Kamvasna आजाद पंछी जम के चूस.
08-27-2019, 01:46 PM,
RE: Kamvasna आजाद पंछी जम के चूस.
कमल ने कुछ परवाह ना करते हुए दूसरा शॉट और कस के लगाया और अब उसका पाँच इंच लंड सोनल की चूत में समा चुका था। ऐसा लग रहा था जैसे किसी बोत्तल के छोटे छेद में अपना लंड घुसा दिया हो और बोत्तल के मुँह ने कस कर उसके लंड को पकड़ लिया हो। कमल ने उसके दोनों हाथ पकड़ कर फैला दिये और अपने पूरे शरीर का भार देते हुए उसके ऊपर लेट कर अपना पाँच इंच लंड अंदर-बाहर करने लगा। करीब पाँच-दस मिनट तक सिर्फ पाँच इंच से ही संतोष करने के बाद कमल ने सोनल से पूछा, दीदी अब कैसा लग रहा है?
तो बोली, जब तुमने घुसेड़ा था उस समय तो मेरी जान ही निकल गयी थी पर अब तुम्हारी लंड घिसाई से थोड़ा मजा आ रहा है।
कमल ने मौका अच्छा देख और अपने होंठ उसके होंठों पर रखे और उसे पूरा दबोच कर एक ज़ोरदार कड़कड़ाता हुआ शॉट दिया जिससे उसका पूरा साढ़े आठ इंच लौड़ा सोनल की चूत में समा गया। कमल के होंठ उसके होंठों पर रखे हुए थे इस कारण वो ज्यादा जोर से नहीं चीख पायी। उसका पूरा लंड जो उसकी चूत में समा गया था उससे सोनल को दर्द इतना हो रहा था कि अगले पाँच मिनट तक कमक तो शाँत अपना लंड उसकी चूत में डाल कर उसके रसीले होंठ चूसता रहा और सोनल नीचे से दर्द के मारे लगातार अपने चूत्तड़ उछालती रही। जब पाँच मिनट बाद उसने अपने चूत्तड़ उछालना बँद किया तब कमक ने अपने लंड को धीरे-धीरे उसकी चूत में सरकाना चालू किया।
पँद्रह-बीस धक्के अपनी चूत में ले लेने के बाद उसका दर्द भी कम हो गया था और उसका कसमसाना भी। कमल ने सोनल के होंठों के ऊपर से अपने होंठ हटा लिये और बोला,
क्यों मेरी प्यारी दीदी! अब बताओ कैसा महसूस हुआ जब मैंने अपना मस्त लौड़ा आपकी चूत में डाल कर पूरी फूल बना दिया और अब कैसा लग रहा है दर्द खतम होने पर।
सोनल बोली, क्या डार्लिंग तुमने तो मेरी जान ही निकल दी। जब तुमने अपना लंड मेरी चूत में पेला था उस समय तो मुझे ऐसा लगा था कि शायद आज तुम मुझे मेरी चूत से लेकर दो हिस्सों में फ़ाड़ के रख दोगे। बहुत दर्द हुआ था कमल पर तुमने इतने प्यार से मुझे सम्भाला और बाद में जो प्यार से मेरी चूत बजा रहे हो तो ऐसा लग रहा है कि मैं ज़न्नत में हूँ। मेरे बदन से ऐसी मस्ती छूट रही है कि क्या बताऊँ। कमल अब बहुत मज़ा आ रहा है। अब तुम जी भर के मुझे चोदो।
कमल सोनल की दोनों जाँघें चौड़ी कर दीं और अपने हाथों से उसकी दोनों सैंडल की हील पकड़ लीं और खुद घूटने के बल बैठ कर अपनी गाँड के दनादन धक्के मारने लगा। सोनल को अब भी तकलीफ हो रही थी पर वो भी अब चुदाई में पूरा साथ दे रही थी। इतने दिन बाद मर्द की चुदाई के कारण वो और ज्यादा मस्ती सहन नहीं कर पायी और सितकारी भरती हुए अपनी चूत का पानी कमल के लंड पर गिराने लगी और बड़बड़ा रही थी, आह आँह कमल मज़ा आ गया। मुझे क्या मालूम था इतनी तकलीफ के बाद इतना सुख मिलेगा। इस सुख के लिये तो मैं अपनी चूत बार-बार तुमसे फड़वाऊँगी।
कमल ने भी लगातार आठ-दस शॉट लगाये और बलबला कर उसकी चूत में जड़ तक अपना लंड उतार के झड़ गया। कमल सोनल की चूत को चोद कर मस्त हो गया था और आराम से उसके ऊपर लेट कर उसके होंठों को चूस रहा था। थोड़ी देर बाद कमल उसके ऊपर से हटा और और उसका मुँह पकड़ कर अपने लंड पर लगा दिया और कहा, बहन की लौड़ी
दीदी! जब तक मैं न कहूँ मेरा लंड चूसती रहना नहीं तो गाँड मार मार के लाल कर दूँगा!
और आराम से सिगरेट सुलगाकर अपनी पीठ टिका कर पीने लगा।
सोनल ने भी पूरी हिम्मत दिखायी और बिना वक्त बर्बाद करे उसका लंड चूसना चालू कर दिया। करीब दस- पँद्रह मिनट की लगातार चूसाई से उसका लंड फ़िर से तन्ना गया, पर के ने अपने आप पर पूरा कंट्रोल रख कर सोनल के मुँह में अपना लंड तबियत से चूसाता रहा। दस मिनट बाद कमल ने सोनल को बोला, चलो आज आपको घोड़े की सवारी करना भी सिखा दूँ। मेरी प्यारी दीदी! करोगी ना मेरे लंड पर घोड़े की सवारी? सोनिया ने बड़े आश्चर्य से पूछा,
तुम्हारा मतलब है कि मैं तुम्हारे लौड़े पर बैठ और उसे
अपनी चूत में अंदर लूँ और अपने चूत्तड़ ऊपर-नीचे उछाल-उछाल कर लंड को अपनी चूत में चोदूँ?
कमल ने कहा, हाँ दीदी! आपको तो सब पता है... पर ध्यान रहे लंड बाहर नहीं निकलना चाहिए।
सोनल उसके लंड के दोनों तरफ़ पैर करके खड़ी हो गयी और धीरे-धीरे नीचे बैठने लगी और एक हाथ से उसका तन्नाया हुआ लंड पकड़ा और एक हाथ की उंगलियों से अपनी चूत के लिप्स खोले। जब कमल का लंड उसकी चूत से टकराया तो थोड़ा सा वो घबरायी पर कमल ने उसकी घबराहट देख कर उसके चूत्तड़ कमर के पास से कस कर पकड़ लिये और इससे पहले वो कुछ समझ पाती कमल ने नीचे से अपने चूत्तड़ एक झटके से उछाले और पूरा लंड गप से उसकी चूत में उतार दिया। सोनल बहुत छटपटाई पर कमल ने भी उसकी कमर कस कर पकड़ी हुई थी।
दो तीन मिनट बाद जब उसक दर्द कम हुआ तो कमल ने उसको अपने ऊपर झुका लिया और बोला, सोनल दीदी! अब आप अपने चूत्तड़ उछाल-उछाल कर ऊपर नीचे करो और लंड सवारी का मज़ा लो।
इतना कह कर उसने उसका सिर दबा कर उसके होंठ अपने होंठों में ले लिये और चूसते हुए अपने दोनो हाथों से उसके पीछे से फैले हुए चूत्तड़ पकड़ लिये और मसलने लगा। सोनल की हिम्मत कमल को माननी पड़ी कि दर्द होने के बावजूद भी बड़े प्यार से उछलते हुए उसे चोद रही थी, और दूसरी बार करीब आधे घंटे तक उन्होंने इसी पोज़ में चूदाई करी और कमल ने अपने लंड का फाऊँटेन उसकी चूत में गिरा दिया और सोनल को दबोच कर अपने ऊपर ही लिटा कर रखा और लगातार दो बार चुदाई करने के कारण दोनो थोड़ा सुस्ताने लगे।
करीब एक घण्टे बाद कमल की जब आँख खूली तो देखा सोनल सिगरेट पीते हुए उसके लंड से खेल और चूस रही थी। जब कमल को उसने अपनी और घूरते पाया तो थोड़ा शरमा उठी। कमल ने भी कहा, दीदी! चूसो इसे... मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।
इस समय मेर गन्ना पूरी तरह से तन्नाया हुआ था। उसे एक शरारत सूझी और उसने सोनल से कहा, सोनिया दीदी! आपको ये तो मानना पड़ेगा कि आज भी और आगे भी मैं जब आपको चोद कर ये सुख दूँगा, ये सब आपकी मम्मी की वजह से ही मुमकीन हुआ है।
सोनल तपाक से बोली, यू आर राइट कमल! ऑल थैंक्स टू मम्मी! अगर मम्मी नहीं मानतीं तो पता नहीं तुम इस घर मे वापिश घुस पाते भी या नही।
कमल ने कहा, फिर तो दीदी ये गलत बात है कि हम दोनों अंदर इतना मज़ा ले रहे हैं और आपकी मम्मी बाहर अपनी चूत अपनी उँगली से ठंडी कर रही है। मेरी बड़ी इच्छा है कि आप दोनों को मैं एक ही पलंग पर एक साथ नंगा करके चोदूँ।
सोनल फ़ोरन ही तैयार हो गयी और बोली, मैं अभी जा कर मम्मी को बुला कर लाती हूँ।
कमल ने कहा, नहीं! आप बैठ कर एक ड्रिंक और सिगरेट पियो। मैं आपकी मम्मी को लाता हूँ।
कमल नंगा ही बाहर गया तो देखा कि आरति अपना ब्लाऊज़ उतार कर ब्रा और पेटीकोट में लेटी हुई थी और अपना पेटीकोट कमर तक उठा कर स्मोक करते हुए अपनी उंगली से मुठ मार रही थीं। कमल को देख कर बोली, क्या बात है कमल! सोनल ठीक तो है ना? आरती की ज़ुबान नशे में बहुत लड़खड़ा रही थी और आँखें भी नशे में भारी थीं।

कमल ने कहा, डार्लिंग घबराओ नहीं! मेरा लंड ले कर एक दम मस्त चूत हो गयी है साली की। अभी तक दो बार लंड का पानी पी चूकी है, और तीसरी बार चुदाने को मचल रही है। चुदाने के मामले में एक दम तुम्हारी बेटी है! साली की बहुत गरम चूत है। इसको अगर दमदार मर्द नहीं मिला तो ये तो दूसरे मर्दों से खूब चुदवायेगी। तुम्हारी तरह उंगली से ठंडी नहीं होगी।
आरती बोली, फिर क्या बात है (हुच्च)
तू बाहर कैसे आ गया?
कमल ने कहा, आरती मेरी बड़ी इच्छा है कि तुम्हारी बेटी के सामने तुम्हें चोदूँ और तुम्हारी चूत बजाऊँ।
आरती बोली, व्हॉट? ऑर यू क्रेज़ी? (हुच्च) मुझे अपनी बेटी (हुच्च) के सामने चुदाने में शरम आती है।
सोनल जो शायद दरवाजे पर खड़ी हो कर उनकी बातें सुन रही थी, सिर्फ़ सैंडल पहने नंगी ही एक दम बाहर आ गयी और बोली,
मम्मी आज से तुम मेरी सबसे बेस्ट फ़्रैंड हो और चुदवाने में क्या शरमाना। मैं भी तो देखूँ कि चुदाई का असली मज़ा कैसे लिया जाता है।
आरती उठ कर खड़ी हुईं तो गिरते-गिरते बचीं। उन्होंने काफ़ी ड्रिंक कर रखी थी और नशे और हाई पेन्सिल हील की सैण्डलों की वजह से उनका बैलेंस बिगड़ गया पर सोनल ने उनको अपनी बाहों में भर लिया। कमल ने भी पीछे से जा कर आरती की दोनों चूचियों को अपने हाथों से दबा लिया और आरती को बीच में दबाये हुए बेडरूम में ले कर आ गये क्योंकि वो नशे में अपने आप चलने की सूरत में नहीं थीं।
कमल ने सोनल को कहा, चलो दीदी! अपनी मम्मी का पेटीकोट उतारो और अपनी मम्मी की चूत नंगी कर के मुझे दिखाओ।
कमल ने आरती की ब्रा खोल कर उनकी चूचियाँ नंगी कर दीं। सोनल ने भी आरती के सारे कपड़े उतार दिये और बोली, लो कमल अबकी बार मेरी मम्मी की चूत की सिकाई करो।
अब दोनों माँ बेटी एक साथ बिल्कूल नंगी, सिर्फ़ हाई हील सैण्डलों में, कमल के सामने थीं। उसने भी नंगी आरती को अपनी बाहों में ले लिया और किस करने के बाद बोला, आरती डार्लिंग! आज तुम्हारी बेटी की चूत खोली है तो आज मैं तुम्हारे साथ भी हनीमून मनाऊँगा और जैसे तुमने उस दिन कहा था कि कोरी चूत तो नहीं दे सकी पर अपनी गाँड मरवाऊँगी, तो डार्लिंग तुम्हारी बेटी मेरा लंड चूस कर मोटा करेगी और आज मैं तुम्हारी गाँड का उद्घाटन करूँगा। अपनी गाँड मरवाओगी ना आरती डार्लिंग।
आरती नशे के कारण बहकी हुई आवाज़ में बोलीं, मेरे गाँडू राजा! मैं तुझे अपना सब कुछ सौंप चुकी हूँ। साले (हुच्च) तू... तूने... मेरी चूत मारी... मेरे मुँह, गले में मादरचोद अपना लंड चोदा और मेरी चूचियों के बीच में भी लंड घिस के चोदा और.... और... यहाँ तक की साले चूतिये तूने मेरे सैण्डलों और पैरों को भी नहीं छोड़ा.... बोल साले भोसड़ी के... (हुच्च) तुझे कभी मैंने ना कहा क्या... हैं? तो इसके बाद क्या पूछता है... जैसे तू मुझे चोदना चाहता है वैसे चोद, अब गाँड मारनी है... तो साले गाँड मार ले, पर मेरी गाँड जरा प्यार से मारना, मैंने आज तक (हुच्च) तेरे चाचा को उँगली तक नहीं लगाने दी।
कमल ने कहा, डार्लिंग तुम बस आराम से एक और ड्रिंक लगा कर कुत्तिया बन कर अपनी गाँड हवा में उठाओ... मैं अपना लंड सोनल से तबियत से चुसवाकर तुम्हारी मस्त गाँड के लिये तैयार करता हूँ।

आरती ने ड्रिंक बनाने की बजाये व्हिस्की की बोत्तल ही मुँह से लगा कर पीने लगी। कमल को पहले तो चिंता हुई कि कहीं इतना पीने से बिल्कुल ही पस्त हो कर सो ना हो जायें और उसका सब प्लैन चोपट हो जाये पर फिर ख्याल आया कि चाची पीने की आदी हैं। वैसे तो आम-तौर से वो लिमिट में ही पीती हैं पर पहले भी उसने उन्हें ज्यादा पी कर नशे में धुत्त देखा है और जब भी आरती नशे में कंट्रोल के बहार हुई हैं तब वो पस्त या शाँत होने की बजाय हमेशा काफ़ी बेकाबू और ज्यादा उत्तेजित ही हुई हैं। यही सोच कर कमल ने सोनल को बुला कर अपने सामने घुटने बर बैठा कर लंड चूसने के लिये बोला और कहा, लो सोनल दीदी! चूस के तैयार करो अपनी मम्मी के लिये। देखो आज आपकी मम्मी कैसे नशे में धुत्त होकर मेरा लंड अपनी गाँड में लेगी।
आरती! देख तेरी बेटी क्या तबियत से मेरा लंड चूसे के मोटा कर रही है तेरी गाँड के लिये। ये तो आज अपनी मम्मी की गाँड फड़वाकर ही मानेगी। देख तो सही साली क्या रंडी की तरह चूसने लग गयी है।
कमल सोनल का मुँह पकड़ कर हलके-हलके शॉट लगाने लगा। इतनी देर में आरती भी एक हाथ में बोत्तल पकड़ कर पलंग पर जैसे कमल ने कहा था वैसे ही कुत्तिया बन गयी। कमल ने सोनल के मुँह से अपना लंड निकाला और बोला, दीदी चलो ज़रा अपनी मम्मी कि गाँड के छेद को तैयार करो मेरे लंड के लिये... अच्छे से क्रीम लगाओ ताकि आपकी मम्मी को ज्यादा तकलीफ न हो।
सोनल ने अपने हाथ में खूब सारी क्रीम भरी और आरती की गाँड के छेद पर लगाने लगी और बोली, कमल! मम्मी की गाँड का छेद तो बहुत टाईट है। मेरी उँगली भी बड़ी मुशकिल से अंदर जा रही है।
कमल ने कहा, आराम से खूब क्रीम मलो। थोड़ी देर बाद जब गाँड का छेद रीलैक्स हो जायेगा तब बड़े आराम से मेरा लंड अंदर जायेगा... और कमल स्मोक करने लग गया। क्या सीन था कि एक बेटी अपनी माँ की गाँड पर पूरी लगन से क्रीम मल रही थी और अपनी माँ को गाँड मरवाने के लिये तैयार कर रही थी। सिगरेट खतम होने के बाद कमल पलंग पर चढ़ा और अपना तन्नाया हुआ लंड आरती के चूत्तड़ों पर फेरने लगा और सोनल को बोला, अब ज़रा मेरे लंड के ऊपर भी क्रीम लगाओ! अब मैं आपकी मम्मी के भूरे रंग के गाँड के छेद को खोलूँगा।
सोनल ने बड़े ही प्यार से उसके लंड पर क्रीम लगायी और एकदम चिकना कर दिया। कमल ने सोनल को कहा कि वो अपने दोनों हाथों से अपनी मम्मी के चूत्तड़ पकड़ ले और खींच कर चौड़े करे ताकि आरती की गाँड का छेद थोड़ा सा खुल जाये। सोनल ने कमल के कहे अनुसार अपनी मम्मी के दोनों विशाल चूत्तड़ों को पकड़ लिया और चौड़े कर दिये जिससे आरति की गाँड का छेद थोड़ा सा खुल गया। कमल ने अपने हाथ से लंड पकड़ा और गाँड के भूरे छेद पर टिका दिया और दूसरे हाथ की उँगलियों से गाँड के छेद को और चौड़ा किया और लंड का सुपाड़ा टिका कर हल्के से झटका दे कर आरती की गाँड में सरका दिया। क्रीम की चिकनाहट के कारण उसका एक इंच लंड आरती की गाँड के छल्ले में जा कर फँस गया।
आरति बोलीं, कमल बहुत दर्द कर रहा है बाहर निकाल ले।
कमल ने कहा, आरती घबराओ नहीं। आराम-आराम से दूँगा। बस तुम हिम्मत कर के लंड लेती रहो।
इतना बोल कर कमल ने सोनल को इशारा किया कि वो अपनी माँ की गाँड एक दम कस कर पकड़ ले। सोनल ने भी उसका कहना माना और कमल ने अपने दोनों हाथों से आरति की कमर पकड़ ली और ज़ोरदार झटका मारा जिससे चिकनाहट होने के कारण उसका लंड सरकते हुए पूरा सात इंच आरती की गाँड में समा गया। आरती को तो जैसे बिजली का शॉक लग गया हो। अगर सोनल ने उनके चूत्तड़ और कमल ने उनकी कमर कस कर नहीं पकड़ी होती तो शायद आरती उसका लंड निकाल देतीं पर बेचारी मजबूर थी... सिवाये कसमसाने के और गालियाँ देने के अलावा वो कुछ भी नहीं कर सकती थीं।
कमल ने भी बिना कुछ परवाह किये बिना अपना पूर लंड आरती की गाँड में उतार कर ही दम लिया और हल्के-हल्के शॉट देने लगा। आरती तो दर्द के मारे पागल हो गयी थी और बोले जा रही थीं, अरे मादरचोद,
भोसड़ी वाले मार डाला रे। तेरी माँ का भोंसड़ा मादरचोद! अगर मुझे मालूम होता कि गाँड मरवाने में इतना दर्द होता है तो बहन के लंड तुझे छूने भी ना देती। बहनचोद मैं ज़िंदगी भर तुझे जैसे कहेगा वैसे ही चुदवाऊँगी और चूसूँगी। तू जिसको बोलेगा मैं उसको चुदवा दूँगी तेरे से। मुझे छोड़ दे माँ के लौड़े। हाय मेरी माँ! फट गयी मेरी गाँड। मादरचोद सत्यानाश कर दिया तूने आज मेरी गाँड का। आज तक मैंने बड़े प्यार से बचा कर रखी थी।
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08-27-2019, 01:46 PM,
RE: Kamvasna आजाद पंछी जम के चूस.
आरती बोलती रहीं पर अब कमल ताव में आ चुका था और हुमच-हुमच कर अपना लंड गाँड में पेल रहा था। आरती को भी अब अच्छा लगने लगा था क्योंकि अब वो कह रही थीं, मार ले मेरे डार्लिंग! मार ले अपनी चाची की गाँड। हाय हाय! शूरू-शूरू में तो बहुत दर्द हुआ डार्लिंग पर वाकय में अब बहुत मज़ा आ रहा है। सोनल तू भी कमल से अपनी गाँड जरूर मरवाना।
करीब बीस पच्चीस मिनट तक आरती की गाँड मारने के बाद कमल ने अपना रस आरती की गाँड में ही निकाल दिया।
उस दिन के बाद महीने भर जब तक रवि नहीं आया कमल ने उन दोनों माँ-बेटी को एक ही बिस्तर पर एक साथ नंगा करके खूब चोदा। रवि के आने के बाद, आरती को दिन में जब भी समय मिलता, एक बार तो चुदवा ही लेती थी। और कमल हर रोज़ सोनल के साथ सोता था और वो दोनों जम कर चुदाई करते थे। कमल ने अपनी चुदाई से दोनो मा बेटी को अपने काबू में कर लिया था, आरती और सोनल भी खुश थी कि उन्हें घर मे ही एक मोटा तगड़ा लण्ड चुदाई के लिए मिल रहा है।
एक दिन कमल ने चुदाई करते हुए आरती से अपना एक आईडिया शेयर किया जिसके अनुसार अगर आरती कमल की शादी सोनल से करवा देती है तो वो लोग जिंगदी भर ऐसे ही चुदाई का मजा ले सकते है।
पहले आरती इस बात के लिए राजी नही हुई लेकिन फिर काफी सोचने और कमल के समझाने पर वो तैयार हो गयी।
फिर आरती ने इस बारे में सोनल से बात की तो उसे कमल पहले ही मना चुका था तो सोनल ने झट हा कर दी शादी के लिए।
अब दोनो मा बेटी ने मिलकर रवि को भी इस शादी के लिए रेडी कर लिया हालांकि रवि इस शादी से खुश नही था लकिन आरती और सोनल की जिद के आगे उसे झुकना पड़ा।
रवि ने ज्यादा तामझाम न करके उनकी शादी कोर्ट में करवा दी और रिस्तेदारो के लिए एक छोटी सी पार्टी रख ली।
शादी के बाद अब कमल सोनल और आरती अपनी रंगरलिया खुलकर मनाने लगे। कमल रवि के साथ फैक्टरी का काम भी देखने लगा। कमल ने काम बढ़ाने के लिए शहर के बाहर दूसरे शहर में भी एक फक्टरी डालने का प्लान किया जिसके लिए उसे और सोनल को वहा शिफ्ट होना पड़ा।
सोनल कमल के साथ इस शहर में आने को इसलिए मान गयी क्योकि रश्मी यही इसी शहर में रहती थी। सोनल उस शहर आकर रश्मी के साथ फिर से सम्बन्ध बनाने लगी।
उनकी जिंगदी हंसी ख़ुशी कट रही थी पर फिर किस्मत ने भी ऐसा खेल खेला कि सोनल को पता चला कि वो माँ नहीं बन सकती है. डॉक्टर ने उसे बताया था कि कमल में ही कुछ कमी है. पर ये बात वो कमल को बताती तो वो तो बिलकुल टूट जाता. इसलिए उसने अपनी प्यारी रश्मि भाभी के साथ मिलकर तय किया कि वो रश्मि के अंश से अपनी कोख में बच्चा पैदा करेगी. और आखिर में उन दोनों की कोशिश रंग लायी और रष्मि ने अपने लंड के रस से सोनल को गर्भवती कर दिया था. रश्मि और सोनल को छोड़ कर इस राज़ को कोई भी नहीं जानता था.

और जब ९ महीने बाद सोनल ने जब एक प्यारे से बच्चे को जन्म दिया तो रश्मी ही उसके बगल में थी. बच्चे के जन्मते ही डॉक्टर ने बच्चे को पहले रश्मी की गोद में दिया तो रश्मी की आँखें भर आई. उसने सोनल के पास उस बच्चे को ले जाकर कहा, “आज तुम माँ बन गयी और मैं मामी!” आखिर रिश्ते में तो रश्मी उस बच्चे की मामी ही थी. दोनों औरतों की आँखों में ख़ुशी थी. तभी सोनल ने रश्मी को अपने और पास बुलाकर उसके कान में कहा, “तुम गलत कह रही हो भाभी. आज मैं माँ बन गयी और तुम मामी नहीं मम्मी बन गयी हो!”

आखिर सच तो यही था कि उस बच्चे में रश्मी का खून दौड़ रहा था. और एक औरत होने की खातिर वो बच्चे की मम्मी ही तो थी. रश्मी ने तो सपने में भी नहीं सोची थी कि वो कभी एक माँ बन सकेगी, उसका अपना अंश उसकी गोद में खेलेगा. पर शायद किस्मत ने उसके और सोनल के बीच रिश्ता इसी वजह से बनाया था कि रश्मी एक औरत के साथ साथ एक माँ भी बन सके. कितनी भाग्यशाली थी रश्मी और कितना भाग्यशाली था वो बच्चा जिसकी दो मांएं थी!

समाप्त
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