Sex Hindi Kahani तीन घोड़िया एक घुड़सवार
03-13-2019, 11:51 AM,
#1
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तीन घोड़िया एक घुड़सवार--1

चेतावनी ...........दोस्तो ये कहानी समाज के नियमो के खिलाफ है क्योंकि हमारा समाज मा बेटे और भाई बहन और बाप बेटी के रिश्ते को सबसे पवित्र रिश्ता मानता है अतः जिन भाइयो को इन रिश्तो की कहानियाँ पढ़ने से अरुचि होती हो वह ये कहानी ना पढ़े क्योंकि ये कहानी एक पारवारिक सेक्स की कहानी है 
writer-- RKS

hindi font by me
सुबह सुबह गीता ने अजय को बिस्तेर से जगाते हुए कहा बेटा उठ सुबह के 9 बज रहे है तू अभी तक सो रहा है आज तेरे भैया की शादी की शापिंग के लिए भी जाना है …अजय कसमसाते हुए उठता हू मा आप भी ना सोने भी नही देती क्या मा और अपनी आँखे मलते हुए अजय उठ बैठा और सीधा बाथरूम मे घुस गया. तभी रश्मि नेकिचन से मा को पुकारा मा पापा का बॅग दे दो वो ऑफीस जा रहे है गीता अभी लाई तभी अजय बाथरूम से मूह पोछते हुए सीधे किचन मे दीदी चाइ दे दो, दीदी उठ गये लाड़ साहिब 9-9 बजे तक पड़े रहते हो विजय भैया की शादी के लिए शापिंग करने नही चलेगा क्या तू अरे दीदी मे क्यो नही चलूँगा मेरे बिना शापिंग हो सकती है क्या पर विजय भैया को देखो उनकी शादी है फिर भी उन्हे ऑफीस के काम से फ़ुर्सत ही नही मिलती है. 8 दिन बाद उनकी शादी है और वो ऑफीस के काम से देल्ही गये है 3 दिनो के लिए. उधर गीता ने राजेश को बॅग देते हुए लो जी आपका बॅग और हम लोग आज शापिंग करने जा रहे है ठीक है भाई जाओ मुझे तो मेरी डूटी बजानी पड़ेगी अच्छा मे चला.

दरअसल राजेश उम्र 48एक प्राइवेट कंपनी मे मॅनेजर है और काम के बोझ मे समय से पहले ही बूढ़ा हो गया है जब की उसकी बीबी गीता उम्र 45 साल एक भरे और गदराए बदन की औरत है उसके दूध और गंद का साइज़ 40, 42 है और काफ़ी गोरी मजबूत कद काठी की लगती है उसके बड़े बेटे की मार्केटिंग मे जॉब है और उसकी उम्र लगभग 25 साल की है दूसरे नंबर पर उसकी बेटी रश्मि बिल्कुल मा पर गयी है 23 की हो चुकी है पर अगर साडी पहना दो तो अपनी मा की बहन नज़र आती है क्यो कि उसके भी दूध और चूतड़ उसकी मा पर ही गये है. इस घर का सब से सीधा दिखने वाला बेटा अजय 21 साल सब से चुड़क्कड़ किस्म का लड़का है और दिन रात उसके दिमाग़ मे सिर्फ़ औरतो के नंगे जिस्म की ही कल्पना रहती है. अजय 18 साल की उम्र से ही अपनी मा और बहन के नाम की मूठ मारता आ रहा है उसे अपनी मा गीता और बहन रश्मि के मोटे मोटे चूतड़ और दूध की कल्पना से ही लंड खड़ा हो जाता है और वह दिन रात अपनी मा और बहन को चोदने के सपने देखा करता है. वह उपर से घर के लोगो के सामने काफ़ी भोला बन कर बच्चा होने का एहसास कराता है और अपनी मा और बहन की मस्त भरी हुई जवानी का रस पान करता रहता है.

अजय चाइ पीते पीते अपनी मा गीता को झाड़ू लगाते हुए नशीली और कामुक नज़रो से उसके मोटे मोटे चूतड़ देख देख कर अपना लंड पाजामे के उपर से मसल रहा था. गीता झाड़ू लगाने के बाद सोफे पर बैठते हुए अजय तू क्या खरीदेगा शापिंग पर. अजय अपनी मा के पास सोफे पर बैठते हुए मा के गले मे बाहे डालकर, मा इस बार तो मे बहुत सारी शापिंग करूँगा आख़िर मेरे भाई की शादी जो है और मा के मोटे दूध मे अपना मूह लगा कर मा से चिपक कर मस्त मोटे दूध को महसूस करने लगा और अपना हाथ अपनी मा की मोटी जाँघो पर रख कर सहलाने लगा. गीता ने उसका गाल अपने हाथो से खिचते हुए अरे सारी शापिंग अभी कर लेगा तो अपनी शादी मे क्या खरीदेगा. अजय मा से और चिपकटे हुए मा मेरी शादी की शापिंग तो आप करना. गीता क्यो अपनी दुल्हन के लिए तू कुछ नही खरीदेगा, अजय मा मुझे क्या पता उसे क्या पसंद होगा. दूसरी और से रश्मि आते हुए क्या बाते हो रही है दोनो मा बेटे मे और सोफे पर अजय से सॅट कर बैठ गई. रश्मि ने केवल टी शर्ट पहना हुआ था और अंदर ब्रा नही पहनी थी और अजय की पीठ से चिपकते हुए मेरे प्यारे भाई की शादी मे तो मैं ढेर सारी शापिंग करूँगी और दोनो मा बेटी ने अजय को दोनो और से दबोच लिया. इस सब से अजय का लंड डंडे की तरह खड़ा हो गया और दोनो मा बेटी के गदराते जिस्म की मादक गंध ने उसे पागल कर दिया. यही वजह थी कि अजय दिन भर अपनी मा और बहन के गदराए बदन के संपर्क मे रहता था और उसका लंड अपनी मा और बहन को चोदने के लिए पागल रहता था. वह रात को जब सोता तो बस यही कल्पना करता था कि दोनो मस्त रंडियो को नंगी करके, दोनो से नंगा होकर खूब चिपक रहा है, एक के उपर चढ़ कर चोद रहा है और दूसरी की गंद और चूत को चाट रहा है.
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03-13-2019, 11:52 AM,
#2
RE: Sex Hindi Kahani तीन घोड़िया एक घुड़सवार
इधर रश्मि भी भरपूर जवानी की स्टेज पर थी अपने कमरे मे पूरी नंगी होकर लंड याद करके मूठ मारती थी यह उसका रोज का रुटिन था लेकिन वह ये नही जानती थी कि अजय दरवाजे के छेद से रोज उसको नंगी देख कर मूठ मारता है और ना ही ये बात गीता को मालूम थी कि जब वह अपने पति से चुद्ती है तो उसका अपना बेटा उसके नंगे बदन को देख कर अपना लंड हिलाता है. अजय ने बाथरूम के दरवाजे पर भी एक सुराख कर रखा था और मोका मिलने पर अपनी मा और बहन को नहाने देखने से नही चुकता था. उसे अपनी मम्मी की और अपनी दीदी की पैंटी देखने और सुघने मे बहुत मज़ा आता था जब वह अपनी मा और बहन की पैंटी सुन्घ्ता तो उसे ऐसा लगता था कि वह अपनी मा और दीदी दोनो की चूत को एक साथ सूंघ रहा है और पैंटी सूंघते सूंघते अपनी मा और बहन की मस्त फूली हुई चूत की कल्पना करके पागल हो जाता था और फिर मूठ मार कर मस्त हो जाता था.

इधर राजेश काम से थका हरा आता था और हमेशा खा पी कर सो जाता था, कभी गीता के कहने पर ही उसका चोदने का मूड होता था लेकिन वह चुदाई भी 5-7 मिनिट की होती थी जब कि यह कोई नही जानता था कि गीता कितनी चुदासी है जैसे जैसे उसकी उमर बढ़ रही थी वैसे वैसे वह और चुदासी होती जा रही थी उसे एक मोटे तगड़े लंड से चुदवाने की बहुत तमन्ना होती थी लेकिन अपनी उमर का लिहाज कर के मन मार कर रह जाती थी. और अपने हाथ से अपनी चूत रगड़ कर सो जाती थी.

सभी लोग तैयार होकर शापिंग करने चल दिए दिनभर शापिंग करने के बाद घर लोटे तो गीता बोली मैं तो बहुत थक गई हू मेरे तो पैरो मे दर्द और सूजन महसूस हो रहा है, रश्मि से बोलते हुए देख तो बेटी पाँव मे सूजन आ गई है क्या रश्मि मा मे नहाने जा रही हू अजय से बोलकर तेल से मालिश करवा लो आराम मिलेगा. अजय मा के बगल मे बेड पर लेट कर मा के मोटे दूध से चिपकता हुया… क्या हुआ मा थक गई क्या. मा हा बेटा लगता है पूरे पैरो मे सूजन आ गया है. अजय दिखाओ ज़रा और झट से मा के पैरो की तरफ जाकर साडी घुटनो तक कर देता है और मा की गोरी पिंदलियो पर हाथ फेरते हुए झूठे ही बोला हाँ मा बहुत ज़्यादा सूजन लग रही है आपके पैरो मे गीता पड़े पड़े हाँ बेटा ज़रा पैर दबा दे. अजय ..अरे मा दबाने से सूजन नही जाएगा मे आप के पैर मे तेल लगाके मालिश कर देता हू और तेल लेने के लिए अलमारी की तरफ जाता है. और मन ही मन खुश होता है कि आज मा की मोटी जाँघो को खूब मसलेगा. अजय फटाफट तेल लेकर बिस्तेर पर चढ़ गया और मा की नंगी टांगो को अपनी जाँघ पर रख कर बोला मा मे तैल लगा रहा हू तुम पैर सीधे रखना नही तो कपड़े खराब हो जाएगे गीता ठीक है बेटा अच्छी मालिश कर्दे बहुत दर्द हो रहा है.अजय मन ही मंसोचता हुआ मा आज तेरी ऐसी मालिश करूँगा कि तेरी चूत से पानी बहने लगेगा और अपने हाथो मे तेल लेकर अपनी मा के पैर के पंजो से तेल लगाना शुरू किया, पंजो पर तेल लगाते लगाते धीरे धीरे अपनी मा की गोरी गोरी पिंडलीओ पर तेल लगाकर तेज़ी से मालिश करने लगा फिर धीरे धीरे हाथ उपर बढ़ा कर घुटनो के उपर तक मालिश करने लगा और पैरो को थोड़ा मोड़ दिया जिससे गीता की लाल कलर की पॅंटी नज़र आने लगी, अब अजय का लंड खड़ा होने लगा अजय ने थोड़ा साडी को धीरे से और उपर किया तो गीता की चिकनी और मोटी गुदज झांगे चमकने लगी ऐसी मस्त झंगो को सहलाने से अजय का लंड फंफनाने लगा और वह मा की मोटी गदराई जाँघो को दोनो हाथो से दबोचने लगा गीता ने अपनी आँखे बंद कर ली और धीरे धीरे कराहने लगी अजय मा कैसा लग रहा है, गीता बहुत अच्छा लग रहा है बेटा ऐसे ही मालिश करते रहो, अजय ने मा की मोटी जाँघो को नीचे से हाथ डाल कर कस कर दबोचा, गीता आह.. आह.. बेटा ऐसे ही आह.. बहुत आराम मिल रहा है. अजय ने दूसरे पैर को भी मोड़ दिया जिससे गीता की साडी पॅंटी की झाड़ तक सरक गई गीता ने झट से साडी को उपर चढ़ने का प्रयास किया अजय मा तुम लेटी रहो मे ठीक कर देता हू नही तो तेल लग जाएगा और मा को दिखाने के लिए थोड़ा साडी को उपर घुटनो तक कर दिया लेकिन मा की दोनो पैरो को थोड़ा फैला दिया जिससे गीता का पैर अजय के खड़े लंड पर लगा और गीता को अचानक अहसास हो गया कि अजय का लंड खड़ा है और उसने धीरे से आँखे खोल कर अजय के पाजामे की ओर देखा तो काफ़ी बड़ा तंबू बना हुया था और अजय का लंड काफ़ी बड़ा महसूस हो रहा था गीता यह देखकर सिहर गई और उसने चुपके से अजय की तरफ देखा तो वह बड़ी गोर से मा की जाँघो की मालिश करते हुए उसकी दोनो जाँघो की जड़ो को बहुत वासना भरी नज़रो से देख रहा था और मालिश के नाम पर उसकी मोटी गुदाज जाँघो को सहला रहा था गीता समझ गई कि उसका बेटा उसकी मदमस्त फूली हुई कचोरी सी बुर को पैंटी के उपर से बिल्कुल खा जाने वाली नज़रो से देख रहा है, गीता ने सोचा उसका बेटा अपनी मा की ही नंगी जवानी को बड़े प्यार से देख और सहला रहा है, इन सब से गीता की चूत भी फूलने लगी और उसे अपने बेटे को अपना मदमस्त योवन दिखाने का मन करने लगा और उसकी फूली हुई चूत मे कीड़े रेंगने लगे और वह ना चाह कर भी सोचने लगी कि मेरे बेटे का लंड कितना बड़ा नज़र आ रहा है अगर ये मुझे नंगी कर के मेरी चूत मे अपना लंड पेले तो कैसा लगेगा यह सोचते ही उसकी चूत से पानी रिसना शुरू हो गया उसकी सोई भावना जाग चुकी थी और उसे अपना बेटा एक जवान मर्द लगने लगा था वह अपनी मोटी गुदाज जाँघो पर अपने बêते के हाथ के स्पर्श से मस्ताने लगी और अपनी आँख बंद कर के अपने बेटे के मोटे लंड की कल्पना करने लगी और उसका मन अपने बेटे को अपनी जवानी दिखाने का होने लगा और उसने जनभुज कर अपनी जंघे और चौड़ी कर ली जिससे अजय का अपनी मा की पॅंटी मे कसी हुई मस्त फूली चूत का उभार देख कर लंड झटके मारने लगा और उसका मन हुआ की अभी अपना मूह मा की दोनो जाँघो के भिच घुसा कर दबोच ले लेकिन वह ऐसा नही कर सकता था उसका लंड झटके मार रहा था गीता ने धीरे से अपने बेटे की ओर देखा तो वह अपना लंड पाजामे मे मसलता हुआ आँखे फाड़ फाड़ के मा की चूत देख रहा था और जाँघो को सहला रहा था तभी बाहर से किसी की आहट सुनाई दी अजय समझ गया दीदी नाहकार इधर ही आ रही है उसने झट से मा की साडी घुटने के नीचे पिंडालीओ तक कर दी और मा की पिंडलीओ के नीचे मालिश करने लगा. रश्मि अरे मा सो गई क्या नही बेटा जाग रही हू अजय बेटा अब रहने दे तेरी मालिश से बड़ा आराम मिला है चल अब बस कर बेटा अजय अच्छा मा .
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03-13-2019, 11:52 AM,
#3
RE: Sex Hindi Kahani तीन घोड़िया एक घुड़सवार
अजय मा के रूम से बाहर आ कर जल्दी से बाथरूम मे गया और अपनी बहन की उतरी हुई पॅंटी को हाथ मे लेकर सूंघने लगा और मदहोश हो गया और पैंटी देख कर सोचने लगा कैसे ये पॅंटी दीदी की मोटी जाँघो और चूत पर कसी होती होगी वह कभी मा की फूली हुई चूत कभी बहन की चूत की कल्पना कर के मूठ मारने लगा और बहुत ही मस्त तरीके से झाड़ा. रश्मि ने नहाने के बाद छोटी सी टी-शर्ट और स्कर्ट डाल के बाहर आ गई अजय सोफे पर बैठा टीवी देख रहा था रश्मि अजय से सॅट कर बैठ गई और वह भी टीवी देखने लगी उधर गीता पड़े पड़े सोचने लगी क्या अजय सचमुच मुझे चोदने की नज़र से देखता है क्या वह मेरे नाम की मूठ भी मारता होगा, वह बीते दिनो को सोचने लगी कैसे अजय उससे आकर चिपक जाता था उसके मोटे मोटे दूध मे अपना मूह दबा कर उससे लिपट जाता था कभी कभी मा मा कहकर पीछे से उसकी मोटी गंद से अपना लंड चिपका कर लिपट जाता था, तो क्या अजय मुझे चोदना चाहता है, क्या अपनी मा को नंगी देखना और उसको चोदना चाहता है यह सब सोच कर वह बहुत ज़्यादा पनिया गई और उसकी चूत अपने बेटे के लंड की कल्पना से पूरी चिकनी हो गई और उसने अपनी चूत मे उंगली डाल कर आँखे बंद करके बेटे के मोटे लंड से चुदवाने की कल्पना करने लगी और उसकी प्यास बढ़ने लगी. तभी फोन की घंटी बजी रश्मि ने दौड़ कर फोन उठाया दूसरी ओर से विजय की आवाज़ आई अरे रश्मि कैसी है तू… रश्मि मे ठीक हू भैया आप कब आ रहे हो आज हमने शापिंग भी कर ली है..विजय मेरा काम हो चुक्का है आज रात तक आ जाउन्गा. अच्छा मा और पापा कैसे है और अजय कहाँ है .. रश्मि सब ठीक है भैया ,, विजय चल ठीक है रखता हू ओके भैया. तब तक गीता भी उठ कर बाहर आ चुकी थी .. गीता क्या कह रहा था विजय .. रश्मि मा वो आज रात तक आ जाएँगे.

मा अच्छा चल मे चाइ बना लाती हू अजय दीदी चलो भैया की एंगेज्मेंट की तस्वीरे देखते है रश्मि चल ठीक है और दोनो बही बहन फोटो आल्बम देखने लगे. जैसे ही आरती का फोटो दिखा …रश्मि देख अजय भाभी कितनी सुंदर है अजय ललचाई नज़रो से आरती के गुलाबी होठ और गाल देखने लगा और सोचने लगा क्या मस्त पटका है मेरी होनेवाली भाभी. दरअसल आरती भी 24 साल की एक गदराई हुई बहुत ही कामुक लड़की थी उसकी गंद और चुचिया रश्मि से थोड़े भारी लेकिन गीता से कम थे लेकिन थी वह बिल्कुल रश्मि और गीता जैसी गदराई और भरे बदन की मालकिन हलकी वह खूबशुर्ती मे गीता और रश्मि से थोडा ज़्यादा सुंदर थी लेकिन गंद के मामले मे गीता रश्मि और आरती दोनो को मात देती थी अगर गीता की नंगी गंद देख ले तो किसी का भी पानी छूट सकता था. अजय मन ही मन सोचने लगा ये तीनो गीता, रश्मि और आरती एक साथ नंगी हो जाए तो यही जन्नत नज़र आ जाएगी.

रात को विजय भी घर आ चुक्का था. अगले दिन से शादी की भी तैयारिया शुरू हो गई फिर वह दिन भी आ गया जब अजय आरती को ब्याह कर घर ले आया रश्मि और अजय बारात मे खूब नाचे, शादी के महॉल के बहाने अजय ने भी अपनी दीदी को खूब दबोचा लेकिन रश्मि ने कोई ध्यान नही दिया क्यो की अजय से उसका चिपकना और एक दूसरे को छूना नॉर्मल था यहा तक कि कई बार तो दोनो अपने घर पर एक दूसरे से चिपक कर भी सो जाते थे तब अजय अपनी बहन के मोटे दूध को अपनी छाती से कई बार दबा चुक्का था और उसके मोटे मोटे चुतदो पर भी हाथ फेर चुक्का था. रात को सभी विजय की सुहागरात की तैयारी कर के विजय को उसके कमरे मे भेज दिया. गीता राजेश के साथ पलंग पर पड़ी हुई. राजेश आज विजय की सुहागरात है तुम्हे अपनी सुहागरात याद है राजेश हा जानेमन वह मे कैसे भूल सकता हू. तो चलो हम भी आज फिर से सुहागरात मना लेते है राजेश अरे डार्लिंग आज तो शादी की काफ़ी थकावट है हम कल अपनी सुहागरात मना लेंगे लेकिन गीता की चूत बहुत दिन से ना चुदने के कारण जल रही थी वह नही मानी और राजेश का लंड निकाल कर चूसने लगी राजेश भी गीता के दूध दबाने लगा फिर गीता ने जल्दी से सारे कपड़े उतार दिए राजेश भी अल्साता हुआ गीता के उपर आ गया और उसे चोदने लगा लेकिन जब गीता ने अपनी मस्त चूत से उसके लंड को दबोचना शुरू किया तो राजेश ज़्यादा नही ठहर सका और झरने लगा. गीता कस कस के लंड चाह रही थी लेकिन राजेश का लंड सिकुड चुक्का था और राजेश एक तरफ होकर लेट गया गीता कुछ ना बोली लेकिन उसकी चूत बहुत फदाक रही थी वह चुप चाप पड़ी रही और राजेश सो चुक्का था.
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03-13-2019, 11:52 AM,
#4
RE: Sex Hindi Kahani तीन घोड़िया एक घुड़सवार
रश्मि अपने कमरे मे पड़ी पड़ी बोर होने लगी तो उसने सोचा की चलो अजय से बाते करेगे और वह अजय के कमरे की तरफ जाने लगी तभी उसने सोचा धीरे से देखती हू अजय क्या कर रहा है जब उसने खिड़की देखा तो दंग रह गई अजय उसकी पिंक कलर की और उसकी मम्मी की रेड कलर की पैंटी अपने हाथ मे लेकर बिस्तेर पर पड़ा पड़ा बुरी तरह से चूम रहा था और बारी बारी से दोनो की पैंटी को सूंघ रहा था रश्मि का दिमाग़ यह देख कर चकरा गया तभी अजय ने अपना पाजामा निकाला और पूरा नंगा हो गया उसका लॅंड 8 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा बिल्कुल मोटे डंडे की तरह तन कर खड़ा था रश्मि अपने छोटे भाई का इतना मोटा लंड देख कर चकित रह गई और उसकी चूत मे सुरसूराहट होने लगी उसने पहली बार अजय का लंड देखा था उसे यकीन नही आ रहा था कि अजय का लंड इतना तगड़ा और मोटा होगा वह यह सोच कर सिहर गई कि अगर यह लंड मुझे चोदे तो मस्त कर देगा उसने अपनी चूत मे हाथ फैरना शुरू कर दिया इधर अजय ने दोनो पैंटी को हाथ मे लेकर सूंघते हुए लंड मुठियाना शुरू कर दिया.

गीता बिस्तर पर पड़ी पड़ी सोच रही थी कि विजय आज बहू की चूत मार रहा होगा तभी उसे अजय के उस दिन के तंबू बने लंड का ख्याल आ गया और वह सोचने लगी कि अजय का लंड भी काफ़ी बड़ा दिखाई दे रहा था और मे तो उसे बच्चा ही समझ रही थी वह तो पूरा मर्द बन चुक्का है , कितना मोटा लंड लग रहा था उसका. गीता की चूत पनिया चुकी थी उससे रहा नही जा रहा था उसने सोचा चलो बाथरूम मे जा कर थोड़ा चूत रगड़ ले तो थोड़ी शांति मिलेगी यह सोच कर वह धीरे से बाहर आई तभी उसकी नज़र रश्मि पर अजय के कमरे की खिड़की से अंदर झाँकते हुए पड़ी और उसके कदम वही रुक गये और वह छुप कर देखने लगी, रश्मि अजय का मोटा लंड देख कर पानी पानी हो चुकी थी उसके पैर काँपने लगे थे उससे अब रहा नही जा रहा था उसे ऐसा लग रहा था जैसे उसका अपना भाई उसकी पैंटी नही उसकी चूत सूंघ सूंघ कर अपना लंड हिला रहा है अपने भाई का लंड अपनी चूत मे लेने की कल्पना से वह सिहर उठी और उसकी चूत ने ढेर सारा रस छोड़ दिया, अब उससे खड़ा नही रहा जा रहा था और वह चुपचाप लोट कर अपने कमरे मे आ गई और दरवाजा बंद करके पूरी नंगी हो गई और मूतने के अंदाज मे बैठ कर अपनी चूत मे तेज़ी से उंगली डालने लगी और अपने भाई के लंड से चुदने की कल्पना कर के झड़ने लगी.

क्रमशः......................
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03-13-2019, 11:52 AM,
#5
RE: Sex Hindi Kahani तीन घोड़िया एक घुड़सवार
तीन घोड़िया एक घुड़सवार--2

गतान्क से आगे...................

रश्मि के जाते ही गीता जल्दी से अजय की खिड़की के पास जा कर देखने लगी कि आख़िर रश्मि इतनी देर से क्या देख रही थी जैसे ही गीता ने अंदर झाँक कर देखा अजय को नंगा अपना मोटा लंड सहलाते देख कर उसके रोंगटे खड़े हो गये इतना लंबा और मोटा डंडे जैसा लंड देख कर उसकी बर बहुत जोरो से खुजलाने लगी, तभी उसकी नज़र भी अपनी और रश्मि की पैंटी पर पड़ी जिसको अजय बारी बारी से चूम रहा था और सूंघ रहा था गीता अजय के हाथ मे अपनी और अपनी बेटी की पैंटी देख कर सनसना गई और उसका ख्याल यकीन मे बदल गया कि वह अपनी ही मा को चोदना चाहता है और साथ मे अपनी बहन को भी चोदना चाहता है. यह देख कर गीता की मस्तानी बुर और ज़्यादा फूल गई और वह यह सोच सोच कर पागल हुई जा रही थी कि कैसे उसका अपना बेटा अपनी मा की पैंटी सूंघ रहा है और अपनी आँखे बंद करके अपनी खुद की मा को नंगी कर के चोदने की कल्पना कर रहा है. रश्मि मन ही मन सोचने लगी कैसा मोटा खूटे जैसा लंड तना है मेरे बेटे का यह तो मेरी चूत फाड़ के रख देगा क्या बालिश्ट शरीर है मेरे बेटे का अजय ने अपनी मा की पैंटी अपने सीने से लगा कर खड़े खड़े अपने लंड को हिलाना शुरू कर दिया और अपनी आँखे बंद कर ली. रश्मि सोचने लगी ये अपनी आँखे बंद कर के ज़रूर मेरी ही कल्पना कर रहा है लेकिन क्या कल्पना कर रहा होगा यह सोच रहा होगा कि अपनी मा को नंगी करके इस खूटे जैसे मोटे लंड पर चढ़ा लेगा और और पीछे से मेरी गंद को दबोच दबोच के खूब कस कस के चोद रहा होगा. यह सोच कर गीता की चूत उसके रस से भीगने लगी और वह खड़ी खड़ी अपनी चूत मे उंगली डाल के तेज़ी से आगे पीछे करने लगी उसे ऐसा लग रहा था कि उसका बेटा उसकी खूब कस कस के चूत मार रहा है वह अपने बेटे का लंड लेने के लिए पागल हुई जा रही थी और कस कस के अपनी चूत मे उंगली पेल रही थी और एक हाथ से अपने मोटे मोटे चुचो को दबा रही थी गीता की कमर खड़े खड़े ही हिलने लगी और वह मन ही मन चूत मे उंगली पेलते हुए बुदबुदाने लगी चोद मेरे बेटे चोद अपनी मा को पूरी नंगी करके के खूब कस कस के चोद खूब हुमच हुमच के चोद फाड़ दे अपनी मा की चूत को, बहुत प्यासी है तेरी मा की चूत, उधर अजय कस कस के लंड हिला रहा था और मन ही मन बोलता जा रहा था मेरी प्यारी मम्मी कितनी मस्त चूत है तेरी कितने मस्त चूतड़ है तेरे, खूब कस कस के तेरी चूत मारूँगा मम्मी चोद चोद के तेरा भोसड़ा फाड़ दूँगा हे मेरी नंगी मम्मी तू नंगी कितनी मस्त लगती है ले ले अपने बेटे का लंड अपनी चूत मे मेरे लंड पर चढ़ कर खूब चुद ले मेरी रानी और फिर ये सोचता सोचता अजय का पानी एक लंबी पिचकारी के साथ छूटने लगा उधर गीता की चूत ने भी ढेर सारा पानी छोड़ दिया.

काफ़ी देर तक आरती और विजय बात करने के बाद विजय ने आरती के गुलाबी गालो को अपने होटो से रगड़ना शुरू कर दिया और फिर आरती के रसीले होंठो को अपना मूह खोल कर अपने होटो मे दबा कर चूसने लगा आरती ने अपना बदन विजय की बाँहो मे ढीला छोड़ दिया विजय ने आरती के होंठो को चूस्ते हुए थोड़ा आरती के मूह को खोला और आरती की रसीली जीभ को अपने मूह मे भर कर पीने लगा और एक हाथ से ब्लाउज के उपर से आरती के मोटे मोटे गदराए चुचो को दबोचने लगा.. आरती आह ..आह विजय उसकी मोटी मस्त गोलैयो को दबाते हुए उसके नंगे पेट और कमर को अपने हाथो से दबाते हुए उसे थोड़ा अपने उपर खीच कर पीछे हाथ ले जा कर आरती के मस्ताने चुतदो को दबाने लगा और दोनो चुतदो की दरार मे साडी के उपर से ही अपनी उंगली से मसलने लगा आरती सिसकिया भरने लगी विजय आरती कितना भारी और मस्त जिस्म है तुमहरा तुमने तो मुझे पागल कर दिया है और आरती के ब्लाउस के बटन खोल कर उसकी ब्रा के उपर से ही उसकी मोटी चुचियो को दबाने लगा. फिर धीरे धीरे विजय ने आरती को पूरी नंगी कर दिया और उसके पूरे बदन को उपर से नीचे तक चूसने चाटने लगा उसने जब आरती की चूत के उपर हाथ फेरा तो आरती उससे चिपक गई अजय ने अपने कपड़े उतरे और आरती के नंगे बदन को अपने नंगे बदन से चिपका लिया और एक हाथ से मोटे मोटे चूचो और एक हाथ से आरती के मोटे और भारी चूतादो को सहला सहला कर उसकी चूत से लेकर उसकी गंद की फैली हुई दरार मे अपना पूरा हाथ फेरने लगा, आरती लंड खाने के लिए पूरी तरह तैयार हो चुकी थी तभी विजय आरती के उपर आके उसकी फूली हुई चिकनी चूत मे अपना लंड का निशाना लगा कर एक झटका मारा लंड आधा आरती की चूत को भेदता हुया अंदर घुस गया आरती दर्द से तड़प गई विजय ने आरती की चुचियो को मूह मे भर कर चूसना चालू कर दिया और दूसरी चुचि को हाथो से मसलने लगा और दूसरे झटके मे पूरा लंड अंदर पेल दिया . आरती आह.आह करके कराहने लगी धीरे धीरे विजय उसे चोदने लगा आरती अपनी टाँगे पायला कर हर धक्का सहने लगी उस रात विजय ने आरती को दो बार चोदा.
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03-13-2019, 11:52 AM,
#6
RE: Sex Hindi Kahani तीन घोड़िया एक घुड़सवार
सुबह सुबह गीता ने आरती का दरवाजा बजाया आरती ने बाहर आई बेटी चाइ बन गई है पी लो और विजय को भी जगा दो, आरती जी मम्मी और गीता वापस आ गई. आज आरती की शादी को पूरा एक महीना हो चुक्का था लेकिन उसकी चूत की कसक और खुजली पूरी तरह ख़तम नही हो पाती थी वैसे भी आरती काफ़ी ब्लू फ़िल्मे देख कर काफ़ी खुले तरीके से चुदवाना पसंद करती थी और खास कर उसकी एक इच्छा बहुत ज़्यादा थी कि उसका पति उसकी फूली चूत और गंद को नंगी करके खूब चूमे और चाते और अपना लंड खूब चूसाए मतलब आरती को ओरल सेक्स फ़िल्मो मे देख देख कर काफ़ी अच्छा लगता था और वह शादी के पहले से ही ओरल सेक्स करने के लिए तरस रही थी लेकिन यहा उसका अरमान पूरा नही हुया क्यो कि विजय सिर्फ़ सदा सिंपल सेक्स ही करता था और शर्म के मारे आरती अपने पति को बोल भी नही पाती थी इस लिए महीना भर चुदने के बाद भी उसकी प्यास बढ़ती ही गई कम नही हुई.

सुबह का नाश्ता करके विजय और उसके पापा अपने अपने काम पर चले गये गीता नहाने बाथरूम मे घुस गई, रश्मि और आरती किचन मे थे और अजय सोफे पर बैठा अपनी किताब पढ़ रहा था आरती जल्दी ही घर के सभी लोगो से घुल मिल गई खास कर रश्मि, गीता और अजय से, रश्मि भाभी आज आपकी शादी को एक महीना हो गया है अब आपको कैसा लग रहा है.. आरती क्यो ऐसा क्यो पूछ रही हो रश्मि मतलब जब कुवारे और शादीशुदा होने पर कुछ तो अलग लग रहा होगा, आरती अलग तो कुछ नही है बस एक चीज़ का फ़ायदा हो जाता है, रश्मि तपाक से वह क्या अरे सब्जियो का जैसे बेगन, मूली, केले आदि का खर्चा बच जाता है, रश्मि झेप्ते हुए तुम भी ना भाभी, आरती अरे मे क्या ग़लत कह रही हू बता, बोल ना, मुझे नही पता भाभी अच्छा क्या तूने कच्ची सब्जिया कभी नही खाई.. तुम भी ना भाभी कहाँ की बात कहाँ ले गई. मे जाती हू अरे रुक ना रश्मि भाग कर अपने कमरे मे आ जाती है थोड़ी देर बाद आरती भी रश्मि के कमरे मे आकर अरे रश्मि तू चली क्यो आई, बस ऐसे ही भाभी, आरती क्यो मेरी बात अच्छी नही लगी, रश्मि नही वो बात नही है भाभी, तो तेरा मतलब है तुझे मेरी बात अच्छी लगी, भाभी तुम बहुत मज़ाक करती हो, भाई इसमे मज़ाक की कोन सी बात है मेने तो बहुत बेगन और केले खाए है क्या तू नही खाती, क्या भाभी आप भी, अच्छा सच सच बता, रश्मि मे नही जानती, तू अपनी भाभी से सर्माती है, और माल इतने मोटे मोटे छुपा रखे है रश्मि के टी-शर्ट के उपर से चुचे मसलती हुई, रश्मि आह भाभी क्या कर रही हो जाओ मे तुमसे बात नही करती, अरे मेरी प्यारी ननद तो बुरा मान गई चल अच्छा अब नही करती और दोनो मुस्कुराने लगी. तभी अजय अंदर आते हुए अरे भाभी एक कप चाइ मिलेगी क्या, आरती अरे मेरे प्यारे देवेर जी चाइ के बजाय दूध पिया करो तो तुम्हे ताक़त मिलेगी, अरे भाभी मे तो वैसे ही बहुत ताकतवर हू बताओ कहाँ ताक़त लगाना है, अरे देवेर जी जब मोका आएगा तो दूध की ताक़त ही काम आएगी यह कह कर रश्मि और आरती दोनो खिलखिला कर हस पड़ी.
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03-13-2019, 11:52 AM,
#7
RE: Sex Hindi Kahani तीन घोड़िया एक घुड़सवार
गीता सुबह सुबह जब अजय को जगाने उसके रूम मे गई तो अजय गहरी नीद मे सो रहा था गीता की नज़र अजय के पाजामे पर पड़ी जहा काफ़ी बड़ा तंबू बना हुआ था गीता चुदास से भर गई और अपनी रसीली चूत को मसल्ने लगी और धीरे से पाजामे के उपर से अजय के लंड को अपने हाथो से पकड़कर उसकी मोटाई का जयजा लेने लगी अजय के लंड की मोटाई के एहसास ने उसे पागल कर दिया..बाप रे कितना मोटा डंडा है मेरे बेटे का, अजय कसमसाता हुआ गीता ने जल्दी से उसका लंड छोड़ा और बोली बेटा उठो सूरज सर पर चढ़ चुक्का है और फिर नहाने के लिए बाथरूम मे घुस गई, अजय के मोटे लंड के एहसास से गीता की चूत मे पानी आ चुक्का था वह चुदास से भर चुकी थी उसने अपने सारे कपड़े उतार कर नंगी हो गई और अपने गदराए बदन को शीशे मे देखने लगी और अपने हाथो से अपनी चूत और चुचिया मसल्ने लगी, आज वह बहुत मस्ती मे आ चुकी थी उसने अपनी चूत के बाल साफ कर चूत को बिल्कुल चिकना कर लिया वह मन ही मन सोच रही थी कि अजय को आज अपनी फूली हुई चिकनी चूत के दर्शन करवाएगी यह सोच कर वह फटाफट नाहकार साडी ब्लाउज पहनने लगी और उसने साडी अपने उठे हुए पेट की चौड़ी और गहरी नाभि के काफ़ी नीचे से बाँधी और जानबूझ कर पैंटी नही पहनी. गीता जब बाहर निकली तो अजय सोफे पर बैठा था, अजय की नज़र अपनी मा के उठे हुए पेट और गहरी नाभि पर पड़ी तो वह देखता ही रह गया, मन ही मन वह मा कितनी मस्तानी घोड़ी लग रही है तू दिल करता है तेरी गहरी नाभि और गुदाज पेट मे अपना मूह डाल कर पी जाउ, गीता वाकई इतनी मस्त और सेक्सी लग रही थी कि अजय एक टक उसके मासल पेट को देखता ही रह गया, गीता अजय की नज़रो को समझ गई कि अजय अपनी मा को चोदने की नज़र से उसके नंगे रूप को देख रहा है, उसकी चूत तो पहले से ही पानी छोड़ रही थी फिर उसकी नज़र भी अजय के पाजामे मे सर उठाए उसके मोटे लंड पर पड़ी और वह सनसना गई और अपने बेटे के पास जाने लगी, अजय अपनी मा को धीरे धीरे अपनी और आते देख उसका लंड तन्तनाने लगा, गीता अजय के पास आकर सोफे पर बैठ गई, आज पहली बार दोनो मा बेटे के लंड और चूत एक दूसरे मे समा जाने के लिए मचल रहे थे, गीता जानती थी कि अजय अब उससे रोज की तरह चिपक कर मा से प्यार का बहाना करके उसके मस्ताने जिस्म के मज़े लेगा और हुआ भी ऐसा ही, गीता उठ गया मेरा राजा बेटा, अजय मा के मोटे मोटे चुचियो मे अपना मूह डाल के क्या मा तुम सोने भी नही देती हो, अरे मेरे राजा कितना सोएगा और गीता ने भी अजय को अपने बदन से कस कर चिपका लिया और एक जवान मर्द का जिस्म महसूस करके अपने बेटे के गाल और गर्देन को चूमने लगी, मेरा प्यारा बेटा,,,अजय ने भी अपनी मा के गुलाबी गालो और गर्देन पर अपना मूह रगड़ते हुए गीता को पूरी अपने बाहो मे भर लिया और अपने हाथ को मा की मोटी गंद पर ले जाकर उसकी गंद को सहलकर महसूस करने लगा, दोनो मा बेटे के चूत और लंड पानी पानी हो चुके थे, दोनो ओर वासना पूरे उफान पर थी दोनो ही आनंद के सागर मे डूबे एक दूसरे के बदन को कस कर दबोच रहे थे, कोई भी किसी को छोड़ने का मन नही कर रहा था, अजय अपनी मा के जिस्म की मादक खुश्बू से मदहोश हो रहा था. मा आप बहुत अच्छी हो और अपनी मा का मूह पकड़ कर उसके गालो को चूम लिया, मन तो कर रहा था कि अपनी मा के रसीले होटो को पी जाए लेकिन वह कर नही सकता था, गीता तू भी तो मेरा प्यारा बेटा है और अजय को अपनी मोटी छातियो से लगा लिया और मन ही मन सोचने लगी ले ले बेटा अपनी मम्मी की मदमस्त जवानी का मज़ा, दूसरी ओर किचन से आरती ने दोनो मा बेटे का मिलाप देख लिया उसे थोड़ा अजीब लगा क्यो कि अजय एक जवान हॅटा कॅटा मर्द लगता था लेकिन फिर उसने माइंड नही किया और चाइ लेकर बाहर आ गई, मा जी चाइ, और फिर अजय को चाइ देते समय आरती की नज़र अजय के पाजामे पर पड़ी तो उसका मूह खुला का खुला ही रह गया और उसे अजय पर कुछ शंका सी हो गई, आरती भी अपना चाइ का कप लेकर सामने बैठ गई और सोचने लगी क्या अजय का लंड अपनी मा के लिए खड़ा है, क्या अजय अपनी ही मा को चोदना चाहता है यह सब सोच के आरती भी बैठे बैठे ही सन्सनाने लगी और उसकी चूत मे कुलबुलाहट होने लगी. वह चोर नज़रो से अजय के लंड के उठाव को देख रही थी उसे लगा अजय का लंड उसके पति विजय से भी काफ़ी मोटा तगड़ा लगता है, अजय भी उसे कामदेव की तरह नज़र आने लगा आरती ने अपनी शंका के चलते अजय पर नज़र रखना शुरू कर दिया. और सोचा शायद उसका कुछ फ़ायदा हो जाए, दोनो सास बहू खाना बनाने संबंधी बाते करते करते चाइ की चुस्किया लेने लगी उधर अजय चोर नज़ारो से अपनी भाभी की मोटी गोलैयो को ललचाई नज़रो से देख रहा था यह बात भी आरती ने नोटीस कर ली, चाइ पीने के बाद आरती चाइ के कप उठा कर जनभुज कर अपनी मोटी गंद हिलाते हुए किचन की ओर जाने लगी और अजय टकटकी लगा कर आरती के मतवाले चूतादो को घूर्ने लगा तभी आरती ने पलटकर अजय की ओर देखा वह समझ गई कि अजय उसके मोटे चूतादो को देख रहा है और अजय की ओर देख कर मुस्कुरा दी जिसके कारण अजय एक दम से सकपका गया.
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03-13-2019, 11:53 AM,
#8
RE: Sex Hindi Kahani तीन घोड़िया एक घुड़सवार
रात को अजय अपने बिस्तर मे पड़ा पड़ा अपनी भाभी के चूतादो को याद कर के उत्तेजित होने लगा उसे अपनी भाभी को नंगी देखने की चाहत होने लगी उसकी आँखो के सामने उसकी भाभी के मोटे मोटे चूतड़ नंगे होकर थिरकने लगे और वह बेचैन हो गया और उसने अपनी भाभी के कमरे के दरवाजे से अंदर झाँका, अंदर आरती और विजय नंगे एक दूसरे को सहला रहे थे आरती पूरी नंगी थी और उसकी पीठ दरवाजे की ओर थी अजय अपनी भाभी की मोटी गंद देखकर पागल हो गया क्या गोरी गोरी मोटी गंद थी आरती की और बीच की गहरी दरार जहाँ उसका भाई अपनी उंगलिया चला रहा था अजय ने अपनी भाभी को चोदने की कल्पना करते हुए तबीयत से मूठ मारी और आकर बेड पर लेट गया तभी उसकी नज़र अपनी मा और बहन की पैंटी पर पड़ी और उसका मूसल फिर खड़ा हो गया और वह अपनी मा और बहन की पैंटी को शुंघ कर अपना मोटा लंड मसलने लगा .



इधर विजय से चुदने के बाद आरती बाथरूम की ओर जाने लगी तभी उसे अजय के कमरे की खिड़की खुली दिखी उसने चुपके से अंदर झाँक कर देखा तो वह देख कर दंग रह गई क्यो कि अजय उसकी सास और ननद की पैंटी को को शुंघ शुंघ कर अपना मोटा लंड सहला रहा था उसका शक यकीन मे बदल गया और वह सोचने लगी कि अजय अपनी मा और बहन दोनो को चोदना चाहता है उसका मोटा लंड देख कर आरती की चूत मे सुरसूराहट होने लगी काफ़ी मोटा लंड था उसके पति के मुक़ाबले बहुत ही ज़्यादा बड़ा मोटे डंडे जैसा दिखाई दे रहा था. आरती ऐसे मोटे लंड से चुदने के लिए बैचन होने लगी. वह यह भी समझ चुकी थी कि अजय की नीयत उसके चूतादो पर भी खराब है वह ज़रूर उसके चूतादो को अपनी मा और बहन की तरह ही चाटना और चोदना चाहता है यह सोच कर उसकी चूत ने काफ़ी पानी छोड़ दिया और अपने कमरे मे आ कर सोचने लगी. और मोके की तलाश मे जुट गई.



अजय की भाभी जब से उसके घर आई थी अजय को अपनी मा और बहन को बाथरूम मे नंगी नहाते देखने का मोका नही मिल पा रहा था कोई ना कोई घर पर रहता ही था और अजय मोके की तलाश मे रहता था एक दिन रश्मि सुबह सुबह नाहकार अपनी किसी सहेली के यहाँ चली गई उसकी भाभी अपने कमरे मे पड़ी हुई थी शायद MC की वजह से उसकी कमर मे और पेट मे दर्द हो रहा था अजय सोफे पर बैठा टीवी देख रहा था तभी गीता झाड़ू लेकर झाड़ू लगाने लगी उसके झुकने की वजह से उसके मोटे मोटे फैले हुए चूतड़ और पैंटी की लकीर नज़र आने लगी अजय पीछे से गीता के मासल मोटे मोटे चुतदो की थिरकन देखने लगा और अपना लंड सहलाने लगा . गीता समझ गई कि उसका बेटा उसके मोटे चूतादो पर अपनी आँखे गढ़ाए हुए है और वह जानबूझ कर अजय की ओर अपने चूतड़ निकालकर धीरे धीरे झाड़ू मारने लगी अजय का मन कर रहा था कि जाके मा के चूतादो मे अपना मूह डाल के खूब चाते तभी गीता ने जनभुज के झाड़ू लगाते लगाते एक हाथ से अपनी मोटी गंद की दरार मे खुजली की जिसे देख के अजय का लंड पाजामा फाड़ के बाहर आने को बेताब हो गया फिर गीता ने झाड़ू लगा कर नहाने के लिए बाथरूम मे घुस गई, आज अजय के पास अच्छा मोका था अपनी मा को नंगी देखने का वह चुपचाप भाभी के कमरे मे उनको देखने गया जहाँ आरती सो रही थी,


क्रमशः......................
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03-13-2019, 11:53 AM,
#9
RE: Sex Hindi Kahani तीन घोड़िया एक घुड़सवार
तीन घोड़िया एक घुड़सवार--3

गतान्क से आगे...................

बहन अपनी सहेली के यहाँ गई हुई थी अजय जल्दी से बाथरूम के दरवाजे मे आँख लगाकर देखने लगा अंदर गीता पूरी नंगी हो चुकी थी उसकी मोटी नंगी गंद दरवाजे की तरफ थी अजाया अपनी मा की गोरी गोरी मोटी और गदराई गंद देख कर अपना लंड मसल्ने लगा, और मन ही मन बुदबुदाने लगा क्या मस्त गंद है मेरी मम्मी की ऐसी मोटी गंद को तो रात भर नंगी कर के चोदने मे मज़ा आ जाएगा, गीता कपड़े बाल्टी मे गलाने के लिए झुकी तो उसकी गंद और मोटा भोसड़ा पूरा खुल कर अजय के सामने आ गया, अजय कितना बड़ा और गहरा छेद है मा की गंद का और चूत की मोटी मोटी फांके कितनी फूली हुई है और चूत का छेद एक दम गुलाबी आह मम्मी कितनी मस्त गंद और चूत है तेरी एक बार अपने बेटे को अपनी चूत का रस पिला दे मम्मी तुझे रात भर नंगी करके तेरी चूत खूब अपने मूसल से कुतूँगा एक बार मुझसे गंद मरा ले मेरी प्यारी मम्मी यह कहते कहते अजय के हाथो की गति तेज हो गई तभी अचानक अजय की पीठ पर कोई हाथ पड़ा और अजय ने पलटकर देखा तो उसकी साँसे थम गई क्यो कि आरती उसके पीछे खड़ी थी, डरके मारे उसके पाँव काँपने लगे उसे यह भी होश नही रहा कि उसका मोटा लंड आरती की ओर तन कर खड़ा है आरती कभी अजय को कभी अजय के लंड को देख रही थी, आरती धीरे से ताकि आवाज़ बाथरूम के अंदर ना जा सके क्या कर रहा था, अजय अपना लंड अपने पाजामे मे छुपाता हुआ कुछ नही भाभी,

आरती ने अजय को हटाते हुए दरवाजे के छेद से बाथरूम मे देखा उसे अपनी सास की मोटी गंद और चूत नज़र आए और उसके मूह मे हल्की सी मुस्कान आ गई पर चेहरे पर बनावटी गुस्सा दिखाते हुए तुझे शर्म नही आती ये सब करते हुए, अजय ने अपनी गर्देन नीचे झुका ली थी उसकी चोरी रंगे हाथो पकड़ी जा चुकी थी, उसने अजय का हाथ पकड़ा और बोली चल इधर आ मेरे साथ अभी बताती हू तुझे और अजय का हाथ पकड़ कर अपने रूम मे लेकर आ गई और काफ़ी गुस्सा दिखाती हुई बोली क्या देख रहा था दरवाजे के छेद से, अजय चुप चाप खड़ा था उसके मूह से शब्द नही निकल रहे थे वह काफ़ी डरा हुआ था,
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03-13-2019, 11:53 AM,
#10
RE: Sex Hindi Kahani तीन घोड़िया एक घुड़सवार
अब आरती को अजय अपने जाल मे फस्ता हुआ नज़र आ गया था, उसने अजय का हाथ पकड़ कर अपने बेड पर बैठाया और बोली देख अजय अगर तूने मुझे सब सच सच नही बताया तो मे ये बात तेरे भैया से और तेरे पापा दोनो को बता दूँगी, यह सुनते ही अजय भाभी के पैरो मे गिर गया भाभी मुझे माफ़ कर दो मुझसे ग़लती हो गई अब ऐसी हरकत कभी नही करूँगा, आरती अजय को उठा कर अपने पास बैठाती हुई, देख अजय मे तुझे एक ही शर्त पर माफ़ कर सकती हू और किसी को कुछ नही बताउन्गि यदि तू मेरे हर सवाल का जवाब बिल्कुल सही सही देगा, अजय…भाभी मुझे आप की हर बात मंजूर है पर मुझे माफ़ कर दो, आरती अच्छा तो ठीक है मे जो पुच्छू वो सच सच बताना, जी भाभी,अजय बहुत शातिर था वह भाभी की इन बतो से समझ गया था कि उसकी भाभी भी चुदास से भारी है ज़रूर अपना कोई उल्लू सीधा करना चाहती है और फिर मेरा लंड देख कर भी शायद पनिया गई है, भाभी अच्छा बता तू बाथरूम के अंदर क्या देख रहा था, अजय.. भाभी वो वो, अरे वो वो मत कर सच सच बता नही तो तू जानता है कि मे तेरे भाई और पापा को तेरी हरकत बताने मे देर नही करूँगी. नही नही भाभी ऐसा मत करना मे बताता हू वो मे मम…मम्मी को देख रहा था, क्यो देख रहा था, वो वो भाभी, बोल ना सच सच बोल मे किसी से नही कहूँगी, वो भाभी मम्मी को नंगी देख रहा था, आरती… क्यो तेरा मन तेरी मम्मी को नंगी देखने का करता है, वो भाभी, अरे क्या वो वो लगा रखा है ठीक से पूरी बात खुल के बता, अजय ने सोचा अब इस रंडी की चूत मे पानी भर ही देता हू, 

भाभी मुझे मम्मी को नंगा देखने का मन कर रहा था, आरती क्या अच्छा लगता है तुझे अपनी मम्मी मे, भाभी उनके बड़े बड़े दूध और मोटे मोटे चूतड़ नंगे देखने का खूब मन करता है, और क्या मन करता है तेरा अपनी मम्मी के लिए, अजय…मन करता है की उनको नंगे बदन से चिपक जाउ और उनके बूब्स और गंद को खूब सहलाऊ, आरती तो क्या तू अपनी मम्मी को चोदना चाहता है जी भाभी, हाय राम क्या बेटा है अपनी मा पर ही चढ़ना चाहता है, अच्छा तो तू अपना लंड हिलाकर मूठ भी मारता होगा, जी भाभी,, और क्या सोचता है मूठ मारते हुए यही कि मे अपनी मम्मी को नंगी करके चोद रहा हू, आरती अब बहुत गरम हो चुकी थी उसका हाथ बार बार साडी के उपर से अपनी चूत पर जा चुका था जिसे अजय ने देख लिया था, आरती अच्छा मम्मी को ही चोदने का मन करता है या रश्मि को भी, अजय ने सोचा आज मोका अच्छा है इसकी बुर मारने का और बोला भाभी मुझे तो दीदी को चोदने का भी मन करता है और दीदी को भी कई बार मे नंगी देख चुक्का हू, रश्मि और क्या मन करता है तेरा अपनी मा और बहन के बारे मे,

भाभी मेरा दिल करता है कि मे मम्मी और रश्मि दोनो को नंगी कर के ईक साथ दोनो को चोदु क्यो कि मेरे लंड की भी आदत हो गई है दो बार मूठ मारने की एक बार पहले रश्मि के नाम की मूठ मारता हू और फिर दूसरी बार अपनी मा के नाम की मूठ मारता हू मेरा लंड एक बार के मूठ मारने से शांत ही नही होता फिर खड़ा हो जाता है. आरती गोर से अजय के मूह की तरफ देख रही थी और उसका हाथ अनायास ही खुद की चुचि को दबाने के लिए उठ जाता था. आरती अब काफ़ी गरम हो चुकी थी, अच्छा ये बता फिर तो तेरी नीयत मुझ पर भी खराब होगी, अजय..नही भाभी ये आप क्या कह रही हो, आरती बनो मत.. सच सच बताओ….नही नही भाभी ऐसा नही है,
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