Incest Porn Kahani दीवानगी (इन्सेस्ट)
12-28-2018, 12:30 PM,
#1
Star  Incest Porn Kahani दीवानगी (इन्सेस्ट)
दीवानगी (इन्सेस्ट)

दोस्तो वैसे तो मेरी कई कहानियाँ रनिंग मे हैं फिर भी एक और नई कहानी शुरू कर रहा हूँ 
आशा करता हूँ इस कहानी को भी आपका पूरा प्यार मिलेगा 
दोस्तो मैं एक अड्वान्स फॅमिली से हू जहाँ 21 सेंचुरी के रूल्स फॉलो होते है स्टोरी को तो
कही से भी स्टार्ट किया जा सकता है किंतु यह स्टोरी मैं वहाँ से स्टार्ट कर रहा हू जहा पर मेरे दोस्त
अंकुर के कामीनेपन का मुझे पता चला और ना जाने कैसे उसका कमीनपन मेरे अंदर भी जगह बनाने लगा,
यह कमीनपन तो जारी रहता लेकिन मैं यह नही जानता था कि कोई ऐसा अंजाना सा तूफान बिल्कुल मेरे करीब
बहुत ही धीमी गति से चला आ रहा है जो सब कुछ तबाह कर देता, अगर खुदा मुझे सही वक़्त पर होश
मे ना लाता, कहानी थोड़ी लंबी है और किरदार भी ज़्यादा है पर पॅशन रखिएगा, आइ होप आपको पसंद
आएगी


शाम के 7 बजे मेरे दोस्त अंकुर के घर की छत पर
अंकुर : देख रवि मैं तुझे समझा रहा हू कि जतिन से ज़्यादा दोस्ती मत रख वह हमारे टाइप का आदमी नही
है तू नही जानता वह कई ग़लत कामो मे भी लिप्त है ऐसा ना हो कि तुझे लेने के देने पड़ जाए मैं तेरा
बचपन का दोस्त हू इसलिए तुझे समझा रहा हू,
रवि : यार उसके ग़लत धंधो से मुझे क्या लेना देना, अब वह अगर मुझ पर जान छिड़कता है तो मैं कैसे
उसे अवाय्ड कर दू,
अंकुर : अब मैं तुझे क्या बताऊ, तू तो एक नंबर. का चूतिया है
रवि : गुस्से से चल जाने दे मैं चूतिया हू और तू साले मेरा बाप है जो बड़ा समझदार है
अंकुर : अबे मेरा मूह मत खुलवा नही तो तेरी ही गंद मे मिर्ची लग जाएगी, तुझे क्या पता कि वह तुझे
इतना भाव क्यो देता है
रवि : हाँ तो बता ना
अंकुर : रहने दे अभी तू मूह फूला लेगा और उसके चक्कर मे मुझसे बोलना बंद कर देगा
रवि : ऐसी कौन सी बात है मैं भी तो जानू
अंकुर : अबे चूतिए वह तुझे पटाकर तेरी दीदी रिया की मोटी गंद मारने के चक्कर मे है
रवि : ये क्या बोल रहा है अंकुर, मेरे चेहरे पर कठोर भाव आ चुके थे
अंकुर : वही जो तू सुन रहा है
रवि : भोसड़ी के मूह संभाल कर बात कर
अंकुर : अच्छा तुझे यकीन नही आ रहा ना ले मैं अभी तुझे यकीन दिला देता हू पर एक शर्त है
रवि : क्या शर्त
अंकुर : तू जतिन पर बिल्कुल भी गुस्सा नही होगा और कल से उससे दोस्ती ख़तम कर लेगा
रवि : अगर तेरी बात सही है तो मैं उसकी मा चोद दूँगा
अंकुर : बस तेरी यही गडमारी बातो की वजह से मैं तुझे कोई बात बताता नही हू
रवि : कुछ सोचते हुए, अच्छा ठीक है जैसा तू कहेगा मैं वैसा ही करूँगा अब बता

अंकुर : अच्छा अब चुपचाप बैठ और सुन
अंकुर ने अपने सेल से जतिन को कॉल किया और स्पीकर ऑन कर दिया
अंकुर : हेलो जतिन भाई कैसे हो
जतिन : बस प्यारे मैं तो बढ़िया हू तू बता आज कैसे मुझे फोन लगा लिया
अंकुर : अरे भाई अब क्या बताऊ बस पड़े पड़े सेक्सी लोंड़ीयो को नेट पर देख रहा था तो तुम्हारी याद आ गई
कि तुमने गजब माल पटा पटा कर चोदे है पर हमसे तो एक भी नही पटती है
जतिन : लोड्‍े लोंड़िया पटाने के लिए स्किल होनी चाहिए
अंकुर : भाई कही मेरा भी जुगाड़ करवा दो ना
जतिन : फोकट मे जुगाड़ नही होता प्यारे माल चोदने के लिए माल खर्च करना पड़ता है
अंकुर : अच्छा भाई तुम तो इतने एक्सपर्ट हो पर यह बताओ ऐसा कोई माल है जिसकी गुदाज और मोटी गंद ने तुम्हे
काफ़ी समय से पागल कर रखा हो और तुम अभी तक उसे छु भी नही पाए हो
जतिन : मुस्कुराते हुए, अबे साले आज तो तूने मेरी दुखती रग पर हाथ रख दिया पर चल कोई बात नही बता
देता हू लेकिन यह बात राज ही रहनी चाहिए नही तो तू मेरा नेचर तो जानता है जिस पर भेजा खिसक जाए तो
फिर वह मेरा बाप भी हो तो उसकी मा चोदते मुझे देर नही लगती
अंकुर : भाई आप की बात राज ना रख कर मुझे मरना थोड़े ही है
जतिन : यार क्या बताऊ तुझे तेरा वो दोस्त है ना रवि उसकी बहन रिया के भारी चुतडो ने मेरी नींद उड़ा कर
रख दी है, उसके मोटे मोटे चुतडो मे अपना लंड पेलने के लिए मैं मरा जा रहा हू पर उसे पटाने का कोई
उपाय समझ नही आता, जब सुबह सुबह वह रवि के साथ कॉलेज आती है तो उसके चुतडो की मस्त थिरकन देख
कर मेरा लंड पेंट फाड़ने को तैयार हो जाता है, तूने देखा है ना उसकी गुदाज और कातिल जवानी कितनी मस्त है
उसके 38 के बोबे और 40 की मोटी गंद ने मेरा दिमाग़ हिला कर रख दिया है, सच कहु अंकुर वो तेरा दोस्त रवि तो
महा चूतिया है अगर उसकी जगह मैं रिया का भाई होता तो ऐसी मदमस्त जवान बहन को रोज पूरी रात नंगी करके
खूब कस कस कर उसकी मोटी गंद और गुलाबी चूत चोदता पर क्या करे किस्मत खराब है
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12-28-2018, 12:30 PM,
#2
RE: Incest Porn Kahani दीवानगी (इन्सेस्ट)
मेरे चेहरे पर गुस्से के भाव थे पर अंकुर मुझे बिल्कुल चुप रहने का इशारा करता हुआ उससे बात कर रहा था,
आख़िर मे अंकुर ने फोन कट किया और मैं बोल पड़ा यार अंकुर मैं इसकी मा चोद दूँगा बहन्चोद की फिर उसके बाद
चाहे जो हो
अंकुर : देख भाई मेरी बात ध्यान से सुन सबसे पहली बात तो उससे दूरिया बना ले और दूसरी बात इतना गुस्सा करने की
ज़रूरत नही है वह कोई अकेला ऐसा बंदा नही है जो दूसरे की मा बहनो को चोदने की नज़र से देखता है ऐसे
कई लोग है अब हम सब के बारे मे तो नही जान सकते ना
रवि : यार मेरा दिमाग़ उस मा के लोड्‍े के लिए बहुत खराब हो रहा है
अंकुर : चल अब अपना मूड खराब मत कर, आज मैं तुझे पार्टी दे देता हू
रवि : मुस्कुराते हुए क्या बात है लगता है आज तू दारू सारू पिलाने के मूड मे है
अंकुर : अबे तेरे लिए दारू क्या बड़ी बात है
रवि : लेकिन यहाँ तेरे घर मे कैसे पिएगे तेरी मोम नाराज़ होगी तो
अंकुर चिंता मत कर मेरे मोम डॅड दोनो बाहर गये है कल आएगे अब तू बस अपने घर फोन करके बता दे कि तू
आज मेरे यही सोएगा

मैने तुरंत फोन किया और रिया दीदी ने फोन उठाया वह मुझसे 2 साल बड़ी थी इसलिए मैं उसे दीदी ही कहता था,

रवि : दी आज मैं अंकुर के यही रुक रहा हू तुम मोम को बता देना
रिया : अरे रवि तेरा वह अंकुर तो बिगड़ कर ढूल हो गया है और उसने तुझे भी बिगाड़ दिया है मैं जानती हू तुम
दोनो का पीने का प्रोग्राम होगा
रवि : मुस्कुराते हुए अब जानती हो तो बोलती क्यो हो
रिया : लगता है आज मोम को मैं बता ही दू कि तू ड्रिंक करने लगा है
रवि : मुश्कूराते हुए, मैं जानता हू कि तुम यह कभी नही बताओगि, मेरी स्वीट डार्लिंग सिस
रिया : मंद मंद मुश्कूराते हुए, चल मस्का मत लगा, तू जानता है कि तेरी ग़लतिया तेरी दीदी किसी को बताती
नही है इसीलिए तू इतना बिगड़ गया है
रवि : मुस्कुराते हुए, इसका मतलब यह है दी कि तुम्ही ने मुझे बिगाड़ा है
रिया : मैने बिगाड़ा है तो मैं सुधारना भी जानती हू
रवि : दीदी मैं तो और भी बिगड़ता जा रहा हू तुम्हारे साथ रह रह कर
रिया : क्या मैं खुद बिगड़ी हुई हू जो तुझे बिगाड़ूँगी
रवि : मुझे क्या पता तुम मुझे बताती ही कहाँ हो
रिया : ओये मैं कोई बिगड़ी नही हू वो भी तेरी तरह
रवि : हँसते हुए वो तो वक़्त बताएगा कि तुम बिगड़ी हो या नही, अगर नही बिगड़ी होगी तो मैं तुम्हे बिगाड़ दूँगा
रिया : मुश्कूराते हुए क्यो मुझे भी अपने जैसा बनाना चाहता है क्या,
रवि : बन जाओ दीदी फिर हम दोनो मिल के मौज करेंगे
रिया : मंद मंद मुश्कूराते चल अब ज़्यादा बाते ना बना मुझे नही करना तेरे साथ मौज, खाना खा लेना और
टाइम पर कॉलेज पहुच जाना
रवि : ओके दीदी

अंकुर : रवि तू टीवी देख मैं 10 मिनिट मे नहा कर आता हू,
रवि : अबे जल्दी आना नही तो मैं बोर हो जाउन्गा
अंकुर : एक काम कर जब तक मैं नहाता हू तब तक तू मेरे पीसी पर एक फॅमिली फोल्डर है उसके पिक्स देख
रवि : हाँ यह ठीक रहेगा, तू जल्दी नहा ले मैं पीने की भी व्यवस्था जमाता हू
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12-28-2018, 12:30 PM,
#3
RE: Incest Porn Kahani दीवानगी (इन्सेस्ट)
अंकुर के जाने के बाद मैं उसके पीसी पर उसके घर के खिचे हुए फोटो देखने लगा, पर फोटो देखते देखते
अंकुर की मोम को देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया, अंकुर की मोम छोटे कद की लेकिन हेल्थि औरत थी यही
कोई 43 की उमर थी, पर उसके मोटे मोटे दूध और उभरा हुआ पेट गहरी नाभि और फैले हुए भारी चुतडो
ने मेरा लंड खड़ा कर दिया था उसमे कुछ फोटो तो बड़े ही सेक्सी थे जिसमे अंकुर की मोम केवल पेटिकोट और
वाइट कलर की ब्रा ही पहने थी, लेकिन मेरा लंड तब झटके मारने लगा जब मैने अंकुर की मोम को चुस्त
जीन्स और एक पतली सी टी-शर्ट मे देखा, क्या मस्त रंडी नज़र आ रही थी उसके मोटे मोटे दूध लग रहा
था कि टी-शर्ट फाड़ कर बाहर आ जाएगे अंदर उसने ब्रा भी नही पहनी हुई थी और उसके मोटे मोटे चौड़े
चूतड़ उसकी जीन्स मे खूब कसे हुए भरे भरे नज़र आ रहे थे,

पिक्स मे कही कही ही अंकुर और उसके
पापा के फोटो थे बाकी अधिकतर पिक्स उसकी मोम गीता के ही पिक्स थे, मुझसे कुर्सी पर आराम नही मिल रहा
था सो मैने पिक्स देखते हुए बेड पर रखे तकिये को जैसे ही उठाया उसके नीचे रखी गुलाबी कलर की
नेट वाली पैंटी देख कर मैं सोच मे पड़ गया, मैने उस पैंटी को उठा कर उसे फैला कर देखा और सोचने
लगा कि अंकुर के घर मे उसकी मा के अलावा और कोई औरत तो है नही तो फिर यह उसकी मम्मी गीता की ही
पैंटी होगी,

मेरा लंड खड़ा हो गया था और मैं अंकुर की मोम की पैंटी को सुघने लगा और उसे चूमते हुए
अंकुर की मोम की फूली हुई चूत की कल्पना करने लगा, फिर मैने उसकी मोम की पैंटी को फैला कर देखा और
उसकी मोम की गुदाज मोटी गान्ड का अंदाज़ा लगाने लगा, कुछ देर बाद मैने उस पैंटी को वापस तकिये के नीचे
रख दिया और सोचने लगा कि यहाँ अंकुर सोता है तो उसकी मोम की पैंटी उसके तकिये के नीचे क्या कर रही है,
कही अंकुर अपनी मोम की पैंटी को सूँघता तो नही है, इसका मतलब यह हुआ कि अंकुर अपनी मोम को चोदना चाहता
है, नही नही ऐसा कैसे हो सकता है वह उसकी मोम है, मुझे इस बात का पता करना होगा लेकिन कैसे,

मैं बैठा बैठा सोच रहा था तभी मेरे दिमाग़ मे एक आइडिया आया क्यो ना मैं फेक आइडी बना कर अंकुर से चॅट
करू, हाँ यह आइडिया मस्त रहेगा इससे पता चल जाएगा कि उसके अंदर इन्सेस्ट वाली फीलिंग है या नही, तभी
अंकुर आ गया और
अंकुर : तू बोर तो नही हुआ
रवि : नही बस तेरे फॅमिली पिक्स के साथ टाइम पास कर रहा था, अंकुर ने ग्लास मे ड्रिंक सर्व किया और हम
दोनो पीने लगे एक एक ग्लास अंदर जाते ही मस्ती आने लगी,
अंकुर : अभी यह बता जतिन के साथ पार्टी मे जाएगा या उसे अवाय्ड कर देगा
रवि : सवाल ही नही उठता उसकी अम्मा को चोदु, साले के उपर गुस्सा तो ऐसा आ रहा था कि साले का गला दबा दू
अंकुर : अबे तू बेकार मे उसकी बातो को माइंड करता है, जैसी बाते वह कर रहा था वैसे बाते ना जाने कितने लोग
करते होंगे, अब आज कल का पहनावा ही ऐसा है कि लड़किया जब जीन्स पहनती है तो उनके मोटे मोटे चूतड़ अलग
ही नज़र आते है,
रवि : बात तो तू सही कह रहा है, हम भी तो कॉलेज की मस्त लोन्डियो के भारी चुतडो पर कॉमेंट्स करते है
अंकुर : सच पूछ तो मुझे तो लोन्डियो के जीन्स मे कसे भारी चूतड़ बहुत ही अच्छे लगते है
रवि : हाँ तू सही कह रहा है लेकिन लड़कियो से भी ज़्यादा मस्त तो उन औरतो के चूतड़ अच्छे लगते है जो 40 50
की होने के बाद भी अपनी मोटी मोटी गान्ड पर जीन्स फसाए घूमती है
अंकुर : हाँ यार यह तो तूने मेरे मन की बात बोल दी, मुझे भी बड़ी उमर की भारी चूतड़ वाली लेडी बहुत पसंद
आती है खास कर जब उन्होने अपने भारी चुतडो पर जीन्स फसा रखी हो

रवि : साला जब तक पूरी एक क्वाटर अंदर नही जाती तब तक मज़ा ही नही आता है
अंकुर : लगता है तुझको चढ़ गई है
रवि : अबे तेरी नशीली बातो ने और भी असर कर दिया है, मैने अपने लंड को अड्जस्ट करते हुए कहा क्यो कि
मुझे तो अंकुर की मोम की जीन्स मे फसे हुए भारी भरकम चूतड़ याद आ रहे थे
रवि : पर यार ऐसी भारी गान्ड वाली औरते ज़्यादा देखने को नही मिलती है

अभी हम बाते करते हुए जाम पर जाम लगा रहे थे तभी मेरा मोबाइल बजा और उस पर रिया दी लिखा हुआ था
मैने अंकुर की ओर देखा और वह मुस्कुराते हुए कहने लगा यार ये तेरी रिया दी को भी तेरे बिना चैन नही
रहता ना जाने तूने क्या जादू किया हुआ है अपनी दीदी पर, मैने अंकुर की बात सुन कर मुस्कुराते हुए फोन
रिसीव किया

रिया : क्या कर रहा है भैया ?
रवि : कुछ नही दी बस तुम्हारी ही बाते कर रहा था
रिया : अंकुर भी वही है
रवि : हाँ सामने बैठा है
रिया : मूह फुलाते हुए, क्या बाते कर रहा था तू मेरे बारे मे
रवि : यही कि मेरी दी बहुत अच्छी है
रिया :गुस्सा दिखाते हुए, रवि झूठ मत बोल सच सच बता
रवि : ओफ्फ दी कुछ नही मैं मज़ाक कर रहा हू
रिया : तू सुबह कॉलेज मे मिल मैं तुझे वही बताती हू, और अच्छा एक बात तो सुन संजू आया था तुझे पूछने
रवि : अच्छा वो गाँव से आ गया मतलब
रिया : चल मैं फोन रखती हू
रवि : ओके

अंकुर : क्या हुआ दीदी गुस्सा थी क्या
रवि : नही यार हम दोनो के बीच ऐसी ही नोक झोंक चलती है
अंकुर : यार तुम दोनो को देख कर कई बार मुझे भी ऐसा लगता है कि काश मेरी भी कोई बहन होती
रवि : अबे इसमे सॅंटी होने की क्या बात है क्या रिया दी तेरी दीदी नही है
अंकुर : हाँ वो बात तो है

उस रात हम पी कर फिर बाहर खाना खाने के लिए होटेल मे गये और फिर देर रात अंकुर के घर पर आ कर सो
गये
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12-28-2018, 12:30 PM,
#4
RE: Incest Porn Kahani दीवानगी (इन्सेस्ट)
सुबह मेरी नींद जल्दी ही खुल गई और मैं अंकुर को बोल कर सीधे संजू के घर चला गया
संजू मेरे बिल्कुल पास वाले घर मे रहता था, हम लोग बचपन से साथ है जबकि अंकुर अभी कुछ सालो से मेरा
दोस्त बना था, इसलिए संजू मेरा जिगरी यार था, संजू के पापा जल्दी ही चल बसे थे संजू की बड़ी बहन कोमल
की शादी को 4 साल हो चुकी थी और वह अपने ससुराल मे थी जबकि संजू की मोम सीमा आंटी 45 साल की तंदुरुस्त
महिला थी, मैं सीधे संजू से जाकर मिला और
वह अपने नाना जी के गाँव गया हुआ था और लगभग 1 महीने बाद आया था, मैने जैसे ही दरवाजा बजाया सीमा
आंटी ने गेट खोला और मुझे देख कर खुश होते हुए संजू को आवाज़ दी
सीमा : सानू देख कौन आया है
संजू : अंदर से ही आवाज़ देते हुए मैं जानता हू मम्मी रवि होगा
सीमा : मुस्कुराते हुए, तुम दोनो को क्या एक दूसरे की आहट आ जाती है और फिर सीमा आंटी मुस्कुराते हुए अंदर
चली गई और संजू एक टॉवेल लपेटे अंदर से बाहर आया और मुझसे गले लगते हुए बैठ गया
संजू : और बता साले कल तेरे घर गया तो पता चला तू उस अंकुर के घर पर है, मन तो हुआ था मेरा आने का
लेकिन फिर मैने सोचा कौन वहाँ जाए पता नही उसे अच्छा लगेगा या नही
रवि : यार तू जल्द से तैयार हो जा मुझे तुझसे बहुत सारी बाते करनी है हम बाहर चल के कही चाइ पीते है
संजू : तू दो मिनिट बैठ मैं अभी चेंज करके आया.

जब मैं और संजू चाइ पी रहे थे तब मैने संजू को पहले तो जतिन की फोन वाली बात बताई उसके बाद संजू को
मैने अंकुर के तकिये के नीचे पैंटी वाली बात बताई, लेकिन उसके बाद संजू की बाते सुन कर मुझे बड़ा अजीब लगा
संजू : अबे मुझे तो ये दोनो महा मादरचोद लगते है और मुझे तो लगता है कि अंकुर अपनी मोम की गान्ड भी मारता
होगा नही तो उसकी मोम की पैंटी उसके तकिये के नीचे क्या कर रही होगी
रवि : यार ये भी तो हो सकता है कि अंकुर केवल मूठ मारने के लिए अपनी मोम की पैंटी ले आता हो और उसे सूंघ
कर और चूमते हुए मूठ मारता हो
संजू : अरे नही उसकी मा वैसे भी बड़ी मस्त चोदने लायक है वह पक्का अपनी मोम को चोद्ता होगा, वैसे भी उसकी
मोम काफ़ी हाइ प्रोफाइल नज़र आती है तूने तो देखा ही है कि कैसे मोटे मोटे चुतडो को जीन्स मे फसा कर
रखती है, अब उसका बेटा दिनभर अपनी मोम की भारी गान्ड के उभार को जीन्स मे देखेगा तो उसका भी तो लंड खड़ा
हो ही जाएगा ना, पक्का वह अपनी मोम को चोदता होगा, और तो और तू चाहे तो तुझे भी अंकुर की मोम चोदने को मिल
सकती है
रवि : वो कैसे
संजू : अबे तेरा उसके घर आना जाना तो है ही, उपर से सुना है की अधेड़ उम्र की औरतो मे सेक्स बढ़ जाता है
अगर तू थोड़ा बहुत प्रयास करे तो वह तुझसे चुदवा भी सकती है
रवि : अरे नही यार ऐसे कामो मे रिस्क बहुत होता है, मैं तो इन सब से दूर ही ठीक हू,
संजू : अबे रिस्क काहे का और वैसे भी तू इन मादरचोदो को नही जानता जिस तरह जतिन रिया दी के चुतडो को
देख कर उनके बारे मे ग़लत सोचता है उसी तरह क्या गारंटी है कि अंकुर रिया दी के बारे मे नही सोचता हो,
देख ले मौका लगे तो बहती गंगा मे हाथ धो ले
रवि : बात तो तू सही कह रहा है लेकिन एक बात तेरी गले नही उतरती
संजू : वह क्या
रवि : क्या सचमुच अंकुर अपनी मोम को ही चोदता होगा, क्या यह पोसिबल है
संजू : अबे तू नही जानता आज कल लोगो को अपनी मोम और बहन को चोदने की कल्पना मे ही इतना मज़ा आता है कि
क्या बताऊ, और अगर लोगो को अपनी मोम या बहन चोदने को मिल जाए तो उस मज़े की तू कल्पना भी नही कर सकता,

रवि : पर यार यह तो ग़लत बात हुई ना
संजू : अबे काहे की ग़लत बात अब जमाना वो नही रहा अब तो इंसान सिर्फ़ ये देखता है कि सामने वाली का फिगर

कैसा है उसकी गान्ड मारने लायक है या नही और उसके मोटे मोटे दूध कैसे है फिर वह चाहे कोई भी हो आदमी
उसे नंगी करके चोदने के लिए तड़पने लगता है,
रवि : पर यार अपनी मोम को कैसे लोग चोद लेते है
संजू : देख जब आदमी चोदना शुरू करता है तब उसका मन अपने से बड़ी और भारी शरीर की औरत को चोदने का
होने लगता है, और फिर जिस किसी की मोम गदराए बदन की मोटे मोटे चुतडो वाली होती है उसका दिल फिर अपनी ही
मोम को नंगी देखने का करने लगता है और जब कोई अपनी गदराए बदन की भारी चुतडो वाली मोम को नंगी देख
लेता है तो उसे फिर अपनी मोम को नंगी करके चोदने का मन अपने आप करने लगता है, अंकुर ने भी पहले अपनी मोम
के जीन्स मे कसे गदराए चुतडो को देखा होगा और उसका लोड्‍ा अपनी मोम की मोटी गुदाज गान्ड देख कर खड़ा होने
लगा होगा बस फिर तो उसे बाद अपनी गदराई मोम की गान्ड ही गान्ड नज़र आती होगी
रवि : यार तेरी बाते सुन कर मेरा तो लंड खड़ा हो गया, बात तो तू सही कहता है मोटी गान्ड देख कर तो किसी
का भी लंड खड़ा हो सकता है, फिर अंकुर तो अपनी मोम की जीन्स मे कसी मोटी गान्ड दिन रात देखता होगा

संजू : अब चल घर चले फिर मुझे दुकान भी खोलनी है
संजू की किराने की दुकान उसके घर के बाहर ही उसने लगा रखी थी वह मुझे अपने घर फिर से यह कह के ले
गया कि वह गाँव से मेरे लिए आम लेकर आया है उसे मैं अपने साथ लेता जाउ, मैं उसके घर की ओर उसके साथ
चल दिया, उसके घर पहुच कर

संजू : तू रुक मैं लेकर आता हू, वह रूम के अंदर गया, मुझे जोरो की प्यास लगी थी और मैं भी उसके पीछे
रूम मे गया, रूम के पास की खिड़की के पास से जैसे मैं गुजरा रूम के अंदर मेरी नज़र पड़ी तो मैं देखता ही
रह गया, संजू की मोम सीमा आंटी झुक कर बिस्तेर ठीक कर रही थी और संजू उसके पीछे खड़ा उसकी मॅक्सी मे
उभरे भारी चुतडो पर धीरे धीरे हाथ फेरता हुआ दबी आवाज़ मे कह रहा था, मोम आम दे दो ना
सीमा : मुस्कुराते हुए कहने लगी, बेटे रात को ही तो तुझे मैने जी भर कर आम चूसाए थे, तभी संजू ने
उसकी मोम की गुदा और उसके नीचे झुकने के कारण उभरी हुई फूली चूत पर मॅक्सी के उपर से हाथ फेरते हुए कहा,
मोम मुझे आमो का रस और पीना है, तभी उसकी मोम सीधी हो गई और उनकी नज़र खिड़की से मुझ पर पड़ गई और
मैं एक दम से घबरा गया और दबे पाँव वापस सोफे पर आकर बैठ गया, दो मिनिट बाद संजू वापस आया और उसके
हाथ मे एक थेला था जिसमे आम भरे हुए थे, संजू के एक्सप्रेशन से ऐसा नही लगा जैसे उसकी मोम ने उससे
मेरे बारे मे कुछ कहा हो लेकिन वह रूम से बाहर नही आई और मैं वह आमो का थेला लेकर अपने घर की ओर
चल दिया

रास्ते मे मे सारी बातो को सोचता हुआ जा रहा था, संजू तो अंकुर के बारे मे कह रहा था कि वह अपनी मोम को
चोदता होगा लेकिन संजू की हरकत देखने के बाद तो मुझे ऐसा लगने लगा है कि संजू खुद अपनी विधवा मोम को
चोदता है, पर अभी मैं पक्का नही कह सकता था क्योकि जिस हिसाब से वह अपनी मोम के चुतडो पर हाथ फेर
रहा था हो सकता है मेरी ग़लतफहमी हो पर जो भी हो था तो मामला कुछ गड़बड़, मैने फ़ैसला कर लिया कि
संजू की छत और मेरी छत मिली हुई है मैं अपनी छत से संजू की छत से होते हुए नीचे तक जा सकता
हू, मैं रात को चुपके से जाकर देखूँगा ज़रूर कि आख़िर सच्चाई क्या है, सीमा आंटी के उभरे हुए चूतड़
बड़े ही मस्त नज़र आ रहे थे, मेरा मन कर रहा था कि संजू मुझे खुल कर बताए कि उसने कैसे अपनी मोम
को फसाया है और कैसे वह अपनी मोम को चोदता है पर यह सब कैसे होगा, संजू को ड्रिंक करने के बाद चूत
और गान्ड की बाते ही सूझती है बस उसके साथ ड्रिंक करते हुए ही मुझे उससे सारे रहस्य उगलवाने होंगे

तो प्यारे दोस्तो ये था कहानी का आगाज़ अब आप सोच सकते हैं आगे क्या क्या होगा ..हे हे हे हे हे हे 
.......पर अपने कमेंट ज़रूर देना
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12-28-2018, 12:30 PM,
#5
RE: Incest Porn Kahani दीवानगी (इन्सेस्ट)
घर पहुचते ही मोम सामने ही खड़ी डॅड को चाइ दे रही थी, डॅड 50 पार कर चुके थे और काफ़ी दुबली पतली
काया के थे लेकिन मेरी मोम लाइक किरण खेर बादामी कलर की मेक्सी पहने खड़ी थी, पहले कभी मैने मोम को
सेक्सी नज़रो से नही देखा था किंतु अंकुर की मोम की मस्त गुदाज भरी जवानी और मोटे मोटे भारी चुतडो को
देखने के बाद मेरी नज़रे अपनी मोम की मॅक्सी मे पूरी तरह उभरी और चौड़ी गुदाज गान्ड का जायज़ा लेने लगी,
उनकी उम्र लगभग 40 थी और लंबाई और हेल्थ पूरी किरण खेर की तरह थी, मैं उन्हे देखते हुए कुछ ही
पलो मे यह भी सोच गया कि मोम के भारी चूतड़ जीन्स मे क्या मस्त लगेगे और साथ ही यह भी कल्पना आ
गई कि मोम जब इस मॅक्सी मे इतनी जबर्जस्त और फैली हुई नज़र आ रही है तो पूरी नंगी कैसी लगती होगी,
इतना सब मैने कुछ ही समय मे सोच लिया और मेरा लंड जीन्स मे पूरी तरह तन कर खड़ा हो गया, तभी
मेरी मोम सुजाता ने कहा

सुजाता : अरे रवि वहाँ खड़ा खड़ा क्या सोच रहा है ले चाइ पी ले
मुझे मोम की आवाज़ सुन कर जैसे होश आया, आज पहली बार मैने अपनी मोम की गुदाज जवानी को पीने की नज़रो
से देखा था, चाइ का कप लेते हुए जब मेरी नज़र मा के मोटे मोटे तरबूजो पर पड़ी तो मेरा लंड मस्ती मे
झूम गया
थोड़ी देर बाद मैं फ्रेश होकर कॉलेज के लिए निकल गया, रिया दी पहले ही कॉलेज आ चुकी थी, जब मैं
कॉलेज के अंदर गया तो मुझे जतिन मिल गया, हमेशा की तरह वह कॉलेज के गेट के पास की पार्किंग पर
दो तीन लोंडो के साथ खड़ा लोन्डियो को जाते हुए उनके चुतडो और बोबो को घूरता दिख रहा था, मुझे देख
कर उसने एक स्माइल देकर मुझे आने का इशारा किया जब मैं उसके पास पहुचा तब तक वह अपने पास खड़े दोनो
लोंडो को वहाँ से जाने का बोला और एक बाइक की सीट पर अपना हाथ रखते हुए मुझे बैठने का इशारा किया

जतिन : और रवि क्या हाल है, आज तू बाद मैं आ रहा है तेरी दीदी तो अकेली आई थी
रवि : हाँ वो कल मैं अंकुर के घर पर ही सोया था और उसके घर पर कोई नही था तो हमने छोटी मोटी पार्टी
कर ली थी
जातीं : यार कभी हमे भी अपनी पार्टी मे शामिल कर लिया करो, वैसे परसो शाम को मैने और अंकुर ने भी
पार्टी की थी,
रवि : चौंकते हुए, अरे वाह पर अंकुर ने मुझे बताया नही
जतिन : अबे वह तो तुझे बहुत सी बाते नही बताता होगा बड़ा मतलबी है

रवि : क्यो ऐसा क्या कर दिया उसने जो तू ऐसी बात कह रहा है,
जतिन : देख रवि उसके पास हमारी बाते नही जाना चाहिए तू नही जानता वह बड़ा हरामी है
रवि : अरे खुल के बता ना क्या बात है
जातीं : रहने दे यार तुझे बुरा लगेगा
रवि : अरे नही लगेगा बुरा तू बता ना
जतिन : पहले वादा कर तू उसे कुछ नही कहेगा
रवि : यार जतिन मैं तुझे अपना सबसे अच्छा दोस्त मानता हू फिर भी तू मुझ पर यकीन नही कर रहा है
जतिन : मुझे यकीन है कि तू उसे कुछ नही बोलेगा लेकिन बात ही ऐसी है कि तू कही बुरा ना मान जाए
रवि : चल मैं तेरी कसम ख़ाता हू कि बुरा नही मानूँगा
जातीं : यार परसो हम दोनो जब पी कर मस्त हो रहे थे तब मैने सेक्सी टॉपिक छेड़ दिया और फिर..
रवि : और फिर क्या
जातीं : यार मैं कैसे कहु मुझे अच्छा नही लग रहा है
रवि : अब बोल भी
जातीं : दरअसल अंकुर तेरी मोम सुजाता के बारे मे गंदी बाते कर रहा था
रवि : क्या कह रहा था पूरी बात बता ना
जातीं : मेरे चेहरे को गौर से देखता हुआ बोला, वह कह रहा था कि उसे तेरी मोम बहुत सेक्सी लगती है,
उसकी बातो से ऐसा लग रहा था जैसे वह तेरी मोम के भारी चुतडो को बहुत लाइक करता है,
रवि : और क्या बोल रहा था
जातीं : उसने उस रात को बस तेरी मोम की ही बाते की और मुझे लगता है उसकी नज़र तेरी मोम पर खराब है

रवि : हरामी है साला और मुझे अपना दोस्त कहता है
जतन : रवि को गौर से देखते हुए, क्या बात है रवि इतनी बड़ी बात सुन कर भी तू नॉर्मल है मैं तो तुझे
बताने मे बड़ा घबरा रहा था
रवि : अरे यार जतिन अब जमाना ही ऐसा है मैं किस किस का मूह बंद करूँगा, आज कल तो हर आदमी दूसरी
औरतो के चुतडो और बोबो को देखता है, हम भी तो यहाँ से आती जाती लड़कियों की गान्ड देखते है कि नही
पर अच्छा हुआ तूने मुझे बता दिया हरामी को मैं अच्छा दोस्त मानता था लेकिन अब उसका भरोसा नही करूँगा


जतिन : बात तो तू सही कह रहा है प्यारे इन लड़कियों के चुतडो ने मुझे भी पागल कर रखा है, खेर अभी
मैं निकलता हू फिर किसी दिन तेरे साथ बैठेंगे
मैं वहाँ से क्लास मे चला गया और बैठे बैठे सोचने लगा कि बहन्चोद मेरे दोस्त भी कैसे है एक मेरी
मोम के चुतडो पर फिदा है और दूसरा मेरी बहन की गदराई गान्ड का दीवाना है और मुझे अभी तक होश ही
नही था,



क्लास के बाद मे बेशब्री से दीदी का इंतजार करने लगा और कुछ देर बाद वह मुझे आती हुई नज़र
आई, वही कसी हुई जीन्स और टीशर्ट मे एक दम पटाका लग रही थी उसके दूध टीशर्ट मे समा नही रहे थे
और चूतड़ तो लग रहा था कि जीन्स फाड़ कर बाहर आ जाएगे, आज पहली बार अपनी दीदी की मोटी गान्ड और कसे
हुए दूध देख कर मेरा लंड खड़ा हुआ था, मैं तो उसे देखता ही रह गया और वह मेरे एक दम करीब आ कर
मेरे गालो को खिचती हुई बोली
रिया : बहुत पार्टी मना रहा है अपने आवारा दोस्तो के साथ
रवि : अरे दी गाल तो छोड़ो
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12-28-2018, 12:30 PM,
#6
RE: Incest Porn Kahani दीवानगी (इन्सेस्ट)
दीदी ने मेरा गाल छोड़ दिया उसकी आँखो मे काजल लगा हुआ था और हल्की लिपस्टिक मे उसके होंठ बड़े मस्त
लग रहे थे , गोल भरा हुआ चेहरा देख कर मेरा लंड झटके मारने लगा मैं महसूस कर रहा था कि उसके मोटे
मोटे बोबो को कस कर पकड़ लू और उसके खूबसूरत चेहरे को अपने होंठो से चूम लू मैने शरारत भरी नज़रे
उसके चेहरे पर मारते हुए कहा
रवि : दी आज तो तुम बड़ी खूबसूरत लग रही हो
रिया : मेरे सीने पर मुक्का मारते हुए, बेटा मैं तो रोज ही खूबसूरत लगती हू, पर आज तेरा नज़रिया मुझे अलग
लग रहा है इसलिए मैं तुझे आज खूबसूरत लग रही हू
रवि : नही दी आज सच मे तुम बहुत सेक्सी मेरा मतलब है अच्छी लग रही हो
रिया : दी ने आँखे फाड़ते हुए मेरी ओर देखा उसके चेहरे पर मंद मंद मुस्कुराहट थी जिसे वह अपने चेहरे को
कठोर बना कर छुपा रही थी, फिर उसने कहा क्या बोला तू
रवि : झेप्ते हुए कुछ भी तो नही,
रिया : देख रही हूँ तू बहुत उल्टी सीधी बाते बोलने लगा है अपनी दीदी से, मैं तेरी बहन हू कोई गर्लफ्रेंड नही,
इसीलिए कहती हू ऐसे आवारा लड़को के साथ मत रहा कर
रवि : दी एक बात कहु
रिया : क्या
रवि : दी जब तुम शादी करके चली जाओगी तो मुझे अपने घर मे बिल्कुल अच्छा नही लगेगा
रिया : मुस्कुराते हुए, तू फिकर ना कर मैं शादी वादी नही करने वाली
रवि : तो क्या कुँवारी रहोगी
रिया : और नही तो क्या
रवि : पर फिर ?
रिया : क्या कहना चाहता है बोलता क्यो नही
रवि : कुछ नही चलो घर चलते है
रिया : पहले यह बता तू रात को उस अंकुर से मेरे बारे मे क्या बात कर रहा था
रवि : कुछ नही दी मैं तो आपसे मज़ाक कर रहा था
रिया : झूठ ना बोल मैं सब जानती हू, उसने ज़रूर तुझसे मेरे बारे मे कुछ ना कुछ कहा है
रवि : वो दी वो कह रहा था कि कुछ लड़के तुम्हे गंदी नज़रो से देखते है
रिया : क्या मतलब
रवि : मतलब कि वह बता रहा था की कुछ लड़के जब तुम जीन्स पहनती हो तब तुम्हारे बॅक साइड मे देखते है
रिया : मुस्कुराकर मेरी तरफ अपने भारी चुतडो को घुमा कर कहने लगी, क्या बहुत बड़े बड़े दिखते है मेरे वो
रवि : मैने दीदी की गान्ड को घूर कर देखते हुए कहा, वो क्या दीदी
रिया : मुस्कुराकर ज़्यादा बनो मत और अपने हाथो से अपने चौड़े चौड़े चुतडो पर मारते हुए कहने लगी
, यही जिन्हे देख कर लड़के कॉमेंट्स करते है

रवि : मैने मौके का फ़ायदा उठाते हुए दी की मोटी गान्ड पर हाथ फेरते हुए कहा हाँ दी यह बहुत मोटे मोटे
और बहुत चौड़े हो गये है
रिया : गंभीर मूह बनाते हुए क्या करू भैया अब मैं बड़ी भी तो हो गई हू तुझसे भी दो साल बड़ी हू फिर
यह मोटे और चौड़े नही होंगे तो और क्या होंगे वैसे भी लड़कियों के जल्दी ही मोटे और चौड़े होने लगते है
पर तू मेरा भाई होकर अपनी दी के इन पर हाथ फेर रहा है इतना कह कर दीदी ने मेरा हाथ हटा दिया,
रवि : मुस्कुराते हुए नही दी मैं तो सिर्फ़ आपको बता रहा था
रिया : मेरे गाल खींच कर मुस्कुराते हुए, तू भी कम नही है मैं सब जानती हू उन आवारा लड़को के साथ तू भी
खड़ा खड़ा लड़कियो के इनको ही घूरता है, मेरा लंड दीदी की बात सुन कर खड़ा हो गया था और मैं अपने लंड
को पॅंट के उपर से अड्जस्ट करना चाह रहा था क्योकि बहुत बड़ा तंबू बन गया था और मुझे लग रहा था कि
दी की नज़र कही मेरे खड़े लंड पर ना पड़ जाए पर मैं अगर अड्जस्ट करता तो दी देख लेती इसलिए मैं चुपचाप
सहते हुए खड़ा था, वैसे तो दी मुझसे बड़ी थी और मुझसे फ्रॅंक भी थी लेकिन इस तरह का टॉपिक अभी तक
हमारे बीच नही हुआ था

रवि : अब क्या करू दी जब वह सब लड़कियो को जाते हुए देखते है तो मैं भी देख लेता हू, तभी दी ने मेरी
जाँघ पर हाथ रखा मैं बयके पर बैठा था और वह मेरे सामने खड़ी थी मेरी जाँघ पर हाथ रख कर मुझसे
कहने लगी
रिया : अच्छा सच सच बता जब मैं तुम लोगो के सामने से निकलती हू तो वो सब लड़के तो मेरे पिछे नज़रे
गढ़ाए मुझे देखते रहते है तब क्या तू भी क्या मुझे देखता है
रवि : क्या बात कर रही हो दी, मुझे तुम्हे इस तरह देखने की क्या ज़रूरत है और वैसे भी अगर मुझे तुम्हे
देखना होगा तो मैं उनके साथ खड़े रह कर देखने के बजाय जब तुम पूरा दिन मेरे साथ घर पर रहती हो तब
नही देख लूँगा

रिया : मंद मंद मुस्कुराते हुए थोड़े आश्चर्य के भाव अपने चेहरे पर लाकर कहने लगी, इसका मतलब है तू
घर पर भी मेरे इनको देखता है
रवि : मुस्कुराते हुए. दी तुम पागल हो भला मैं क्यो तुम्हारे चुतडो को देखूँगा
रिया : मुस्कुराते हुए शरम नही आती तुझे अब तो तू इनका नाम भी मेरे सामने लेने लगा है

मैने दी के दोनो बाजू पकड़ कर उनसे कहा दी आपसे मेरी कोई बात छुपि है जो और कुछ मैं छुपाउँगा
रिया : नाटक करते हुए अपना मूह बना कर कहने लगी, रहने दे तू अगर मुझसे इतना प्यार करता होता और मुझ
पर इतना भरोसा करता तो मुझे अपनी लाइफ की एक एक बात बताता चाहे वह बात अच्छी होती या बुरी पर तू मुझे
अपने इतने करीब समझता ही कहाँ है,
रवि : दी कैसी बात कर रही हो, तुमसे बढ़ कर मैने किसी को चाहा ही नही, तुम तो मेरी जिंदगी हो
रिया : अगर ऐसा है तो मुझसे भी ज़्यादा तो तेरे दोस्त तुझे जानते है क्यो कि तू उनसे ही अपनी जिंदगी की सब
बाते शेअर करता है, तू ही बता क्या तू वह सब बाते मुझे बताता है जो तू अपने दोस्तो के सामने बता देता है,
एक बार अपनी दी को आजमा कर देख तेरे उन घटिया दोस्तो से अच्छी दोस्त साबित होकर ना दिखाया तो मेरा नाम रिया
नही

रवि : मैने दी का हाथ पकड़ कर अपने हाथ मे लिया और वह अपनी बड़ी बड़ी कजरारी आँखो से मुझे देखने लगी,
दी आज से तुम मेरी सबसे बेस्ट फ्रेंड और मैं तुम्हारा सबसे बेस्ट फ्रेंड लेकिन याद रखो तुम्हे भी अपनी लाइफ की
सब बाते मुझसे शेअर करना होगी तभी दोस्ती दोनो तरफ से पक्की मानी जाएगी
रिया ; मुस्कुरा कर प्रॉमिस करने लगी और कहने लगी चल अब जल्दी से घर चलते है बाकी की बाते घर पर
करेगे......
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12-28-2018, 12:31 PM,
#7
RE: Incest Porn Kahani दीवानगी (इन्सेस्ट)
शाम को 7 बजे मोम कहने लगी..
सुजाता : रवि चल ज़रा मुझे मंदिर तक ले चल
रवि : चलो मोम, मैं मोम को लेकर चल दिया मोम ने ब्लू कलर की साड़ी पहनी थी और लो कट ब्लॉज उनकी बगल
के बड़े बड़े बाल जब मुझे नज़र आए तो मेरे लंड मे अकड़न सी होने लगी, उपर से उनका मस्त उभरा हुआ नंगा
पेट गहरी नाभि मोटे मोटे जालीदार चोली मे कसे दूध और जब वह मेरी बाइक पर बैठी तो उनके भारी चुतडो
का गुदाज एहसास मुझे मस्त कर गया, मैने बाइक चलाने से पहले अपने लंड को अड्जस्ट कर लिया जिससे लंड का टोपा
ओपन हो गया और लंड और भी ताव मे आ गया
रवि : मोम तुम्हे बाइक पर बैठा कर बड़ा संभाल कर चलना पड़ता है
सुजाता : मेरी पीठ पर मारते हुए मुस्कुरा कर, नालयक अपनी मोम को मोटी कह रहा है, मेरा फिगर तो बच्चे
पैदा करने के बाद भी सुडोल है वो तो मेरी कमर थोड़ी मोटी हो गई है
रवि : अरे मोम आपकी कमर तो पतली ही है वो तो आपके....
सुजाता : पीछे से मेरी पीठ पर हाथ मारते हुए बदमाश कही का, मैं जानती हू मेरे चुतडो का साइज़ बहुत बढ़
गया है इसीलिए मैं बेडोल लगती हू
रवि : नही मोम औरतो का तो शरीर ऐसे ही अच्छा लगता है
सुजाता : मुस्कुराते हुए तुझे बड़ी जानकारी हो गई है औरतो के शरीर के बारे मे
रवि : मोम एक बात कहु
सुजाता : क्या
रवि : मोम आप जीन्स पहना करो आप पर बहुत अच्छा लगेगा
सुजाता : अरे पगले अब इस उमर मे मुझ पर जीन्स कहाँ से अच्छा लगेगा और तो और जीन्स मे तो मेरा बदन और
उभर कर सामने आ जाएगा और मैं और भी मोटी लगुगी
रवि : अरे नही मोम आपको पता नही है जब जीन्स मे आपका बदन और उभर कर आएगा तो आप सच मे बहुत
मस्त लगेगी

सुजाता : लगता है तू मेरी उमर की जीन्स वाली औरतो को बहुत देखता है, तेरी उमर तो लड़कियो को देखने की है
और तू औरतो को देखता है
रवि : नही मोम दरअसल मैने अपने दोस्त अंकुर की मोम को टाइट जीन्स मे देखा है और वह जीन्स मे बड़ी मस्त
नज़र आती है वह तो हमेशा जीन्स पहनती है और तो और तुम दीदी को ही देख लो जीन्स मे कितनी फिट लगती है
सुजाता : अरे बेटे तू कहाँ मेरी तुलना रिया से कर रहा है उसकी जंघे और चूतड़ अभी इतने भारी नही हुए है
इसलिए उस पर जीन्स अच्छी लगती है, मेरी मोटी मोटी जंघे और इतने बड़े बड़े भारी भरकम चूतड़ क्या जीन्स
मे समाएगे
रवि : मुस्कुराते हुए, क्यो आपकी जंघे क्या दीदी की जाँघो से भी ज़्यादा मोटी है
सुजाता : मंद मंद मुस्कुराते हुए रवि तू बहुत बदमाश हो गया है, क्या तू नही जानता कि मेरी जंघे और चूतड़
तेरी दीदी से कितनी मोटी है
रवि : मैं कैसे जानुगा मोम क्या तुमने मुझे कभी दिखाई है

मोम मेरी पीठ पर चुटकी काटते हुए, रवि तू बहुत बिगड़ गया है अब क्या अपनी मोम की जंघे और चूतड़ देखना
चाहता है
रवि : नही मोम मेरा मतलब है की मैने जब देखा ही नही तो मैं कैसे कह सकता हू कि दीदी की जंघे ज़्यादा
मोटी है या आपकी
सुजाता : मुस्कुराते हुए, अब ज़्यादा बनने की कोशिश ना कर, अगर मैने तुझे असली बात कह दी तो तुझसे बोलते
ना बनेगा यह जो इतना पाटर पाटर कर रहा है एक दम चुप हो जाएगा,
रवि : मैं कुछ समझा नही मोम आप क्या कहना चाहती है
सुजाता : अच्छा तूने रिया की जंघे और चूतड़ नही देखे, जब कि मैने तो तुझे कई बार उसकी मोटी जाँघो और
चुतडो को घूरते हुए देखा है

मोम से मुझे इस बात की उम्मीद नही थी और मैं इस प्रकार हड़बड़ा गया जैसे किसी ने मुझे चोरी करते पकड़
लिया हो, यह सच था कि घर पर मे रिया दी की गान्ड और जंघे आज दिन भर से देख रहा था जब भी रिया
दी सोफे से उठ कर अपनी जीन्स फसाए इधर से उधर जाती मैं बेखौफ़ उनके भारी चुतडो और जाँघो को भरपूर
मज़े ले कर देख रहा था लेकिन मैने यह गौर नही किया कि मोम भी मेरी नज़रो को ताड़ रही है
सुजाता : अब क्या हुआ बोलती क्यो बंद हो गई, भला कोई भाई अपनी बहन को ऐसी नज़रो से देखता है जिस तरह आज
तू रिया को देख रहा था,

रवि : वो मोम आपको ऐसा लगा होगा मैं तो नॉर्मल ही देख रहा था
सुजाता : बेटे और किसी को चलाना तेरी मा हू तेरे जैसे जाने कितने छोकरे चला चुकी हू, क्या मैं तेरी नज़रो को नही समझती हू
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12-28-2018, 12:31 PM,
#8
RE: Incest Porn Kahani दीवानगी (इन्सेस्ट)
मोम की बातों ने मेरा लंड तो खड़ा कर ही दिया था साथ ही उनकी बातो की तेज रफ़्तार से मेरी बाइक की रफ़्तार मंद पड़ गई थी हाँ यह अच्छा था कि यह सब बाते उन्होने फेस टू फेस नही की वरना मैं शर्म से पानी हो जाता
सुजाता : अब कुछ बोलता क्यो नही, मुझे तो लगता है तू मेरे चुतडो को भी ऐसी ही नज़रो से देखता होगा
रवि : नही मोम ऐसा नही है,
सुजाता : ऐसा हो ही नही सकता जब तू अपनी दीदी की मोटी जाँघो और फैले हुए चुतडो को इस कदर खा जाने वाली नज़रो से देखता है तो मेरे चूतड़ और जंघे तो और भी मोटी है तू ज़रूर मुझे भी ऐसी नज़रो से देखता होगा
रवि : नही मोम ऐसा नही है
सुजाता : अगर ऐसा नही है तो फिर मुझे जीन्स पहनने की सलाह क्यो दे रहा था, यही सोच रहा था ना कि मोम जब जीन्स पहनेगी तो उनके भारी चूतड़ तो और भी खुल कर तेरे सामने आ जाएगे और तू अपनी मोम के बड़े बड़े उभरे हुए चुतडो को देख पाएगा
रवि : क्या मोम तुम भी ना
सुजाता : बेटे मैने इतनी उमर ऐसे ही नही गुज़ार दी, मैं सब समझती हू तुम आज कल के लड़को को

मोम से बाते करते हुए मंदिर आ गया और मोम उतार के मंदिर की सीढ़िया चढ़ कर जाने लगी, मोम के बलखाते भारी भरकम चुतडो की थिरकन देख कर मेरा लंड पूरी औकात मे खड़ा हो गया और मैं उसे मसले बिना ना रह सका, मैं मोम की गुदाज मोटी गान्ड को खा जाने वाली नज़रो से देख कर अपने लंड को पेंट के उपर से मसल रहा था तभी मोम ने सीढ़िया चढ़ते हुए मुझे पलट कर अपने मटकते भारी चुतडो को घूरते हुए और अपना लंड मसल्ते हुए देख लिया, मेरी नज़रे उनसे मिली तो मेरी साँसे रुक सी गई पर अचानक मोम ने एक कातिल मुश्कान मेरी और मारी और वापस मूह आगे करके सीढ़िया चढ़ने लगी तो मेरी भी कलिया खिल गई और मेरी जान मे जान आई, मुझे तो ऐसा लगा कि जैसे मोम ने मुझे अपनी मोटी गान्ड को जी भर के देखने का सिग्नल दे दिया हो फिर तो मैं मोम की मोटी थिरकति गान्ड को तब तक देखता रहा जब तक कि वह मंदिर के अंदर नही चली गई, मैं बाहर ठंडी हवा लेता हुआ उनके आने का वेट करते हुए सोचने लगा कि यदि मोम की ये मदमस्त जवानी चोदने को मिल जाए तो मैं तो मोम को सारी रात नंगी लिए ही पड़ा रहूँगा, मोम अक्सर लड़कियो की बाते मुझसे खुल कर करती रहती थी वह नेचर मे भी काफ़ी बोल्ड स्वाभाव की है पर आज उन्होने कुछ ज़्यादा ही ओपन बाते की हालाकी ग़लती उनकी नही थी उन्होने मुझे दीदी के चुतडो और मोटी जाँघो को घूरते हुए देखा था और मैं सचमुच दीदी की मोटी गान्ड को चोदने की नज़र से ही देख रहा था, मेरा लंड कभी दीदी को चोदने की कल्पना से झटके दे रहा था और कभी अपनी हेवी मोम की मोटी गान्ड मारने की कल्पना मे झटके खा रहा था, मैं तो बस इसी धुन मे था कि क्या मैं अपनी दीदी और मोम को चोद पाउन्गा, आज का दिन बड़ा अच्छा था दीदी ने भी मुझे फ्रेंड बना लिया था और मोम भी मस्ती से भरी हुई बाते कर रही थी, मैं वही उनका वेट कर रहा था और फिर थोड़ी देर बाद वह आती हुई नज़र आई और मुझे प्रसाद देते हुए कहने लगी

सुजाता : तू यही क्यो खड़ा रह गया अंदर क्यो नही आया
रवि : मोम मन नही हुआ इसलिए
सुजाता : मुस्कुराते हुए जानती हू आज कल तेरा मन कही और लग रहा है, चल अब बाइक स्टार्ट कर,
मैने बाइक स्टार्ट की और मोम अपने भारी चुतडो के साथ बाइक पर मुझसे बिल्कुल सॅट कर बैठ गई, उनके तरबूज जैसे दूध मेरी पीठ से कस कर दबे जा रहे थे जिसका मदमस्त एहसास मुझे पागल कर रहा था,
रवि : मोम भगवान से क्या माँगा
सुजाता : मंद मंद मुस्कुराते हुए, यही कि तू जो भी चाहता है तुझे मिल जाए
रवि : मोम क्या तुम्हारे इस तरह माँगने से मैं जो चाहता हू वह मुझे मिल जाएगा
सुजाता : मुस्कुराते हुए, अगर तू सचमुच दिल से चाहता है तो तुझे ज़रूर मिल जाएगा

मैने अपने मन मे सोचा कि मोम मैं तो तुम्हे और दीदी को पूरी नंगी करके खूब कस कस कर चोदना चाहता हू,
सुजाता : क्या सोचने लगा
रवि : उसी के बारे मे मोम जो मैं चाहता हू
सुजाता : मैं जानती हू तू क्या चाहता है
रवि : अच्छा तो बताओ मैं क्या चाहता हू
सुजाता : तू चलता रह मैं बताती हू तू क्या चाहता है,
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12-28-2018, 12:31 PM,
#9
RE: Incest Porn Kahani दीवानगी (इन्सेस्ट)
मोम ने आगे से राइट लेने को कहा और एक शॉपिंग माल के सामने बाइक रोकने के लिए कहा मैने बाइक साइड मे लगा दी उसके बाद मोम ने मुझसे कहा चल थोड़ी शॉपिंग करते है, मैं हैरान था कि अचानक मोम को शॉपिंग की क्या सूझी, लेकिन मेरा माथा तब ठनका जब मोम मुझे एक जीन्स और टीशर्ट की शॉप पर ले गई वहाँ जाकर मोम ने धीरे से मेरे कान मे कहा
सुजाता : रवि चल अपने मोम की साइज़ के जीन्स निकलवा कर मेरे लिए दो अच्छे से जीन्स पसंद कर ले, मैं तो मोम की बात सुन कर मस्त हो गया, मुझे समझ मे नही आ रहा था कि मैं अपनी खुशी कैसे जाहिर करू तभी मैने मोम के भारी चुतडो पर हाथ फेरते हुए उन्हे आगे की ओर दबाते हुए कहा मोम आप ही पसंद करो ना
सुजाता : मुस्कुराते हुए मैं तो अपने बेटे की पसंद का ही पहनूँगी चल तू ही सेलेक्ट कर ले, मुझे क्या मैने दो बेहतरीन स्ट्रॅचबल जीन्स पसंद कर लिए जिन्हे लेकर मोम ड्रेसिंग रूम मे चली गई और फिर करीब 10 मिनिट बाद मोम वापस साड़ी पहन कर बाहर आ गई,

मैने तपाक से मोम से पूछा क्या हुआ मोम फिट नही आई क्या
सुजाता : एक दम फिट है रवि
रवि : तो फिर आप पहन कर बाहर क्यो नही आई
सुजाता : मेरे गालो पर चपत मारते हुए, यह तो मैने सिर्फ़ घर मे पहनने के लिए लिए है, बाहर पहनूँगी तो तेरे जैसे ना जाने कितने आवारा लड़के मेरे पीछे लग जाएगे और इतना कह कर मोम ने एक कातिल मुस्कान मेरी और दी और मैं समझ गया कि मोम की चूत भी लगता है कि पानी छोड़ रही है नही तो वह मेरे एक बार कहने पर ही जीन्स क्यो ले लेती
रवि : मोम अब चले
सुजाता : रुक जा रवि, रिया के लिए भी कुछ ले लेते है नही तो मेरे जीन्स देख कर जल भुन जाएगी
रवि : मोम दी के पास तो एक से एक जीन्स है
सुजाता : हाँ मैं जानती हू इसीलिए तो उसके लिए जीन्स नही बल्कि अच्छी सी ब्रा और पैंटी ले लेती हू, मेरा लंड तो वैसे भी खड़ा था मोम की बात सुन कर तो लग रहा था कि पानी छोड़ देगा,

मोम ने ब्रा पैंटी देखना शुरू किया वह ब्रा के कप को अच्छे से देखती फिर पैंटी उठा कर जब उसे फैला कर देखती तो मेरा लंड झटके मारने लगता, तभी मा ने एक गुलाबी पैंटी फैला कर मुझे दिखाते हुए कहा, रवि यह कैसी है रिया पर अच्छी लगेगी ना, मैने कहा मोम मुझे क्या पता क्या मैने कभी दीदी को ब्रा पैंटी मे देखा है
सुजाता : मुस्कुराते हुए, अच्छा ऐसे ही सोच के बता इसमे रिया अच्छी दिखेगी ना
रवि : मोम मैं पसंद करू
सुजाता : हाँ बता ना कौन सी ले
मैने अपनी पसंद की नेट वाली एक पिंक और एक वाइट कलर की पैंटी और ब्रा पसंद कर ली
सुजाता : मोम ने पैंटी फैला कर देखा और कहने लगी अरे रवि यह साइज़ तो छोटा रहेगा रिया का साइज़ तो 38 है फिर मोम ने 38 साइज़ के सेम ब्रा और पैंटी निकलवा ली
रवि : मोम अब चले
सुजाता : तू इतनी जल्दी क्यो मचा रहा है, मैं सोच रही हू कि अपने लिए भी ले लू वैसे भी मेरी पुरानी पैंटी फट गई है
मोम की बाते मेरे लंड को झटके मारने पर मजबूर कर रही थी, मैने मोम को कहा ठीक है ले लो
सुजाता : मेरी हेल्प कर ना रवि देख कौन सी अच्छी लगेगी
रवि : अब मोम ऐसे देखने पर थोड़े पता चलता है कि अच्छी लगेगी कि नही जब तक पहन कर ना देखा जाए समझ नही आता है
सुजाता : मुस्कुरा कर तू बहुत शैतान हो गया है अपनी मोम को ब्रा पैंटी मे देखेगा, चल जल्दी से ऐसे ही देख कर अंदाज़ा लगा ले कि मेरे उपर कौन सी ब्रा और पैंटी ज़्यादा अच्छी लगेगी फिर क्या था मैने भी दो बेहतरीन ऐसी पैंटी पसंद की जिसमे गान्ड की तरफ सिर्फ़ लेस थी और चूत की और नेट, मोम ने उन्हे फैला कर देखा और कहा रवि यह तो 38 ही है
रवि : मोम आपको तो बड़ा साइज़ लगता होगा
सुजाता : हाँ अभी तो मेरी 42 है
रवि : मॉं आप तो 38 ही ले लो जितनी चुस्त होगी उतना ही फिट लगेगा
सुजाता : लेकिन रवि पैंटी भले ही 38 चल जाएगी लेकिन ब्रा तो कम से कम 40 लेना ही पड़ेगी नही तो बहुत कसी हुई लगेगी
रवि : मोम 38 की पैंटी तो आ जाएगी ना
सुजाता : मुस्कुराते हुए हाँ

मोम ने शॉपिंग करने के बाद समान बाइक पर टाँग दिया और फिर अपने भारी चुतडो के साथ बाइक पर बैठ गई और हम घर की ओर चल दिए
अब मुझे बहुत खुशी हो रही थी, संजू और अंकुर के बारे मे जो भी जाना समझा वह सही लग रहा था और उन्ही दोनो के कारण आज मेरा नज़रिया अपनी मोम और दी के लिए बदल गया था
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12-28-2018, 12:31 PM,
#10
RE: Incest Porn Kahani दीवानगी (इन्सेस्ट)
घर पहुच कर मैं अपने रूम मई चला गया जो कि दी और मेरा कॉंमान रूम था, दी किचन मे थी और मोम उसे पुकारती हुई धम्म से सोफे पर बैठ गई
रिया : मुस्कुराते हुए कहने लगी मोम शॉपिंग करके आई हो क्या
सुजाता : एक पॅकेट रिया को देते हुए ले ट्राइ करके देख ले ब्रा और पैंटी है इसमे
रिया दी ने पॅकेट लेते हुए मोम के पास रखे दूसरे पॅकेट की और देखा और
रिया : मोम उसमे क्या है
सुजाता : इसमे मेरी ब्रा और पैंटी है
रिया : मुश्कुरा कर मोम उसमे और भी कुछ है
सुजाता : हाँ मैने अपने लिए जीन्स भी ली है
रिया : जीन्स वाउ, तो क्या आप जीन्स पहनेगी
सुजाता : मुस्कुराते हुए, क्यो मैं नही पहन सकती क्या
रिया : हँसते हुए, मोम पहन तो सकती हो पर पता नही आप पर कैसा लगेगा
सुजाता : अब जैसा भी लगे मैने भी सोचा जब तू दिन भर जीन्स मे रहती है तो मैं भी घर मे तो कम से कम पहन सकती हू
रिया : मोम पहन कर दिखाओ ना
सुजाता : अरे अभी नही बाद मे पहनउगी
रिया : मोम अभी पहनो ना मुझे देखना है मेरी मोम जीन्स मे कैसी लगती है
सुजाता : अच्छा रुक मैं अपने रूम से चेंज करके आती हू, मोम जींस पहन कर बाहर आने वाली थी बस यही सोच के मेरा लोड्‍ा भनभाना गया और मैं पर्दे के पीछे से मोम का हॉल मे आने का वेट करने लगा, सामने रिया सोफे पर बैठ कर अपनी ब्रा और पैंटी निकाल कर देख रही थी, वह बारी बारी से अपनी पैंटी को फैला कर देख रही थी, तभी सामने के रूम से मोम बाहर आई मैं तो मोम को जीन्स मे देखते ही पागल हो गया मेरा लंड मोम की कमर से लेकर घुटनो तक के चौड़े भाग को देख कर गन्गना गया, मोम की जंघे तो इतनी मोटी थी कि ऐसा लग रहा था कि जीन्स फाड़ कर बाहर आ जाएगी और मोम की छुट वाली जगह बहुत ज़्यादा उभरी हुई नज़र आ रही थी जिससे यह अंदाज़ा लग रहा था कि मोम का भोसड़ा कितना फूला हुआ होगा. मोम का पेट काफ़ी उभरा हुआ था और उसने एक पतली सी टीशर्ट उपर पहन ली थी जो कि लेंग्थ मे थोड़ी छोटी थी जिसकी वजह से मोम की पूरी नाभि नंगी नज़र आ रही थी, हालाकी की अभी मैं मोम के विशाल चुतडो के दर्शन नही कर पाया था, रिया मोम को देख कर खुश होते हुए खड़ी हो गई और उसकी गुदाज गान्ड उसकी जीन्स से मुझे नज़र आने लगी, मेरा तो मन कर रहा था कि अभी जाकर दोनो मा बेटी को खूब तबीयत से जाकर चोद दू,

रिया : वाउ मोम आप तो बड़ी सेक्सी लग रही है
सुजाता : मुस्कुराते हुए, सच सच बता रिया क्या मैं अच्छी नही दिख रही हू
रिया : नही मोम कसम से आप तो बहुत मस्त नज़र आ रही है और तो और आप की उमर भी कम नज़र आ रही है
सुजाता : सच कह रही है ना तू, ले ज़रा पिछे से देख, इतना कह कर मोम ने अपनी भारी गान्ड जैसे ही घुमाई मेरे हाथ मे खड़े लंड ने टीन चार झटके कस कस कर मारे, ऐसा लगा जैसे पानी छूट कर निकल जाएगा, मोम की मोटी गुदाज और चौड़ी चौड़ी गान्ड देख कर तो मैं पागल हुआ जा रहा था, इतनी मस्त और भरी हुई गान्ड वो भी मेरी मोम की मैने तो कल्पना भी नही की थी,

रिया : मोम के चुतडो को सहलाते हुए, मोम बाप रे कितने बड़े बड़े है आपके ये,
सुजाता : क्या अच्छे नही दिख रहे है
रिया : मोम बहुत बड़े बड़े है लोग आपको देख कर पागल हो जाएगे
सुजाता : रिया सच बता मैं अच्छी तो लग रही हू ना
रिया : मंद मंद मुस्कुराते हुए ओफ़कौर्स मोम बहुत मस्त लग रही हो एक दम माल
सुजाता : चुप कर बदमाश कैसे वर्ड यूज़ करती है
रिया : सच मे मोम एक दम पटाका माल लग रही हो आप, अगर घर के बाहर चली जाओ तो....
सुजाता : तो, तो क्या
रिया : हँसते हुए, मोम आपके पीछे लोगो की लाइन लग जाएगी
सुजाता : रिया की पीठ मे थपकी मारते हुए मुस्कुराकर चल हट बदमास कही की, तू बहुत बिगड़ गई है आजकल
रिया : आख़िर बेटी किसकी हू
सुजाता : हू चल अब ज़रा किचन संभाल ले और तूने यह नही बताया कि तेरी ब्रा पैंटी कैसी है
रिया : मुस्कुराते हुए, मोम आज आपको कुछ हुआ है क्या
सुजाता : क्यो
रिया : पहले तो कभी आप मेरे लिए ऐसी नेट वाली फैशनेबल ब्रा और पैंटी नही लाई
सुजाता : मैने सोचा इस बार तेरे लिए अच्छी वाली जीचे ले लेती हू

दोनो की गरमा गरम बाते सुन कर मैं अंदर मस्त हो रहा था और फिर कोई चारा ना देख मैं पानी पीने के बहाने किचन मे गया जहा मेरी दोनो घोड़िया जीन्स फसाए अपने अपने भारी चुतडो को उठाए गॅस स्टॅंड पर काम मे लगी हुई थी और आपस मे बाते कर रही थी

मैं जैसे ही किचन मे गया मेरी निगाहे तो दोनो के चुतडो पर थी पर जैसे ही दोनो ने मुझे देखा मैने अपनी नज़रे उनके चेहरे की ओर कर ली, दोनो एक दूसरे को देख कर मंद मंद मुस्कुरा रही थी, मैने एक नज़र दोनो को उपर से नीचे देखा और पानी की बोटल लेकर बाहर आ गया लेकिन किचन से सॅट कर खड़ा हो गया
रिया : मुस्कुराते हुए, मोम लगता है रवि के होश उड़ गये तुम्हे जीन्स मे देख कर
सुजाता : मुस्कुरकर उसे पता है कि मैने जीन्स ली है
रिया : मुस्कते हुए कहने लगी और मोम ब्रा पैंटी के बारे मे
सुजाता : चुप कर बेशरम वह मैने उसके सामने थोड़े ही खरीदी है
रिया : मंद मंद मुस्कुराते हुए, पर मोम मुझे तो यह ब्रा पैंटी देख कर ऐसा लगा जैसे किसी मर्द ने पसंद की हो
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