मे करू,,,,,,,
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07-10-2019, 03:21 PM,
#12
RE: Desi Porn Kahani कहीं वो सब सपना तो नही
मैं लेट कर सोनिया को देखता रहा ,,कितनी क्यूट थी वो एक दम किसी खूबसूरत परी
जेसी थी मेरी लिट्ल सिस,,पर बहुत गुस्से वाली,,मेरे साथ अच्छी बनती थी उसकी लेकिन
कभी-2 फाइट भी बहुत होती थी,उसकी भोली-भली नटखट जवानी मुझे उसकी ओर
आकर्षित करने लगी ना जाने क्यू मेरे दिल मे अजीब सी खुशी होने लगी मैं डरता हुआ
उसके बेड पे जाके बैठ गया ओर उसकी खूबसूरती को बड़े करीब से निहारने लगा,,वो
काफ़ी टाइम से मेरे साथ ही इसी रूम में सोती थी पर कभी मैने उसको इतनी गौर से
नही देखा था,भोला भला चेहरा मुझे पागल कर रहा था मुझे समझ नही आ रहा
था मैं क्या करू,वो चुलबुली सी लड़की सोते हुए भी मुस्कुरा रही थी,उसकी मुस्कान
एसी थी जैसे मान्सून की पहली बारिश जिसमे भीग कर दिल खुश हो जाता है,गुलाब
की पंखुड़ी जैसे छोटे-2 होंठ थे उसके एक दम गुलाबी,मेरा दिल किया की मैं उनको
एक बार,,बस एक बार चूम लून,,पता नही क्या हो गया था मुझे खुद पे क़ाबू ही नही
हो रहा था ,मैने डरते-2 हिम्मत करके उसके होंठो पे अपने होंठ रख दिए,,ओह माइ
गॉड वो पल इतना हसीन पल था मेरी लाइफ का की मैं लफ़ज़ो मे उस पल को ब्यान नही कर
सकता मेरी दिल कर रहा था की मेरी ज़िंदगी बस इसी एक पल मे सिमट कर रह जाए,
अगर ज़िंदगी एक पल की होती तो मैं अपने ज़िंदगी मे बार बार यही पल माँगता खुदा से,


ये पल कुछ एसा था जैसे आपकी गली से कोई लड़की गुजरती है रोज अपनी स्कुउतियों पे
जाने क लिए ओर आप उसको देखने के लिए बाहर खड़े होते हो,,,बारिश हो धूप हो या
कैसा भी मौसम हो आप उसकी एक ज़लक पाने क लिए बेकरार हो ओर वो लड़की अपने पास से
गुजरती है तो एक बार हसके मुस्कुरा के ज़माने से डरती हुई कभी नज़रे मिलाके तो कभी
पलके झुका के अपनी तरफ देखती है ये सब कुछ ज़्यादा वक़्त मे नही बस एक पल मे हो
जाता है ओर आपको एक अजीब से खुशी का एहसास होता है,,,हाँ ये पल भी बिल्कुल वैसा
था,,,,,,,

मैने अपने होंठ उसके नरम ओर गर्म होंठों पे रख दिए ओर हल्का सा किस कर दिया,
फिर अपना हाथ उसकी कमर पे रखा बड़ी ही नज़ाकत से ताकि उसको पता नही लगे ओर अपनी
एक फिंगर को उसकी कमर पे घुमाने लगा,,कितनी चिकनी ओर सॉफ्ट थी उसकी कमर,,मैने
अपनी फिंगर को कमर की एक तरफ से दूसरी तरफ घुमा रहा था बड़े प्यार से ओर उसी एक
फिंगर से उसके बदन की गर्मी को महसूस कर रहा था,,,तभी अचानक वो उठ गई ओर
मुझे अपना पास बैठा हुआ देखा ओर मेरे हाथ को अपने पेट पर देखा,,मैने सोचा बेटा
अब तो तू गया काम से,,हिट्लर जाग गया है आज तो रूम वॉर होगी ओर शायद फेमिली वार भी
तभी उसने पूछा भाई तुम यहाँ क्या कर रहे हो ओर तुम्हारा हाथ मेरे पेट पे क्यू है,,
मैं डर गया ओर चुप रहा ,,,उसने फिर पूछा क्या हुआ भाई,,,,,मैने बोला कुछ नही पागल
तेरे पेट पे एक कोकरोच था उसको हटा रहा था,,,तभी वो उछल कर बेड पे बैठ गई ओर
मेरे गले लग गई ,,,कोकरोच ////कहाँ है भाई कोकरोच???,,,वो डर गई थी,,,मेरी तो
साँसे ही रुक गई थी उसकी छोटे-2 बूब्स मेरे सीने से दबे हुए थे उसने बड़े ही ज़ोर से
मुझे अपनी बाँहों मे जकड़ा हुआ था दिल कर रहा था ये लम्हा यही थम जाए सारी ज़िंदगी
बस इस एक लम्हे मे सिमट कर रह जाए,,,,,,,,भाई देखो ना वो गया या नही,,,,,,,नही अभी
नही गया अभी इसी रूम मे है मैं इस मोके को हाथ से नही जाने देना चाहता था मैने भी
अपने हाथ उसकी पीठ पर रह दिए ओर उसकी पीठ को सहलाने लगा पर ज़्यादा तेज़ी से नही
हल्के-हल्के,,,ताकि उसको शक़ नही हो,,उसने मुझे बड़ी कस्के पकड़ा हुआ था ओर उसका सर
मेरे शोल्डर पे रखा हुआ था उसकी गम्र साँसे मुझे अपने शोल्डर के उपर महसूस हो
रही थी ,,उसकी साँसे मेरे शोल्डर से टकरा कर मेरे कान मे लग रही थी ओर मुझे एक
अजीब सी झुनझुनी का एहसास हो राह था,,मैने पहली बार क़िस्सी लड़की को अपने इतने करीब
अपने बाँहों मे जकड़ा था,,,,ये बात नही की मैने पहले कभी सोनिया को हग नही किया था
पर पहले हग करने वाला शक्स उसका भाई था जो अपनी बेहन को बड़े लाड प्यार से हग
करता था लेकिन आज उसको हग करने वाला शक्स एक शैतान था जो वासना के नशने मे अँधा
हो गया था ओर अपनी क्यूट सी बहन के जिस्म को बड़ी बेशर्मी से महसूस कर रहा था वो ये भी


तभी मैने मामा जी को देखा जो अपने पाजामे का नाड़ा ठीक करते हुए अपने रूम से बाहर आ
रहे थे,,,वही रूम जहाँ विशाल सोता था,,मैं समझ गया की आज चुदाई का खेल इसी
रूम मे चला होगा,,,मामा जी हमारे पास बैठ गये ,,क्या मामा जी आप कहाँ थे मैं इतनी
देर से बेल बजा रही थी ,,जब मोम किचन मे बिज़ी हो तो आप डोर तो खोल सकते हो ना,,
सॉरी बेटी मैं अपने रूम मे था ज़रा सी आँख लग गई थी मेरी,,,सोनिया गुस्से मे उपर रूम
की तरफ चली जाती है,,ओर मैं टीवी देखने लग जाता हूँ,,,,,,

उस रात ना तो मैं बुआ या शोभा को शावर लेते हुए देख सका ओर ना ही मेरी हिम्मत हुई
सोनिया के पास जाने की,,मैं एसे ही मायूस होके सो गया,,,
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07-10-2019, 03:22 PM,
#13
RE: Desi Porn Kahani कहीं वो सब सपना तो नही
आज भी मैं ऑर सोनिया घर जल्दी आ गये थे क्यूकी आज सॅटर्डे था,,मैं दुआ कर रहा
था कि आज डोर लॉक ना हो वर्ना इस जंगली बिल्ली को फिर गुस्सा आ जा जाना है,,हम ने
बेल बजाई ऑर मोम ने आके डोर खोल दिया ,,,,मैने बोला ए खुदा तेरा लाख लाख शूकर है
कहीं आज भी मोम ऑर मामा अंदर बिज़ी होते तो पंगा हो जाना था,,लेकिन मोम को पता है कि
हम लोग सॅटर्डे को जल्दी आ जाते है इसलिए मोम ने भी अपना खेल जल्दी ही ख़तम कर
लिया होगा,,मैं अंदर जाके सोफे पे बैठ गया ओर सोनिया रूम मे फ्रेश होने चली गई बट
जाते जाते वो मोम को कॉफी के लिए बोल गई,,


मैं टीवी ऑन करके देखने लगा 5 मिनिट बाद मोम कॉफी लेके आ गई ऑर सोनिया भी
नीचे आ गई हम लोग कॉफी पीने लगे तभी फोन बजने
लगा,,,मोम ने फोन पिक किया ऑर बात करने लगी ,मोम ने जस्ट 2-3 मिनिट ही बात की फोन
पे,,,हमे कुछ सुनाई नही दिया क्यूकी टीवी चल रहा था,फोन रखने के बाद मोम भी हमारे
पास आके कॉफी पीने लगी,,,किसका फोन था मोन ??सोनिया ने पूछा,,,,,

गाओं से मेरे चाचा जी का फोन था बेटा मुझे मिलने के लिए बुला रहे है उसको थोड़ा काम है,,बोल रहे थे
की काफ़ी टाइम से तुम आई नही मिलने के लिए,

,तो कब जाना है मोम,,,,

सोचती हूँ कल ही चली जाउ,,,

अकेली जाओगी मोम,,,,,,,,,,,

नही बेटी तेरा मामा भी जाएगा साथ मे,,,,,,

मोम एक बात पुच्छू आपसे अगर बुरा नही मानो तो,,,,,

पूछो मेरी बेटी,,,,,,

मोम पापा कभी आपके साथ आपके गाओं क्यू नही जाते,,,,,,,

,क्या बताऊ बेटी एक बार तेरे पापा का मेरे चाचा से किसी
बात को लेके झगड़ा हो गया था तभी से तेरे पापा ने वहाँ जाना छोड़ दिया लेकिन जाना तो
मैं भी नही चाहती थी बट एक चाचा चाची के सिवा मेरा ऑर कोई है भी नही इस दुनिया
मे,,,

तो वापिस कब आओगी मोम,,,,,

3 दिन बाद चाचा जी को कोई काम है हम से,,,

मुझे शक़ हुआ कि भाई का फोन आया होगा क्यूकी वो जाते टाइम मोम को बोलके गया था कि उसको 2-3 दिन की
छुट्टी मिलने वाली है कुछ दिनो मे ,,,,फिर मैने सोचा कि शायद सच मे चाचा चाची का
फोन ही ना आया हो गाओं से,,,,,,,,,,मोम क्या मैं भी आपके साथ चलूं मैने मोम से पूछा,,

नही तुम नही,,,,वैसे भी तुम स्टडी मे ध्यान नही देते ओर उपेर से कॉलेज से छुट्टियाँ
करना चाहते हो,,,,ऑर वैसे भी मैं वहाँ घूमने नही थोड़ा काम से जा रही हूँ..


कॉफी ख़तम हो गई ओर सोनिया वापिस अपने रूम मे चली गई मोम भी कॉफी कप को किचॅन
मे रख कर अपने रूम मे चली गई,,मैने मोका देखा ऑर जाके फोन पे कॉल आइड्स मे चेक
करने लगा कि किसका फोन आया था,,,,,,मेरा शक़ सही निकला ये नंबर तो भाई का है,,,
मोम ज़्यादा पड़ी लिखी नही है इसीलिए उनको फोन ऑर मोबाइल की ज़्यादा नालेज नही है,,
मुझे गुस्सा आ रहा था कि अब फिर मोम मामा के साथ भाई के पास जाएगी ऑर 3 दिन तक दिन
रात ये लोग मज़ा करेंगे,,मुझे अभी अपने भाई से बहुत जलन होने लगी मैं सोचने लगा
काश मामा ने भाई की जगह मुझे पटाया होता मोम की चुदाई करने के लिए या फिर मैं इस
घर आ बड़ा बेटा होता,,खैर अब क्या हो सकता था,,,मैं वापिस सोफे पे बैठ गया ऑर टीवी
देखने लगा,,,


रात को डिन्नर करके मैं रूम मे लेटा हुआ था तभी सोनिया बाथरूम मे बाहर निकली उसने
अभी पिंक कलर का एक पतला सा कुर्ता ऑर साथ मे एक व्हाइट कलर का बरमूडा पहना हुआ था
जिसमे से उसकी आधी नंगी टाँगे चमकती हुई नज़र आ रही थी उसने अपने बदन को टवल
से अच्छी तरह नही पोछा था इसलिए उसके कपड़े हल्के भीगे हुए थे ऑर उपर से उसके बाल
भी गीले थे जिसमे से पानी की ड्रॉप्स उसके कुर्ते पर गिर रही थी ऑर उसकी छाती को भिगो
रही थी कुर्ता भीग कर छाती से चिपका हुआ था जिस वजह से उसके छोटे-छोटे बूब्स के
बीच का क्लीवेज़ नज़र आ रहा था ऑर बूब्स का हल्का सा उपरी हिस्सा ऑर ब्रा भी,,

ऐसे मैं उसको पहले भी कई बार देख चुका था बट कभी इतना गौर से नही देखा था,मेरा दिल तो
कर रहा था कि अभी उसको पकड़ लूँ बट मुझे उस से मोम से भी ज़्यादा डर लगता था,फिर
भी मैने सोचा कि आज कुछ ना कुछ करना ही पड़ेगा बट अभी नही उसके सोने के बाद,,,मैं
उठ कर गेम खेलने लगा गेम खेलते हुए मेरी नज़र क्लॉक पर पड़ी तो देखा 10:30 हो गये
थे,,यानी भुआ या शोभा के शवर लेने का टाइम था,,मैं जल्दी से उठा कर वॉशरूम मे
गया ओर सारी तैयारी करली,,,,,,यानी कपड़े उतार दिए शवर ऑन कर लिया लाइट बंद करके उस
बॉक्स के होल मे से कागज भी निकाल दिया,,ऑर बुआ के बाथरूम मे देखने लगा,,तभी शोभा
दीदी अंदर आ गई ऑर कपड़े उतारने लगी मुझे उसका कपड़े उतारना सॉफ नज़र नही आ रहा
था क्यूकी होल बहुत छोटा था जिस कारण बाथरूम का एक छोटा सा हिस्सा ही नज़र आता था,


ये तो अच्छा था कि शवर वाला हिस्सा नज़र आ रहा था,,अगर ग़लती से दूसरी तरफ का हिस्सा
नज़र आता तो मैं बस कपड़े उतारते हुए या पहनते हुए ही उनको देख सकता था ऑर शवर के
नीचे की सारी मस्ती का लाइव टेलीकास्ट देखने के लिए तरसता रहता,,,

कपड़े उतार कर वो शवर क नीचे खड़ी हो गई ऑर शवर ऑन कर दिया,,भीगती हुई मस्त
जवान लड़की देख कर मेरा लंड ओकात मे आ गया था,,वैसे भी कुछ देर पहले भी एक मस्त
भीगी हुई लड़की देख चुका था पूरी तरह भीगी हुई नही बट ऑलमोस्ट,,पानी उसके
बदन से फिसलता जा रहा था क्यूकी उसका बदन किसी संगमरमर के जैसा था चिकना ओर
सपाट एक भी निशान नही था उसकी बॉडी पे सिवा एक तिल के जो लिप्स के बिल्कुल नीचे था,वो
काफ़ी देर तक खुद की बॉडी पे हाथ फेरती रही आज उसने साबुन नही लगाया था ऐसे ही नहा
रही थी,,तभी मुझे झटका लगा शोभा अपने दोनो हाथों को अपनी चूत पे ले गई ऑर 2
हाथ उसके बूब्स को सहलाने लगे,,,मैं हैरान रह गया ये हाथ किसके है,,तभी देखा बुआ
उसके पीछे खड़ी हुई थी ऑर अपने हाथों से उसके बूब्स को मसल रही थी,,बुआ अपने दोनो
हाथों से बूब्स को बड़े प्यार से मसल रही थी तभी दीदी ने भी अपने हाथ बुआ के हाथों
पर रख दिए ऑर उनको अपने बूब्स मसल्ने मे साथ देने लगी,,बुआ भी बिल्कुल नंगी थी
बुआ के बूब्स दीदी की पीठ पर दबे हुए थे वो इस कदर चिपकी हुई थी कि हवा भी क्रॉस
नही हो सकती थी दोनो क बीच मे,,,,,,,,,


मैं मूह खोलके हैरानी से खड़ा हुआ उनको देख
रहा था मुझे अपनी आँखो पे यकीन नही हुआ मेरी बुआ ऑर बेहन एक साथ वो भी बाथरूम
मे पूरी नंगी एक दूसरे से चिपकी हुई थी,,तभी मैं सोचू कि दीदी जो कि पहले मोम के
रूम मे सोती थी वो बुआ के साथ रूम शेअर कैसे करने लगी ,,दीदी ने बुआ के कहने पर ही
फॅशन डिज़ाइनिंग का कोर्स शुरू किया था ऑर उनकी हेल्प के लिए उनके बुटीक जाना शुरू
किया था उसके करीब 15-20 दिन बाद ही वो बुआ के रूम मे शिफ्ट हो गई थी,,,,पहले-पहले
तो शोभा दीदी बुआ से बात भी नही करती थी,,,क्यूकी दीदी मोम की लाडली बेटी थी ऑर बुआ
मोम से बात नही करती थी उनका झगड़ा था कोई आपस का,,,मैने भी बुआ को कभी मोम से
या मोम को बुआ से बात करते नही देखा था,,


तभी दीदी पीछे की ओर पलटी ओर बुआ की तरफ देखने लगी बुआ दीदी से थोड़ी लंबी थी,
दीदी चेहरा उठा कर बड़ी मस्त नज़रो से बुआ को देखने लगी बुआ ने अपने हाथों से दीदी
के फेस को पकड़ा ऑर दोनो के फेस करीब होने लगे ओर कुछ ही देर मे दीदी के पिंक सॉफ्ट
लिप्स बुआ के लिप्स मे क़ैद हो गये बुआ ने दीदी के लोवर लिप्स को अपने लिप्स मे जकड़ा ऑर चूसने
लगी ऑर दीदी बुआ के उपर लिप्स को ऑर साथ साथ दोनो ने बड़ी मस्ती से अपने हाथ एक दूसरे
के बूब्स पे रख दिए ऑर बड़े प्यार ऑर नज़ाकत से एक दूसरे के बूब्स को मसल्ने ऑर सहलाने
लगे फिर दोनो ने अपनी ज़ुबान को बाहर निकाला ओर एक दूसरे की ज़ुबान को हवा मे लहराते हुए
एक दूसरे से लड़ाने लगी उन दोनो की ज़ुबान कुछ ऐसे अठखेलियाँ क्र रही थी जैसे जंगल
मे 2 साँप अपने मिलन की रात मे एक दूसरे से लिपट कर अपने बदन को दूसरे के बदन से मिला
कर अठखेलियाँ करते है,,


बुआ ऑर दीदी के बूब्स की कॅप्स ( डुँड़ी) हार्ड हो गई थी
दोनो ने एक दूसरे की बूब्स की कॅप को अपनी फिंगर्स से दबाना ऑर खीचना शुरू किया फिर
बुआ ने अपना एक हाथ दीदी के बूब्स पे रखा ऑर एक हाथ बूब्स से नीचे की तरफ ले जाना
शुरू किया बड़े प्यार ऑर मस्ती से बुआ का हाथ बड़ी स्लो स्पीड मे नीचे की ओर जा रहा था
कुछ ही देर मे बुआ का हाथ दीदी की चूत तक पहुँच गया ऑर चूत को सहलाने लगा दीदी
ने भी बिल्कुल वैसे ही अपना हाथ बुआ के पेट पर चलते हुए बुआ की चूत तक पहुँचा
दिया ऑर चूत को सहलाने का काम शुरू कर दिया,,
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07-10-2019, 03:22 PM,
#14
RE: Desi Porn Kahani कहीं वो सब सपना तो नही
इधर दोनो के लिप्स अब तक एक दूसरे के लिप्स मे क़ैद थे ऑर एक हाथ चूत को सहलाने मे
ऑर एक बूब्स को मसल्ने मे लगा हुआ था,,दोनो एक हाथ से एक दूसरे के दोनो बूब्स को बारी-2
मसल रहे थे तभी बुआ ने अपनी फिंगर दीदी की चूत मे डाल दी,,,मुझे ऐसा इसलिए
पता चला क्यूकी दीदी की पूरी बॉडी झटके के साथ उपेर की ओर उठी थी अब बुआ ने दीदी की
चूत मे फिंगर को अंदर बाहर पेलना शुरू कर दिया दीदी को मस्ती चढ़ने लगी ऑर दीदी ने
अपने हाथ की पकड़ बुआ के बूब्स पे मजबूत करदी ओर साथ ही अपनी फिंगर्स को बुआ की चूत
मे डाल दिया ऑर बुआ की चूत को चोदना शुरू कर दिया,,फिर बुआ ने अपना हाथ दीदी के
बूब्स से हटाया ऑर दीदी की टाँग को पकड़ कर उपर उठा दिया ऑर टाय्लेट सीट पे रख दिया
फिर दीदी के लिप्स को अपने लिप्स से आज़ाद किया ऑर लिप्स से नीचे की तरफ बढ़ने लगी ऑर अपने
लिप्स को दीदी की बॉडी पे घुमाते हुए नीचे से होते हुए बूब्स पर पहुँच गई ऑर दीदी के एक
बूब को मूह मे भर लिया ऑर चूसने लगी दीदी ने भी अपना हाथ बुआ के बूब से हटाया ऑर
बुआ के सर को अपने बूब्स पे दबा दिया ऑर बुआ के बालों मे हाथ फिराने लगी ऑर साथ ही
बुआ की चूत मे उंगली करती रही बुआ बारी-बारी दीदी के बूब्स को एक एक करके चूस रही
थी कभी बूब्स के कॅप को अपने दांतो मे दबा कर हल्का हल्का काट रही थी ऑर साथ मे
दीदी की चूत को चोद रही थी फिर कुछ टाइम बाद बुआ ने दीदी के बूब्स से अपना फेस हटा
लिया ऑर दीदी की कमर पे नीचे की ओर चल पड़ी ऑर कुछ ही देर मे बुआ ज़मीन पर घुटनो
के बल बैठ चुकी थी ऑर उनका फेस दीदी की चूत के पास पहुँच गया था बुआ ने अपना
फेस दीदी की चूत के द्वार पे रख दिया ऑर चूत को उपेर से चाटने लगी ऑर साथ-2 चूत
मे फिंगर पेलती रही पहले तो बुआ एक फिंगर ही यूज़ कर रही थी बट बाद मे 2 फिंगर्स यूज़
करने लगी दीदी ने अपने हाथों से बुआ के फेस को चूत पे दबा दिया बुआ ने अपनी फिंगर्स
को चूत से बाहर निकाल लिया ऑर चूत के लिप्स को दोनो साइड से पकड़ा ऑर चूत को खोल
दिया ऑर अपने लिप्स चूत के बीच मे रख दिए ऑर पागलो की तरह चूत को चाटने लगी ऑर
दीदी अब मस्ती अहह उूुउऊहह करते हुए बोलने
लगी अहह उहह हहयययययईई
उूुुुुुुउऊहह हमम्म्ममममममममममम ईससी हहिईीई कछुउऊस्स्सूऊऊओ
म्‍म्म्मईएरर्र्रृिई चहूवतत ककककूऊ बब्भ्हुउऊुआा ख्हूब्ब प्प्प्प्प्पययाअरररर सस्स्सीए ईसी
हहिईिइ चुउस्सूओ आअहह आआआआहह अब बुआ ने अपनी ज़ुबान को दीदी की चूत
मे डाल दी ऑर ज़ुबान से दीदी की चूत को चोदने लगी आअहह बुआााआआआआआआआ
ईएसस्सीई हहिईीई ऊऊररर उउन्नड़दीर्ररर टत्त्ताआक्कक द्ददडााअलल्ल्ल्ल्लूओ आअप्प्प्प्पंनननिईिइ
ज्ज्ज्जुउउब्ब्ब्बाआंणन्न् ककक्कूव म्‍म्म्मईएरररिइ कककचहूऊतततत म्‍म्म्ममीई ीसस्सीए हहिईीईईई
ब्ब्बभहुउऊुुआा ऊओररर उूुउउन्न्ञँद्दड़दीईरररर त्त्ताआक्कककककक,,,बुआ भी जोश के साथ
अपनी ज़ुबान को अंदर बाहर करने लगी ऑर तभी बुआ ने अपने फेस को दीदी की चूत पे पूरी
तरह दबा दिया ऑर दीदी की चूत के लिप्स को अपने लिप्स मे जाकड़ कर चूसने लगी ऑर साथ-2
साथ चूत के लिप्स को काटने भी लगी,,,,,,,ईईईसस्स्सीईए हहिईीईईई ब्ब्बभहुउऊुआा
कक्खहााआ ज्ज्ज्ज्जाआूओ म्‍म्म्ममईएरर्रृिइ कककचहूऊततततत्त कककककूऊव म्‍म्मत्त्ताअ
ल्ल्ल्लूऊ आआआप्प्प्प्पंंनन्न्निईीईईईई ब्ब्ब्ब्बबभूऊऊक्क्क्ककककककककखह बुआ ऐसे ही 5
मिनिट तक दीदी की चूत को फुल मस्ती से चूमती चाट-ती ओर काट-ती रही ऑर दीदी अहह
उउउउउउउउउह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह करके अपने मज़े का इज़हार करती रही


फिर 5 मिनट दीदी की चूत को पागलो की तरह चूसने के बाद बुआ उठा गई ऑर दीदी के लिप्स
को एक किस कर दिया फिर दीदी ने भी किस के बदले किस करके उनको रिस्पोन्स दिया फिर
दीदी अपना फेस बुआ के बूब्स पर ले गई ऑर बूब्स को चूसने लगी बुआ के बूब्स की कॅप हार्ड
हो गई थी जिसको दीदी अपने दांतो से काट रही थी दीदी भी बुआ की तरह पूरे मज़े से
बुआ के बूब्स को चूस रही थी ऑर कभी-कभी बूब्स को हाथ मे पकड़ कर उसपे अपनी ज़ुबान
घूमा रही थी ऑर कभी कभी कॅप को काट रही थी बुआ का हाथ भी दीदी की ज़ुल्फो को
सहला रहा था ऑर दीदी का हाथ बुआ की चूत पर था ऑर दीदी बुआ की चूत मे फिंगर
डालके उसको चोद रही थी फिर बुआ ने दीदी के सर को अपने हाथों मे पकड़ कर दीदी को
नीचे जाने का इशारा किया ऑर दीदी भी बुआ का इशारा समझ गई थी,,दीदी भी बुआ के बूब
से किस करते-2 फिर पेट पर अपनी ज़ुबान घूमाते हुए नीचे चूत तक पहुँच गई थी
जैसे दीदी का पैर टाय्लेट सीट पे रखा हुआ था वैसे ही भुआ ने अपना पैर मोड़ लिया ऑर
घुटने के पास से अपनी लेग को बेंड करके दीदी के शोल्डर पे रख दिया दीदी ने भी अपना
फेस बुआ की चूत पे रख दिया ऑर चूत को चाटना शुरू कर दिया ऑर साथ-2 फिंगर को
चूत मे पेलती रही आहह ईईस्स्सीए हहिि कच्छुउऊउउस्स्ूओ बबबीत्तीईइ
अप्प्प्न्न्नैयीयैयियी ब्ब्बबभहुउऊआअ ककक्कीईईई कक्चहूवततत्त्त कककूऊव ऊओररर्र प्प्पयय्य्ाआररररर
सस्सीई क्क्कीीीइससस्स कककार्र्रूऊ म्‍म्मईएरररिइ कचीकककन्ननीी कचामम्मईएल्ल्लीइीइ क्कू
ओर टत्त्तीएजज़्ज़्ज्ज उउउन्न्ननज्ज्गल्ल्ल्लीइी प्प्पील्ल्ल्ल्ल्लूऊओ म्‍म्म्मईएरर्र्रृिइ कक्चहूऊ म्‍म्म्मईए
फिर दीदी ने उंगली की स्पीड तेज करदी ऑर चूत को ज़ोर ज़ोर से दबा कर चाटने लगी बुआ
ने अपने हाथ से दीदी के फेस को चूत मे दबा दिया आआअहह ईएससीई हहिईीई
ज्जूओर्रर सस्सीई र्रर्राागगज्गगाआररर्ररर काआरररर कचहुउऊस्स्सूऊऊऊ म्‍म्म्ममीईईरररृिइ
चूऊऊऊऊऊवटतत्टटटतत्त कककककककूऊऊऊऊऊ आआआआअहह उउउहह
हुउऊुउऊहह आआआआहह हमम्म्मममममममममममम
हहयययययययययययययययययईईईईईई फिर दीदी ने चूत से उंगली निकाली ऑर चूत के
चमड़े को मूह मे भर लिया ऑर अपने हाथ उपर बुआ के बूब्स पे ले गई ऑर बूब्स को बड़े ज़ोर
से ऑर बेरहमी से मसल्ने लगी,,,

बुआ ने भी अपने हाथ दीदी के हाथ पे रख लिए ऑर अपने
बूब्स को ऑर ज़्यादा ज़ोर से ओर बेरहमी से मसलवाने लगी अहह एससीईईई हहिी
दब्ब्ब्ब्ब्ब्ब्ब्ब्ब्बाआआआआआअऊऊऊऊ म्‍म्म्मीईईईरर्र्रररीईई ब्ब्ब्बब्बूओब्ब्ब्बबबसस्स ककककूऊव
म्‍म्म्माअस्स्साालल्ल्ल ककक्काअरररर ररृाकककखह दद्दूऊ ईईईईईईन्न्ंनकककूऊ आआहह
उूुुुुउऊहह अहहाआआआआअहह
तभी बुआ ने दीदी को झटके के साथ पीछे कर दिया ऑर खुद भी पीछे हट गई अब मुझे
दीदी तो नज़र आ रही थी ज़मीन पर घुटनो के बल बैठी हुई बुत बुआ नज़र नही आ रही
थी ,,,,
Reply
07-10-2019, 03:22 PM,
#15
RE: Desi Porn Kahani कहीं वो सब सपना तो नही
तभी बुआ नज़र आई उसके हाथ मे वो रब्बर वाला नकली पिंक कलर का लंड(डिल्डो) था
उसने दीदी को ज़मीन से उठने को बोला ऑर दीदी उठ गई बुआ ने वो लंड दीदी के मूह मे डाल
दिया ऑर अंदर बाहर करने लगी वो दीदी को नकली लंड चूसाने लगी ऑर दीदी भी उसको ऐसे
चूसने लगी जैसे वो असली हो फिर बुआ ने लंड को बाहर निकाला ऑर दीदी की चूत मे डाल
दिया ऑर दीदी को नकली लंड से चोदने लगी ऑर साथ ही बूब्स को चूसने लगी बुआ के हाथ
की स्पीड इतनी तेज थी जैसे कोई मर्द अपने असली लंड से किसी औरत को चोदता है,
आआआआअहह उउउउउउउउउउउउह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ईएसस्स्सीईईईईई
हहिईीईईईईईईईई ब्ब्ब्ब्ब्बबभुऊऊुुुुुुुुुुुआााआअ ऊऊऊऊररर्र्र्र्ररर टत्त्तीएजज़्ज़्ज्जिि
से ग्ग्गहुउऊउउस्स्स्सााऊओ ईीीइसस्स ल्ल्ल्लूउउउन्न्ञँद्द्द्द्दद्ड कककककककूऊऊऊओ म्‍म्म्ममीर्ररीि
ककककचूऊऊऊऊथततटटटतत्त म्‍म्म्ममममीईईई प्प्प्प्पफहाआााअद्द्द्द्दद्ड द्डू
म्‍म्म्मममममममीईईरर्र्र्र्र्र्र्र्रृिईईईईईईई ककककककचूऊऊऊथततटटतत्त कककककककककूऊऊ
आआआआआहह बुआ ने स्पीड ऑर तेज करदी ऑर इधर दीदी की चीखे
भी तेज होने लगी ऑर साथ ही मेरी स्पीड भी अपने लंड पे तेज हो गई,,,,,,पहले तो मैं
सब कुछ देख कर बड़े आराम से मालिश कर रहा था बट अब मैने मूठ मारना शुरू कर दिया


कुछ देर बाद बुआ ने लंड को चूत मे से निकाल कर अपने मूह मे ले लिया ऑर दीदी को घुमा
कर उल्टा करके टाय्लेट सीट पे झुका दिया फिर लंड को मूह से निकाल कर थोड़ा सा थूक उस
लंड पे थूक दिया ऑर थोड़ा सा दीदी की गान्ड पे फिर लंड को दीदी की गान्ड मे घुसा दिया
ऑर गान्ड को चोदना शुरू कर दिया लगता है दीदी को गान्ड मे कुछ ज़्यादा ही मज़ा आ रहा था
इसलिए उनकी आवाज़ पहले से तेज हो गई थी,आआआआआआआहह बहुउआअ
पफाआाद्द्द्द्द्द्दद्ड द्द्द्द्द्द्दद्डूऊऊऊऊओ म्‍म्म्मममममीईएरर्र्र्र्र्रृिईईई गग्ग्गाआअन्न्‍न्न्ंदड़
ककककककककककककूऊऊऊऊऊऊऊ ओर उन्न्ञनन्न्ँद्द्दद्डर्र्र्र्र्र्र्र्ररर टत्त्त्ताआआआअक्ककककक गगूउस्साआ
द्द्द्दद्डूऊऊऊ ईईईईईईईीीइसस्स्स्स्सस्स लुउउुउउन्न्ञनननन्न्ँद्द्द्द्द्दद्ड ककककूऊऊऊओ ऊऊऊओर त्टीज
बब्बहुउऊुुुुुुुआाा ऊऊऊऊओरर्र्र्ररर टत्त्टटत्ट्टीईईईईईजज़्ज़्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज आआहह
ककक़क्कीईईईईईईईईत्त्त्टटट्ट्टन्ंननननणन्नाआआआआआ म्‍म्म्मममममाआआआअजजजज्ज्ज्ज्ज्ज्जाआाआआआ
आआआआआ र्र्र्र्र्ररराआआअहहाआआआअ हहाआआआआईयईई ब्ब्ब्बबभहुउऊुआ
आआआआआआआआआआआआअहह कुछ देर बाद दीदी की आवाज़ कुछ कम हो गई बुआ
ने लंड को गान्ड मे से निकाल लिया ऑर मूह मे डाल लिया ऑर चूसने लगी ऑर खुद टाय्लेट सीट
पे एस झुक गई जैसे दीदी झुकी थी फिर कुछ देर लंड को चूसने के बाद बुआ ने लंड
दीदी को पकड़ा दिया ,,दीदी ने लंड पकड़ा ऑर बुआ की चूत पे रखा बट बुआ ने दीदी का
हाथ पकड़ कर लंड को गान्ड पे रख दिया दीदी समझ गई कि बुआ ने लंड को चूत मे नही
सीधा गान्ड मे लेना है ऑर दीदी ने भी ऐसा ही किया लंड को गान्ड पे रख कर अंदर घुसा
दिया


लंड बड़ी आसानी से पहली बार मे ही पूरा अंदर घुस गया था और बुआ की सिसकी निकल
गई थी आआआआआआआआहह दीदी ने लंड को पेलना शुरू कर दिया
ऑर बुआ की सिसकिया भी बढ़ने लगी आआआआआहह्क् उूुुुुुुउऊहह
क्क्कीईत्ट्ट्टन्ननिईीई ब्बबाअददडिईईईईयय्या कचीज्जज हहाइईइ ययईई प्प्प्प्ूउर्राआआआआअ
उूुउउन्न्ञन्न्ँद्द्द्ड़ड़डीईईरर्र्र्र्ररर टत्त्त्ताआक्ककक ज्ज्ज्ाअत्त्तिईइ हहाऐईयइ ऊओररर प्पूउर्री
त्त्ताअरर्रााहह कककख़्हुउऊस्शह कककाररर द्द्दीत्ततिईइ हहाऐईयइ आअहह ऊओरर
त्ट्तीएजज्ज़ कककाअर्र्रूऊ म्‍म्मीररीि बबबीतत्त्तिीई ऊओरर ट्तीईएजज़्ज़्ज प्पूउर्राआ उउउन्नड़दीर्र
त्त्ताक्क्क्क गगूउस्स्साअ दद्दूऊ ऊररर प्प्प्प्ुउउर्र्रिइ त्ट्तीज़्ज़ज्जििइईई सस्स्स्सीई आअहह
उूुुउऊहह दीदी ने भी स्पीड तेज करदी ऑर लंड को पूरा अंदर घुसा कर
गान्ड को चोदने लगी 5 मिनट ऐसे ही गान्ड चोदने के बाद बुआ ने उसको लंड निकालने का इशारा
किया दीदी ने लंड निकाल दिया बुआ फिर से साइड पर गई तब तक दीदी ज़मीन पर टाँगे खोल
कर बैठ चुकी थी ऑर अपनी चूत को सामने की तरफ किया हुआ था तभी बुआ वापिस आई ऑर
उनके हाथ मे एक दूसरा बड़ा लंड था,,ये पहले वाले से बड़ा था ऑर काले रंग का था,,


पहले वाला पिंक रंग का था ऑर 7" इंच का था जबकि ये काला ऑर कम से कम 3 फीट का था
,,दीदी अपने टाँगे खोल कर नीचे बैठी हुई थी बुआ भी वैसे ही टाँगे खोल कर बैठ गई
अब उन दोनो की चूत एक दूसरे के सामने थी बुआ ने लंड की एक साइड को दीदी की चूत मे डाल
दिया ऑर दूसरी साइड को अपनी चूत मे ऑर आगे पीछे होने लगी,,,मैं देख कर हैरान हो गया
कि बुआ कितने मज़े से दीदी को चोद रही है ऑर साथ मे खुद को भी चुदवा रही है,बुआ
तेज-तेज आगे पीछे हो रही थी जिस से लंड भी तेज़ी से आगे पीछे होने लगा बुआ की चूत
मे भी ओर दीदी की चूत मे भी अहह औहह
ह्म्‍म्म्मममममममममममममममममममममममममममाआआआआआआहह
दोनो की सिसकियों से बाथरूम मे एक शोर सा होने लगा तभी बुआ ने स्पीड तेज करदी
ऑर लंड को बीच मे से पकड़ लिया ऑर तेज़ी से खुद को आगे करने लगी उधर दीदी ने भी
खुद को आगे पीछे करना शुरू कर दिया ऑर तेज़ी से सिसकियाँ लेने लगी मैं समझ गया दोनो
झड़ने के करीब आ चुकी है इसलिए मैने भी स्पीड तेज करदी,,,,2 मिनट बाद मैं भी दीदी
ऑर बुआ के साथ झाड़ गया,,,फिर मैं कुछ देर के लिए ज़मीन पर गिर गया ऑर वही लेट गया
मैने आज काफ़ी टाइम बाद इतनी ज्याद मालिश की थी लंड की ऑर इतनी लंबी मूठ मारी थी मेरा
पूरा बदन थक गया था ऑर दर्द करने लगा था,,,,कुछ टाइम बाद मैने उठकर देखा तो वो
दोनो भी बाथरूम से बाहर चली गई थी मैने भी लाइट ऑन करके कपड़े पहने ऑर बाहर
जाके बेड पे गिर गया बहुत थक गया था बॉडी मे बिल्कुल भी जान नही बची थी,,पता नही
कब आँख लग गई ऑर मैं सो गया,,,,,,,,,,,,,,
Reply
07-10-2019, 03:22 PM,
#16
RE: Desi Porn Kahani कहीं वो सब सपना तो नही
सुबह देर से उठा वैसे भी आज सनडे था उठ कर बाथ लेके नीचे चला गया नीचे दीदी
ऑर बुआ बैठ कर नाश्ता कर रही थी,,मुझे देख कर बुआ ने बोला बेटा नाश्ता करोगे,,
मैने बोला जी बुआ ,,,क्या बनाया है,,,

,आलू के परान्ठे,,

,मैं भी डाइनिंग टेबल पे बैठ
गया ऑर नाश्ता करने लगा,,,दीदी ऑर बुआ दोनो नाइट सूट मे थे जबकि मैने बरमूडा ऑर
बनियान पहनी हुई थी,,दीदी सोनिया कहाँ है,,,,,वो तो सुबह ही मेरा अक्तिवा लेके कविता के
घर चली गई थी,
,,,,,ऑर पापा,,,,,,,,

वो भी क्लब चले गये बेडमींटन खेलने,,,,तुम इतना देर से क्यू उठे आज,,,,,,,
,वैसे ही दीदी एक तो आज सनडे था ऑर वैसे भी मैं रात को
काफ़ी लेट तक गेम खेलता रहा,,,,कॉन्सी गेम खेल रहे थे हमें भी बता दो ज़रा,,,बुआ
ने पूछा ऑर फिर बुआ ऑर दीदी हँसने लगे,,,,,मैं व्वूवूवू फार क्राइ 3 खेल रहा था,,,,
ओककककक मुझे तो लगा शायद तुम वो वाली गेम खेल रहे थे,,,
,वो वाली??? वो वाली कॉन्सी बुआ,

,,,,कुछ नही ऐसे ही,,,,,,फिर दोनो हँसने लगी,,,,अच्छा ये तो बताओ सन्नी बेटा
तुम्हारी गर्लफ्रेंड का क्या हाल है,,,,

मैं एक दम से हैरान हो गया कि बुआ ने एक दम से ऐसा क्यू पूछा,,,,मेरी तो कोई गर्लफ्रेंड ही नही है बुआ,,,,,

,कोई गर्लफ्रेंड नही है क्यू झूठ बोलते हो बेटा इतने बड़े हो गये हो ऑर कोई गर्लफ्रेंड नही है,,,,

अभी बड़ा कहाँ हुआ हूँ बुआ अभी तो मैं बच्चा हूँ ,

,दीदी बोली हाइ मेरा शोना बच्चा कितना मासूम है,,,,कोई गर्लफ्रेंड ही नही है इसकी,
ऑर फिर से बुआ ऑर दीदी हँसने लगी,,,

मुझे कुछ समझ नही आ रहा था कि क्या हो रहा है
फिर मैने नाश्ता किया ऑर सोफे पे बैठ कर टीवी देखने लगा बुआ ओर दीदी किचन मे चली
गई बर्तन धोने ओर वापिस आके मेरे पास बैठ गई,,,,तभी कुछ देर हम चुप चाप टीवी
देखते रहे फिर दीदी उठा गई ऑर बोली कि मैं तो चली थोड़ी देर आराम करने आप लोग टीवी
देखो,,,,,

,मैने बोला दीदी अभी तो आप जागी हो अभी सोने जा रही हो,,क्या रात को सोई नही
थी,,,

नही मेरे शोना भाई रात को मैं भी गेम खेल रही थी लेट नाइट तक,,फिर से
दोनो हँसने लगी,,

,इस बार मैं उनकी बात समझ गया था क्यूकी मुझे पता था रात को उन
दोनो ने क्या गेम खेली थी,,,,कॉन्सी गेम खेली आपने दीदी मुझे भी बताओ मुझे भी खेलना
है वो गेम,,,,,,

,वो गेम बच्चो के लिए नही है बडो की गेम है वो,,,,

मैं भी तो बड़ा हो गया हूँ अभी तो बुआ ने बोला था,,,,,

देखो बेटी अभी जब मैने कहा तुम बड़े हो गये हो तो बोलने लगा मैं छोटा हूँ ओर अभी गेम के नाम पे फिर बड़ा हो गया,,,,फिर दोनो हँसनेलगी,,,,,



तभी मैं बोला कि दीदी अगर लेटना है तो यही लेट जाओ सोफे पे बट अगर नींद आई है तो
तुम उपेर जा सकती हो,,,,

क्यू मेरे भाई तुझे मेरे से कुछ काम है क्या जो यही रुकने को बोल रहा है,,,,,

नही दीदी कोई काम नही है,,,बट आप लोगो के साथ बैठने के लिए एक यही
सनडे का दिन होता है वैसे तो आप लोग अपने काम मे बिज़ी रहती हो दिन रात,,,,,

ओह्ह्ह मेरा शोना भाई ,,,आज मेरे भाई का दिल कहाँ से कर गया मेरे से बात करने को,,

,मैने तो ऐसे ही बोला है दीदी,,रुकना है तो रूको वरना आपकी मर्ज़ी ,,,

मेरे भाई ने आज पहली बार इतने प्यार से बोला है रुकना तो पड़ेगा,,,लेकिन एक शर्त है,,,

क्या दीदी,,,,,

मुझे तेरी गोद मे सर रखके लेटना है,,,,,,

,इसमे क्या बड़ी बात है दीदी आ जाओ,,,,,मैं बड़े वाले सोफे पे बैठा हुआ था ऑर दीदी के लेटने के लिया जगह बनाने के लिए मैं एक साइड को हो गया,,ऑर दीदी मेरे पास आके मेरी गोद मे सर रखके लेट गई बुआ मेरी लेफ्ट साइड के सोफे पे बैठी हुई थी,,मैं टीवी देख रहा था टीवी मे 3 ईडियट्स मूवी चल रही थी दीदी भी मेरी गोद मे लेट
कर टीवी देखने लगी,,मैने देखा दीदी की नाइटी के बटन खुले हुए थे ऑर उनके बूब्स
हल्के हल्के नज़र आ रहे थे,,,दीदी पीठ के बल सीना उपर करके लेटी हुई थी दीदी के
बूब बड़े थे इसलिए नाइटी मे से बाहर निकल रहे थे,,मैं टीवी देखता हुआ नज़रे बचा
कर दीदी के बूब्स के दर्शन कर रहा था ,,तभी दीदी टीवी की तरफ करवट लेके पलट गई ऑर
हल्का सा उपेर की साइड होके मेरी गोद मे अपना सर अड्जस्ट करके लेट गई ओह माइ गॉड,,दीदी का
सर बिल्कुल मेरे लंड के उपेर था,,,मुझे डर था की अगर लंड ने हल्की सी भी अंगड़ाई ले
ली तो दीदी को पता चल जाना है अब मैं कुछ कर भी नही सकता था,,मैं चुप-चाप टीवी
देखने लगा,,,फिर कुछ देर बाद मैने दीदी की तरफ देखा तो मेरी आँखें उनके बूब्स पे जा
टिकी,,करवट लेने के कारण दीदी के बूब्स हल्का सा नीचे की ओर हो गये थे दीदी ने अपनी
बाहों को क्रॉस करके अपनी हथेलियों की अंडरआर्म्स के करीब किया हुआ था जिसकी वजह से
उनके बूब्स थोड़ा ज़्यादा बाहर की तरफ निकल आए थे,,उनका उपेर वाला बूब नीचे वाले बूब
के साथ चिपका हुआ था ऑर नीचे वाला बूब दीदी हथेली के कारण आधे से ज़्यादा बाहर की
तरफ निकल आया था,,,मैं टीवी देखना भूल ही गया था ऑर नज़रे गढ़ा कर दीदी के बूब्स को
निहार रहा था,,तभी मैने देखा कि बुआ मेरी तरफ ही देख रही थी ऑर मुस्कुरा रही
थी मैने जल्दी से अपनी नज़रे टीवी की तरफ करली,,मैं डर गया था मुझे पक्का यकीन था
की बुआ ने मेरी चोरी पकड़ ली है,,

Reply
07-10-2019, 03:22 PM,
#17
RE: Desi Porn Kahani कहीं वो सब सपना तो नही
बुआ क्या देख रहे हो छोटे मिया जी,,,

मैं वउूओ,,,,मैं वो मूवी देख रहा हूँ,,,,

अच्छा कैसी लग रही है मूवी,,

,,बहुत अच्छी लग रही है

,,,,अच्छा जी लगता है कुछ ज़्यादा ही पसंद है आपको ये मूवी,,,,

जी हां भुआ ये तो मेरी सबसे पसंदीदा मूवी है,,,,,

सच मे तुमको ये मूवी बहुत अच्छी लगती है,,,

हाँ बुआ

,,अच्छा ठीक है तो ज़ी भरके देखो ओर एंजाय करो,,

मैं मूवी देखने लगा ,,फिर 2 मिंट बाद मैने महसूस किया कि मेरा लंड हार्ड ही गया था,,अरे बाप रे अब ये क्या हो गया अब
तो दीदी को पता चल चुका होगा अब क्या करू मैं,,,,तभी मैने बोला,,,,,ओह्ह्ह शिट

,,,क्या हुआ भाई,,,

जल्दी उठो दीदी मुझे जाना है,,,,

क्या हुआ भाई कहाँ जाना है,,,,,

मुझेअभी याद आया कि मेरे दोस्त ने मुझे बुलाया था उसको थोड़ा काम था मेरे से मैं तो भूल
ही गया था,,दीदी ने अभी हल्का सा सर उठाया था कि मैं झट से उठ खड़ा हुआ,,

ये बात तो ग़लत है भाई तुमने मुझे सोने से रोका था ऑर खुद अब जा रहे हो,

,तभी मैने देखा कि बुआ की नज़र मेरे आधे खड़े लंड पे थी,,,,

लगता है इसको मूवी अच्छी नही लगी,,या शायद कुछ ज़्यादा ही अच्छी लगी है,,,,ऑर हँसने लगी,,,

मैं जल्दी दीदी को सॉरी बोला,,,,, सॉरी दीदी मेरा जाना ज़रूरी है,,ऑर इतना बोलकर मैं अपने रूम मे भाग गया,,,रूम मे
जाके मैने सोचा कि क्या बुआ ने सच मे मुझे दीदी के बूब्स देखते पकड़ लिया होगा,,,क्या
दीदी को मेरे लंड मे हुई हलचल का पता चल गया होगा,,,क्या बुआ ने मेरे आधे खड़े लंड
को देख लिया होगा ,,यही सोच कर मैं परेशान होने लगा,,,मुझे कही जाना तो नही था
बट फिर भी मैं जल्दी से तैयार होके नीचे चला गया,,,

,कब तक वापिस आओगे भाई,,,,दीदी ने पूछा,,,

,दीदी मैं 5 बजे तक आउन्गा,,,,अभी जस्ट 12 बजे थे,,,मैं बाइक लेके घर
से चल पड़ा,,,,,



मेरे दोस्त का घर 30 मिनिट की दूरी पर था वो भी बाइक पे,,30 मिनिट बाद मैं उसके घर
पहुँचा ऑर डोर बेल बजाई तो उसकी बेहन बाहर आई नमस्ते शिखा दीदी

नमस्ते सन्नी,क्या हाल है,,

फाइन दीदी,हाउ आर यू,

आइ,म ऑल्सो फाइन,,,कैसे आना हुआ सन्नी,

,दीदी मैं करण से मिलने आया था,,,,

ओह सॉरी सन्नी तुम लेट हो गये वो अभी कुछ देर पहले ही मोम-डॅड के साथ बाहर
अपने नाना-नानी के घर गया है,,

,,वो कब तक वापिस आएगा दीदी,,

कुछ पक्का नही सन्नी फिर भी 6 बजे से पहले तो नही आएगा,,,

,ठीक है दीदी तो मैं चलता हूँ,,,,

अरे अंदर आओ चाइ तो पीके जाओ,,,

नही दीदी मुझे कहीं जाना है लेट हो रहा हूँ,,,

ठीक है सन्नी,,

दीदी करण आए तो बता देना कि मैं आया था,,,,

ठीक है सन्नी,,,,,,

बाइ शिखा दीदी,,

,बाइसन्नी,,
Reply
07-10-2019, 03:23 PM,
#18
RE: Desi Porn Kahani कहीं वो सब सपना तो नही
फिर मैने बाइक स्टार्ट की ऑर वापिस घर की तरफ़ चल पड़ा घर पहुँचा तो देखा कि
डोर लॉक था,,,मैं समझ गया कि दीदी ऑर बुआ मस्ती कर रहे होंगे,,,पहले तो सोचा कि
उनको डिस्टर्ब नही करता कहीं ऑर चला जाता हूँ,,फिर सोचा कि इतनी गर्मी मे कहाँ जाउन्गा
यही सोच कर मैने बेल बजा दी,,लेकिन कोई बाहर नही आया,,,मैने फिर बेल बजाई बट
कोई फ़ायदा नही हुआ,,मैं लगातार बेल बजाता रहा करीब 10 मिनिट बाद बुआ ने डोर खोला
अरे तुम तो 5 बजे आने वाले थे इतनी जल्दी वापिस आ गये,,,

भुआ मैं जिस दोस्त के पास गया था वो घर पे नही था,,हम ने कहीं जाना था मैं लेट हो गया तो वो अकेला चला गया

,ठीक है अब बेटा,,,

,मैं घर के अंदर चला गया,,,मैने देखा कि दीदी अभी भी उसी सोफे पे
लेटी हुई थी,,,अरे दीदी यहीं है अभी तक इसका मतलब इन दोनो ने अपना प्रोग्राम नही किया,
दीदी ने भी सेम प्रश्न किया,अरे तुम इतनी जल्दी आ गये,,,मैने भी सेम अन्सर किया जो बुआ
को किया था,,,,फिर मैं दूसरी साइड वाले सोफे पे बैठ गया,,,,बुआ मेरे सामने बैठ गई,,
ऑर दीदी वही लेटी रही,,,

,सन्नी यहाँ आओ मेरे पास मुझे तुम्हारी गोद मे सर रखना है,

नही दीदी अभी नही अभी मैं थका हुआ हूँ ,,,ऑर वैसे भी गर्मी लग रही है,,तभी
मैने देखा कि डॅड सीडियों से नीचे आ रहे थे,,,डॅड आप कब आए घर,,

,अभी आया हूँ बेटा 10 मिनिट पहले,,

,मुझे नही पता था आप घर पे हो क्यूकी आपकी कार नज़र नही आई बाहर,,,,

बेटा कार मे कुछ प्राब्लम हो गई थी वर्कशॉप छोड़ कर आया हूँ,,ऑर डॅड अपने
रूम मे चले गये ओर डोर क्लोज़ कर लिया,,टीवी पे अभी भी 3 ईडियट्स मूवी ही चल रही थी
मैं मूवी देखने लगा बुआ सामने थी मेरे ऑर दीदी लेफ्ट साइड पे ऑर राइट साइड पे टीवी था
दीदी फिर करवट लेके टीवी की तरफ मूह करके लेटी हुई थी मुझे पता था इस तरह लेटने की
वजह से दीदी के बूब नज़र आते होंगे,,मैने बुआ से नज़रे बचा कर दीदी की तरफ देखा
तो सच मे दीदी के बूब अभी पहले से भी ज़्यादा बाहर की तरफ थे,,मैने गौर से देखा तो
पाया कि दीदी ने अभी ब्रा नही पहनी हुई थी लेकिन मेरे जाने से पहले तो दीदी ने ब्रा पहनी
हुई थी इसका मतलब दीदी ऑर भुआ ने कुछ टाइम के लिए खेल तो खेला ही होगा,,यही सोचते-2
मैं दीदी की तरफ देखता रहा

तभी बुआ बोली,,,,,लगता है सन्नी तुमको ये मूवी कुछ ज़्यादा ही पस्संद है,,,

मैं एक दम डर गया ओर टीवी देखने लगा,जी ,जी हहान बुआ जी,

,मुझे लगा ही था सन्नी बेटा तभी तो इतनी गर्मी मे बाहर से आके भी तुम अपने रूम मे जाके बाथ
लेने की जगह यही बैठ गये मूवी देखने,,

,जी हां बुआ जी,,,,,

अभी भी गर्मी तो नही लग रही बेटा,,,,

,थोड़ी सी लग रही है बुआ ,,

,ठीक है रूको मैं तुमको मौसमी का जूस निकाल कर देती हूँ,बोलो पियोगे ना,,

जी बुआ जीई,,,,,तभी बुआ मेरी तरफ देख कर हँसते
हुए किचन की तरफ चल पड़ी,,चलो बुआ मैं भी हेल्प करती हूँ आपकी दीदी ने कहा,,

मैने सोचा एकजूस निकालने के लिए क्या हेल्प की ज़रूरत,,,,पक्का ये लोग किचन मे कुछ करने गये है,,
मैं भी चुपके से उनके पीछे चला गया जैसे ही मैं किचन के पास पहुँचा तो दीदी बोल
रही थी,,,,,,,आज सारा मज़ा खराब कर दिया थोड़ा लेट आता तो क्या जाता दीदी गुस्से मे लग
रही थी,,,,,ऑर गुस्से मे हो भी क्यू ना उसके साथ भी क्ल्प्ड हो गया था,,,,खड़े लंड पे
डंडा लग गया था,,ऑर हो भी क्यू ना,,दोनो मज़ा कर रही थी पहले डॅड आ गये जो कि शाम
को 7 बजे क्लब से वापिस आते है ऑर दूसरा मैं जो 5 बजे बोल कर 1 अवर मे ही वापिस आ गया

,,कोई बात नही शोभा बेटी तेरी मोम वेडनेसडे से पहले आने वाली नही है तब तक हम बहुत
एंजाय कर सकते है वो भी दिन के उजाले मे,रात को बंद कमरे मे तो अक्सर करते है,,,फिर
बुआ ऑर दीदी हँसने लगे,,,,,तभी जूस मशीन चलने की आवाज़ आने लगी ऑर मैं वापिस जाके
सोफे पे अपनी जगह पे बैठ गया,बुआ ओर दीदी बाहर आई ऑर मुझे जूस का ग्लास दिया मैने
जूस पी लिया,,फिर बुआ बोली कि मुझे थोड़ा काम है बुटीक का मैं ज़रा जाके आती हूँ
दीदी बोली बुआ मैं भी साथ चलती हूँ मैं घर पे क्या करूँगी,,ठीक है तुम भी चलो,
बुआ ऑर दीदी तैयार होके चले गये,मैं समझ गया कि घर पे डॅड ऑर मैं भी इसलिए ये लोग
बुटीक पे जा रहे है ऑर वहाँ जाके एंजाय करेंगे,,क्यूकी बुटीक के उपेर भी रहने ऑर
सोने की जगह है,,,वहाँ 2 रूम विद किचन ऑर बाथरूम,,वो रूम्स वहाँ पे काम करने
वाली लड़कियों के लिए बनाए थे क्यूकी वो लड़किया आउट ऑफ सिटी से थी इसलिए वो वहीं रहती
थी,,लेकिन अब वो वहाँ नही रहती उन लोगो ने अपना एक फ्लॅट रेंट पे लिया हुआ है,,,वो लोग
चले गये ऑर मैं भी अपने रूम मे गेम खेलने चला गया,,तभी कुछ देर बाद डॅड मेरे रूम
मे आए,,,सन्नी बेटा नीचे आके डोर लॉक कर्लो मैं वर्कशॉप तक जा रहा हूँ वहाँ से कॉल
आई है कार के बारे मे उन लोगो ने कोई बात करनी है,,,,,डॅड बाहर चले गये ऑर मैं डोर
लॉक करके नीचे ही बैठ गया ऑर फिर से टीवी देखने लगा,,,,,,रात को 8 बजे डॅड वापिस आ
गये लेकिन कार अभी भी वहीं थी, डॅड के आने के बाद मैं फिर उपेर अपने रूम मे चला गया ,,
Reply
07-10-2019, 03:23 PM,
#19
RE: Desi Porn Kahani कहीं वो सब सपना तो नही
करीब 9 बजे शोभा दीदी मुझे डिन्नर क लिए बुलाने आई,,मैं तभी बेड पे लेटा हुआ था,,
क्या हुआ सन्नी तेरी तबीयत तो ठीक है ना,,,,

हाँ दीदी बट ऐसा क्यू पूछा अपने,,,,

बस ऐसेही क्यूकी जब भी तू रूम मे होता है तो गेम ही खेलता है आज बड़े आराम से बेड पे लेटा
हुआ है इसलिए पूछा ऑर हँसने लगी,,,

,हाँ दीदी अब सोचता हूँ ये गेम खेलना छोड़ दूं क्यूकी बुआ बार बार बोलती रहती है कि सन्नी बेटा तुम बड़े हो गये हो ऑर मैं भी हँसने लगा

ऐसे ही हंसते-2 बातें करते हुए मैं ओर दीदी नीचे डाइनिंग टेबल की तरफ आ रहे थे डॅड
ऑर बुआ वही बैठे हुए थे,,,

,क्या बात है बड़ी हँसी आ रही है भाई-बेहन को,,

कुछ नही डॅड बस ऐसे ही हँसी मज़ाक कर रहे थे,,सन्नी बोल रहा था कि अब वो बच्चा नही रहा
इसलिए गेम खेलना छोड़ देगा इसी बात पे हंस रहे थे,,

,तभी डॅड ऑर बुआ भी हँसनेलगे,,,,,अरे सन्नी बेटा तुम गेम खेलना छोड़ दोगे तो तुम्हारा कंप्यूटर तो अनाथ ऑर लाचार
हो जाएगा फिर कॉन पूछेगा उसका हाल,,,,,ऑर फिर सब हँसने लगे,,ऑर तेरे न्यू लॅपटॉप का क्या
होगा,,,,,,

तभी मैं खुश हो गया,,,,कॉन्सा लॅपटॉप,,कहाँ है लॅपटॉप,,,,

अरे अरे इतने भी उतावले मत हो अभी मैं लाया नही हूँ लॅपटॉप बट कुछ दिनो मे ले आउन्गा,,

,तभी मैं डॅड के पास गया ओर उनको हग करके बोला,थॅंक्स्क्स डॅड आप बहुत अच्छे हो,,,

चल अब मस्का नही मार ऑर डिन्नर कर,,,मैं ओर दीदी डिन्नर करने के लिए बैठ गये,,,,,

अरे सन्नी बेटा तूने सोनिया को फोन करके पूछा था कि वो कब आएगी,,,,

नही डॅड क्या वो अभी तक नही आई,,,,,

नही आईबेटा इसलिए बोल रहा हूँ,,,,तभी डोर खुला ऑर सोनिया आ गयी,,कहाँ थी इतनी देर बेटी,,,

डॅड मैं कविता के घर पे थी,,,उसके घरवाले कहीं बाहर गये थे इसलिए मैं वहाँ गयी
थी,,सोचा दिन भर कुछ बातें भी कर लेंगे ऑर नोट्स भी तैयार हो जाएँगे,,उसके घर वाले
अभी आए थे कुछ देर पहले इसलिए मैं लेट हो गयी,,,

कोई बात नही बेटा आओ डिन्नर करो ओर नेक्स्ट टाइम जब लेट होना हो तो कॉल कर दिया करो,,,,,,

ठीक है डॅड,,,,,,

,ऑर हाँ अपने इस भाई की हेल्प भी कर दिया करो स्टडी मे,,,,,,

,मैं तो हेल्प करती हूँ डॅड बट इसको गेम से फ़ुर्सत ही नही मिलती,,,,,

अब मिलेगी इसको फ़ुर्सत बेटी अब इसने गेम खेलना छोड़ दिया है,,

इसी बात पे सोनिया हँसने लगी ओर उसके साथ बाकी सब लोग भी,,,,,ऐसे ही बातें करते-2 हम
लोगो ने डिन्नर ख़तम किया ओर अपने-2 रूम मे चले गये,,,,


रात करीब 10:30 पे मैं बाथरूम मे चला गया मैं दीदी ऑर बुआ को देखना चाहता था,,
बट 11 बजे तकवेट किया फिर भी कोई नही आया,,,मैने सोचा कि आज वो लोग बुटीक पे गये
थे शायद वही ज़्यादा मज़ा कर लिया होगा,,क्यूकी सनडे को बुटीक पे कोई नही होता,,उन
लोगो के पास बहुत टाइम था ओर मोका भी,,,,बट मेरा दिल बहुत कर रहा था आज मूठ मारने को
क्यूकी नून टाइम मे दीदी के बूब्स जो देखे थे वो भी इतना करीब से,,,,बट जब तक कोई
पॉर्न मूवी नही देखी हो तब तक मूठ नही मारी जाती मेरे से,,,,,अगर बुआ ऑर दीदी की लाइव
टेल्कास्ट पॉर्न देखने को मिल जाती तो मज़ा आ जाता,,,,,,मैने सोचा चलो रूम मे जाके कोई
अच्छी सी पॉर्न मूवी देखते है बाद मे बाथरूम मे आके मूठ मार लेंगे,,,,यही सोच कर मैं
रूम से बाहर निकला,,तभी देखा की सोनिया अपने बेड मे पेट के बल पीठ उपर करके लेटी
हुई थी,,उसने आज वही पिंक कलर का ढीला सा कुर्ता ऑर साथ मे एक रेड कलर की छोटी सी
स्कर्ट पहनी हुई थी ,,कुर्ता भी ढीला था इसलिए वो उसकी आधी पीठ तक उपेर उठा हुआ था
उसकी गोरी ऑर च्मकदार पीठ हल्की रोशनी मे भी चाँदी के जैसे चमक रही थी,,उसकी स्कर्ट
भी बहुत छोटी थी जिस वजह से उसके नितंब नज़र आ रहे थे,,उसको ऐसी हालत मे देख
कर मेरे लंड ने अंगड़ाई लेना शुरू कर दिया,,,मैने सोचा कि इतना अच्छा माल पास मे लेटा
हुआ है तो पॉर्न मूवी क्यू देखनी,,,,मैने अपने लंड को पॅंट मे से बाहर निकाला ऑर सोनिया को
देखते हुए मूठ मारने लगा,,,मैं उसके पास बेड पे अपनी टाँगें नीचे किए हुए बैठ गया ऑर
मूठ मारने लगा,,मैने अपना एक हाथ उसकी नंगी पीठ मे रख दिया,,ऑर उसकी पीठ को बड़े
प्यार से सहलाने लगा,,ऑर साथ मे मूठ मारता रहा,,कुछ देर उसकी पीठ को सहलाने के बाद
मैने उसकी स्कर्ट को हल्का सा उपेर किया ऑर उसके नंगे नितंब को अपने हाथ मे ले लिया,,क्या
बताऊ ये एहसास कितना अच्छा था,,उसके नितंब एक दम सॉफ्ट ओर चिकने थे,,मेरा दिल तो कर रहा
था कि अभी इसकी पैंटी उतार दूं ऑर अपना लंड पेल दूं इसकी गान्ड मे,,,बट ऐसा नही कर
सकता था,,नितंब की गर्मी के कारण मेरी हालत खराब हो रही थी ऑर मेरे हाथ की स्पीड भी
लंड पे तेज हो गयी,,,जिसकी वजह से बेड हल्का सा हिलने लगा,,,मैं डर गया कि बेड हिलने की
वजह से अगर सोनिया जाग गयी ऑर मुझे इस हालत मे देख लिया तो मेरी मौत पक्की है,,बट अब
मैं अपने मज़े की चरम सीमा पे पहुँच गया था अब रुकना मुश्किल था अब चाहे आँधी
आए या तूफान ऐसी हालत पे कोई मर्द नही रुक सकता,,,तभी मेरे लंड ने ज़ोर दार पिचकारी के
साथ अपना माल छोड़ दिया सारा पानी नीचे ज़मीन पर गिरा,,ऑर कुछ मेरे हाथ पे लग गया,,
Reply
07-10-2019, 03:23 PM,
#20
RE: Desi Porn Kahani कहीं वो सब सपना तो नही
कुछ
देर मैं ऐसे ही बैठा रहा मेरा हाथ अभी भी उसकी स्कर्ट पर था ऑर दूसरा लंड पर,जब
लंड पूरी तरह सो गया तो मैने उठा कर उसको पयज़ामे के अंदर किया ऑर अपने बेड पे जाके सो
गया,,मैं ज़मीन पर गिरे हुए पानी(स्पर्म) को सॉफ करना भूल ही गया था,,,,

सुबह उठ कर तो याद आया कि मैने ज़मीन पेर ही पानी छोड़ दिया था ऑर उसको सॉफ भी नही
किया था,,,लेकिन ज़मीन की तरफ देखा तो ज़मीन बिल्कुल सॉफ थी,,मैं डर गया कहीं सोनिया
ने उसको देख ना लिया ओर ऑर सबसे बड़ी बात ये थी कि इसको सॉफ किसने किया,,,सोनिया रूम मे
नही थी शायद वो नीचे होगी,,,,,मैं भी तैयार होके नीचे चला गया,,,सोनिया नाश्ता कर
रही थी,,,वो मेरी तरफ बड़ी अजीब नज़रो सी देख रही थी,,,मैं डर गया ,,क्यूकी तभी
डॅड भी वहीं बैठे हुए थे,,मैं डरते हुए डाइनिंग टेबल पे बैठ गया,,ऑर नाश्ता करने
लगा,,,नाश्ता करके मैं ओर सोनिया कॉलेज चले गये,,नेक्स्ट डे कॉलेज मे छुट्टी थी क्यूकी
वेडनेसडे से हमारे टेस्ट शुरू होने थे,,मैं ओर सोनिया घर आ रहे थे तो सोनिया ने बोला
कि मुझे कविता के घर छोड़ देना मुझे टेस्ट की त्यारी करनी है ऑर नोट्स भी तैयार करने
है,,,,,,मैने उसको कविता के घर छोड़ा ऑर घर की तरफ चल पड़ा...घर पहुँचा तो
आज भी बुआ घर पे थी,,,,,अरे बुआ आज भी आप बुटीक पे नही गयी,,

,नही बेटा तेरी मोम घर पे नही है मैं भी चली जाती तो तेरे को खाना कॉन बना कर देता,,,चल तू
फ्रेश होके आजा मैं खाना लगा देती हूँ,,

मैने बोला बुआ फ्रेश बाद मे हो जाउन्गा भूक बहुत लगी है पहले खाना लगा दो प्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़...

ठीक है बेटा तुम रूको मैं खाना लगा देती हूँ,,,,,,,

तभी मैने देखा की डॅड उपेर से नीचे आ रहे थे,,,उनके हाथ मे कुछ
फाइल्स थी,,,,अरे डॅड आज आप भी बॅंक नही गये क्या,,,,,

,नही बेटा मैं तो अभी आया मेरी कुछ पुरानी फाइल्स उपेर स्टोर रूम मे पड़ी हुई थी वही लेने आया था,,,इतना बोल कर डॅड
चले गये ऑर बुआ भी खाना लेके आ गयी,,मैं खाना खाने लगा ऑर बुआ सामने वाली चेर पे
बैठ गयी,,,उन्होने अभी तक नाइट सूट ही पहना हुआ था,,जिसके उपेर के 2 बटन खुले हुए
थे ऑर उनका क्लीवेज नज़र आ रहा था,,बुआ ने मुझे उनकी तरफ देखने हुए देख लिया,,
तभी मैने बोला बुआ अभी तो दिन है ऑर आप नाइट सूट ही पहने हो,,,

अरे बेटा मुझे आज बुटीक नही जाना था इसलिए कपड़े चेंज करके क्या करती,,सो मैने नाइट सूट ही पहने
रखा,,,,,,तभी कुछ देर बाद दीदी भी नीचे आ गयी,,,,,,अरे दीदी आप भी कॉलेज नही गयी
आज,,,,,,,,,आज तेरी दीदी की तबीयत ठीक नही थी सन्नी बेटा,,,,

मैं समझ गया कि तबीयत का तो बहाना है आप दोनो ने घर मे मस्ती जो करनी थी,,,,क्यूकी अक्सर जब मोम ऑर मामा जी गाओं जाते है तो बुआ बुटीक नही जाती ऑर दीदी भी बीमारी का बहाना करके घर पे ही
रहती है,,,,,,,,दीदी जाके सोफे पे बैठ गयी ऑर टीवी ऑन कर लिया,,,,मैने भी खाना ख़तम
किया ऑर उपेर अपने रूम मे जाके बाथ लेके टी-शर्ट ऑर बेरमूगा पहन कर नीचे उन लोगो के पास
आ गया,,,,आज दीदी छोटे सोफे पे बैठी हुई थी ऑर बुआ बड़े सोफे पे लेटी हुई थी,,बुआ
के बूब्स ज़्यादा बड़े तो नही थे लेकिन फिर भी हल्के-2 नज़र आ रह थे क्यूकी उनकी नाइटी
के उपेर वाले बटन कूले हुए थे,,,,दीदी का ध्यान टीवी की तरफ था बुआ भी टीवी देखने मे
मस्त थी ऑर मैं बुआ के बूब्स देखने मे,,,तभी बुआ ने मेरी तरफ देखा ऑर हँसने लगी,,
मैने डरकर नज़रे चुरा ली ऑर टीवी देखने लगा,,,,फिर मेरी हिम्मत ही नही हुई दोबारा बुआ
की तरफ देखने की,,,,



शाम क 6:30 बजे ऑर दाद घर पे आ गये,,

,डॅड सोनिया नही आई आपके साथ,

,नही बेटा उसकी कॉल आई थी मुझे कि टेस्ट की त्यारी करनी है इसलिए आज वो कविता क घर पर ही रहेगी रात को
वो बोल रही थी कि आप लोगो के टेस्ट शुरू होने वाले है ,

,यस डॅड वेडनेसडे से टेस्ट शुरू हो रहे है,,,कुछ ऑर भी बोला था क्या सोनिया ने डॅड,,,

,नही बेटा ओर तो कुछ नही बोला,,क्यू कुछ ऑर भी बात करनी थी क्या उसने मुझसे,,,

,नही डॅड मैं तो ऐसे ही पूछ रहा था,,मैंडर रहा था कहीं सोनिया ने डॅड को बता ना दिया हो कि कल हमारी कॉलेज से छुट्टी है,,क्यू कि मैने भी घर पे किसी को नही बताया था कल की छुट्टी के बारे मे ,,मैं कल बुआ ऑर
दीदी को मस्ती करते देखना चाहता था,,,,,



रात को डिन्नर करने के बाद मैं अपने रूम मे चला गया,,थोड़ी देर गेम खेली फिर 10:30
को बाथरूम मे जाके बुआ ऑर दीदी की वेट करने लगा,,लेकिन 11 बजे तक कोई नही आया ,मैं
चुप-चाप बाहर जाके लेट गया ऑर सो गया,,रात को करीब 1 बजे मुझे बड़ी प्यास लगी मैं
उठ कर बाहर गया बाहर के हॉल मे एक फ्रिड्ज रखा हुआ था मैने फ्रिड्ज मे से पानी की
बॉटल निकाली ऑर पानी पीने लगा,,पानी पीने के बाद मैं अपने रूम की तरफ जा रहा था तभी
मुझे बुआ के रूम से हल्की सी आवाज़ आई,,,,,ओह आआहह
मैं समझ गया कि चुदाई का खेल शुरू है मैं डोर के की होल से अंदर देखने लगा ऑर
तभी मुझे दूसरी तरफ के रूम( जो कि बुआ का ड्रॉयिंग रूम है) का डोर खुलने की आवाज़
आई,,मैं झट से अपने कमरे मे चला गया मुझे लगा कहीं डॅड ना हो,,लेकिन मैने सोचा कि
डॅड का उपेर क्या काम,,,,,मैने अपने रूम से कीहोल मे से बाहर देखा तो वो डॅड नही थे
बुआ थी,,,मैने सोचा अगर बुआ उस रूम मे थी तो दीदी किसके साथ एंजाय कर रही थी,,
बुआ ने नाइट गाउन पहना हुआ था जो आगे से पूरी तरह खुला हुआ था,,मैने देखा कि बुआ
ने ना तो ब्रा पहनी हुई थी ऑर ना ही पैंटी,,,बुआ अपने रूम मे चली गयी ऑर तभी बुआ
वापस आ गयी बुआ के साथ मे दीदी भी थी जो बिल्कुल नंगी थी,,,बुआ उसको साथ लेके साथ
वाले ड्रॉयिंग रूम मे चली गयी,,,ड्रॉयिंग रूम मे डोर के बंद होने की आवाज़ सुनके मैं अपने
रूम से बाहर निकला ओर ड्रॉयिंग रूम की तरफ चल पड़ा,,,मैने अंदर देखने की ऑर
आवाज़ सुनने की बड़ी कोशिश की बट कोई फ़ायदा नही हुआ,,,डोर लॉक था ओर कीहोल के सामने
भी कर्टन था ऑर अंदर हल्की आवाज़ मे म्यूज़िक चल रहा था जिसकी वजह से मुझे कोई ओर
आवाज़ भी सुनाई नही दे रही थी,,,,,,मैं निराश होके वापिस अपने रूम मे चला गया,,
मैं इतना ज़्यादा निराश सा हो गया कि अब मेरा दिल भी नही किया कुछ करने को ,,मैं बेड पे
लेट गया ऑर सो गया,,,,
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