Indian Sex Story बदसूरत
02-03-2019, 12:02 PM,
#51
RE: Indian Sex Story बदसूरत
सुहानी बाथरूम में गयी और खुद को आईने में देखा...और उसके चहरे पे एक कमीनी हंसी दौड़ गयी...जैसे वो खुद को कह रही हो "एक और विकेट मैंने ले लिया"

वो खुद का चेहरा साफ़ करने लगी।

लेकिन तभी उसे अपनी गांड पे कुछ महसूस हुआ...उसने पलट के देखा तो सोहन निचे घुटनो पे बैठा हुआ था और उसकी गांड को अपने दोनों हाथो से फैला के देख रहा था...सुहानी ने उसकी और देखा...उसने सुहानी की और देख के स्माइल की और अपना मुह आगे बढ़ाया और पिछेसे सुहानी की चुतबको चाटने लगा...सुहानी को इ एक्सपेक्ट नही था...और अभी उसने सोहन का लंड चूसा था जिसकी वजह से अब भी वो उसी खुमारी में थी....और जैसे ही सोहन की जुबान उसकी चूत से टकराई उस खुमारी में इजाफा होने लगा....

सुहानी:-आआअ सोहन क्या कर रहा है स्स्स्स्स् हटो यहाँ से...

सुहानी का दिमाग तो कह रहा था की उसे हटा दे लेकिन उसका जिस्म उसका साथ नही दे रहा था...

सोहन उसकी गांड की फाको को अपने हाथो से फैला के उसकी चूत में अ0नई जुबान घुसा रहा था...सुहानी को बहोत मजा आने लगा था...हालांकि वो ये सब कंटिन्यू नही करना चाहती थी...पर सुहानी की जुबान के वार से उसकी चूत में लगी आग और भड़कने लगी थी।

वो अपने आप ही थोडा और निचे झुक गयी और सोहन के जुबान के खुरदरे पण का मजा लेने लगी...सोहन सुहानी की चूत को निचे से लेके ऊपर तक चाटने लगा...उसके चूत के दाने को अपने होठो में पकड़ के खीचने लगा....और अपनी ऊँगली सुहानी के गांड के छेद पे रख के धीरे धीरे गोल गोल घुमाने लगा...सुहानी उसके इस दो तरफ़ा हमले से अपना आपा खोने लगी थी....वो जादा से जादा अपनी गांड को सोहन के मुह पे दबाने लगी...सोहन ने अपना मुह हटाया और उसकी चूत में ऊँगली घुसा दी....और वही गीली उंगली उसकी गांड के छेद पे रख के उसकी गांड के छेद को गिला करने लगा...एयर धीरे से उसकी गांड में ऊँगली सरका दी...सुहानी सोहन की इस हरकत से पागल सी हो गयी...

सुहानी:-स्सस्सस्सस सोहन उफ्फ्फ्फ्फ़ स्स्स्स्स् अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह क्या कर रहा है उम्म्म्म्म मत कर स्स्स्स्स्

लेकिन सोहन अब कहा रुकने वाला था...

सोहन ने उसकी चूत के दाने को जुबान से गोल गोल घूमते हुए गांड में थोड़ी सी ऊँगली डाल के उसे आगे पीछे करने लगा...सुहानी की आँखे उस आनंद में बंद होने लगी....उसे अब होश ही नहीं रहा...शायद सुहानी की गांड का छेद उसका सबसे कमजोर पार्ट था बॉडी का...और सोहन ने उसपे ही हमला बोल रखा था....सोहन ने फिर से उसकी चूत में एक ऊँगली घुसाई और उसे अंदर बाहर करते हुए खड़ा हो गया....

सोहन:-स्स्स्स्स् अह्ह्ह्ह दीदी कितनी टेस्टी है तुम्हारी चूत उम्म्म्म्म अह्ह्ह्ह्ह

सुहानी बहोत उत्तेजित हो गयी थी...वो सीधी कड़ी हो गयी...सोहन की ऊँगली उसकी चूत से निकल गयी थी...सुहानी पलटी उसने सोहन की आँखों में देखा...सोहन आगे बढ़ा और उसे अपनी बाहो में ले लिया...

सोहन:-स्स्स्स्स् अह्ह्ह्ह दीदी उफ्फ्फ्फ्फ़...सोहन ने उसकी गांड पे हाथ रखा और उसे अपनी और खिंच लिया...उसने फिर से उसकी गांड के फांको को फैला के अपनी एक ऊँगली उसके गांड के छेद में घुसा दी....सुहानी की आँखे बंद सी हो गयी...सोहन ने उसे देखा और ऑस्क होठो पे अपने होठ रख दिए...सोहन सामने से अपना लंड उसकी चूत पे रगड़ रहा था और पीछे गांड में एक उन्गली डाल रहा था...सुहानी बहोत उत्तेजित हो रही थी...सोहन उसके होठो को धीरे धीरे चूसने लगा...सुहानी भी उसका साथ दे रही थी...जो किस धीरे धीरे शुरू हुआ था वो अब अग्रेसिव होने लगा था...दोनों पागलो की तरह एक दूसरे को चूम रहे थे...सोहन ने उसका एक पैर उठा के अपनी कमर तक ले आया और उसके चूत पे अपना लंड रगड़ने लगा....सोहन ने उसके मुह में अपनी जुबान घुसा दी सुहानी उसे बड़े चाव से चूसने लगी...सोहन अब कभी उसकी चुचिया दबाता तो कभी मुह में लेके चूसने लगा जाता...तो कभी किस करते हुए जोर जोर से उसकी चुचियो को दबाने लग जाता...दोनों के जिस्म की आग अब इतनी बढ़ चुकी थी की अब कुछ भी जाता तो वो एकदूसरे से दूर नहीं हो पाते...ये सिलसिला ककाफि देर तक ऐसेही चलता रहा...दोनों की साँसे फूलने लगी थी...इस दरमियान सुहानी ने सोहन को भी नंगा कर दिया था...सोहन को तो पता भी नहीं चला की वो कब नंगा हो गया....दोनों ने आखिर में एक दूसरे को बाहो में कस लिया और जोर जोर से सांसे लेने लगे...

सोहन:- अह्ह्ह्ह्ह दीदी उम्म्म्म स्सस्सस्स अब बर्दास्त नही होता दीदी अह्ह्ह्ह प्लीज़ मेरा लंड ले लो अपनी चूत में स्सस्सस्स उफ्फ्फ्फ्फ्फ दीदी प्लीज़ चोदने दो मुझे अह्ह्ह्ह्ह स्स्स्स्स् देखो मेरा लंड कैसे कूद रहा है अपनी बहन की चूत में जाने के लिए....सोहन ने सुहानी का हाथ पकड़ा और अपने लंड पे रख दिया....सोहन का लंड अपने पुरे शबाब पे था...वो पूरा टाइट हो चूका था...सुहानी के हाथो का स्पर्श पा के वो धीरे धीरे झटके मारने लगा...सुहानी असमन्जस में थी क्या करे...सोहन ने बाथरूम में आके उसे इस कदर उत्तेजित कर दिया था की वो अपने सोचने समझने की शक्ति खो चुकी थी...23 साल की लड़की थी सुहानी जिसने कभी चुदाई नही की थी...उसका जिस्म ....उसकी चूत प्यासी थी...उसे एक लंड की जरुरत थी और उस वक़्त वो लंड उसके हाथ में था....और सोहन उसके जिस्म से चिपक हुआ था...उसके हाथ उसके जिस्म से खेल रहे थे...सोहन की हरकते सुहानी को सम्भलने का मौका ही नहीं दे रही थी....सुहानी भी उसे रोकने में असमर्थ थी...

सोहन:-अह्ह्ह स्स्स्स्स् दीदी देखो न आपकी चूत भी कैसे गीली हो रही है स्स्स्स्स् अह्ह्ह्ह कह रही है मुझे लंड चाहिए स्सस्सस्स

सुहानी ने उसकी आखो में देखा...उसने सोहन को धक्का दिया और बाथरूम से बाहर निकल।गयी...उसके पीछे पीछे सोहन भी बाहर गया...और उसे पीछे से पकड़ लिया...

सोहन:-अह्ह्ह्ह दीदी स्स्स्स मत रोको खुदको स्स्स्स्स् आज हो जाने दो जो होता है....दीदी बस एक बार दीदी मैं पागल ही जाऊंगा स्सस्सस्स

सुहानी *कुछ बोल नहीं पा रही थी...

सोहन:- अह्ह्ह्ह स्स्स्स दीदी कुछ तो बोलो...अगर आप नहीं चाहती तो बोल दीजिये...मैं यहाँ से चला जाता हु...

सुहानी ने अपने आप को छुड़ाया और आगे बढ़ गयी...सोहन वही खड़ा रहा...उसे लगा जैसे सुहानी नहीं चाहती की वो इससे जादा आगे बढे...सोहन थोडा उदास हो गया...और पलट के जाने लगा...

तभी सुहानी पिछेसे दौड़ती हुई आई और उसे पिछेसे हग कर लिया...आखिर दिमाग और जिस्म की जंग में जिस्म की चाहत ने जित हासिल कर ली थी...सुहानी के चूत के आग के आगे बदले की आग को झुकना पड़ा...

सुहानी:- सोहन अह्ह्ह्ह कहा जा रहा है अपनी बहन को ऐसे तड़पते हुए छोड़ के स्स्स्स्स्

सोहन पलट और सुहानी को गले लगा लिया।

सोहन:- अह्ह्ह्ह दीदी उफ्फ्फ्फ्फ़ स्सस्सस्स तड़प तो मैं भी यह हु...

सुहानी:- स्स्स्स्स् अह्ह्ह्ह सोहन तो चलो आज हम एकदूसरे की तड़प को मिटा दे....

सोहन:- ओह्ह्ह्ह दी...स्स्स्स्स् एक बार फिर से कहिये ना...

सुहानी:- क्या सोहन...

सोहन:-यही ...लेकिन खुले शब्दों में...

सुहानी ने उसे कस के गले लगा लिया...

सुहानी:- अह्ह्ह्ह सोहन स्स्स्स्स् मेरे भाई उम्म्म्म्म चोद दे मुझे आज स्सस्सस्स डाल दे अपना लंड अपनी बहन की चूत में स्सस्सस्सस्सस्स भुज दे उसकी प्यास...न जाने कब से लंड के लिए तड़प रही है अह्ह्ह्ह

सोहन:- अह्ह्ह्ह्ह दीदी स्स्स्स्स् उफ्फ्फ्फ्फ्फ दीदी...हा दीदी आज आ0की चूत में लंड डालके उसे खूब चोदुंगा अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह दीदी अह्ह्ह्ह

सोहन सुहानी क्किस करने लगा.... सुहानी भी अब खुले मन से उसका साथ देने लगी....दोनों किस करते हुए बेड की और बढ़ने लगे...सोहन ने सुहानी को बेड पे सुला दिया...सोहन उसे चूमते हुए निचे आने लगा...जब वो सुहानी के चूत के पास पहोंचा तो सुहानी ने अपने पपैरो को घुटनो से मोड़ दिया और थोडा फैला दिया....सोहन एक बार फिर सुहानी की चूत चाटने लगा...सुहानी उसका सर अपनी चूत पे और अंदर दबाने लगी और अपनी गांड ऊपर उठा के अपनी ख़ुशी जाहिर करने लगी।

सुहानी:- स्स्स्स अह्ह्ह सोहन उम्म्म्म्म कितना चाटेगा उम्म्म्म।स्सस्सस्सस अह्ह्ह्ह

सोहन:- अह्ह्ह दीदी आपकी चूत का रस है ही इतना टेस्टी की मन ही नही भरता....

सुहानी:-स्स्स्स्स् अब बर्दास्त नही हो रहा सोहन स्स्सस्सह्ह्ह्ह्

सोहन समझ गया की अब सुहानी की चूत लंड के लिए बेताब हो रही है।

सोहन उठा सुहानी के पैरो को बिच जाके बैठ गया...उसने एक हाथ से सुहानी के पैरो को और थोड़ा फैलाया और अपना लंड सुहानी के चूत के पास ले जाने लगा....सुहानी सांसे रोके आगे होने वाले पल का इंतजार करने लगी...सोहन का लंड अब सुहानी के गीली चूत को। छु रहा था....सोहन ने अपने लंड से सुहानी के चूत के लिप्स को थोडा अलग किया और उसपे ऊपर निचे रगड़ने लगा....सुहानी को उसके गरम लंड के सुपाड़े का स्पर्श होते ही उसकी आँखे बंद हो गयी....सोहन ने सुहानी को देखा...

सोहन:-स्स्स्स्स् दीदी आँखे खोलो ना...मैं चाहता हु की आप। मुझे देखे जब मैं आपकी चूत में लंड डालू....

सोहन अपना लंड सुहानी की चूत पे रगड़ रहा था...

सोहन:- अह्ह्ह्ह दीदी स्स्स्स्स् कितनी गरम। *है आपकी चूत स्स्स्स्स्

सुहानी:- स्स्स्स्स् अह्ह्ह्ह सोहन गरम तो तेरा लंड भी है स्सस्सस्सस

सुहानी ने आँखे खोलते हुए उसकी आँखों में। *देलहते हुए कहा...

सोहन ने उसकी आँखों में देखा...

सोहन:- स्स्स्स दीदी बहोत मजा आ रहा है उम्म्म्म्म

सुहानी:- हा रे उफ्फ्फ्फ्फ़ स्स्स्स्स् अब अंदर भी डाल दे....

सोहन:- स्स्स्स्स् दीदी उफ्फ्फ्फ्फ़ मैंने कभी नही सोचा था की मैं पहली चुदाई अपनी बहन की करूँगा....

सुहानी:-अह्ह्ह्ह्ह स्सस्सस्स सोहन मैंने भी। *नही सोचा था। की मेरी चूत में जाने वाला लंड मेरे। भाई का होगा अह्ह्ह्ह्ह्ह। अब और मत तड़पा स्सस्सस्स चोद मुझे...डालदे अपना लंड। अपनी बहन की चूत में स्स्सस्सस्सस्सस्स

सोहन को भी रुका नही जा रहा था।

सोहन ने अपना लंड सुहानी की चूत के छेद पे रखा और धीरे धीरे अंदर डालने की कोशिस करने लगा...सुहानी ककी चूत बहोत गीली थी लेकिन सोहन का लंड बहोत बड़ा था...सोहन समझ गया की उसका लंड आसानी से अंदर नहीं जाने वाला....अभी सिर्फ उसका सुपाड़े का कुछ ही हिस्सा अंदर गया था....उसने थोडा जोर लगाया...उसका सुपाड़ा सुहानी के चूत के अंदर चला गया....सुहानी को दर्द का अहसास होने लगा...

सुहानी:- आआआअह्हह्हह्ह सोहन स्स्स्स्स्स्स्स धीरे कर दर्द हो रहा है अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह्ह मर गयी उफ्फ्फ्फ्फ्फ

सोहन:- स्सस्सस्स अह्ह्ह्ह दीदी धीरे ही कर रहा हु....

सोहन कुछ देर ऐसेही रहा और फिर उसने फिर से अपना लंड अंदर करने लगा....धीरे धीरे उसने अपना आधा लंड सुहानी की चूत में घुसा दिया था....उसे ऐसा लग रहा था जैसे उसने किसी जलती भट्टी में अपना लंड डाल दिया हो....

सुहानी:- अह्ह्ह्ह्ह माँ मर गयी उफ्फ्फ्फ्फ़ सोहन निकालो उसे बाहर अह्ह्ह्ह्ह बहोत दर्द हो रहा है उफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ़

सोहन:- दीदी बस हो गया अह्ह्ह्ह स्स्स्स्स् थोडा ही बाकी है उफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ़

सुहानी:- नही प्लीज़ अह्ह्ह्ह मेरी चूत फट गयी है स्स्स्स्स्स्स्स तेरा बहोत मोटा है सोहन अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह स्स्स्स्स्

सोहन:- स्सस्सस्स दीदी बहोत अच्छा लग रहा...स्सस्सस्स आपको भी मजा आएगा थोड़ी देर बाद स्स्स्स्स्

सोहन ने थोडा और जोर लगाया और अपना पूरा लंड सुहानी के चूत में घुसा दिया....सुहानी का दर्द के मारे बुरा हाल था...उसकी आँखों से पानी बहने लगा...

सुहानी:- अह्ह्ह्ह्ह बचाओ...स्सस्सस्सस मर गयी बहोत दर्द हो रहा है सोहन स्स्सस्सस्सस्सस्स निकाल लो प्लीज़...

सोहन ऊपर आया...उसने सुहानी के होठो पे किस किया...

सोहन:-स्स्स्स्स् दीदी अह्ह्ह्ह पूरा अंदर चला गया बस हो गया आपका दर्द अभी बंद हो जाएगा...

सुहानी:- सोहन अह्ह्ह्ह स्स्स्स्स्स्स्स मेरी चूत फट गयी लगता है स्सस्सस्स निकाल लो।प्लीज़...

सोहन ने देखा सुहानी सच में बहोत दर्द में थी।

सोहन:- स्स्स्स्स् नही दीदी कुछ फटी नहीं है...अगर आपको फिर भी लगता है तो मैं निकाल लेता हु...सोहन ने अपना लंड बाहर निकलने के लिया बाहर खीचा...उसे इ अलग ही अहसास हुआ...उसने जितना निकाला था उतना फिर से धीरे से अंदर डाल दिया....

सुहानी:- अह्ह्ह्ह सोहन स्स्स्स्स्स्स्स

सुहानी को भी सोहन के लंड का ऐसे अंदर बाहर होना अच्छा लगा....उसका दर्द भी कम हो गया था। सोहन ने फिर से वैसेही किया...एयर धीरे धीरे करता रहा। दोनों एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे....सोहन अंदाजा लगा रहा था ...उसे पता चल रहा था सुहानी को अब दर्द नही हो रहा...उसे मजा आने लगा था...लेकिन जब भी वो अपना लंड अंदर की तरफ डालता सुहानी की आह निकल जाती।

सोहन:- स्स्स्स्स् दीदी कैसा लग रहा है अब??

सुहानी:-अह्ह्ह्ह्ह्ह अभी दर्द कम है स्स्स्स्स्स्स्स बापरे कितना मोटा और लंबा हैबतेरा लंड स्सस्सस्सस अह्ह्ह्ह्ह

सोहन:- स्स्स्स्स्स्स्स अह्ह्ह्ह बस दीदी अब आपको बस मजा ही आएगा अह्ह्ह्ह्ह....मुझे तो बहोत मजा आ रहा है स्सस्सस्सस आपकी टाइट और गरम चूत उफ्फ्फ्फ्फ्फ स्सस्सस्सस्सस्स अह्ह्ह्ह ये चुदाई भी क्या गजब चीज है उम्म्म्म

सुहानि:- स्सस्सस्स अह्ह्हसच में उफ्फ्फ्फ्फ़ ये चुदाई का नशा अह्ह्ह्ह्ह हमे हमारा रिश्ता भुलाने को मजबूर कर दिया....

सोहन:-स्स्स्स्स् दीदी अब से रोज चुदोगी ना म7झसे स्सस्सस्स अह्ह्ह्ह्ह अब मुझे आपके बगैर चैन नही औएगा अह्ह्ह्ह्ह स्सस्सस्स

सुहान:-स्स्स्स्स् अह्ह्ह सोहन लड़की एक बार चुद जाती है तो उसे भी चैन नही रहता स्सस्सस्स

सोहन:-स्स्स्स्स् दीदी उफ्फ्फ्फ्फ़*

सुहानी को अब मजा आने लगा था...वो अपनी गांड ऊपर ऊपर कर रही थी....सोहन भी अब अपनी स्पीड बढ़ा रहा था...

सुहानी:- स्सस्सस्स सोहन उम्म्म्म बहोत मजा आ रहा है स्सस्सस्सस अह्ह्ह्ह्ह*

सोहन समझ गया की अब सुहानी रंग में आ गयी है।

सोहन:- उम्म्म्म्म दीदी स्सस्सस्स जोर से चोदु क्या स्सस्सस्स*

सुहानी:-स्स्स्स्स् अह्ह्ह्ह हा उम्म्म्म्म्म

सोहन अब थोडा फ़ास्ट फ़ास्ट अपना लंड अंदर बाहर करने लगा....सुहानी अपने पैरो को और फैला दिया और सोहन के गांड पे अपना हाथ रख दिया और उसे अपनी चूत पे दबाने लगी।

सोहन ने एक बार अपना पूरा लंड बाहर निकाला और फिर से एक ही झटके में पपुरा घुसा दिया।

सुहानी:- अह्ह्ह्ह स्स्स्स्स् कुत्ते मर गयी स्सस्सस्स धीरे कर अह्ह्ह्ह

सोहन:- स्स्स्स्स् हा दीदी उम्म्म्म

सोहन का लंड अब सुहानी की चूत में आसानी से अंदर बाहर हो रहा था....सुहानी की चूत अब बहोत पानी छोड़ रही थी.....

सुहानी:-अह्ह्ह्ह सोहन स्स्स्स्स्स्स्स बहोत मजा आ रहा है स्स्स्स्स् हा हा ऐसेही उफ्फ्फ्फ्फ़ और तेज अह्ह्ह्ह्ह्ह स्स्स्स्स्स्स्स*

सोहन अब तेज तेज धक्के लगा रहा था...साथ में उसे किस कर रहा था उसकी चुचिया दबा रहा था....

सोहन:-स्स्स्स दीदी आपकी चुचिया क्या मस्त है स्सस्सस्स अह्ह्ह्ह बहोत मजा आता है दबाने में....

सुहानी:-स्स्स्स्स् अह्ह्ह धीरे दबा स्सस्सस्स उम्म्म्म्म्म...और मेरी चूत कैसी लगी??

सोहन:-अह्ह्ह्ह्ह्ह आपकी चूत तो जन्नत है स्सस्सस्सस


दोनों अब बहोत उत्तेजित हो चुके थे....सोहन सुहानी की चूत जूर जूर से चोद रहा था....सुहानी की चूत का कोना कोना सोहन के लंड से घर्षण हो रहा था...करीब करीब 15 मिनट तक सोहन का लंड सुहानी के चूत में अंदर बाहर होता रहा...सुहानी एक बार जजड चुकी थी लेकिन अब वासना दोनों पे इस कदर हावी थी की वो किसी भिंकिमत पे एकदूसरे से अलग नहीं होना चाहते थे।

सुहानी अब दुबारा झड़ने के करीब थी।

सुहानी:- अह्ह्ह्ह सोहन उफ़्फ़्फ़्फ़ग अह्ह्ह्ह्ह्ह स्सस्सस्सस मेरा होने वाला है स्स्स्स्स्स्स्स अह्ह्ह्ह्ह स्स्स्स हा..हा ..ऐसेही उफ्फ्ग्गफ़फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्

सोहन:- अह्ह्ह्ह्ह दीदी मेरा भी होने वाला है स्स्स्स्स्स्स्स उम्म्म्म्म्म्म्म


सोहन की स्पीड काफी बढ़ गयी थी...सुहानी भी निचे से अपनी गांड उठा उठा के उसका साथ दे रही थी।

सुहानी:- स्स्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्स सोहन अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह्ह चोद और चोद। *उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़गग्ग हा मेरा हो रहा है स्सस्सस्सस्सस्सस्स अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह

सुहानी का बदन पूरा अकड़ गया था और अगले ही पल वो ज्जड़ने लगी....सोहन ने देखा सुहानी का बदन एकड़म ढीला हो गया था....वो एक पल के लिए रुका...उसने देखा सुहानी की आँखे बंद थी....

सोहन भी तेज तेज धक्के लगाते हुए झड़ने लगा....उसने अपना लंड सुहानी की चूत में ही दबा दिया और अपने वीर्य किंपिचकारी छोड़ने लगा....सुहानी उसके गरम वीर्य को अपने चूत में भली भांति महसूस कर रही थी....सुहानी ने सोहन को वैसेही गले लगा लिया...सोहन जोर जोर से सांसे लेते हुए सुहानी के ऊपर ही निढाल हो के गिर गया....


और जब दोनों नार्मल हुए तो सोहन सुहानी के साइड से लुढक गया....सुहानी अपने आप ही उसके कंधे पप अपना सर रख के उसकी बाहो में समा गयी...सोहन ने भी उसे अपनी बाहो में जकड लिया।


दोनों कुछ बोल नहींरहे थे...बस उस पल मजा ले रहे थे...जाहिर है दोनों का ये पहला टाइम था।


लेकिन क्या ये पहला और आखरी बार था??? ये तो वक़्त ही बताएगा।
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02-03-2019, 12:02 PM,
#52
RE: Indian Sex Story बदसूरत
एक दूसरे की बाहो में लेटे लेटे वो कब सो गए उन्हें पता ही नहीं चला।

सुबह जब सुहानी की नींद खुली तो उसने देखा 7 बज चुके थे। वो और सोहन एक दूसरे से चिपक के नंगे ही सोये हुए थे। सुहानी उठी ....उसने सोहन को देखा वो अब भी गहरी नींद में था...सुहानी खुद को ऐसे देख के अजीब सा लग रहा था।*

वो सीधा बाथरूम में घुस गयी...उसे ठीक से चलना नहीं हो रहा था...उसकी चूत अंदर से पूरी तरह छिल सी गयी थी...सुहानी जल्दी जल्दी सब काम निपटाये और ऑफिस के लिए निकल गयी...उसने सोहन कको नहीं जगाया...पता नहीं क्यू लेकिन उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी सोहन को उठाने की....

रास्ते में मेडिकल से पैन किलर और इमरजेंसी पिल ले ली क्यू की सोहन ने अपना वीर्य उसके चूत में डाल दिया था।

सुहानी ऑफिस पहुंची और अपने काम में लग गयी....दोपहर तक सुहानी को अच्छा लगने लगा था...लेकिन उसके दिमाग से रात की घटना नहीं जा रही थी...सुहानी सोच रही थी की उसने क्या कर दिया...क्यू की उसका इरादा सोहन से चुदवाने का नहीं था...लेकिन उसे अच्छा भी लग रहा था...पहली बार चुदवाने का मजा ही कुछ और होता है...सुहानी की आँखों के सामने सिर्फ वाही आ रहा था की कैसे सोहन उसे चोद रहा है...उसकी चूत गीली होने लगी थी...

सुहानी:- उम्म्म्म कितना मजा आया रत को...लेकिन सब गलत है...मैंने ऐसा नहीं सोचा था...मैं तो सोहन को सबक सिखाना चाहती थी फिर कैसे मुझे खुद पर काबू नहीं रहा...लेकिन सोहन को मना कर देती तो उसे कोई फरक नहीं पड़ता...कैसे वो खुद ही जाने लगा था...और तो और जब उसने मेरी चूत में लंड डाला था और मुझे दर्द हो रहा था तब भी वो रुकने के लिए तैयार था...उसे मेरी कितनी चिंता हो रही थी...उसके चहरे से साफ़ पता चल रहा था...पता नहीं क्यू पर मुझे ऐसा लग रहा है जैसे वो जो भी मेरे साथ बिहेव करता था वो सिर्फ इसलिए क्यू की पापा मेरे साथ वैसा बिहेव करते थे...आखिर बच्चे अपने माँ बाप से ही तो सीखते है...और जब से मम्मी पापा नहीं है यहाँ तब से उसके बेहवियर में कितना फरक आ गया है...नही...नही....मैं सिर्फ ये इसलिए सोच रही हु क्यू की शायद मेरा मन उससे और चुदवाना चाहता है...नही अब ऐसा नही होगा...इस खेल का अंत आज रात को जरूर कर दूंगी...

सुहानी आज पहली बार सोहन के पॉइंट ऑफ़ व्यू से भी सोच रही थी...चाहे उसके लिए रीज़न कुछ भी हो...

सुहानी:- मुझे यकीं है सोहन सोच रहा होगा की अब हर रात वो मेरे साथ चुदाई कर पायेगा...वो मेरा दीवाना हो गया होगा..बस अब यहीं वक़्त है उसे सबक सिखाने का...जैसे पापा को अहसास दिलाया वैसेही सोहन को भी दिलाउंगी।


सुहानी ने तय कर लिया था ।


लेकिन सोहन इधर अपने ही खयालो में खोया हुआ था...वो आज कॉलेज नहीं गया था...उसे लगा था की शायद सुहानी भी ऑफिस नही जायेगी लेकिन जब उसकी आँख खुली तो उसने देखा सुहानी जा चुकी थी।

वो। बहोत खुश था...उसे भी रात की बात याद आते ही उसका। लंड खड़ा होने लगा था...

सोहन:- उफ्फ्फ्फ़ कितना मजा आया रात को...लेकिन साला नींद लग गयी...नहीं तो एक। बार और चोद लेता दीदी को....सच में यार दीदी है बड़ी सेक्सी....लेकिन पता नहीं दीदी क्या सोच रही होगी...कल तो उत्तेजना के चलते चुदवा लिया लें क्या आज फिर से चोदने देंगी...देखते है ...लेकिन आज पहल मैं नहीं करूँगा...


सोहन फ्रेश हुआ और खाना खाने के बाद कॉलेज चला गया...


सुहानी ऑफिस के बाद घर आयी...उसका दिल जोर जोर से धड़क रहा था...उसने देखा सोहन की बाइक घर पर नहीं थी...वो अंदर आयी और फ्रेश होकर काम में लग गयी...सोहन को पता था सुहानी किस टाइम घर आएगी...वो जानबुज के थोडा लेट घर आया...


सोहन जैसे ही घर आया उसने देखा सुहानी किचन में काम कर रही थी...वो सिधा अपनी रूम में चला गया...उसे भी थोड़ी झिझक महसूस हो रही थी सुहानी के सामने जाने की....सुहानी को आश्चर्य हुआ की सोहन ने उससे बात भी नहीं की...उसे समझ आ गया की सोहन शायद डर रहा है...उसने अपना काम निपटाया और खाना टेबल पे रख के सोहन को आवाज दी।

सोहन बाहर आया...वो सुहानी से नजरे नहीं मिला पा रहा था...हाल तो सुहानी का। भी वैसाही थ...दोनों चुप्प थे कोई कुछ नहीं बोल रहा था...खाना खत्म करके दोनों हॉल में बैठ गए...अब भी दोनों चुप थे...सोहन अपनी किताबे लेके पढाई करने का नाटक कर। रहा था...सुहानी अपने लैपटॉप पे अपना। काम कर रही थी।

वो। एकदूसरे को चोरी चोरी देख रहे थे...और कभी दोनों की नजरे मिल जाती तो झट से नजर हटा लेते...

सोहन सोच रहा था की अगर सुहानी चाहेगी तो ही वो आगे कुछबकरेगा नही तो वो ये। सब यही खत्म कर देगा...और सुहानी चाह रही थी की सोहन उसके पास आये और वो उसे झिड़कार दे और उसकी इंसल्ट करे...लेकिन काफी देर तक कुछ भी नही हुआ...दोनों चुप चाप बैठे रहे...


लेकिन कुछ देर बाद सोहन ने देखा की रात के 10 बज चुके है...और सुहानी थोड़ी देर में सोने चली जायेगी...वो बेचैन होने लगा...उसे लगने लगा की अगर अब कोई कुछ नही बोलेगा तो ये रात ऐसेही ना बित जाए...आखिर उसने हिम्मत करके पढाई का बहाना बनाया और सुहानी के पास गया...

सोहन:-दीदी...ये समझ नहीं आ रहा...थोड़ा समझा दो ना...

सुहानी देखने लगी...सोहन उसे देखने लगा...उसने देखा सुहानी के चेहरे पे ग़ुस्से जैसे कोई भाव नही थे...और ना ही वो बेचैन थी...उसे समझ नहीं आया की सुहानी के मन में क्या चल रहा है...

सोहन:- दीदी...आप चुप क्यू हो आज? आप मुझसे गुस्सा ही क्या??

सुहानी ने उसकी और देखा...

सुहानी:- पता नहीं...

सोहन:- दीदी आप अगर कल रात के वजह से गुस्सा हो तो प्लीज़ माफ़ कर दो मुझे...पता नहीं मुझे क्या हो गया था...बेकार की जिद्द करने लगा और फिर एक बाद एक बाते होती गयी...

सुहानी को अजीब लगा क्यू की जिस सोहन को वो जानती थी वो एक अरोगंट लड़का था...लेकिन आज वो उससे माफ़ी मांग रहा था जबकि उसकी गलती नहीं थी...सुहानी का मन जनता था की सोहन को उस सिचुएशन तक सुहानी लेके गयी थी...

सोहन:- दीदी...प्लीज़ कुछ बोलिये...बड़ा अजीब लग रहा है...


सुहानी:- क्या अजीब??

सोहन:- ये आप बात नहीं कर रहे हो...

सुहानी:- तू भी तो चुप है...

सोहन:- मुझे समझ ही नहीं आ रहा था की कैसे बात करू...हमारे बिच इतना सबकुछ हो गया...और..

सुहानी:-इसमे सिर्फ तुम्हारी गलती नहीं है...सुहानी के मुह से ये बात न चाहते हुए भी निकल गयी।

सोहन:- नही दीदी..मेरी ही गलती है....अब दुबारा नहीं करूँगा ऐसी गलती...सोहन को लगने लगा की अब उनके बिच कुछ नही होने वाला...सुहानी ये सुन के थोडा हड़बड़ा गयी...उसे उसका प्लान फेल होते नजर आने लगा।

सुहानी:- सच कहा तुमने गलती है...लेकिन सिर्फ कल रात नहीं उसके पहले भी...


सोहन:- उसके पहले...मतलब??

सुहानी:- ओह्ह्ह मतलब पूछ रहा है...जैसे तुझे कुछ पता ही नहीं...

सोहन:- दीदी नहीं समझ आ रहा प्लीज़ बताओ मुझे...

सुहानी अब अपना आपा खोने लगी थी...

सुहानी:- कल रात तुझे मैं बहोत सेक्सी लग रही थी...कितने प्यार से पेश आ रहा था तू...और उसके पहले तो मैं तुझे फूटे आँख नहीं सुहाती थी...नफ़रत करता था ना तू मुझसे...और जब वही लड़की नंगी हो के तुम्हारे सामने खड़ी थी तब उसको देख के तुम्हारा लंड खड़ा हो गया...उसको चोदने के लिए बेकरार हो गए...

सोहन:- दीदी क्या बात कर रहे हो...ऐसा कुछ नहीं है..
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02-03-2019, 12:02 PM,
#53
RE: Indian Sex Story बदसूरत
सुहानी:-अच्छा?? जिस लड़की से तुम ठीक से बात नहीं करते थे...जिसकी बदसूरती की वजह से तुम्हे एम्बर्समेंट होती थी...उसे देख के तुम्हारा लंड कैसे खड़ा हो गया??

तुम्हे सिर्फ उसका जिस्म अच्छा लगता है...बाकी उसका मन क्या कहता है क्या चाहता है इससे कुछ लेना देना नहीं...

सुहानी बहोत गुस्से में ये सब बोल रही थी...सोहन उसका ये रुप देख के हक्का बक्का रह गया...

सुहानी:- मैं तो कल रात ही तुम्हे रोकना चाहती थी पर पता नही क्यू रोक नहीं पायी...तुझे सिर्फ अपनी प्यास बुझाने से मतलब है...बाकि किसी चीज से नही...तुम्हे अहसास भी है मुझपे क्या गुजरती थी जब तुम मेरे साथ ऐसा बिहेव करते थे...

सोहन:- कैसा बिहेव दीदी??

सुहानी:- कैसा?? अब भी पूछ रहे हो?? क्या तुमने कभी मेरे साथ मस्ती की?? जो भाई बहन करते है...कभी प्यार भरा झगड़ा किया?? कभी मुझे लेके बाहर घूमने गया??

नहीं...क्यू ??? क्यू की मैं बदसूरत हु...तुझे शरम आती थी मेरी...और कल रात क्या हुआ?? तभी तुमने नही सोचा की ये बदसूरत के साथ कैसे ये सब करू??

तभी तुम्हे ख्याल नहीं आया क्यू की तुमने सोचा चलो फ्री में चोदने के लिए चूत मिल रही है...बस वही सबकुछ है तुम्हारे लिए....

सुहानी का गुस्सा अब कण्ट्रोल से बाहर हो गया था...उसकी आँखों में आंसू आ गए...वो रोने लगी...सोहन चुपचाप सब सुनता रहा...सुहानी के मन में ये सब था उसे पता ही नहीं था...वो खड़ा हुआ और सुहानी के सामने जा बैठा...अपने घुटनो के बल खड़ा हुआ और सुहानी के आंसू पोछने लगा...सुहानी ने उसका हाथ झटके से हटा दिया...लेकिन सोहन फिर से उसके आसु पोछने लगा...

सोहन:- दीदी शांत हो जाओ...मुझे नहीं पता था दीदी मैंने। नादानी में इतना हर्ट किया है आपको...लेकिन दीदी यकीं करो...कभी जानबुज के नहीं किया ...अगर किया होता तो उसका मुझे पछतावा नहीं होता...आप जानती हो मुझे...दीदी बचपन से ही हमारा रिश्ता ऐसा ही रहा है...आप अपने में ही रहती थी...किताबो से बाहर कभी आयीं नही आप...आपसे कभी फ्रीलि बात करने का मौका आया ही नहीं...मैं अपनी मस्ती में रहता था..तो क्या इसमें मेरी गलती है??

सुहानी ने उसकी और देखा...

सोहन:- दीदी आप अच्छी नहीं दिखती हो इस वजह से कुछ नहीं हुआ...यकीन मानिये ...इसकी वजह कुछ और थी...दीदी मम्मी आपसे कितना प्यार करती है...आपकी हर छोटी छोटी बाटे उन्हें पता रहती थी...आपका कितना ख्याल रखती थी...क्या आ0को लगता है उन्हें मेरी हर छोटी बात पता है...उन्हें सिर्फ आप दिखाई देती थी...मैं मेरे अचीवमेंट *मेरा फेलियर कुछ नहीं पता उनको...और जब भी कभी पड़ोस में रिश्तेदारो में बाते होती थी सिर्फ आपकी तारीफ करती थी...इस वजह से आप पे बहोत गुस्सा आता था...और जब भी मौका मिलता...जो की बहोत कम मिलता था तब मैं आपका अपमान करने से नही चुकता था...दीदीमम्मी का प्प्यार जितना आपको मिला उतना मुझे नही मिला...इस बात से आप इंकार नहीं कर सकती...ये स्वाभाविक है दीदी.....मैं मानता हु मुझे ऐसा नहीं सोचना चाहिए था लेकिन समझाने वाला कोई नहीं था...क्यू की पापा ने मुझे कभी ऐसा करने से। रोका नहीं...मम्मी रोकती लेकिन उसका असर उल्टा होता था...आज अगर बताती नहीं तो मुझे तो पता ही नहीं चलता की आप क्या सोचती हो...फिर भी दीदी आप दिल को ठेस पहूंची इस बात के लिए हो सके तो मुझे माफ़ कर देना...आय ऍम रियली वैरी सॉरी...


सोहन ये बोल के उठ के चला गया...सुहानी बस उसे जाते हुए देखती रही...सुहानी के पास बोलने के लिए कुछ भी नहीं था...क्यू की वो जो भी बोल के गया था वो बिलकुल सही था...सुहानी खुद उस बात को बेहतर समझ सकती थी...क्यू की उसके मन में सोहन के लिए गुस्सा या नफ़रत जो भी थी सिर्फ इसी वजह से थी क्यू की अविनाश उससे जादा प्यार करता था...सुहानी को उसने कभी कोई अहमियत नहीं दी थी...और सुहानी उसके लिए हमेशा तरसती रहती...सोहन के साथ भी तो वही हुआ था...नीता ने सुहानी को जादा अहमियत दी और सोहन को नहीं....

सुहानी:-सोहन की बातो में सच्चाई थी...ये हर घर में होता है...मम्मी पापा के लिए...खासकर मम्मी के लिए सभी बच्चे सेम होते है...सोहन को ऐसा फील होना लाजमी है क्यू की मम्मी ने मेरी तरफ ध्यान जादा दिया क्यू की पापा मेरी तरफ बिलक्कुल ध्यान नही देते थे...इसका मतलब ये नहीं था की वो सोहन से कम प्यार करती है लेकिन फिर। भी सोहन को गलत फैमि हो गयी और उसके साथ साथ मुझे भी.....और इस वजह सोहन को मुझपे गुस्सा आने लगा...लेकिन इसमें पापा की गलती है क्यू की उन्होंने खुद कबूल किया ...


सुहानी आज फिरसे सही गलत के। बिच फंस गयी थी..सुहानी ने जो तरीका अपनाया था वो गलत था...अविनाश और सोहन को समझाने के लिए वो किसी दूसरे तरीके से समझा सकती थी...लेकिन समीर ने जो उसके साथ किया था उसकी वजह से सुहानी को लगने लगा था की शायद बदसूरत होने की वजह से उसके साथ कोई सेक्स भी ना करे...और खुद को ये प्रूव करने के चक्कर में उसने। गलत रास्ता चुन लिया...लेकिन गलत तो हमेशा गलत ही रहता है...और इस गलत रस्ते पे चलते हुए सुहानी गलत सम्बन्ध भी बना बैठी....

सुहानी चुपचाप अपने कमरे में जा बैठी...उसके मन का सारा बोझ जैसे हल्का हो गया था...उसके बदले की आग ठंडी हो चुकी थी।


लेकिन जिस्म की आग का क्या??? एक बार लंड का मजा चख ले वो कितने दिनों तक बिना चुदवाये रह सकता था?? और ऐसे वक़्त कोण भाई कोण पापा इसका ख्याल रहता है???

इसका जवाब है....नहीं....जब वासना का तूफ़ान आता है...जब जिस्म की आग भड़कती है तब लंड को सिर्फ चूत से और चूत को सिर्फ लंड से मतलब होता है...चाहे वो लंड भाई का हो या बाप का...चाहे वो चूत बहन की हो या माँ की.....


सुहानी अपने कमरे में बेड पे लेटी लेटी सोहन की बातो के बारे में सोच रही थी। सोहन भी बेचैन था...दोनों को खुद की गलती समझ आ गयी थी। सुहानी के मन में उठा तूफ़ान अब शांत हो गया था...भले ही उसे सोहन वो सोहन का अपमान नहीं कर पायी थी लेकिन उसके द्वारा कही गयी हर बात सुहानी को सहिंलग रही थी। सोहन को भी खुद की गलती का अहसास हो रहा था...

सोहन:- दीदी भी क्या क्या सोच के बैठी थी...लेकिन उनका ऐसा सोचना भी सही है...मैंने उनसे कभी भाई जैसा रिश्ता बनाया ही नहीं...हमेशा उनसे दूर दूर ही रहा...लेकिन अब ऐसा नहीं होगा...मुझे उनसे बात करनी होगी अभी...सोहन उठा और सुहानी के कमरे की और चलने लगा।

उसने दरवाजा खटखटाया...सुहानी ने दरवाजा खोला...दोनों ने एक दूसरे को देखा...

सोहन:- दीदी आप ठीक हो ना?? आपसे बात करनी थी।

सुहानी ने उसे अंदर आने दिया।

सोहन:- मैं आपसे पिछली गलतियों की माफ़ी माँगना चाहता हु और प्रॉमिस करता हु की अब से मैं कभी आपके साथ ऐसा बर्ताव नहीं करूँगा...प्लीज़ दीदी मेरी नादानी समझ के मुज्ज माफ़ कर देना...

सुहानी :- ठीक है जाने दे...मैं उस बारे में बात नहीं करना चाहती...

सुहानी बेड पप जाके बैठ गयी। सोहन भी उसके पास जा के बैठ गया...उसने सुहानी के हाथो पे हाथ रखा...दोनों चुपचाप थे...सोहन कमरे में नजर घुमा रहा था...सुहानी भी इधर उधर देख रहा थी...तभी दोनों की नजर एक साथ सुहानी ने कल रात जो ब्लाउज पहना था उसपे *पड़ी जो चेयर के पास निचे पड़ा हुआ था ...सोहन और सुहानी की नजर मिली...उनकी आँखों के सामने कल रात वाला सिन घूमने लगा...सुहानी को अजीब लग रहा था...दोनों एकक दूसरे की आँखों में देखते रहे और फिर सुहानी ने नजरे झुका ली और वो फिरसे इधर उधर देखने लगी...

सुहानी:- और कुछ बोलना है...

सोहन:- नहीं...

सुहानी:-ठीक है फिर...मुझे नींद आ रही है...

सोहन उठा...उसे क्या लगा पता नहीं...उसने निचे पड़ा हुआ ब्लाउज उठाया और देखने लगा...हलाकि उसने वो ब्लाउज ऊपर रखने के लिए उठाया था लेकिन सुहानी को कुव्ह अलग ही लगा...वो एकदम से झपटी और ब्लाउज को उसके हाथ से खीचने लगी...सोहन को ये एक्सपेक्ट नहीं था...

सुहानी:- क्या कर रहा है..वापस दे...और जोर से खीचा..सोहन कुछ समझ पाता उसके पहले ही ब्लाउज जहा से कल रात सुहानी ने सिया था वो फिर फट गया...

सोहन:- दीदी...क्या कर रहे हो?? मैं तो ऊपर रख रहा था...देखा फिर फट गया...

सुहानी:- ब्लाउज को देखते हुए...मैं फिर सी लुंगी....

सोहन:- लेकिन आपको तो सुई में धागा डालना आता नहीं...

सोहन ने स्माइल करते हुए कहा...सुहानी ने उसकी और देखा...

सुहानी:- तो तू है ना...तुझे बोल दूंगी...सुहानी भी स्माइल करते हुए बोली...

सोहन:- ठीक है कभी भी बोल देना..मैं आराम से गिला करके अंदर डाल दूंगा...

दोनों एक दूसरे को देखने लगे....और फिर दोनों एक साथ जोर जोर से हँसने लगे....

सुहानी:- उसे एक चमाट धीरे उसके गाल पे मारी....चुप बदमाश...हस्ते हुए उसकी आँखे नम हो गयी....सोहन के आँखों में भी आंसू छलक उठे...दोनों ऐसेही एक दूसरे को बाहो में लेके रोने लगे...थोड़ी देर ऐसेही रोते रहे....लेकिन थोड़ी ही देर मेंदोनों को एक दूसरे के जिस्म की गर्माहट महसूस होने लगा....दोनों धीरे धीरे एक दूसरे के पीठ पे हाथ...घुमाने लगे...एक दूसरे को बाहो में कसने लगे...सोहन ने सुहानी के गले पे अपने होठ रख दिए....उसके होठो का स्पर्श होते ही सुहानी की आँखे बंद हो गयी....और उसका हाथ अपने आप ही उसके सर पे चला गया....सुहानी के मुह से हलकी सी सिसकारी निकली....सोहन ने फिर से धीरे से अपने होठ उसकी गार्डन पे रखे और क्किस करने लगा...लेकिन इस बार किस गिला था....लेकिम सुहानी की आग भड़काने के लिए उसने पेट्रोल का काम किया....सोहन ने सुहानी की कमर में हाथ डाला और उसे अपनी और खीचा....उसी के साथ सुहानी और सोहन ने एक दूसरे की आँखों में देखा....दोनों की आँखे लाल हो चुकी थी...दोंनो की सांसे तेज चल रही थी....धीरे धीरे उन दोनों के होठ एक दूसरे के करीब करीब आते जा रहे थे....जैसे जैसे उनके होठ पास आ रहे थे उनकी धड़कने बढ़ती जा रही थी........
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02-03-2019, 12:02 PM,
#54
RE: Indian Sex Story बदसूरत
सुहानी:- उसे एक चमाट धीरे उसके गाल पे मारी....चुप बदमाश...हस्ते हुए उसकी आँखे नम हो गयी....सोहन के आँखों में भी आंसू छलक उठे...दोनों ऐसेही एक दूसरे को बाहो में लेके रोने लगे...थोड़ी देर ऐसेही रोते रहे....लेकिन थोड़ी ही देर मेंदोनों को एक दूसरे के जिस्म की गर्माहट महसूस होने लगा....दोनों धीरे धीरे एक दूसरे के पीठ पे हाथ...घुमाने लगे...एक दूसरे को बाहो में कसने लगे...सोहन ने सुहानी के गले पे अपने होठ रख दिए....उसके होठो का स्पर्श होते ही सुहानी की आँखे बंद हो गयी....और उसका हाथ अपने आप ही उसके सर पे चला गया....सुहानी के मुह से हलकी सी सिसकारी निकली....सोहन ने फिर से धीरे से अपने होठ उसकी गार्डन पे रखे और क्किस करने लगा...लेकिन इस बार किस गिला था....लेकिम सुहानी की आग भड़काने के लिए उसने पेट्रोल का काम किया....सोहन ने सुहानी की कमर में हाथ डाला और उसे अपनी और खीचा....उसी के साथ सुहानी और सोहन ने एक दूसरे की आँखों में देखा....दोनों की आँखे लाल हो चुकी थी...दोंनो की सांसे तेज चल रही थी....धीरे धीरे उन दोनों के होठ एक दूसरे के करीब करीब आते जा रहे थे....जैसे जैसे उनके होठ पास आ रहे थे उनकी धड़कने बढ़ती जा रही थी........

दोनों एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे....सांसो गर्माहट साफ साफ एक दूसरे को हो रही थी....और आखिर में उनके होठ आपस में मिल ही गए....उन दोनों की आँखे बंद हो गयी....सुहानी ने अपने होठ को थोडा खोल के सोहन के होठो को अपने होठो में दबा लिया...और धीरे धीरे चूसने लगी...सोहन भी सुहानी के होठो को चूसने लगा....हर एक गुजरते पल के साथ वो उनका पैशन बढ़ता जा रहा था....उन दोनों के हाथ एक दूसरे के बदन के ऊपर से घूम रहे थे और किसिंग भी और डीप होती जा रही थी....सोहन ने कोस करते हुए सुहानी को दीवार से सटा दिया और उसका एक पैर उठा के अपना लंड उसकी चूत पे रगड़ने लगा....थोड़ी देर बाद उनके होठ अलग हुए उनकी आँखे खुली...फिर से एक दूसरे की आँखों में देखने लगे...सोहन फिर से सुहानी को किस करना चाहता था लेकिन सुहानी ने अपना चेहरा हटा लिया...और पलट गयी....सुहानी का मुह दिवार की तरफ था....सोहन उससे पीछे से चिपक गया...और उसके बालो को हटा के उसकी पीठ को चूमने लगा....चूमते हुए ऊपर गया और सुहानी के कान को किस किया...सुहानी सोहन की इस हरकत से सिहर उठी....सोहन उसके कान कको हलके से दातो से काटने लगा....सुहानी के मुह से आह्ह्ह निकल गयी...उसने पलट के सोहन को थोडा दूर धकेल दिया....और खुद आँखे बाद करके जोर जोर से सांसे लेने लगी....सोहन उसकी बड़ी बड़ी चुचिया देखने लगा जो उसकी हर सांस के साथ ऊपर निचे हो रही थी...सोहन आगे हुआ और सुहानी से चिपक गया और उसके गले पे किस करने लगा...और उसकी चूची को अपने हाथ में लेके दबाने लगा.....सुहानी उसके हाथ पे अपना हाथ रख दिया और दूसरे हाथ से उसके बालो को सहलाने लगी....

सोहन:-अह्ह्ह्ह्ह स्सस्सस्स दीदी उम्म्म्म्म

सुहानी:- अह्ह्ह्ह्ह स्सस्सस्स सोहन .....

दोनों काफी उत्तेजित हो चुके थे....सोहन जोर जोर से सुहानी ककी चुचिया दबा रहा था....सुहानी को थोडा दर्द हो रहा था मगर उसे मजा भी बहोत आ रहा था....

सुहानी:- अह्ह्ह्ह सोहन धीरे दबा स्सस्सस्सस

सोहन:-स्सस्सस्स बहोत बड़ी है दीदी तुम्हारी चुचिया स्सस्सस्सस कण्ट्रोल नहीं होता स्सस्सस्सस

सोहन ने अब धीरे धीरे उसका टॉप ऊपर करना शुरू किया.....और उसकी चुचियो को ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा....और सुहानी ककए होठो को एक बार फिर अपने होठो में लेके चूसने लगा....थोड़ी देर बाद उसने अपना हाथ निचे लाया और सुहानी की चूत पे रखा....सुहानी की चूत बहोत गीली हो चुकी थी....

सोहन:- स्स्स्स्स् दीदी तुम्हारी चूत। तो बहोत गीली हो गयी है....

सुहानी ने अपनी आँखे खोली और स्माइल किया...

सुहानी:- स्स्स्स्स् अब इतनी देर से मेरे बदन से खेल रहा है तो होगी ही ना...तेरा लंड। भी तो खड़ा हो गया है..

सोहन:-वो तो दिनभर से खड़ा था....तड़प रहा था आपकी चूत के लिए...

सुहानी:- चल हट...मुझे नहीं चाहिए....

सुहानी ने। उस। प्यार से धक्का दिया और आगे बढ़ी...सोहन ने उसे पीछे से पकड़ लिया और अपनी और खीचा...उसके कंधे पप किस किया और अपने दोनों हाथो से उसकी चुचिया दबोच ली....

सोहन:- तुम्हे नहीं चाहिए लेकिन तुम्हारी चूत को चाहिए न.....

सुहानी:- स्सस्सस्सस अह्ह्ह्ह नही उसे भी नही चाहिए...

सोहन उसकी चुचियो को जोर से दबाते हुए बोला...

सोहन:- स्स्स्स दीदी क्यू तड़प रही हो उम्म्म्म्म्म्म्म

सुहानी:- मैं कहा कुछ कर रही हु...

सोहन:- तो करो न...

सुहानी:- ककया करू??

सोहन:- मेरा लंड ले लो अपनी चूत में...

सुहानी:-नही....स्स्स्स बहोत बड़ा है तेरा...अब भी दर्द कर रही मेरी चूत...

सोहन:- स्स्स्स अघ्ह्ह्ह् ...दीदी उम्म्म्म सच बताओ...कल रात मजा आया ना??

सुहानी:-तुझे आया??

सोहन:- स्स्स्स्स् बहोत उम्म्म्म्म्म...स्स्स्स्स् मजा तो अब भी आ रहा है...आपकी गांड पे लंड रगड़ने अपना ही मजा है उफ्फ्फ्फ्फ़ क्या कमाल की गांड है आपकी स्स्स्स्स्

सुहानी:-और क्या अच्छा लगा तुझे??

सोहन:- ये आपकी बड़ी बड़ी चुचिया...कितनी मुलायम है स्स्स्स्स्स्स्स*

सुहानी:-स्स्स आहह और??

सोहन:- आपकी चूत उम्म्म्म्म ...कितनी टेस्टी है ....अभी तक स्वाद नहीं गया मेरे मुह से....और आपकी चूत का अंदर का गुलाबी हिस्सा उफ्फ्फ्फ्फ्फ जब आप पैरो को। खोल के दिखा रही थी ना...मैं तो पागल हो गया था...

सुहानी:-स्सस्सस्सस अह्ह्ह्ह्ह सोहन उम्म्म्म

सोहन:-और जब लंड अंदर डाला था न...ओह्ह्ह्ह स्स्स्स कितनी गरम है अंदर से उफ्फ्फ्फ्फ़

सुहानी:- स्सस्सस्स अह्ह्ह्ह*

सोहन:-दीदी अह्ह्ह्ह्ह आज फिरसे अपना लंड आपकी चूत में डालना चाहता हु स्सस्सस्स

सुहानी:-स्स्स्स्स् सोहन....सुहानी पलटी और सोहन को कस के गले लगा लिया।

सुहानी:- स्स्स्स अह्ह्ह सोहन मैं भी तड़प रही हु तेरे लंड के लिए स्स्स्स्स्*

सोहन:-ओह्ह्ह्ह दीदी...तो इन्तजार किस बात का है...आ जाओ अभी आपकी तड़प दूर क्र देता हु.....

सोहन उसे गले लगाई हुई हालत में बेड पे ले गया...और उसे धीरे से सुला दिया....सोहन सुहानी की आँखों में देखते हुए उसके टॉप को ऊपर करके निकाल दिया...और फिर उसकी ब्रा को भी निकाल फेका...

सुहानी की नंगी चुचियो को देख के उसकी आँखों में अलग ही चमक आ गयी...

सोहन:- स्स्स्स दीदी आपकी चुचियो का सच में जवाब नही...

और फिर उन्हें धीरे धीरे मसलने लगा...

सुहानी:- स्स्स्स्स् अह्ह्ह्ह सोहन *बहोत अच्छा लगता है जब तू इन्हें मसलता है स्स्स्स्स्स्स्स

सोहन:- और जब चूसता हु तब??

सुहानी:- स्स्स्स्स् 5बी तो और भी मजा आता है...आज चूसेगा नही अपनी बहन की चुचियो को??

सोहन:- स्स्स्स्स् दीदी इन्हे चूसे बिना कोण छोड़ेगा उम्म्म्म

सोहन *चुचियो को दबाने लगा और एक एक करके चूसने लगा...

सुहानी:-उफ्फ्फ्फ़ सोहन स्स्स्स अह्ह्ह चूस ....आआआऔर चूस अह्ह्ह्ह्ह उम्म्म्म्म काट मत ना...हा ...हा...ऐसेही उफ्फ्फ्फ्फ़ खाले पूरा उफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ़*

सोहन थोड़ी देर तक सुहानी की चुचियो को चूसता रहा...दबाता रहा...फिर उसके पेट को चूमता हुआ निचे जा ने लगा...उसकी नाभी को चूमने लगा...उसमे जुबान डाल के गोल गोल घुमाने लगा...

सुहानी:-स्स्स्स अह्ह्ह सोहन उम्म्म्म्म्म
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02-03-2019, 12:03 PM,
#55
RE: Indian Sex Story बदसूरत
सोहन ने फिर उसका पाजामा पैंटी के साथ ही निचे कर दिया....और निकाल दिया...उसने उसकी चूत को अपनी ऊँगली से सहलाया और उसका प्रीकम अपनी ऊँगली पे लिया और देखने लगा ...और फिर सुहानी को देखते हुए चाट लिया...

सुहानी:-स्स्स्स्स् ऐसे क्यू कर रहा है....पूरा मुह लगा लगा के चाट ले स्स्स्स्स् अह्ह्ह्ह्ह्ह

सोहन :-वो तो चाटूंगा ही...बस थोडा टेस्ट कर रहा था...

सुहानी:-स्स्स्स्स् खुद का ही सोच उम्म्म्म्म्म मुझे भी तो दे कुछ चाटने चूसने के लिए....

सोहन:- क्या दू दीदी??

सुहानी:- तेरा लंड उम्म्म्म स्स्स्स्स् मुझे भी बहोत पसंद आया तेरे लंड का पानी स्स्स्स्स्स्स्स

सोहन:-सच दीदी???

सुहानी:- हा उम्म्म्म्म्म स्सस्सस्स*

सोहन:-तो अभी देता हु आ0को ...

सोहन ने भी अपने कपडे फटा फट निकाले और नंगा हो गया...और उसके ऊपर लेट गया और उसे किस करने लगा....

सोहन:-स्स्स्स दीदी आप सच में बहोत सेक्सी ही उफ्फ्फ्फ्फ़

सुहानी ने उसे पलटाया और उसके ऊपर आ गयी...

सुहानी:- तू भी कम नही है स्स्स्स्स्स्स्स*

सोहन:- दीदी आप अपनी चूत मेरे मुह पे रख दो और मेरा लण्ड चूसो...

सुहानी ने उसकी और देखा और पलट के उसके लंड की और चली गयी....और अपनी चूत सोहन के मुह पे रख दी...सोहन सुहानी की चूत को दोनों हाथो से फैलाया और उसे जुबान से चाटने लगा....सुहानी ने सोहन का लंड पकड़ा और उसकी स्किन को निचे किया...उसका लाल सुपाड़ा प्रीकम से चमक रहा था...और उसपे एक बून्द किसी मोती किंतरह चमक रही थी....उसे देख सुहानी के मुह में पानी आ गया...उसने झट से उसे चाट लिया....सुहानी देखा फिर से एक बून्द उभर आई...सुहानी ने उसे भी चाट लिया....

सुहानी:-अह्ह्ह्ह्ह सोहन कितना टेस्टी है रे उम्म्म्म्म्म

सोहन:- स्सस्सस्सस तो चूस चूस के सारा रस पिलो....

सुहानी:- स्सस्सस्स हा उम्म्म्म्म

सुहानी ने उसका लंड अपने मुह में ले लिया और चूसने लगी....सोहन और सुहानी दोनों बड़ी ही तन्मयता से एक दूसरे के चूत और लंड को चाट रहे थे चूस रहे थे....

सुहानी:- स्सस्सस्सस सोहन अह्ह्ह्ह्ह कितना मस्त चाटता रहा है स्स्स्स्स्स्स्स उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़् बहोत मजा आ रहा है उम्म्म्म्म्म एयर तेरा लंड भी चूसने में मजा आ रहा है स्सस्सस्स

सोहन:- स्सस्सस्स हा दीदी मुझे भी बहोत अच्छा लग रहा है....

सुहानी:-इसके पहले की हम दोनों ही एक दूसरे के मुह में झड़ जाय...अब तू मेरी चूत में लंड डाल ही दे स्स्स्स्स्स्स्स

अब बर्दास्त नही हो रहा स्स्स्स्स्स्स्स*

सोहन :- आप ही ले लो उसे अपने हिसाब से। अपनी चूत में...

सुहानी पलट गयी और उसने सोहन के लंड को बहोत गिला किया ताकि। वो आसानी से उसकी चूत में घुस जाय....उसने पोजीशन ली और उसके लंड को अपनी चूत पे रखा और धीरे धीरे उसपे बैठने लगी....उसे दर्द हो रहा था लेकिन वो सह रही थी....सोहन उसे देख रहा था....

सोहन:- दीदी अह्ह्ह्ह्ह लो न जल्दी से अंदर...

सुहानी:- अह्ह्ह्ह्ह बहोत दर्द होता है रे उफ्फ्फ्फ्फ्फ कितना मोटा है तेरा...

सुहानी रुक रुक के धीरे धीरे पूरा लंड अपनी चूत में ले लिया और और थिंदी देर वैसेही बैठी रही...सोहन ने उसकी चुचियो को मसलना शुरू कर दिया...और धीरे धीरे निचे से धक्के लगाने लगा....

सोहन:-अह्ह्ह्ह दीदी कितनी मस्त चूत है आपकी स्सस्सस्स लंड घुसा के मजा आ गया उफ्फ्फ्फ़

सुहानी:- आआआह्ह्ह्ह मेरी तो। जान निकल जाती है स्सस्सस्स

सोहन:- बाद में तो खुद कहती हो और जोर से चोद....

सुहानी:- अह्ह्ह्ह्ह हा लेकिन पहले तो दर्द होता ही है...

सुहानी अब धीरे धीरे अपनी गांड उठा के लंड को अंदर बाहर करने लगी....

सुहानी:-स्स्स्स्स् अह्ह्ह्ह। *सोहन उफ्फ्फ्फ्फ्फ मेरी चूत तो फटने को हो रही है स्सस्सस्सस्सस्स

सोहन:- स्स्स्स्स् नही दीदी....बिलकुल फिट बैठी है मेरे लंड पे....

सुहानी को अब। मजा आने लगा था वो थोडा फ़ास्ट फ़ास्ट अपनी गांड हिला के लंड को अपनी चूत में अंदर बाहर करने लगी।

सुहानी:-अह्ह्ह्ह्ह सोहन बहोत मजा आ रहा है स्स्स्स्स्स्स्स अह्ह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ़

सोहन:-मुझे। भी दीदी....ऐसेही करती रहो...

सुहानी अब फ़ास्ट फ़ास्ट अपना सोहन का लंड अपनी चूत में। अंदर बाहर करने लगी थी...सोहन भी अब निचे से अपना लंड सुहानी की चूत में पेल रहा था....कमरे में थप थप और दोनों अह्ह्ह्ह स्स्स्स उफ्फ्फ्फ़ बस ऐसेही आवाजे गूंज रही थी।

सुहानी:-अह्ह्ह्ह्ह सोहन निचे से चोद न जोर से स्स्स्स्स् मेरा होने वाला है...

सोहन ने उसकी गांड को। पकड़ा और थोडा उप्पर किया और। निचे तेज तेज धक्के लगाने लगा.....

सुहानी:- स्सस्सस्स अह्ह्ह्ह्ह। *हा हा ऐसेही उफ़्फ़्फ़्फ़ग और...और चोद उम्म्म्म्म्म्म्म

सुहानी। की आँखे बंद होने लगी....और वो झड़ने लगी....सोहन समझ गया की सुहानी झड़ गयी है...उसने सुहानी को निचे सुलाया और खुद उसके उपर आ गया....और लंड को चूत पे रखा और एक ही झटके में पूरा लंड घुसा दिया....सुहानी की चूत खुल गयी थी...और गीली भी थी...लेकिन फिर भी एक झटके में लंड अदर गया तो वो दर्द के मारे चीख उठी...

सुहानी:-पागल हो गया क्या स्सस्सस्सस्सस्स इतनी जोर से कोई चोदता है क्या उफ्फ्फ्फ्फ्फ मेरी जान लोग क्या??

सोहन:- स्सस्सस्स नही दीदी आपकी जान लूंगा तो फिर किसको चोदुंगा?

सोहन सुहानी के ऊपर आया और उसे किस करने लगा....

सुहानी भी उसका साथ देने लगी...सोहन ने अपना लंड तेज तेज सुहानी की चूत में अंदर बाहर करने लगा....थोड़ी ही देर में सुहानी फिर से मुड़ में आ गयी....

सुहानी:-अह्ह्ह्ह स्स्स्स्स् उफ्फ्फ्फ्फ़ सोहन चोद और तेज अह्ह्ह्ह्ह्ह*

सोहन:-देखा मैंने कहा। था न....

सुहानी:- हाय रे अह्ह्ह्ह्ह स्स्स्स्स्स्स्स अब तू इतना मस्त चोदता है तो मैं क्या करू??

सोहन:- अह्ह्ह्ह्ह स्स्स्स दीदी आप हो ही इतनी सेक्सी...दीदी अह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ़ कितने अच्छेसे मेरे लंड को पकड़ रखा है आपकी चूत ने स्स्स्स्स्स्स्स

सुहानी:-स्स्स्स्स्स्स्स उम्म्म्म्म्म्म्म डाल और अंदर। उम्म्म्म्म्म्म्म चोदता रह अपनी बहन को उफ्फ्फ्फ्फ्फ

सोहन:- स्सस्सस्स दीदी ...हा ऐसेही चोदता रहूँगा....हमेशा ....दीदी आप ऐसेही चुदवाती रहोगी ना स्सस्सस्स अपने इस भाई से उफ्फ्फ्फ्फ्फ*

सुहानी:-हा रे स्स्स्स्स् तेरी ये। बहन अब रोज तेरे लंड से चुदेगी स्स्स्स्स्स्स्स अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह

सोहन:- स्सस्सस्स हा दीदी उम्म्म्म्म। मुझे अब रोज चाहिए आपकी चूत उम्म्म्म्म्म


दोनों बहोत ऊटीजीत हो चुके थे....दोनों भी अब झड़ने के करीब थे।


सोहन:- दीदी अह्ह्ह्ह मेरा होने वाला। है स्सस्सस्स

सुहानी:- हा स्स्स्स डाल दे अपना पानी। मेरी चूत में स्स्स्स्स्स्स्स

सोहन ने आखरी झटका दिया और अपने वीर्य की पिचकारियां सुहानी की चूत में मारने लगा....सुहानी को उसके गरम वीर्य का अहसास अपनी चूत हो रहा था....उस गरम वीर्य के अहसास ने सुहानी को फिरसे झड़ने पे मजबूर कर दिया.....दोनों एक साथ झड़ने लगे....दोनों ने एक दूसरे को। *अपनी बाहो। *में जकड लिया....सोहन अपना लंड वैसेही दबा के रखा।


थोड़ी देर। बाद सुहानी ने उसे उठाया...सोहन उसकी बाजू में निढाल हो कर गिर पड़ा...सुहानी उठी और सोहन के लंड पप लगा अपने और उसके वीर्य का मिक्सचर चाटने लगी।


सुहानी:+ स्सस्सस्स सोहन उम्म्म्म्म्म ये कितना टेस्टी है रे स्सस्सस्स

सोहन:- उम्म्म्म्म दीदी तुम्हारे लिए ही है अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह


सुहानी ने उसके लंड को पूरा चाट के साफ कर दिया....लेकिन इसी दौरान सोहन का लंड फिर से खड़ा होने लगा और सुहानी भी उत्तेजित होने लगी....


*चुदाई का दौर फिर से शुरू होने लगा....उस रात सोहन और सुहानी ने जमके चुदाई की...दोनों ने हर पोजीशन में मजे किये...और आखिर में जब दोनों में ताकत नही बची तो एकदूसरे की बाहो में सो गए।


अजीब बात थी कहा सुहानी सोहन को सबक सिखाने वाली थी लेकिन खुद ही उससे चुद गयी....ऐसा ही होता है आदमी सोचता कुछ है और होता कुछ है....और सब ही कहते है की जो होता है अच्छे के लिए....


लेकिन क्या सच में ऐसा होता है?????
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