Incest Porn Kahani दीवानगी (इन्सेस्ट)
12-28-2018, 12:31 PM,
#11
RE: Incest Porn Kahani दीवानगी (इन्सेस्ट)
सुजाता : एक चपत लगते हुए, रिया तू बहुत बिगड़ गई है जा जाके अपनी ब्रा पैंटी पहन कर देख ले तब तक मैं खाना लगाती हू, मोम की आवाज़ सुन कर मैं वहाँ से सोफे की ओर आ गया और थोड़ी देर मे दी किचन से निकल कर मेरी तरफ मुस्कुरा कर देखती हुई जानबूझ कर अपने मोटे मोटे चुतडो को मटकाती हुई रूम के अंदर चली गई, मैं समझ नही पा रहा था कि क्या करू इतने मे रिया दी ने एक बार दरवाजे पर आकर मुझे देखा और एक मादक सी स्माइल देकर दरवाजा ज़ोर से बंद कर लिया, कुछ देर बाद रिया दी ने दरवाजा खोला और फिर मेरी तरफ एक स्माइल देकर अंदर चली गई, मैं उठ कर रिया दी के पास रूम मे गया और
रवि : दी क्या बात है आज मुझे देख देख कर तुम बहुत मुस्कुरा रही हो
रिया : अच्छा पहले तू यह बता कि तूने मोम को क्या पट्टी पढ़ाई है
रवि : कुछ भी तो नही
रिया : झूठ मत बोल मोम ने जीन्स तेरे कहने पर ही ली है ना
रवि : अरे दी मैने तो बस उन्हे ऐसे ही सजेस कर दिया था मुझे क्या पता था कि वह सचमुच ले लेंगी
रिया : केवल जीन्स के लिए ही साजेस किया था या और कुछ के लिए भी
रवि : क्या मतलब
रिया : रिया आँखे दिखाते हुए ज़्यादा स्मार्ट मत बना कर रवि, तुझसे मैने सुबह भी कहा था कि हम भाई बहन बाद मे पहले फ्रेंड है और हम एक दूसरे से अपनी लाइफ की सब बाते शेअर करेगे अब अगर तुझे दोस्ती तोड़नी है तो मत बता

नई ब्रा और पैंटी पहनने से रिया की चूत मे पानी आ रहा था, पहनने के बाद नेट वाली पैंटी को आगे और पीछे घूम कर मिरर मे रिया ने अपने आपको अच्छी तरह देखा था और जब उसने अपनी गुदाज मोटी गान्ड को देखा तो वह देखती ही रह गई थी उसकी लेस उसकी गान्ड के गॅप मे फस गई थी और उसके चौड़े चूतड़ पूरे नंगे नज़र आ रहे थे, उपर से उसने फिर से जीन्स पहन लिया और अब जब रवि के सामने बैठी थी तो उसकी पैंटी की लेस उसकी गान्ड की दरार मे कसति ही जा रही थी और उसकी चूत से पानी आ रहा था उसे इस समय बहुत मज़ा मिल रहा था, और वह रवि की नज़रो को तो पहले ही अपने मोटे मोटे चुतडो पर पड़ते हुए ताड़ चुकी थी और वह यह भी समझ चुकी थी कि रवि ने ही यह ब्रा और पैंटी पसंद की है, लेकिन उसे यह समझ नही आ रहा था कि रवि ने यह सब के लिए मोम को कैसे पटा लिया,

तभी मेरी नज़र सामने टेबल पर पड़ी हुई ब्रा और पैंटी पर पड़ी जिन्हे देखते ही मैं समझ गया कि रिया दी ने अभी इन्हे उतारा है
रिया : क्या हुआ तू चुप क्यो है
रवि : ऐक्चुलि दी मैने अंकुर की मोम के जीन्स मे पिक्स देखे तो मुझे अच्छे लगे इसलिए मैने मोम को भी सलाह दे दी मुझे क्या पता था वह इतनी जल्दी मान जाएगी
रिया : ओ अब मैं समझी, चल तूने अच्छा ही किया इसी बहाने मुझे भी नई ब्रा.........इतना कह कर दीदी एक दम चुप हो गई और उनके चेहरे पर दबी हुई मुस्कुराहट आ गई, मैने ऐसा बिहेव किया जैसे कुछ सुना ही ना हो, पर दी आज कुछ ज़्यादा ही चुदासी हो रही थी वह खड़ी हो गई और मुझसे कहने लगी देख भैया मुझ पर तो जीन्स एक दम फिट रहती है ना और फिर दी ने अपनी मोटी उभरी हुई गान्ड मेरी और घुमा कर मुझे दिखाया, मेरा लोड्‍ा तो पहले से ही भनभनाया हुआ था दी की इतने करीब से मोटी गान्ड देख कर और भी तन्तना गया,
रवि : दी तुम्हारी तो बात ही अलग, तुम बहुत खूबसूरत हो
रिया : खुश होती हुई तू सच बोल रहा है ना
रवि : दी तुम्हारी कसम तुम मुझे लड़कियो मे सबसे खूबसूरत लगती हो
रिया : और मेरा फिगर
रवि : मैने दी के पूरे जिस्म पर एक नज़र मारते हुए कहा दी मैने आपका फिगर देखा ही कहाँ है
रिया :देख तो रहा है
रवि : दी कपड़ो के उपर से लड़कियो का फिगर कहाँ नज़र आता है
रिया : मुझे घुरती हुई मंद मंद मुस्कुरा कर, तो क्या तू अपनी दी को नंगी देखना चाहता है
रवि : दी तुम इतनी सेक्सी हो तुम्हे कौन नंगी नही देखना चाहेगा, मैने मोका देखते हुए चोका मारा
रिया : गुस्से से मुझे देखती हुई, रवि तुझे शर्म नही आती अपनी दीदी से ऐसी बात करते हुए

मुझे लगा दी सचमुच गुस्सा हो गई तब मैने खड़े होकर उनका हाथ पकड़ते हुए कहा सॉरी दी मैं तो मज़ाक कर रहा था आप तो बुरा मान गई
रिया : कोई अपनी बहन से ऐसा मज़ाक करता है
रवि : दी तुम भूल रही हो हम बेस्ट फ्रेंड है और एक दूसरे से अपनी सब बाते शेअर करने वाले है
रिया : नॉर्मल होते हुए, पर रवि मुझे ऐसी बाते पसंद नही
रवि : दी ये तो तुम्हारी ग़लती है तुम्हे दोस्ती सोच समझ कर करना चाहिए थी, अब अगर मैं तुम्हे दोस्त मान कर अपने दिल की सब बात बता दू तो तुम पता नही कितना नाराज़ हो जाओगी, इसलिए मैं तुम्हे अब कुछ नही बताने वाला
रिया : हाथ जोड़ते हुए, अच्छा बाबा सॉरी अब बता क्या बताने वाला था
रवि : रहने दो दी तुम्हे बुरा भी तो जल्दी ही लग जाता है
रिया : अच्छा मैं बुरा नही मानूँगी अब बता ना

रवि : पक्का
रिया : एक दम पक्का
रवि : रिया की आँखो मे आँखे डाल कर, दी मैं तुम्हे उस ब्रा और पैंटी मे देखना चाहता हू जो तुमने अभी पहनी है
मेरा बाते सुन कर दी का चेहरा एक दम लाल हो गया उसके चेहरे का रंग बदल गया और वह आँखे फाडे फाडे मुझे कुछ देर देखती रही और फिर एक दम से तेज गति से रूम से बाहर जाने लगी
रवि : दी सुनो तो, दी ने कोई जवाब नही दिया और बाहर निकल गई
मैं पीछे पीछे गया तो देखा वह किचन मे मोम के पास जाकर खड़ी हो गई थी, मैं भी उसके पीछे किचन मे चला गया और

रवि : दी मुझे खाना लगा दो ना
मेरी आवाज़ सुन कर मा और दी दोनो ने मेरी तरफ देखा लेकिन मेरी नज़रे दी की तरफ थी जो मुझे गुस्से से घूर कर देख रही थी, रिया के चेहरे पर गुस्से के भाव थे लेकिन मुझे देखते हुए उसके दिल की धड़कन बहुत तेज हो रही थी और उसके पेर ज़मीन पर हल्के हल्के कांप रहे थे, और उसके दिमाग़ मे मेरे बस वही शब्द चल रहे थे, लेकिन मन ही मन वह यह सोच रही थी कि वह मेरे के उपर गुस्सा करे या ना करे जबकि वह खुद भी जानती थी कि वह मुझ से उस कदर गुस्सा नही है जैसे होना चाहिए, पर वह मेरी की हिम्मत की मन ही मन दाद दे रही थी कि मैने ने अपनी दीदी से एक दम से यह बात कैसे कह दी,
रिया : मोम से ले ले मुझे और भी काम है
सुजाता : मुस्कुराते हुए क्या हुआ तुम दोनो मे झगड़ा हुआ है क्या


रवि : मुस्कुराते हुए, क्या मोम आप भी ना क्या मैं अपनी प्यारी दीदी से कभी झगड़ा कर सकता हू
मेरी बात सुन कर रिया दी ने एक बार फिर मुझे घूर कर देखा और फिर दूसरी ओर मूह घुमा लिया
मैं मंद मंद मुस्कुराता हुआ बाहर सोफे पर आ कर बैठ गया, मैं बाहर आकर बैठा ही था कि अंकुर का फोन आ गया
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12-28-2018, 12:32 PM,
#12
RE: Incest Porn Kahani दीवानगी (इन्सेस्ट)
अंकुर : अरे रवि कल तू, रिया दी और संजू तीनो लोग इन्वाइटेड हो फॉर माइ बर्तडे सेलेब्रेशन अट माइ होम
रवि : अरे वाह फिर तो पार्टी सार्टी और दारू ठीक कह रहा हू ना
अंकुर : बिल्कुल ठीक
रवि : पर तूने उस मादर्चोद को इन्वाइट तो नही किया ना
अंकुर : मैं जानता हू तू जतिन की बात कर रहा है, अबे वैसे भी वह हमारे ग्रूप मे कभी आ ही नही सकता और मैं इतना बड़ा बेवकूप तो नही कि उसे अपने घर बुलाऊ और फिर हँसते हुए अंकुर ने कहा कहीं वह अपनी कमिनि नज़र मेरी मोम पर ही मारने लगे तो
रवि : हा हा हा तू ठीक कह रहा है
अंकुर : वैसे तेरी खुशी के लिए बता दू कि कल 4 लोगो के बीच मारपीट हो गई थी जिसमे वह भी था और पोलीस ने उसे अंदर डाल दिया है सुना है सामने वाला किसी पैसे वाले सेठ का लोन्डा था तो उसने तगड़ा केस बनवा दिया है अब जतिन बाबू की तो लग गई 4-6 महीने की
रवि : क्या बात कर रहा है
अंकुर : अब तो खुश
रवि : हा हा क्यो नही अब तो खुश होऊँगा ही बहन्चोद मेरी दी की गान्ड पर नज़र जमाए बैठा था
अंकुर : चल ठीक है मैण रखता हू और हाँ तू ऐसा ना हो कि दी को लाना भूल जाए, एक्चूली मेरे डॅड तो आउट ऑफ स्टेशन है और मोम आ गई है तो दी रहेगी तो मोम को भी कंपनी मिल जाएगी, और फिर मोम की तरह तेरी दी भी अड्वान्स विचारो वाली है तो दोनो की अच्छी जमेगी और तू मैं और संजू नेवरमाइंड होकर दारू का मज़ा लेंगे
रवि : चल ठीक है मैं संजू को बोल देता हू,
अंकुर : वैसे तो मैने उसे फोन कर दिया है पर फिर भी तू भी उससे बात कर ले, चल अब मैं फोन रखता हू ओके बाइ

खाना खाने के बाद मैं रिया दी का वेट करता रहा पर वह मोम के रूम से बाहर ही नही आ रही थी फिर मैने सोचा मैं ही जाकर बुला लेता हू और मैं मोम के रूम मे गया जहा दोनो मा बेटी बाते कर रही थी, मुझे देख कर मोम मुस्कुराइ और कहने लगी क्या हुआ बेटा नींद नही आ रही क्या,
रवि : दी को देख कर नज़रे मिलाते हुए, मोम रिया दी से बाते करे बिना मुझे नींद कहाँ आती है, और फिर मैने दी को मुस्कुराकर देखते हुए कहा, दी चलो ना
रिया : तू जा आज मैं मोम के साथ ही सोउंगी यह बात रिया दी ने मंद मंद मुस्कुराते हुए की तो मुझे कुछ राहत मिली,
मैने कहा ओके दी जैसी तुम्हारी मर्ज़ी और मैं अपने रूम मे आ गया और कुछ सोच ही रहा था कि अचानक मुझे संजू और उसकी मम्मी का वह सीन याद आ गया और मैं चुपके से उठा और छत की ओर चल दिया
छत से होते हुए मैं संजू की छत पर पहुच गया और धीरे से सीढ़िया उतर कर मैं संजू के घर के अंदर चुपके से गया, मुझे डर तो बहुत लग रहा था लेकिन सभी जगह की लाइट्स ऑफ थी और रोशनी केवल उसी रूम से आ रही थी जहा संजू सोता था, मैं चुपके से उस खिड़की तक गया जो उसके रूम के दरवाजे के करीब ही थी और अंदर झाँक कर देखा तो मेरे होश उड़ गये, संजू की मोम पूरी नंगी पेट के बल लेटी थी और संजू अपनी मोम के भारी चुतडो पर तेल लगा लगा कर मसल रहा था, उसकी मोम की मोटी मोटी और गोरी गान्ड तेल से भीगी हुई चमक रही थी, उसकी मोम का चेहरा दूसरी और था और संजू नंगा बैठा एक हाथ से बीच बीच मे अपने खड़े लंड पर तेल लगा रहा था, फिर उसने तेल लगाकर अपनी उंगलियो को अपनी मोम की गान्ड के छेद मे अंदर तक पेलना शुरू कर दिया, सीमा आंटी उउन्ह उउन्ह सीयी आह्ह्ह की आवाज़ धीरे धीरे निकाल रही थी, संजू अपने दूसरे हाथ से सीमा आंटी की चूत को खोल खोल कर सहला रहा था, मेरा लंड बुरी तरह अकड़ चुका था और मैं अपने लंड को मसल्ते हुए अंदर का नज़ारा देख रहा था, तभी संजू अपनी मोम के चुतडो पर दोनो तरफ पेर फैलाकर बैठ गया और अपने लंड को तेल मे डुबो कर अपनी मोम की मोटी गान्ड के छेद से सटा कर हल्के हल्के दबाने लगा, लगता था संजू बहुत पहले से ही अपनी मोम की मोटी गान्ड मारता आ रहा था तभी तो उसकी मोम को कोई खास दर्द नही हो रहा था और संजू का लंड मेरे देखते देखते पूरा अंदर समा गया, सीमा आंटी धीरे धीरे उउन्न्ह उऊन्ह के साउंड निकाल रही थी, संजू अपने एक हाथ से लंड को पकड़ पकड़ कर लंड अपनी मोम की गान्ड मे कभी अंदर कभी बाहर कर रहा था, संजू की मम्मी की गान्ड बहुत चिकनी नज़र आ रही थी मेरा दिल कर रहा था कि मैं संजू को हटा कर अपने मूसल को उसकी मोम की गान्ड मे पेल दू, तभी सीमा आंटी ने कहा, संजू थोड़ा तेज तेज कर बहुत मज़ा आ रहा है और मेरे दूध भी दबा, संजू ने जल्दी ही अपनी कमर तेज तेज और गहराई तक चलाना शुरू कर दी और साथ मे अपनी मोम के दूध भी कस कस कर मसल्ने और दबाने लगा, फिर कुछ देर मे संजू अपनी मोम की गान्ड मे लंड फसाए ही उसकी पीठ पर पेट के बल लेट गया और अपनी मोम की मोटी गान्ड से चिपक कर जल्दी जल्दी अपनी गान्ड हिलाने लगा, संजू की मोम की सिसकारिया अब कुछ ज़्यादा जोरो पर आ गई तभी संजू ने तीन चार धक्के कस कस कर मारे और अपनी मोम की नंगी गान्ड से इस कदर चिपक गया कि उसके लंड ने पानी छोड़ दिया हो, कुछ देर बाद संजू का हिलना बिल्कुल बंद हो गया, और फिर वह लुढ़क कर साइड मे लेट गया, उसकी मोम उसी अवश्था मे लेटी रही, मैने ज़्यादा देर वहाँ रुकना उचित नही जाना और मैं दबे पाँव अपनी छत से होते हुए अपने घर के अंदर आ गया और जैसे ही मैने अपने रूम का दरवाजा खोला मेरे बिल्कुल सामने रिया दी खड़ी थी, मैं तो एक दम से घबरा गया जैसे किसी ने मेरी चोरी पकड़ ली हो, मुझे यह भी होश नही था कि मेरे पाजामे मे मेरा लंड बहुत बड़ा तंबू बनाए पूरी तरफ खड़ा होकर साफ नज़र आ रहा था, रिया दी ने आँखे फाड़ कर मेरे चेहरे की ओर देखा और मुझसे सवाल किया

रिया : कहाँ गया था तू
रवि : वो वो हकलाते हुए, दी छत पर घूम रहा था,
रिया : झूठ मत बोल मैं बाथरूम, बालकनी, बरामदे मे और छत पर सभी जगह तुझे देख कर आ रही हू और फिर मैं संभलता इससे पहले ही दी की नज़र मेरे तने हुए लौडे पर पड़ गई और वह एक दम से सकपका गई और उसने अपनी नज़रे एक बार मुझसे मिलाई और मैं पसीने पसीने हो रहा था, मेरे पास रिया दी के सवालो का कोई जवाब नही था, लेकिन भला हो लंड देवता का जो खड़े थे और रिया दी ने अपनी नज़रे इधर उधर घूमाते हुए पलट कर बेड पर जाने लगी और मुझसे कहा दरवाजा बंद कर दे, मेरे लौडे को देख कर शायद रिया दी यह समझ रही थी कि मैं कही कोने मे छुप कर मूठ मार रहा होऊँगा
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12-28-2018, 12:32 PM,
#13
RE: Incest Porn Kahani दीवानगी (इन्सेस्ट)
लेकिन रिया के मन मे कुछ और ही चल रहा था रिया लेट चुकी थी और अपने माथे पर हाथ रख कर आँखे फाडे हुए फॅन की तरफ देख रही थी, मैं उनके बगल वाले बेड पर लेटा हुआ कनखियो से उन्हे देख रहा था लेकिन मैं उनसे बात करने के बिल्कुल मूड मे नही था मेरी गान्ड फट रही थी कि कही उन्होने फिर से पुच्छ लिया कि कहाँ गया था तो मैं क्या जवाब देता
लेकिन रिया के मन मे रवि के खड़े लंड को देखने के बाद यह ख्याल आ रहा था कि कही रवि किसी से सेक्स करके तो नही आ रहा है, नही नही पहली बात तो दरवाजा अंदर से बंद था रवि था तो घर के अंदर ही, तो फिर उसका लंड खड़ा क्यो था, और वह छत पर भी नही था, लेकिन मैं अगर उससे ज़ोर जबर्जस्ति से पूछूंगी तो वह बताएगा नही, मुझे प्यार से काम लेना चाहिए,

रिया : मुस्कुराते हुए, रवि तू बहुत बदमाश हो गया है
रवि : उठ कर बैठते हुए, क्यो दी ऐसा क्यो कह रही हो,
रिया ; शाम को क्या कह रहा था मुझसे
रवि : मुस्कुराकर रिया की आँखो मे देखते हुए, कुछ भी तो नही दी
रिया : मंद मंद मुस्कुराकर, रवि तू बहुत बिगड़ गया है, क्या तेरे दोस्त यही सब सिखाते है कि अपनी बहन से ऐसी बाते किया कर

मुझे दी अब वापस नॉर्मल वे मे लग रही थी और मोका भी अच्छा था मैने सोचा वापस ट्राइ करना चाहिए
रवि : दी एक बात बोलू
रिया : क्या
रवि : दी तुम मुझसे कितना प्यार करती हो
रिया : बहुत, इतना कि मैं बता नही सकती
रवि : तो फिर दी एक बार मेरी इच्छा पूरी कर दो
रिया : चेहरे से मस्कान गायब करते हुए सवालिया निगाहो से मेरी ओर देखते हुए, कौन सी इच्छा
रवि : मैने मुस्कुरा कर दी के बड़े बड़े दूध को घूरते हुए फिर उनसे नज़रे मिला कर कहा वही जो शाम को मैने कहा था
रिया : मंद मंद मुस्कुरा कर आँखे दिखाते हुए, रवि तू मार खाएगा लगता है
रवि : हाथ जोड़ कर प्लीज़ दी
रिया : रवि तू पागल है मैं मोम से तेरी शिकायत कर दूँगी

मैने मूह बनाते हुए कहा बस यही प्यार है तुम्हारा अपने भाई की एक छोटी सी इच्छा पूरी नही कर सकती हो, और कहती हो कि तुम मुझसे इतना प्यार करती हो कि बता नही सकती, तुम्हारी सब बाते झूठी है, अब मुझे डिस्टर्ब ना करना गुड नाइट इतना कह कर मैं दूसरी और मूह करके सो गया.
कुछ देर तो दी मुझे देखती लेटी रही और उनके चेहरे पर सीरीयस भाव थे लेकिन थोड़े पल बाद उनके चेहरे पर एक मंद मंद मुस्कान आ गई जिसे वह दबाने की कोशिश करते हुए मुझे देख रही थी, फिर कुछ देर बाद उनकी मधुर आवाज़ मेरे कानो मे पड़ी

रिया : रवि, ओ रवि
मैने उनकी आवाज़ का कोई रिप्लाइ नही दिया तब उनकी आवाज़ दुबारा आई लेकिन इस बार उनकी आवाज़ ऐसी थी जैसे हम अकसर किसी के कान मे लग कर बोलते है और उस आवाज़ ने मुझे उनकी ओर देखने पर मजबूर कर दिया
रिया ; रवि, ओ रवि
रवि : मैने नखरा दिखाते हुए कहा, क्या है दी अब क्यो बुला रही हो
रिया ; मंद मंद मुस्कुराते हुए, अच्छा मेरी बात तो सुन
रवि : मैने अपनी गर्दन लेटे हुए तकिये से उठा कर उनकी ओर देख कर कहा हाँ बोलो क्या है
रिया : ऐसे नही पहले उठ के बैठ
रवि : ओफफ़ो अच्छा बाबा लो उठ कर बैठ गया अब बोलो
रिया : मुस्कुराकर मूह बनाते हुए कहने लगी गुस्सा तो ऐसे हो रहा है जैसे मैने कोई ग़लत बात की हो जबकि ग़लत तो तू है
रवि : यही कहने के लिए क्या तुमने मुझे उठ कर बैठने के लिए कहा है
रिया : मुस्कुराकर नही तो क्या तेरी गोद मे बैठने के लिए मैने तुझे उठाया है

मैने मूह बनाते हुए कहा तो फिर अब मत उठाना और मुझे चुप चाप सोने दो और मैं फिर धम्म से तकिये मे सर रख कर लेट गया
तभी मेरे कानो ने जो बात सुनी उसे सुन कर मेरे होश उड़ गये,
रिया : रवि सुन तो
रवि : मुझे नही सुनना दी सोने दो
रिया : अच्छा रवि चल मैं तेरी इच्छा पूरी करने को तैयार हू

दी की बात सुनते ही मैं उठ कर बैठ गया और उसे देखने लगा उसका चेहरा एक दम लाल हो रहा था और उसके सीने के कठोर बड़े बड़े उभारो के उतार चढ़ाव को देख कर लग रहा था कि दिल की धड़कनो की रफ़्तार कितनी तेज होगी
रवि : मैने खुश होते हुए कहा, क्या कहा दी तुमने फिर से कहना
रिया : मुस्कुराते हुए, नज़रे झुका कर और फिर नज़रे उठा कर कहने लगी, मैं तेरी इच्छा पूरी करने को तैयार हू, लेकिन
रवि : लेकिन क्या दी, मैने सवालिया निगाहे उस पर मारी
रिया : मेरी दो शर्ते है अगर तुझे मंजूर हो तो बोल
रवि : कौन सी शर्त
रिया : पहली शर्त तो यह है कि मैं जब कपड़े उतारुँगी तो तू वही बैठा बैठा ही मुझे देखेगा, तब तक जब तक मैं कपड़े वापस ना पहन लू
रवि : और दूसरी शर्त
रिया : इस बार दी के चेहरे पर गंभीर भाव थे, दूसरी शर्त यह कि तू पहले मुझे सच सच बताएगा कि जब मैं तुझे सब जगह देख कर आ गई तो फिर तू गया कहाँ था?

दी की बात सुन कर मेरे चेहरे का रंग उड़ गया और मैं सोच मे पड़ गया, मुझे सोचता देख दी ने इठलाते हुए कहा यदि तुझे मेरी दोनो शर्ते मंजूर हो तो बोल
मैं कुछ बोलने की स्थति मे नही था पर जवाब तो देना था, मैने कुछ सोचा और फिर कहा
रवि : दी मुझे तुम्हारी शर्त मंजूर है लेकिन मैं तुम्हारी दूसरी शर्त का जवाब तुम्हे ब्रा और पैंटी मे देखने के बाद दूँगा
रिया : मुझे गौर से देखते हुए, नही तू बाद मे पलट जाएगा
रवि : नही दी इतना तो भरोसा करो अपने भाई पर
रिया : खा मेरी कसम की तू मुझे सब सच सच बताएगा
रवि : तुम्हारी कसम बस
रिया : दो मिनिट तक चुपचाप बैठी रही फिर मेरी ओर देखने लगी मैं उसके मोटे मोटे उरोजो को ही खा जाने वाली नज़रो से देख रहा था और जब दी ने मुझे देखा तो मैने कहा अब क्या हुआ उतारती क्यो नही हो
रिया : मुस्कुरकर शरमाते हुए कहने लगी रवि मुझे तेरे सामने शर्म आएगी
रवि : दी जल्दी करो नही तो मैं आकर उतारू क्या ?
रिया : रवि मैने पहले ही कहा है तू अपनी जगह से हिलेगा भी नही
रवि : तो फिर जल्दी से उतारो
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12-28-2018, 12:32 PM,
#14
RE: Incest Porn Kahani दीवानगी (इन्सेस्ट)
दी ने सबसे पहले अपनी टीशर्ट उतार दी मैं तो ब्रा मे कसे उनके मोटे मोटे दूध देखता ही रह गया बाप रे जितने लगते थे यह तो उनसे भी ज़्यादा मोटे नज़र आ रहे थे हाई उपर से दी का चिकना पेट और छोटी सी नाभि हे क्या सेक्सी जवानी है मैं तो आँखे फाडे फाडे देखता ही रह गया, दी के चेहरे पर मुस्कान और शर्म के मिक्स भाव थे जिन्हे देख कर और भी अच्छा लग रहा था, फिर दी की नज़रे मुझसे मिली तो उन्होने नज़रे मुस्कुराते हुए नीचे कर ली, और दूसरी तरफ मूह घुमा लिया उनके भारी चूतड़ जो अभी तक जीन्स मे कसे थे मुझे पागल करने लगे और उस पर उनकी पैंटी का एलास्टिक भी नज़र आ रहा था कुल मिला कर महा सेक्सी और मादक थी मेरी दी कमर के नीचे के भराव ने तो जान ही निकाल दी थी जब दी के पॅंट पहने होने के बावजूद मेरे लंड का हाल बेहाल था तो दी जब पॅंट उतारेगी तो मेरा क्या होगा
रवि : दी इधर मूह करो ना,
रिया : नही
रवि : चलो अच्छा है अब ऐसे ही अपनी पॅंट उतरो
दी ने धीरे से जीन्स के बटन को खोला और अपनी ज़िप नीचे की और अपने भारी चुतडो से धीरे धीरे जैसे ही जीन्स को सरकाया मैं अपनी दी के सुडोल मोटे मोटे गोरे चुतडो को देख कर पागल हो गया, उनकी पैंटी की लेस उनकी गान्ड की दरार मे पूरी तरह घुसी हुई थी, उनके मसल चूतड़ पूरे नंगे नज़र आ रहे थे, मैं अपने लंड को पाजामे के उपर से मसलते हुए उनकी नंगी जवानी का भरपूर आनंद ले रहा था, जब दी ने अपनी जींस को अपने घुटनो तक किया तो दी की केले के तनो जैसी गोरी मसल जंघे देख कर तो ऐसा लगा मेरा लंड पिचकारी मार देगा, दी दोनो जाँघो को कस कर चिपकाए खड़ी थी और मेरी तरफ बिना गर्दन घुमा कर मुझे देखा और उनका चेहरा शर्म से लाल हो गया और उन्होने अपने जीन्स को उपर चढ़ा लिया
रवि : यह क्या दी पहन क्यो लिया
रिया : पलट कर कहने लगी बस रवि तेरी इच्छा मुझे ब्रा पैंटी मे देखने की थी वह पूरी कर दी ना मैने
रवि : दी यह तो चीटिंग है तुम्हे जीन्स पैरो से निकालना होगा तभी मेरी इच्छा पूरी होगी,
रिया : मुस्कुरा कर रवि मुझे शर्म आ रही है
रवि : अरे दी तुम पागल हो क्या, अपने भाई से क्या शरमाना , मैने तो तुम्हे कई बार कपड़े चेंज करते देखा है कि नही
रिया : अच्छा बस दो मिनिट के लिए उतारुँगी और फिर पहन लूँगी
रवि : ओके

दी ने मेरी बात सुन कर बेड पर बैठ कर जल्दी से अपनी जीन्स निकाल दी और फिर मेरी ओर मुस्कुरा कर देखते हुए कहा बस हो गई तसल्ली अब तो पहन लू मैं तो दी के नंगे बदन मे खोया हुआ था और दी मेरी नज़रो की चुभन को देख कर शरमाते हुए कहने लगी रवि अब बहुत हुआ मैं पहन रही हू और दी ने जीन्स उठा ली
रवि : दी एक बार सामने से खड़ी होकर दिखाओ ना आगे से तो मैने तुम्हे देखा ही नही
मेरी बात सुन कर दी जैसे ही खड़ी हुई उसकी पैंटी के उपर से उसकी फूली हुई चूत देख कर मैने दी के सामने ही अपने लंड को पाजामे के उपर से मसला तो दी ने नज़रे झुका ली और फिर जीन्स पहनने लगी
रवि : दी आज रात ऐसे ही सो जाओ ना
रिया : जल्दी से जीन्स पहनने की कोशिश करते हुए कहने लगी नही रवि बस बहुत हुआ
रवि : दी मैं तुम्हे एक बार अपनी बाँहो मे ले लू
दी ने मुझे गुस्से से घूर कर देखते हुए, तुझे अपनी शर्त याद है ना
रवि : दी प्लीज़ एक बार मुझे अपने सीने से लगा लो
रिया : नही और दी ने पैंट पहन ली
रवि : अच्छा कपड़े पहनने के बाद तो लगा लोगि ना
रिया : मुस्कुराते हुए सोचूँगी, दी ने जल्दी से पॅंट के बाद टीशर्ट भी पहन ली और फिर बेड पर मुस्कुराते हुए बैठ गई

अब मैं बेड से उतर के नीचे आया तो मेरे पाजामे मे तना लंड दी की आँखो के सामने आ गया और दी के चेहरे का भाव बदल गया और वह शर्म से पानी पानी होने लगी,
मैने दी के करीब पहुच कर उनसे कहा, दी एक बार मेरे गले लग जाओ

दी बेड पर बैठी अपनी नज़रे झुकाए थी लेकिन उनकी नज़रे मेरे तने हुए लोडे पर पड़ रही थी, मैने जैसे ही उनके कंधे पर हाथ रखा उन्होने मुझे धक्का दे दिया और चेहरे पर कठोर भाव लाते हुए कहने लगी, रवि तू तब तक मुझे नही छुएगा जब तक तू दूसरी शर्त पूरी नही कर देता
रवि : दी मैं तुम्हे सब सच सच बता देता हू पर तुम्हे वह बात मेरी गोद मे बैठ कर सुननी होगी
रिया : नज़रे झुका कर मेरे लंड को एक बार देख कर फिर मुझे देख कर मुस्कुराते हुए मुझे एक और धक्का देती है और खड़ी होकर मुझे अपनी जीभ दिखाते हुए मुस्कुरा कर कहती है बड़ा आया मुझे अपनी गोद मे बिठाने वाला
रवि : दी तो क्या तुम अपने भैया की गोद मे नही बैठ सकती
रिया : मंद मंद मुस्कुराते हुए नही
रवि : दी इतना क्यो डर रही हो वैसे भी तुमने पॅंट पहनी है कौन सी तुम नंगी हो जो घबरा रही हो
रिया : मुस्कुरा कर मुझे नही बैठना मतलब नही बैठना
रवि : मतलब तुम मुझसे प्यार नही करती
रिया : मुझे मंद मंद मुस्कुरा कर देखते हुए, चल ठीक है लेकिन तू मुझे यहाँ वहाँ हाथ नही लगाएगा
रवि : ठीक है और मैं पलंग पर पालती मार कर बैठ गया और दी को अपनी गोद मे क्रॉस लेग बैठने का इशारा किया
रिया : आँखे फाड़ कर मुझे देखती हुई, मुस्कुरा कर, तू ऐसे बैठने को कह रहा है तू बड़ा कमीना है मैं तो सोच रही थी तू पलंग पर पर झूला कर बैठेगा और मैं तेरी गोद मे बैठ जाउन्गि, मैं ऐसे नही बैठूँगी
रवि : दी आओ ना प्लीज़, तुम्हे मैं बहुत अच्छी बात बताने वाला हू और फिर मैने दी का हाथ पकड़ कर बेड की तरफ खींचा और दी शरमाते हुए मेरी गोद मे क्रॉस लेग करके बैठ गई वो जैसे ही बैठी उसका चेहरा पूरा लाल हो रहा था और साँसे बहुत तेज चल रही थी, मैने दी के चुतडो के पीछे हाथ ले जाकर उनके चुतडो को अपने लंड की तरफ खींच लिया और दी की मस्त फूली चूत पूरी तरह मेरे लंड से सॅट गई, दी मेरे सीने से कस कर चिपक गई क्यो कि उनकी चूत पर मेरे लंड की अकड़न का दबाव पड़ा और वह मुझसे कस कर चिपक गई, उसकी गरम गरम कसी हुई च्चातियो के दबाव ने तो मुझे पागल कर दिया और मैने दी को अपनी बाँहो मे बुरी तरह कस के उसके गुलाबी रसीले गालो और गर्दन को चूमना शुरू कर दिया
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12-28-2018, 12:32 PM,
#15
RE: Incest Porn Kahani दीवानगी (इन्सेस्ट)
मैने दी के कानो मे धीरे से कहा
रवि : दी
रिया ; हू
रवि : दी तुम बहुत हॉट माल हो
मेरी बात सुन कर दी ने अपने सीने को मुझसे दूर किया और मुझसे कहने लगी रवि अब बहुत हो गया अब जल्दी से मुझे वो बात बता दे, दी का इतना कहना था कि मैने उनके रसीले होंठो को अपने मूह मे भर कर कस कर उनके रसभरे होंठो को चूस लिया, दी हान्फते हुए मुझे देख कर मेरे सीने पर मुक्के मारने लगती है और मैं पीछे हाथ डाले उसके गुदाज चुतडो को अपने लंड की ओर दबाता हू जिससे दी की चूत मेरे खड़े लंड से दबने लगती है
दी के हाथ मे ताक़त नही रहती है और मैं उसे पागलो की तरह चूमे जा रहा था, और दी मेरे कान मे लरजति आवाज़ के साथ कहती है, रवि ये सब मत कर मैं तेरी बहन हू तुझे ऐसा नही करना चाहिए, मुझे भी दी की बात सुन कर लगा कि हम वाकई भाई बहन है और हम यह क्या कर रहे है, मैने कंट्रोल करते हुए दी पर अपनी पकड़ ढीली कर दी, लेकिन दी उठने का नाम नही ले रही थी और मैने जब उसके चेहरे को पकड़ कर उपर उठाया तो उसने शर्म से आँखे झुका ली, अभी दी मेरी गोदी मे किसी जवान घोड़ी की तरह चढ़ि हुई थी और कहने लगी, रवि तूने कभी किसी और लड़की के साथ यह सब किया है
रवि : मेरा हाथ ना जाने कैसे काबू मे नही रहा और मैने दी के मोटे मोटे दूध दबाते हुए कहा नही दी मैने तो जिंदगी मे पहली बार किसी जवान और खूबसूरत लड़की के जिस्म को छुआ है और मुझे आज पता चला कि तुम्हारे इस गदराए जिस्म को छूने और मसल्ने मे कितना मज़ा आता है, दी मुझे पॉज़िटिव लग रही थी, शायद उनकी चूत बहुत पानी छोड़ रही थी और छोड़े भी क्यो ना आख़िर खड़े लंड पर जो बैठी थी,
रिया : रवि तू मुझसे प्यार करता है
रवि : सबसे ज़्यादा
रिया : भाई बहन वाला प्यार नही
रवि : मैं जानता हू, मैं तुम्हे अपनी लवर समझ कर प्यार करता हू तुम्हारे हुश्न ने मुझे पागल कर दिया है, मैं दी के मोटे मोटे दूध को उसकी पतली सी टीशर्ट के उपर से कस कस कर दबा रहा था और दी के चेहरे के भाव ऐसे लग रहे थे जैसे उसे मीठा मीठा दर्द हो रहा हो,
रिया : तो क्या तू मेरे साथ वो सब करना चाहता है
रवि : मुस्कुराते हुए वो सब क्या दी
रिया : मुस्कुरा कर मुझे मारते हुए, ज़्यादा मज़ाक मत कर और सही सही बता
रवि : क्या बताऊ दी
रिया : तू मेरे उपर गंदी नीयत रखता है ना
रवि : दी गंदी नही मैं तो जब भी तुम्हारे इन भारी भरकम चुतडो को देखता हू तो बहुत गंदी नीयत हो जाती है और मेरा लंड तुम्हे चोदने के लिए तड़पने लगता है, मेरी बात सुन कर दी मुझसे जोरो से चिपकती जा रही थी, दी बहुत मस्ती मे लग रही थी अब वह अपनी चूत को खुद ही मेरे लंड पर दबा रही थी, दी ने मेरे कान के पास मूह लगा कर कहा, रवि मैं तुझसे बहुत प्यार करती हू
रवि : मैं भी दी,

फिर अचानक दी ने मुझसे कहा रवि सच बता तू मुझसे प्यार करता है ना, मुझे धोखा तो नही देगा,
रवि : नही दी कैसी बात कर रही हो, भला मैं अपनी दी को कभी धोखा दूँगा
रिया : अगर तूने मेरे अलावा किसी और से प्यार किया तो

रवि : दी के मोटे मोटे उरोजो को मसल्ते हुए, तो तुम मेरी जान ले लेना
रिया : मैं तेरी नही जिसे तू प्यार करेगा मैं उसकी जान ले लूँगी
रवि : रिया दी के होंठो को चूमते हुए, मेरी जान क्यो नही लोगि
रिया : क्यो कि मैं तो तुझसे प्यार करती हू तो फिर मैं भला तेरी जान कैसे ले सकती हू
रवि : रिया की आँखो मे आँखे डाल कर उसे देखते हुए, दी आज मेरे साथ सोओगी
रिया : मुस्कुराकर अपनी गर्दन हाँ मे हिला देती है
रवि : पूरी नंगी होकर ना
रिया : इठलाते हुए क्यो क्या मुझे तू अपनी बीबी समझता है
रवि : हाँ
रिया : मेरे सीने से कस कर चिपकते हुए, मुझे कभी छोड़ कर जाएगा तो नही
रवि : एक शर्त पर
रिया : क्या
रवि : तुम्हे मेरी बीबी बनना होगा
रिया : बीबी बना कर क्या करेगा
रवि : दी के मोटे मोटे दूध को दबाते हुए, तुम्हे चोदुन्गा और क्या करूँगा
रिया : ठेंगा दिखाते हुए
रवि : अच्छा नही चुदवाओगी
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12-28-2018, 12:32 PM,
#16
RE: Incest Porn Kahani दीवानगी (इन्सेस्ट)
रिया : शरमाते हुए तेरी जो मर्ज़ी हो सब कर लेना, पर पहले मुझे वो बात तो बता दे प्लीज़
रवि : अच्छा बाबा तुम कहती हो तो सुनो लेकिन पहले अपना यह जीन्स उतार कर मेरी गोद मे बैठो
रिया : रवि मुझे डर लग रहा है
रवि : अच्छा तुम खड़ी हो जाओ मैं खुद ही उतार देता हू मैने दी को खड़ी किया और उसकी पैंटी खोल कर उतारने लगा दी अपनी आँखे फाडे मेरी ओर देख रही थी, फिर जैसे ही मैने उसकी पॅंट नीचे सरकई उसकी कमर के नीचे के फैले हुए हिस्से और चिकनी खंबे जैसी मस्त जाँघो को दबोचते हुए मैने उसकी पैंटी के अंदर फूली बुर को अपने मूह से दबा लिया और रिया दी सीसीयाने लगी

रिया दी को मैने बिना पैंटी उतारे अपनी गोद मे बैठा लिया और अब मेरा लंड सीधे उसकी फूली हुई चूत मे पैंटी के उपर से चुभने लगा और रिया दी मस्ती से भर उठी और मुझे अपने सीने से लगा कर अपने मोटे मोटे दूध को दबा लिया मैं रिया दी की गोरी गोरी जाँघो से लेकर उसके भारी नंगे चुतडो को अपनी हथेली मे भर भर कर दबाने लगा,
रवि : दी कैसा लग रहा है
रिया : आइ लव यू रवि बहुत अच्छा लग रहा है, मुझे तू बहुत अच्छा लगता है, दी यह कह कर मेरे होंठो को बेतहाशा चूमने लगी और दी ने अपने एक हाथ से मेरे खड़े मस्त लंड को पकड़ लिया और उसकी साँसे बहुत तेज चलने लगी और वह कराहते हुए कहने लगी ओह रवि कितना मोटा और बड़ा है तेरा लंड ओह रवि मैं तो इसे ले कर मर जाउन्गि, मैने दी के बोबे कस कर मसल्ते हुए कहा दी तुम्हारी गान्ड तो इतनी मस्त है कि तुम्हे ऐसे ही लंड से मज़ा मिलेगा,

मैने दी की टीशर्ट उतार दी और दी अब सिर्फ़ न्यू ब्रा पैंटी मे कयामत लग रही थी दी की मोटी जंघे उनका चिकना पेट और भारी और सुडोल चूतड़ और पके हुए कलमी आमो की तरह चुचे बहुत उतेज्ना पैदा कर रहे थे और दी मेरे लोडे को मुट्ठी मे दबोचे मुझसे चिपकी जा रही थी, मैने दी को लिटा दिया उन्होने अपनी आँखे बंद की हुई थी मैने अपने मूह को पैंटी के उपर से उनकी फूली हुई चूत पर रख कर मूह से दबाया तो दी सीसीया उठी और अपनी दोनो जाँघो को भींच लिया मैने दी की पैंटी नीचे खींच दी और उनकी चिकनी गुलाबी चूत पर दो तीन पॅपी देकर उनकी जाँघो को ताक़त से अलग किया और बिना वक़्त गवाए अपने मूह को दी की रसीली बुर की फांको के बीच लगा दिया और दी की रसीली बुर का रस पीने लगा, दी आह ओह ओह रवि मैं मर जाउन्गि प्लीज़ आह की आवाज़े निकालने लगी मैने दी की दोनो टाँगो को उपर उठा कर फोल्ड कर दिया और उनकी चूत उभर कर फाके फैलाए खुल कर सामने आ गई और फिर मैने खूब गहराई मे अपनी जीभ डाल कर उनकी चूत को पागलो की तरह चाटने लगा और दी तड़पने लगी, क्या मस्त चूत थी मेरी दी की ऐसी सौंधी सौंधी महक आ रही थी उनकी बुर से मुझे तो ऐसा लग रहा था कि दी की बुर को पूरा खा जाउ. मैने रिया दी की बुर को चाट चाट कर एक दम लाल कर दिया, रिया दी अपनी मोटी गान्ड उपर को उठाने लगी और अपनी चूत का धक्का मेरे मूह पर मारने लगी, और कहने लगी रवि अब नही सहा जा रहा है प्लीज़ अपनी दी को चोद दे, खूब कस के पेल दे अपने लंड को आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह सिह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

मैने दी की चूत मे लंड रखा और एक धक्का मारा और दी का बदन ऐंठ गया और वह दर्द से बिलबिला उठी, मैने उसकी मोटी जाँघो को कस के थामे हुए थोड़ा सा लंड बाहर खींचा और कचकचा कर जोरदार धक्का मारा और मेरा लंड अंदर समा गया, दी की आँखो से आँसू आ गये और जब वह चिल्लाने को हुई तो मैने उसके मूह मे हाथ रख कर दबा दिया, अब मैं अपनी कमर धीरे धीरे हिलाते हुए दी के मोटे मोटे बोबे को मसल्ने लगा, अब दी का दर्द कुछ कम होने लगा और वह मेरे मूह को पकड़ कर चूमने लगी और मैने अपने हाथो को दी के चुतडो के नीचे लेजा कर उसकी मोटी गान्ड को दबोच कर सतसट धक्के दी की गुलाबी चूत मे मारने लगा, अब दी नीचे से धक्का उपर को मारती और मैं कस के उसकी चूत मे लंड पेल देता, हम दोनो एक दूसरे से गुत्थम्गुथ होते हुए अपनी चूत और लंड को खूब कस कस के एक दूसरे की तरफ धक्का रहे थे, दी को चोदते हुए मैं उसके होंठो का रस भी पीता जा रहा था, फिर मेरे धक्को की स्पीड तेज हो गई और दी और ज़ोर से रवि और तेज मार अपनी दी की चूत फाड़ दे रवि कुछ इस तरह से चिल्लाने लगी और मेरे लंड ने दी की बुर मे ढेर सारा रस उगल दिया, मैं दी के बगल मे लेट गया और दी आँखे बंद किए हुए हाँफ रही थी, तभी दी एक दम से उठ बैठी और जल्दी से उसने एक चादर अपने बदन पर डाली और फिर मुझे गुस्से से देखती हुई कहने लगी तूने अपनी दी को बर्बाद कर दिया, मैं उसकी और देखता ही रह गया, लेकिन फिर दी एक दम से खिलखिला कर हंस पड़ी और कहने लगी तू डर गया था ना

मैं दी के बिहेवियर को समझने की कोशिश करता इससे पहले ही दी ने मेरे होंठो को चूम लिया और कहने लगी आइ लव यू रवि
मैने भी रिप्लाइ मे दी को चूमते हुए कहा आइ लव यू टू
रिया : आँखे दिखाते हुए अब तो बता दे मुझे कि तू कहाँ गया था
मेरे पास अब कोई ऑप्षन रहा नही और मैने दी को पूरी बात बता दी
दी कुछ देर चुप रही और कुछ सोचती रही फिर मुझसे कहने लगी, उसके बाद सीमा आंटी तुझसे मिली या कोई बात हुई, मैने कहा नही दी मैं तब से संजू के घर नही गया, तब दी ने कहा
रिया : रवि मुझे दिखाएगा कैसे संजू अपनी मोम को चोदता है
रवि : दी उसमे रिस्क बहुत है उसके घर के अंदर तक जाना पड़ता है कही किसी ने चोर समझ लिया तो लेने के देने पड़ जाएगे
रिया : तो फिर तू क्यो गया था
रवि : दी मैं तो सिर्फ़ यह कन्फर्म करने गया था कि क्या संजू सचमुच अपनी मोम को नंगी करके चोदता है या नही, लेकिन अब मैं नही जाउन्गा
रिया : और अगर संजू की मोम ने तुझसे कुछ कहा तो
रवि : जब वह कहेगी तब की तब देखेगे दी अब चलो सो जाओ
रिया : मुझे बताना है कि संजू की मोम तुझसे कुछ कहती है या नही
रवि : ज़रूर बताउन्गा दी चलो अब सो जाओ बहुत रात हो गई है

लेट कर दी ने मेरा लंड फिर से पकड़ लिया और मेरी बाँहो मे सर रख लिया मैं भी दी की मोटी गान्ड और गुदा के छेद को सहलाने लगा
रिया : रवि तूने संजू की मोम को पूरी नंगी चुदते हुए देखा है ना
रवि : रिया की गान्ड को दबाते हुए, हाँ दी पूरी नंगी अपनी गान्ड उठाए संजू के लंड से चुद रही थी और संजू भी खूब कस कस कर अपनी मोम की गान्ड मार रहा था
रिया : मेरे लोडे को सहलाते हुए, तेरा भी लंड संजू की मोम को देख कर खड़ा हो गया होगा ना
रवि : हाँ दी
रिया : तेरा मन होता है संजू की मोम को चोदने का
रवि : हाँ दी
रिया : अगर वह तुझसे चुदवायेगि तो उसे चोदेगा कि नही
रवि : मुस्कुराते हुए दी पहले वह चुदवाने को राज़ी तो हो,
रिया : अगर हो गई तो
रवि : तो चोद दूँगा
रिया : जब भी तेरी सीमा आंटी से बात हो तो मुझे बताएगा ना
रवि : क्यो नही दी

उस रात सीमा आंटी की चुदाई की बात बताने के बाद मैं और दी फिर गरम हो गये और मैने अपनी दी को एक बार फिर कस कस कर रगड़ा, दी एक दम मस्त होकर सोई
सुबह जब मैं सो कर उठा तो अगले दिन मुझे बड़ी खूसखबरी मिली मैने एएसआइ का टेस्ट दिया था और मेरा सेलेक्षन हो गया, इतफ़ाक़ से जिस सिटी मे मैं रहता था वही ट्रैनिंग सेंटर था और मेरी ट्रैनिंग शुरू हो गई, ट्रैनिंग के बाद मुझे उसी शहर मे पोस्टिंग मिल गई लेकिन डोरिंग दा ट्रैनिंग पीरियड बहुत सी बाते हुई, मेरे मन मे संजू की मोम को पटा कर चोदने की बाते चल रही थी, जिस दिन मुझे एएसआइ मे सेलेक्ट होने की खूसखबरी मिली उसी सुबह मैं संजू की दुकान पर जाकर उससे मिला
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12-28-2018, 12:32 PM,
#17
RE: Incest Porn Kahani दीवानगी (इन्सेस्ट)
जब मैं संजू की दुकान पर गया
संजू : क्या बात है प्यारे सुबह सुबह आज याद आ गई
रवि : अबे तुझे खूसखबरी देने आया हू
संजू : कैसी खूसखबरी
रवि : मेरा एएसआइ मे सेलेक्षन हो गया
संजू : खुश होते हुए फिर तो प्यारे पार्टी बनती है
रवि : जी खोल कर पिएगे वो भी आज ही अंकुर की पार्टी मे
संजू : हाँ यार मैं तो भूल ही गया था,

तभी घर के अंदर से सीमा आंटी बाहर आई और चाइ के दो प्याले उनके हाथ मे थे, वह जैसे ही चाइ नीचे रखने के लिए झुकी मेरी नज़र उनकी मॅक्सी के अंदर मोटे मोटे पके आमो पर गई और फिर आंटी ने मुझे अपने कसे हुए आमो को घूरते हुए देखा और बहुत ही मंद स्माइल दे दी और जैसे ही मेरी नज़र संजू की तरफ गई मैं सकपका गया क्योकि उसने भी मुझे अपनी मोम के पके हुए मस्त आमो को घूरते हुए देख लिया था,
सीमा : और बेटे कैसे हो
रवि : मस्त हू आंटी

सीमा आंटी पलट कर अपनी गुदाज मोटी गंद मटकाते हुए अंदर जाने लगी और मैं उनके भारी चुतडो की थिरकन को देखने के लिए अपने आप को रोक नही सका और जब तक वह मेरी नज़र से औझल नही हो गई मैं उनकी गुदाज मोटी गान्ड को देखता रहा
फिर जब मैने संजू की ओर देखा तो वह अंजान बन कर चाइ पीने लगा

रवि : यार संजू कल तो मैने एक स्टोरी पढ़ी जिसमे मा बेटे की चुदाई के बारे मे लिखा था, क्या ऐसा होता भी है या फिर बस कहानी है
संजू : अबे इस दुनिया मे सब कुछ होता है तू नही जानता बहुत से लोगो का यह सोचना है कि सबसे ज़्यादा मज़ा अपनी मोम को चोदने मे ही आता है
रवि : अच्छा एक बात पुच्छू बुरा तो नही मानेगा
संजू : पूछ
रवि : अगर तेरी मोम तुझसे चुदवाये तो क्या तू चोद लेगा
संजू : गरम होते हुए, यार तू कैसी बाते कर रहा है, इतनी घटिया बात करने की तेरी हिम्मत कैसे हुई
रवि : देख मैने पहले ही कहा था कि बुरा मत मानना मैं तो बस ऐसे ही पुंछ रहा हू
संजू : तो तू ही बता दे, अगर तेरी मोम तुझसे चुदवायेगि तो क्या तू चोद देगा

रवि : यार संजू तू तो बुरा मान गया, मैं तुझे हर्ट नही करना चाहता था, तू इसे सीरियस्ली क्यो ले रहा है
संजू : नही तू ही बता, तू क्या चोद लेगा अपनी मोम को
रवि : मुस्कुराते हुए, अबे इस बारे मे मैने अभी तक सोचा नही पर ऐसा हो तो शायद चोद भी लू
संजू : हंस कर तू साले पक्का मदर्चोद है, कही तूने सच मुच तो अपनी मोम को नही चोद दिया
रवि : अबे मेरी शामत आई है जो मैं अपनी मोम को चोदुन्गा, मेरी गान्ड फाड़ देगी वह
संजू : मुस्कुराते हुए, महा कमीना है तू

मैने मन मे कहा साले तुझसे बड़ा कमीना तो नही हू , फिर मैने उससे शाम को अंकुर की पार्टी मे जाने के लिए रेडी रहने को कहते हुए जैसे ही संजू की दुकान से बाहर निकाल कर अपने घर जाने के लिए मुड़ा और मेरी नज़र उपर अपने घर की बालकनी मे गई जहाँ रिया दी मुझे देख रही थी, लेकिन उस समय मैं हैरान रह गया जब मैने देखा कि रिया दी के हाथ मे काँच का चाइ वाला ग्लास था जिसे उन्होने मुझे गुस्से से देखते हुए तोड़ दिया और उनका हाथ लहुलुहान हो गया, ना जाने उनके हाथ मे इतनी शक्ति कहाँ से आ गई थी मैं बहुत हैरान सा उपर की ओर भगा और जब तक मैं उपर पहुचता दी बाथरूम मई जा चुकी थी, मैने धीरे से दी को आवाज़ दी और 5 मिनिट बाद वह अपना हाथ धोकर बाहर निकली और अब वह चेहरे से शांत दिखाई दे रही थी
रवि : दी ग्लास कैसे तोड़ दिया तुमने क्या हुआ था तुम्हे
रिया : कुछ नही रे, मैं ग्लास थोड़ा तेज पकड़े थी और पता नही कैसे चटक कर टूट गया, तू कहाँ गया था सीमा आंटी को देखने ?
रवि : मुस्कुराते हुए दी के गालो को चूम कर उनके मोटे मोटे दूध को दबा कर मसल्ते हुए, तुम भी ना दी
रिया : नॉर्मल होते हुए, रवि तुझे पता है मैं तुझसे कितना प्यार करती हू
रवि : जानता हू दी तुम मुझसे बहुत प्यार करती हो
दी ने मुझे अपनी बाँहो मे भर कर मेरे होंठो को चूमते हुए कहा, नही रवि तू नही जानता कि मैं तुझसे कितना प्यार करती हू,

तभी दूसरी ओर से आहट हुई और दी ने मुझे जल्दी से छोड़ दिया और जब मैने दूसरी ओर देखा तो मेरे होश उड़ गये मोम जीन्स और टीशर्ट मे, माइ गॉड मोम तो एक हॉट बॉम्ब लग रही थी, उनके जैसी गदराई औरत को देखते ही लंड झटके खाने लग जाए, दी ने मुस्कुराते हुए मोम से कहा वाउ मोम युवर ब्यूटी
सुजाता : चलो अब मुझे चने के झाड़ पर मत चढ़ाओ, ले रिया तेरे लिए फोन है, रिया दी ने पूछा किसका फोन है मोम, तब मोम ने कहा तेरी बदमाश दोस्त प्रिया का

यह प्रिया और कोई नही बल्कि मेरी दी की सबसे पक्की सहेली थी जिससे मैं दी के साथ कई बार मिला हू, एक दम हॉट माल है और मैने उसके बारे मे ये भी सुना है कि बड़ी चालू चीज़ है, दी को सेक्सी बनाने मे उसका भी हाथ है, खेर दी उससे फोन पर बात करने चली गई और मैं मोम के पीछे पीछे उनके रूम की ओर चला गया, मोम आल्मिरा मे कपड़े फोल्ड करके रख रही थी और उनकी मोटी गान्ड जो जीन्स मे अपना पूरा आकर बया कर रही थी मेरे सामने थी मैं धीरे से मोम की गान्ड से अपने लंड को सटा कर खड़ा हो गया और मोम ने काम करते हुए ही कहा क्या बात है बेटे आजकल तेरा अपनी मोम के बिना मन नही लग रहा है, जब देखो मोम के पीछे ही पड़ा रहता है, इतना कह कर मोम के हाथ से उनकी ब्रा छूट कर नीचे गिर गई और मोम अपनी मोटी गान्ड उठा कर एक दम से उस ब्रा को उठाने के लिए झुकी, हे क्या बताऊ ऐसी मस्त तरीके से मोम की मोटी गान्ड उभर कर उपर उठ गई मेरे लंड पर एक धक्का सा लगा और मैण पीछे को सरक गया, फिर मोम सीधी हुई और वहाँ से मुस्कुराते हुए अपने भारी भरकम चौड़े चौड़े चुतडो को मटकाती हुई बेड पर पड़े बाकी कपड़ो को समेटने लगी,
रवि : मोम आज मंदिर जल्दी चल देना क्यो कि शाम को मुझे और दी को अंकुर के यहा पार्टी मे जाना है
सुजाता : मेरे गालो को खिच कर मुस्कुराते हुए, वो तो ठीक है बेटे लेकिन मैं यह जीन्स पहन कर नही जाउन्गि
रवि : मैने धीरे से मोम के भारी भरकम चुतडो को सहलाते हुए कहा, लेकिन क्यो मोम इतनी अच्छी तो लग रही हो आप इस जीन्स मे और इसकी फिटिंग देखो कितनी फिट है आपके बॅक साइड मे
सुजाता : मुस्कुराकर नही रे मुझे शर्म आती है और मोम ने अपनी भारी गान्ड पर हाथ फेर कर अपने चुतडो को और भी उठा कर मुझे दिखाते हुए कहा, इन्हे देख यह जीन्स मैं कितने बड़े बड़े नज़र आते है, मुझे तो शर्म आती है,
रवि : मोम की मोटी गान्ड को खा जाने वाली नज़रो से देखते हुए, मोम अब आप तो भरी पूरी औरत है और बड़ी औरतो के यह (चूतड़) तो ऐसे ही बड़े बड़े होते है और आपका जैसा शरीर है उस हिसाब से तो यह इतने ही बड़े अच्छे लगते है,
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12-28-2018, 12:32 PM,
#18
RE: Incest Porn Kahani दीवानगी (इन्सेस्ट)
सुजाता: मंद मंद मुस्कुरकर, लगता है तुझे ऐसे बड़े बड़े चूतड़ कुछ ज़्यादा ही अच्छे लगते है
रवि : नही मोम सबके इतने अच्छे नही होते है
सुजाता : मुस्कुराकर, अच्छा तो मतलब तुझे सबसे ज़्यादा अपनी मोम के ही अच्छे लगते है
रवि : अब मोम आप मेरी मोम हो तो मुझे तो अच्छी लगोगी ही ना
सुजाता : मुस्कुराकर, मैं अच्छी लगती हू या मेरे ये बड़े बड़े चूतड़
रवि : मुस्कुराकर मोम से कभी नज़रे मिला कर और कभी चुरा कर नीचे करते हुए
सुजाता : खा जाने वाली कातिल नज़रो से मंद मंद मुस्कुराकर अपने बेटे के चेहरे को देखती हुई, बता ना अपनी मोम के इन बड़े बड़े चुतडो को देखने मे शरमाता नही है और यह तुझे अच्छे लगते है या नही यह बताने मे शर्मा रहा है, मैं कोई गैर तो नही जो मुझसे शरमा रहा है, बच्चे तो अपनी मोम को सब बाते बता देते है
रवि : वो मोम
सुजाता : अरे बोल ना, या तुझे किसी और के अच्छे लगते है
रवि : नही मोम मुझे तो सबसे अच्छे अपनी मोम के ही लगते है
सुजाता : अलमारी मे कपड़े रखते हुए, इसी लिए तू इन्हे दिन भर चोर नज़रो से देखने की कोशिश करता है
रवि : मुस्कुरा कर वो मोम अब मैं क्या बोलू आप तो सब समझ जाती है
सुजाता : मुस्कुरा कर, बदमाश मैं सब जानती हू इसीलिए तू मुझे जीन्स पहना कर मंदिर ले जाना चाहता है ताकि तू मेरे चुतडो को अच्छे से देख सके

रवि : मोम अब आप सब जानती है तो इसी ड्रेस मे मंदिर चलोगि ना
सुजाता : हाँ बाबा ठीक है, लेकिन कुछ ज़्यादा ही मोटे मोटे नही हो गये तेरी मोम के चूतड़ देख ज़रा कितनी चौड़ी कमर हो गई है, ज़रा हाथ लगा कर देख यहाँ कितनी चर्बी भर गई है, मैने जब मोम की गुदाज मोटी गान्ड को उपर से लेकर नीचे तक और दाए से बाए तक दबा दबा कर देखा तो ऐसा लग रहा था कि मेरा लंड पानी छोड़ देगा,
सुजाता : है ना बहुत बड़े बड़े, अब बता जब मैं तेरे साथ मंदिर जाउन्गि तो लोगो की नज़रे मेरे चुतडो पर ही जमी रहेगी और मुझे शर्म आएगी
रवि : मोम इसमे शरमाने की क्या बात है हम किसी की आँखे बंद तो नही कर सकते ना देखते है तो देखने दो, लोग बस देखेंगे ही ना कोई छु तो नही पाएगा
सुजाता : मेरी और हल्की सी स्माइल देकर आँखे फाड़ कर देखते हुए, क्यो क्या लोगो का इन्हे छुने का मन भी करता होगा

रवि : अब मोम मैं क्या कहु
सुजाता : कही ऐसा तो नही कि तेरा मन भी इन्हे छुने का करता है,
रवि : नही मोम ऐसा नही है और मैने तो वैसे भी इन्हे कई बार छुआ है ना
सुजाता : हाँ वो तो है और वैसे भी तू तो मेरा बेटा है तू तो चाहे जब अपनी मोम को कही भी छू सकता है

मैं मोम की बात सुन कर मस्त हो रहा था, लेकिन मोम फ्रॅंक मिज़ाज थी इसलिए मैं कोई ग़लत फ़हमी भी नही पाल सकता था,
मैं मोम के रूम से जाने लगा तभी उन्होने मुझे रोका और रोकते हुए कहने लगी, क्यो रे रवि आज सुबह रिया थोड़ा लंगड़ा कर क्यो चल रही थी, उनकी बात सुन कर मेरा चेहरा सफेद पड़ गया तभी मोम ने कहा कही तूने झगड़ा करते हुए उसे कही मार तो नही दिया, उसे मज़ाक मे भी मारा ना कर बेटा मर्दो की मार बहुत तेज लगती है और औरतो का बदन कोमल होता है तो निशान भी बन सकते है,
रवि : नॉर्मल होते हुए नही मोम मैं भला दी को कभी मार सकता हू.
सुजाता : मुस्कुराते हुए अपनी जीन्स जो कि स्ट्रेच थी और झुकने पर उसकी मोटी गान्ड से थोड़ा सरकने लगती थी को उपर चढ़ाते हुए कहने लगी, तेरा बस चले तो तू अपनी मोम को भी मार ले
रवि : मोम की गोरी कमर से नीचे सर्की जीन्स को देखते हुए मुस्कुरा कर, क्या बात कर रही हो मोम मैं मारना भी चाहूगा तो आप क्या मुझे मारने दोगि, और वैसे भी आप मुझसे इतनी बड़ी हो और मस्त हेल्थि हो कि मुझे आप को मारने के लिए दम चाहिए

मोम ने मुस्कुरा कर पलट कर मुझे देखा और कहने लगी, तू भी तो पूरा जवान मर्द बन चुका है, मेरे ख्याल से तो तुझमे बड़ा दम होगा, तू तो मेरे जैसी भारी भरकम औरत को भी संभाल सकता है,
रवि : मुस्कुराकर मोम की गुदाज जवानी और टी शर्ट फाड़ कर बाहर आने को तड़पते हुए बड़े बड़े कसे हुए दूध और उठे हुए पेट से झाँकति गहरी नाभि को ललचाई नज़रो से देखते हुए, मोम मैं आपको संभाल तो लूँगा लेकिन फिर भी पूरा दम लगाना पड़ेगा मुझे,
सुजाता : मुस्कुरा कर इसी लिए तो कहती हू कि खूब दूध पिया कर तो तेरे सारे अंग खूब मजबूत रहेगे
रवि : मैं मोम के पीछे जाकर उनकी भारी गान्ड मे हाथ रख कर उसके स्पंज की तरह उभरे चुतडो के पाटो को दबा दबा कर हल्के से सहलाता हुआ, मोम मैं तो आपका बेटा हू मुझे क्या ध्यान रहेगा कि कब कब मुझे दूध पीना चाहिए, यह ध्यान तो आपको ही रखना पड़ेगा कि अपने बेटे को कब कब दूध पिलाना चाहिए,
सुजाता : पलट कर मुस्कुराते हुए मेरी और नशीली आँखो से देखती है और मेरे सर को पकड़ कर उस झीनी सी टीशर्ट के उपर से अपने मोटे मोटे थनो पर लगा देती और और मेरे सर पर हाथ फेरते हुए कहने लगती है मेरा बेटा ठीक ही कह रहा है मुझे ही तेरा पूरा ख्याल रखना चाहिए पर मैं घर के कामो मे तुझे दूध पिलाने का ध्यान ही नही रहता अब से मैं तेरा पूरा ध्यान दूँगी, मैं मोम के गुदाज मोटे मोटे दूध पर अपना मूह दबा रहा था और उसके तंदुरुस्त दूध का एहसास ले रहा था मेरा लंड पाजामे मे मस्त खड़ा हो गया था और वह मोम की जीन्स मे वहाँ ठोकर मार रहा था जहाँ उनकी फूली हुई चूत का उभार नज़र आ रहा था, मैने एक हाथ से मोम के उभरे हुए गुदाज पेट और गहरी नाभि को सहलाते हुए कहा, मोम तुम्हारे बदन से कितनी मस्त भीनी भीनी खुश्बू आ रही है,
सुजाता : बेटे औरतो के तो पूरे बदन से ऐसी मस्त खुश्बू आती है
रवि : नही मोम हर किसी के पास से ऐसी नही आती है, आपकी की खुश्बू तो बड़ी मोहक है
सुजाता : क्यो तूने और किसी की खुश्बू भी सूँघी है क्या
रवि : नही मोम और तो किसी की नही सूँघी
सुजाता : झूठ मत बोल तूने अपनी दी की खुश्बू तो सूँघी होगी उससे तो तू दिन भर लिपटता रहता है
रवि : हाँ मा लेकिन दी की खुश्बू इतनी मस्त नही है जितनी आपके बदन से आ रही है
सुजाता : तूने अच्छे से सूँघी ही नही होगी, अच्छा ये बता तूने दी की खुश्बू कहाँ नाक लगा के सूँघी थी
रवि : मोम गले मे जब मैं उनसे गले लगता हू
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12-28-2018, 12:33 PM,
#19
RE: Incest Porn Kahani दीवानगी (इन्सेस्ट)
सुजाता : अरे पागल वहाँ इतनी अच्छी खुश्बू थोड़ी आती है
रवि : तो फिर कहाँ आती है मोम
मेरी बात सुन कर मोम ने मेरे गालो को खिचते हुए मुस्कुरा कर कहा, मैं तुझे बाद मे बताउन्गि कि सबसे मस्त खुश्बू औरतो के बदन के किस हिस्से से आती है, जब तू सूँघेगा तो पागल हो जाएगा, पर रिया को मत बताना ये सब बाते
रवि : नही बताउन्गा मोम,
सुजाता : चल अब छोड़ मुझे क्या दिन भर आपनी मोम के दूध मे ही मूह लगाए रहेगा,
मेरा लंड पूरी औकात मे खड़ा था और शायद मोम की नज़रे भी मेरे टॅट पर पड़ चुकी थी मेरा मन मोम की गुदाज जवानी को कस कर मसल्ने का हो रहा था, दिल कर रहा था कि मोम को पूरी नंगी करके खूब सहलाऊ और दबाऊ, मैने मोम के उभरे हुए नंगे गुदाज पेट और गहरी नाभि पर हाथ फेरते हुए कहा मोम आपका पेट कितना मुलायम और चिकना है इस पर हाथ फेरने मे कितना अच्छा लगता है, मैं मोम के पूरे नंगे पेट को सहला रहा था,
सुजाता : मुस्कुराते हुए, बेटे औरतो का पेट ऐसे ही चिकना और मुलायम होता है, पर देख मेरा पेट भी मेरे चुतडो के जैसे ही कितना बढ़ गया है और मोम ने अपनी टीशर्ट उपर करके मुझे अपना पूरा नंगा पेट दिखाया, मैने मोम के नंगे पेट को मसल्ते हुए कहा नही मोम आपकी लंबाई और मोटाई के हिसाब से तो आपका पेट बहुत ही मस्त और गुदाज है मुझे तो आपका पेट ऐसे ही उठा हुआ अच्छा लगता है

मोम का चेहरा देख कर मुझे ऐसा लगा जैसे वह बहुत चुदासी हो रही हो और उनकी बुर पानी छोड़ रही हो, ऐसा इसलिए भी लगा क्योकि उन्होने अपनी जीन्स के उपर से अपनी फूली हुई चूत को थोड़ा दबा कर जीन्स को उपर नीचे करती हुई कहने लगी पर बेटे जीन्स मे यही दिक्कत है पूरा बदन कसा रहता है कही ज़रा भी हवा नही लगती है
रवि : मोम अगर ऐसी प्राब्लम है तो आप घर मे स्कर्ट क्यो नही पहनती है उससे आपके पेरो मे भी हवा लगेगी और आप बिल्कुल फ्री महसूस करेगी,
मोम : मुस्कुराते हुए, क्या मैं स्कर्ट मे अच्छी लगुगी
रवि : क्यो नही मोम आज कल तो बड़ी बड़ी औरते भी स्कर्ट पहनती है और बड़ी अच्छी दिखती है
सुजाता : अगर ऐसा है तो तू ही अपनी पसंद की स्कर्ट मेरे लिए ले आना मैं पहन कर देखती हू

मैं तो इस कल्पना से ही मरा जा रहा था कि मोम को शॉर्ट स्कर्ट ला कर दे देता हू जिसमे उसकी गोरी गोरी पिंदलिया और गुदाज मोटी मोटी सुडोल जंघे नज़र आएगी जिसे देख कर मेरा लोड्‍ा तो पानी छोड़ देगा और मोका लगने पर मोम की पैंटी और गान्ड भी नज़र आ जाएगी, बस मैं इन्ही ख्यालो मे खोया मोम के पेट को सहला रहा था तभी बाहर से आहट आई और मोम और मैं पीछे देखने लगे जहाँ रिया अंदर आ चुकी थी
दी मोम से बात करने लगी और इशारे से मुझे रूम मे चलने को कहा मैं वहाँ से अपने रूम मे आ गया और कुछ 5 मिनिट बाद दी अंदर आई और आते से ही मेरे होंठो को पागलो की तरह चूसने लगी, मैने भी दी के कसे हुए अमरूदो को खूब कस कस कर मसलना शुरू कर दिया, दी कहने लगी रवि तू मुझसे दूर दूर क्यो रहता है तेरे बिना तो मुझे एक पल अब अच्छा नही लगता है, आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ज़रा धीरे दबा भैया क्या जान लेगा अपनी दी की, मैने दी के मोटे मोटे बोबे खूब कस कस कर मसलना शुरू कर दिया और वह मुझसे पागलो की तरह चिपक कर चूमे जा रही थी
रवि : दी लगता है अब तुम मेरे बिना रह नही पाती हो
रिया : रवि तू मुझे छोड़ कर किसी के पास मत जाया कर मुझे बिल्कुल अच्छा नही लगता
रवि : मैं कहाँ किसी के पास जाता हू, मैं तो मोम के पास था
रिया : मोम के पास भी नही तू बस मेरा है और मेरे पास ही रहा कर
मैने दी की मोटी गुदाज गान्ड को दबाते हुए कहा दी
रिया : क्या
रवि : अपने भैया का लंड चुसोगी
रिया : मुस्कुराते हुए, तुझे जो अच्छा लगता है मैं वह सब करूँगी, बस तू मुझसे दूर ना रहा कर और दी घुटनो के बल बैठ गई और मेरे लंड को बाहर निकाल कर उसे बड़े प्यार से चूसने लगी और मैं स्वर्ग का आनंद लेने लगा, दी लंड को बड़े अच्छे तरीके से चाट चाट कर पूरा अपने मुँह मे भर लेती और कभी कभी किसी आम को चूसने के अंदाज मे जब लंड चुस्ती तो लगता की दी मेरे लंड के छेद से पूरा पानी खींच कर पी जाना चाहती हो, कुछ देर चूसने के बाद मैने दी को बेड पर झुका कर उसकी गान्ड से पॅंट उतार कर उसकी पैंटी जो उसकी गान्ड मे धँसी हुई थी उसको हटा कर दी की मस्त फूली हुई रस छोड़ती बुर मे अपने लंड को लगा कर थोड़ा अंदर दबाया और दी के मूह से आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह रवि कितना मोटा है तेरा, मेरी फटी जा रही है प्लीज़ निकाल ले, मेरा आधे से ज़यादा लंड दी की चूत को फाड़ कर अंदर घुस चुका था मैने दी की गान्ड के पाटो को फैला कर उसकी गुदा को सहलाते हुए लंड को एक बार बाहर खींचा और फिर कस कर अंदर पेल दिया और मेरा लंड अपनी दी की गुदाज चूत मे जड़ तक समा गया और 
दी- ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह भैया मर गई रे की आवाज़ के साथ बेड पर पेट के बल पसर गई, मैने स्टासट दी को कस कस कर चोदना शुरू किया और डर था कि कही मोम ना आ जाए इसलिए ताबड़तोड़ तरीके से दी की चूत मार मार कर पानी छोड़ दिया और दी हान्फते हुए पस्त होकर लेट गई, मैने दी को शाम को पार्टी के लिए चलने की बात की और फिर सोचा चलो थोड़ी देर संजू के यहाँ जाकर बैठता हू, जब मैं संजू की दुकान पर गया तो दुकान पर उसकी मोम बैठी थी,

आंटी संजू कहाँ है,
सीमा : मुस्कुरा कर बैठो वह अभी नहा कर आ रहा है, आंटी को देख कर बड़ा आश्चर्य हो रहा था वह सुबह से मस्त मेकप करके बैठी थी, मैने मन मे सोचा साली विधवा है पर अपने बेटे से गान्ड मरवाने के लिए कैसे सुबह से ही इसकी बुर खुजलाने लगती है कि यह सजिधाजी रहती है, यह सब सोचते हुए मेरी नज़र उसके मोटे मोटे बोबो और उभरे हुए पेट को देख रही थी तभी आंटी की आवाज़ सुन कर मेरा ध्यान भंग हुआ
सीमा : मुस्कुराते हुए, क्या देख रहे हो रवि
मैने आंटी की ओर देखा तो उसकी निगाहे बड़ी अजीब थी ऐसा लग रहा था कि साली जनम जनम की चुदासी हो, मैं तो वैसे भी उसके नंगे बदन और भारी गान्ड को देख कर उसको चोदने के लिए मरा जा रहा था, मैने भी उसके मोटे मोटे तंदुरुस्त दूध को खा जाने वाली नज़रो से देखते हुए, आपको ही को देख रहा हू आंटी जी
सीमा : मुस्कुराते हुए, मुझमे देखने लायक क्या बचा है रवि जो तुम मुझे देख रहे हो
रवि : आपके पास तो अभी बहुत कुछ है आंटी, आपको तो पता ही नही कि आप संजू की मोम नही बल्कि बड़ी दी लगती है
सीमा : पहले तो तुमने ऐसा कभी नही कहा लगता है तुम्हारा नज़रिया बदल गया है
रवि : आपको देख कर तो किसी का भी नज़रिया बदल सकता है,
सीमा : अपने दोस्त की मोम को देखने का नज़रिया बदल गया है यह बात तुम्हारे दोस्त को पता है कि नही
रवि : आंटी उसका तो खुद का नज़रिया आपके लिए बदला हुआ लगता है अब उसे क्या बताऊ
आंटी मेरी बात सुन कर झेप्ते हुए, रवि तुमसे बहुत सारी बाते करनी है पर तुम कभी मेरे पास मिलने आते ही नही हो
रवि : बताओ ना आंटी मैं बैठा तो हू आपके पास,

सीमा : अभी नही आज तो मुझे ढेर सारा काम है, कल संजू अपने मामा के यहाँ जाएगा और मैं घर मे अकेली बोर हो जाउन्गि ऐसा करो तुम कल दोपहर मे आना फिर हम बाते करेगे
रवि : जी बिल्कुल आपसे बाते करने के लिए तो मैं भी कब से सोच रहा हू, मैने बिना डरे आंटी के सामने ही अपने लोडे को मसल्ते हुए कहा और आंटी मुस्कुरा कर खड़ी होते हुए, अंदर जाने लगी और कहा मैं संजू को भेजती हू और फिर वह वहाँ से चली गई, मेरा तो लंड उसकी बात सुन कर खड़ा हो चुका था तभी संजू आया और मैने उससे कुछ बाते की और फिर घर आ गया,

शाम को मोम ने स्लीवलेस ब्लौज और गुलाबी साड़ी चूत के एक इंच उपर बाँधी थी और काफ़ी महक रही थी उनका गुदाज पेट देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया
सुजाता : चल रवि मुझे मंदिर ले चल
रवि : ओके मोम चलिए, मैने बाइक स्टार्ट की और मोम अपने विशाल चुतडो को रख कर बैठ गई
रवि : मोम आज तो और भी मस्त खुश्बू आ रही है आपके पास से
सुजाता : मुस्कुरा कर, तू दिन भर अपनी मोम की खुश्बू ही लेता रहता है क्या,
रवि : क्या करू मोम आपकी खुश्बू ही इतनी अच्छी है, दिल कर रहा है कि अभी तुम्हारी खुश्बू को अच्छे से सूंघ कर देखु
सुजाता : मंद मंद मुस्कुराते हुए, चलती बाइक पर मत खुश्बू सूंघना घर चल के सूंघ लेना बेटा रोड पर ध्यान दे
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12-28-2018, 12:33 PM,
#20
RE: Incest Porn Kahani दीवानगी (इन्सेस्ट)
मंदिर से लोटते समय मोम कहने लगी रवि मुझे केला लेना है, मोम की बात सुन कर मैने उन्हे देखा और वह मेरे मन को समझते हुए मेरी पीठ पर मार कर कहने लगी जा वो सामने ठेले से अच्छे बड़े बड़े केले ले आ मैं मुस्कुराता हुआ केले लेकर आने लगा तभी मुझे ध्यान आया कि मोम को स्कर्ट पहनना है क्यो ना अभी शॉपिंग कर ली जाय और मैने यह बात मोम को बताई तो उन्होने भी मुस्कुराते हुए कहा ठीक है चल ले लेते है पर रिया को मेरा स्कर्ट पहनना पसंद आएगा,
रवि : मोम क्यो नही पसंद आएगा,
सुजाता : नही बेटे दरअसल मेरे ये पिछवाड़े इतने चौड़े और मोटे है और मेरी जांघे भी खूब भरी हुई और मोटी है पता नही जब मैं स्कर्ट पहनूँगी तो रिया क्या कहेगी
रवि : तुम भी ना मा दी कुछ नही कहेगी और वैसे भी दी के ये भी कोई कम चौड़े और भरे हुए नही है, मैने मोम की गुदाज गान्ड को पकड़ कर सहलाते हुए कहा, और तो और मोम दी की जगह भी कोई कम मोटी नही है फिर दी खुद इतनी शॉर्ट स्कर्ट पहन कर बाहर तक चली जाती है तो आप क्यो नही पहन सकती है
सुजाता : पर फिर भी बेटा दी की कमर के नीचे का पोर्षन और मेरी कमर के नीचे के पोर्षन मे काफ़ी अंतर है, मैं एक भरी पूरी औरत हू और तेरी दी तो अभी कमसिन लोंड़िया है,
रवि : मोम के चुतडो को साड़ी के उपर से सहलाते हुए, पर मोम सच कहु तो ऐसी शॉर्ट स्कर्ट जो घुटनो से उपर हो वह उन्ही औरतो पर ज़्यादा मस्त लगती है जिनकी खुद की कमर के नीचे का पोर्षन आपके जैसा मस्त और भरा हुआ हो, सच मोम आप जब स्कर्ट पहनोगि तो दी भी आपके आगे पानी भरती नज़र आएगी,
सुजाता : मोम मुस्कुराते हुए कहने लगी लगता है तुझे मेरी जैसी बड़ी डील डोल वाली भारी शरीर की औरते ज़्यादा पसंद आती है, तेरी शादी लगता है मेरे जैसे जिस्म की औरत से करवानी पड़ेगी
रवि : मोम अभी मैं शादी लायक कहाँ हुआ हू अभी तो मैं बहुत छोटा हू
सुजाता : मंद मंद मुस्कुराते हुए मुझे गौर से देखते हुए कहने लगी, बड़ा आया अपने आप को छोटा समझने वाला, तेरा बदन देख तेरा सीना इतना चौड़ा हो गया है तू तो एक दम भरा पूरा मर्द बन गया है, अब तो तू चाहे तो मुझे भी संभाल सकता है, मेरे जैसी पहलवान औरत पर भी तू भारी पड़ेगा
रवि : हँसते हुए, कहा मोम तुम क्या मुझसे सम्भ्लोगि, तुम्हारे ये भारी चू...., मैने मोम की मोटी गान्ड को सहलाते हुए कहते कहते रुक गया
सुजाता : बोल क्या बोल रहा था, अब तू इतना भी भोला नही है कि अपनी मोम के आगे भी शरमा जाए, अगर तेरी शादी समय पर कर दी जाती तो दो तीन बच्चो का बाप बन गया होता, बता क्या कह रहा था मेरी बॅक को हाथ लगा कर
रवि : मोम तुम इतनी तंदुरुस्त हो क्या मुझसे सम्भ्लोगि
सुजाता : जब तुझे संभालना होगा तो अपने आप तेरे बदन मे इतनी ताक़त आ जाएगी कि तू अपनी मोम को भी अपनी गोद मे उठा लेगा,
रवि : मंद आवाज़ मे, पता नही मोम तुम्हे अपनी गोद मे उठाने का मोका कब मिलेगा
सुजाता : क्या कहा तूने,
रवि : कुछ नही मोम
सुजाता : रवि तू बहुत शरमाता है अपनी मोम से, तेरी उमर के लोंडे तो अपनी मोम से हर तरह की बाते कर लेते है
रवि : हर तरह की बाते मतलब
सुजाता : मतलब कि उसने कितनी लड़कियों को फसा रखा है और कितनी लड़कियो के साथ मज़ा मार चुके है
रवि : मुस्कुराते हुए पर मोम मुझे तो लड़कियों की बजाय तुम्हारे साइज़ की औरते ज़्यादा पसंद आती है
सुजाता : मुस्कुराते हुए मैं सब जानती हू
रवि : क्या जानती हो
सुजाता : यही कि तुझे मेरी जैसी औरतो मे क्या पसंद आता है
रवि : अच्छा तो बताओ क्या पसंद आता है
सुजाता : मुस्कुराते हुए, अब मेरे मूह से कहलवाएगा
रवि : बताओ ना मोम क्या जानती हो
सुजाता : यही कि तुझे मेरे जैसी भरे बदन की औरते अच्छी लगती है जिनके मेरी तरह बड़े और चौड़े चूतड़ होते है
रवि : मोम की गुदाज मोटी गान्ड पर हाथ फेरते हुए, मोम तुम तो सचमुच सब जानती हो
सुजाता : आख़िर तेरी मोम हू तुझे मैने पैदा किया है तो मैं क्या यह भी नही जानूँगी कि मेरे बेटे की पसंद क्या है और किन चीज़ो मे मेरे बेटे का ध्यान लगा रहता है
रवि : किन चीज़ो मे मोम
सुजाता : मंद मंद मुस्कुरकर मगर मेरी ओर आँखे दिखाते हुए, अब ज़्यादा बनो मत, दिन भर तो तुम्हारी नज़रे मेरे भारी चुतडो पर ही लगी रहती है, कही कही तो ऐसा लगता है जैसे तू मेरे चुतडो को चोद.........
रवि : क्या कहा मोम मुझे सुना नही
सुजाता : मेरे गालो को खिचते हुए चुप रहो अब शॉपिंग माल आ गया कोई सुन लेगा
रवि : पर जो तुम कह रही थी वह बात तो पूरी कर दो
सुजाता : रवि अभी चुप रहो वह शॉपकीपर आ रहा है मैं अपनी बात बाद मे तुम्हे बता दूँगी
रवि : वही बात बताओगि ना जो अभी कह रही थी

मोम मंद मंद मुस्कुराते हुए मुझे आँखे निकाल कर बनावटी गुस्सा दिखाते हुए कहने लगी हाँ बाबा वही बात कहूँगी और तू जो सुनना चाहता है वह सब बात कहुगी पर अभी चुप हो जा
मैने मोम की बात मान ली और अंदर ही अंदर बहुत खुस हो रहा था उसके बाद मैं और मोम स्कर्ट देखने लगे, मैं मोम को छोटी से छोटी स्कर्ट दिलाना चाहता था ताकि हर मई मैं उसकी मोटी तंदुरुस्त गुदाज जाँघो और भारी चुतडो के दर्शन पा सकु मोम की मोटी जाँघो को मोका पाकर सहला सकु और जब कभी मोका लगे तो उनकी स्कर्ट के अंदर से झान्कति उनकी मोटी गान्ड और फूली चूत मे गहराई तक धसि हुई पैंटी को देख सकु, मोम को स्कर्ट दिलाने के बाद हम घर पहुचे वहाँ संजू और रिया दी मेरी ही राह देख रहे थे, संजू अपनी बाइक लेकर आया था लेकिन मैने उसे मना कर दिया और कहा कि हम तीनो एक ही बाइक पर चलते है, मैने संजू को चाबी दी और कहा तू ड्राइव कर और मैने रिया दी की ओर आँख मार दी रिया दीदी मेरी ओर देख कर मुस्कुरा दी और संजू के पीछे क्रॉस लेग बैठ गई, रिया दी ने कॅप्री और टीशर्ट पहना था मैं रिया दी के पीछे बैठ गया थोड़ा अंधेरा हो गया था और संजू ने जैसे ही बाइक चलाना शुरू किया मैने रिया दी के दोनो मस्त कसे हुए दूध को अपने दोनो हाथो मे भर कर कस कस कर मसलना शुरू कर दिया साथ ही रिया दी की गर्दन को चूमने लगा, संजू बाइक चलाते हुए हमसे जाने क्या बाते कर रहा था और हम उसकी हाँ मे हाँ मिलाते हुए मस्ती मे मज़े कर रहे थे, रिया दी ने टीशर्ट के नीचे कुछ नही पहना था और मैं उनके सुडोल दूध को मस्त तरीके से मसल रहा था, रिया दी ने अपने जिस्म का लोड मेरे उपर डाल दिया मेरा लोड्‍ा तन कर रिया दी की गान्ड मे चुभने लगा, बस इसी तरह लगभग 15 मिनिट तक मैने रिया दी के मोटे मोटे खरबूजो को मसल मसल कर लाल कर दिया था, मेरे कुछ दिनो की मस्लाई से रिया दी के पपीते और भी मोटे हो गये थे, रास्ते भर के आनंद के बाद हम अंकुर के घर पहुचे, अंकुर की मोम को देखते ही लंड सलामी देने लगा शॉर्ट स्कर्ट और स्लीवलेस झीनी सा टॉप पहने वह कयामत ढा रही थी, काफ़ी मेहमान आए हुए थे पार्टी शुरू हुई तो सभी एंजाय मे लग गये मैंने अंकुर और संजू ने पीना शुरू किया हम पी कर मस्त हो रहे थे और रिया दी और आंटी और कुछ लॅडीस आपस मे खड़ी बाते कर रही थी तभी आंटी ने वाइन रिया दी को ऑफर की लेकिन उन्होने कोल्ड ड्रिंक के लिए कहा आंटी ने कहा बस थोड़ी सी तो लेना ही पड़ेगा नही तो पार्टी का मज़ा नही आएगा

पार्टी पूरे शबाब पर थी और मैं और संजू मस्त होकर वहाँ आई नशीली जवानियो का लुफ्त जाम पीते हुए ले रहे थे, अंकुर वहाँ से दूसरे मेहमानो के पास चला गया था
संजू : यार रवि अंकुर की मोम की जांघे और चूतड़ तो देख कितने कसे हुए और गथिले नज़र आ रहे है, सोच पूरी नंगी होगी तो कैसी नज़र आएगी
रवि : तू तो अब देख रहा है मैं तो जब से आया हू मेरा लंड उसे देख देख कर मस्ती मे झटके पे झटके ले रहा है, सच पूछ तो यह ड्रिंक लेने के बाद तो मुझे वह नंगी ही नज़र आ रही है
संजू : अपने लोडे को मसल्ते हुए, यार तूने मेरे मूह की बात कह दी
रवि : तू एक काम कर अंकुर आए तो उसको बातों मे लगा लेना तब तक मैं आंटी से कुछ बाते करके उसे डॅन्स के लिए बोलता हू साली के गुदाज बदन पर कम से कम हाथ फेरने को तो मिल ही जाएगा, मैने आंटी के पास जाकर उनसे डॅन्स की रिक्वेस्ट की और वह सहज ही तैयार हो गई मैने उनकी कमर मे हाथ डाल कर डॅन्स करना शुरू कर दिया, डॅन्स करते हुए मैं सभी की तरफ देख भी रहा था,
आंटी : मुस्कुरा कर, तुम मर्दो मे यही सबसे बड़ी खराबी है
आंटी पूरी तरह मस्त हो रही थी नशा उनकी आँखो मे अलग ही दिखाई दे रहा था, मैने उनकी बात को ना समझते हुए कहा मैं समझा नही आंटी
आंटी : तुम मर्दो मे यही सबसे बड़ी खराबी है कि एक औरत तुम्हारे हाथ मे है उसके बाद भी तुम दूसरी औरतो की उफनती जवानी को अपनी आँखो से पीने से बाज नही आते, अब जब मैं तुम्हारे इतने करीब डॅन्स कर रही हू तब भी तुम्हारी निगाहे दूसरी औरतो के भारी चुतडो पर टिकी हुई है,
आंटी की ऐसी खुली बात सुन कर मैने उनके फ्रॅंक होने का मतलब समझा, वह केवल रहन सहन से ही नही सोच विचार मे भी काफ़ी बोल्ड थी,
मैने आंटी की कमर से धीरे से हाथ सरका कर उनकी मोटी गान्ड पर लेजा कर सहलाते हुए कहा, आंटी मर्द तो उस भंवरे की तरह होते है जो पल पल मे अलग अलग फुलो का रस पीना पसंद करते है तो फिर भला मैं क्यो नही
आंटी : पर रवि फूल भी तरह तरह के होते है अगर किसी भंवरे को यह पता चल जाए कि कौन से फूल मे सबसे ज़्यादा रस मिलेगा तो वह उसी फूल का रस पिएगा, सबसे गदराए फूल पर तो तुम्हारी नज़रे टिक ही नही रही है, आंटी की बात सुन कर मैने उसकी गुदाज गान्ड पर हाथ फेरते हुए उसके बड़े बड़े पके हुए पपितो को घूर कर देखा और फिर आंटी से नज़र मिलाई
आंटी : क्या हुआ लगता है अब तुम्हारी नज़र किसी रस भरे फूल पर चली गई है
रवि : आंटी हाँ एक फूल मुझे नज़र आया है जिसमे लगता है खूब रस भरा हुआ है
आंटी : मुस्कुराते हुए मेरे थोड़ा करीब आकर कहने लगी तो फिर पीते क्यो नही उस फूल का रस,
रवि : पीना तो चाहता हू पर और भी भंवरे मंडरा रहे है यहाँ कैसे पीउ
आंटी : मुस्कुराते हुए अभी फूल की खुश्बू तो ले लो फिर जब सब भंवरे चले जाए तब उस फूल का रस भी पी लेना, इतना रस मिलेगा उस फूल मे कि तुम मस्त हो जाओगे
मैने आंटी की सुरहिदार गर्दन पर नाक लगाते हुए उसके मदमस्त बदन की खुश्बू लेते हुए कहा लगता है आंटी आपको वो भंवरे पसंद है जो रस चूसने और चाटने के बड़े शॉकिन होते है
आंटी : मुझे तो शुरू से ही चटवाना और चुसवाना ही पसंद है पर कोई ऐसा भँवरा मिलता ही नही जो यह सब कर सके
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